Category: New Delhi

  • LPG सिलेंडर महंगा होने के बाद कालाबाजारी की आशंका, ईरान-अमेरिका-इजराइल तनाव के बहाने गैस एजेंसियों पर ग्राहकों को ठगने की साजिश!

    LPG सिलेंडर महंगा होने के बाद कालाबाजारी की आशंका, ईरान-अमेरिका-इजराइल तनाव के बहाने गैस एजेंसियों पर ग्राहकों को ठगने की साजिश!

    अश्विनी कुमार

    मुंबई: ईरान-अमेरिका-इजराइल तनाव के बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऊर्जा संकट गहराने का असर अब भारत में भी दिखने लगा है। एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ने के बाद कुछ गैस एजेंसियों पर ग्राहकों को सिलेंडर की कमी का बहाना बनाकर अधिक पैसे वसूलने का आरोप लग रहा है। एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी के बाद कई जगहों पर गैस एजेंसियों की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे हैं। उपभोक्ताओं का आरोप है कि कुछ एजेंसियां सिलेंडर की कमी का बहाना बनाकर अधिक पैसे वसूलने और देरी से डिलीवरी करने की कोशिश कर रही हैं।

    बताया जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईंधन की कीमतों में उतार-चढ़ाव और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बाद भारत में भी एलपीजी की कीमतों में वृद्धि हुई है। इसके बाद से कई इलाकों में उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर नहीं मिल रहा है, जिससे परेशानी बढ़ गई है।

    बताया जा रहा है कि BPCL, HPCL और इंडियन ऑयल से जुड़े कुछ वितरकों ने ग्राहकों को यह कहकर परेशान करना शुरू कर दिया है कि सिलेंडर की सप्लाई कम है या देर से आएगी। इसके चलते कई जगहों पर ब्लैक मार्केटिंग और अतिरिक्त पैसे लेने की शिकायतें सामने आ रही हैं।

    पहले और अब सिलेंडर के दाम

    सिलेंडर प्रकारपुराना रेट (मुंबई)नया रेट (मुंबई)बढ़ोतरी
    घरेलू LPG (14.2 किलो)₹852.50₹912.50₹60
    कमर्शियल LPG (19 किलो)लगभग ₹1,692लगभग ₹1,836₹115–₹144

    7 मार्च 2026 से देशभर में घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत ₹60 और कमर्शियल सिलेंडर की कीमत लगभग ₹115 से अधिक बढ़ा दी गई है।

    सप्लाई में देरी और इंतजार

    मुंबई में कई उपभोक्ताओं को सिलेंडर बुक करने के बाद 2 से 8 दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे आम लोगों की परेशानी बढ़ गई है।

    सरकार पर उठ रहे सवाल

    विपक्षी दल और सामाजिक संगठनों का कहना है कि यदि एजेंसियां ग्राहकों से अधिक पैसे वसूलती हैं या सिलेंडर की कृत्रिम कमी पैदा करती हैं तो केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

    लोगों का कहना है कि यदि समय रहते निगरानी नहीं बढ़ाई गई तो महंगे सिलेंडर और सप्लाई की कमी का फायदा उठाकर ग्राहकों से अवैध वसूली का नेटवर्क तैयार हो सकता है।

    सरकार से कार्रवाई की मांग

    स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि यदि कोई एजेंसी तय कीमत से ज्यादा पैसे वसूलती है या जानबूझकर सप्लाई रोकती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

    लोगों का कहना है कि बढ़ती महंगाई के बीच रसोई गैस पहले ही आम लोगों के बजट पर बोझ बन चुकी है। ऐसे में अगर एजेंसियों की मनमानी बढ़ती है तो इसका सीधा असर आम परिवारों पर पड़ेगा।

    विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार को निगरानी बढ़ाने, शिकायत तंत्र मजबूत करने और कालाबाजारी पर कड़ी कार्रवाई करने की जरूरत है ताकि उपभोक्ताओं को राहत मिल सके।

  • Nari Shakti : प्रधानमंत्री मोदी ने दिल्ली में विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया, नारीशक्ति को विशेष सम्मान

    Nari Shakti : प्रधानमंत्री मोदी ने दिल्ली में विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया, नारीशक्ति को विशेष सम्मान

    दिल्ली, 08 मार्च 2026: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दिल्ली में विभिन्न विकास परियोजनाओं के उद्घाटन समारोह के मुख्य अंश साझा किए हैं। इस अवसर पर उन्होंने सरोजिनी नगर के जीपीआरए क्वार्टर में महिला आवंटियों को उनके नए घरों की चाबियां सौंपकर महिला सशक्तिकरण(Nari Shakti) और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास का संदेश दिया।

    प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दिल्ली मेट्रो के तेजी से विस्तार और नई सुविधाओं ने दिल्लीवासियों के जीवन को सुगम और सुविधाजनक बनाया है। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर नारीशक्ति से संवाद कर उनके आत्मविश्वास और योगदान की सराहना की।

    इस मौके पर प्रधानमंत्री ने महिलाओं को आयुष्मान कार्ड और स्वनिधि क्रेडिट कार्ड प्रदान किए, जिससे उनकी स्वास्थ्य सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण को बल मिलेगा। उन्होंने बताया कि सरकार की पहल से अब तक 3 करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य पूरा हो चुका है, और आगे 3 करोड़ और दीदियों को लखपति बनाया जाएगा।

    प्रधानमंत्री ने दिल्ली के विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर की तेजी की सराहना करते हुए कहा कि अब बहाने बंद और काम शुरू का मॉडल है। उन्होंने स्वनिधि क्रेडिट कार्ड को गरीबों के स्वाभिमान का नया माध्यम बताया।

    इसके अलावा, उन्होंने पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के अपमान का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रबुद्ध जनता इसके लिए कभी माफ नहीं करेगी।

    प्रधानमंत्री मोदी की इस जानकारी को उन्होंने अपने ट्विटर (X) अकाउंट पर साझा किया।

  • 8 मार्च 2026: पेट्रोल-डीजल के नए रेट जारी, जानिए दिल्ली-मुंबई समेत बड़े शहरों में आज क्या है कीमत

    8 मार्च 2026: पेट्रोल-डीजल के नए रेट जारी, जानिए दिल्ली-मुंबई समेत बड़े शहरों में आज क्या है कीमत

    नई दिल्ली: देश की सरकारी तेल कंपनियों ने 8 मार्च 2026 के लिए पेट्रोल और डीजल की नई कीमतें जारी कर दी हैं। तेल कंपनियां रोजाना सुबह 6 बजे ईंधन के रेट अपडेट करती हैं। इन कीमतों को तय करते समय अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के भाव और डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति को ध्यान में रखा जाता है।

    फिलहाल देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लंबे समय से कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है। हालांकि राज्य सरकारों द्वारा लगाए जाने वाले वैट और अन्य टैक्स के कारण अलग-अलग शहरों में ईंधन की कीमतें अलग बनी हुई हैं।


    प्रमुख शहरों में आज पेट्रोल-डीजल के भाव

    8 मार्च 2026 को जारी ताजा रेट के मुताबिक देश के प्रमुख शहरों में कीमतें इस प्रकार हैं:

    • नई दिल्ली: पेट्रोल ₹94.72, डीजल ₹87.62 प्रति लीटर
    • मुंबई: पेट्रोल ₹104.21, डीजल ₹92.15 प्रति लीटर
    • लखनऊ: पेट्रोल ₹94.69, डीजल ₹87.80 प्रति लीटर
    • कोलकाता: पेट्रोल ₹103.94, डीजल ₹90.76 प्रति लीटर
    • चेन्नई: पेट्रोल ₹100.75, डीजल ₹92.34 प्रति लीटर
    • बेंगलुरु: पेट्रोल ₹102.92, डीजल ₹89.02 प्रति लीटर
    • जयपुर: पेट्रोल ₹104.72, डीजल ₹90.21 प्रति लीटर
    • पटना: पेट्रोल ₹105.58, डीजल ₹93.80 प्रति लीटर
    • चंडीगढ़: पेट्रोल ₹94.30, डीजल ₹82.45 प्रति लीटर

    कैसे तय होती है पेट्रोल-डीजल की कीमत

    भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमत कई आर्थिक और अंतरराष्ट्रीय कारकों पर निर्भर करती है। इनमें सबसे अहम कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमत होती है, जिसे भारत बड़े पैमाने पर विदेशों से आयात करता है।

    अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल महंगा होता है तो उसका असर सीधे पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर पड़ता है। इसके अलावा डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति भी अहम होती है। अगर रुपया कमजोर होता है तो तेल आयात महंगा हो जाता है।

    साथ ही केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी और राज्य सरकारों द्वारा लगाया गया वैट भी ईंधन के दाम तय करने में बड़ी भूमिका निभाते हैं। यही कारण है कि हर राज्य में पेट्रोल-डीजल की कीमत अलग-अलग होती है।


    SMS से घर बैठे जानें अपने शहर का रेट

    अगर आप अपने शहर का ताजा पेट्रोल-डीजल रेट जानना चाहते हैं तो मोबाइल से SMS भेजकर भी जानकारी ले सकते हैं।

    • इंडियन ऑयल: RSP + शहर का कोड लिखकर 9224992249 पर भेजें
    • भारत पेट्रोलियम: RSP लिखकर 9223112222 पर भेजें
    • हिंदुस्तान पेट्रोलियम: HP Price लिखकर 9222201122 पर SMS करें

    कुछ ही सेकंड में आपको अपने शहर का ताजा रेट मिल जाएगा।


    लंबे समय से स्थिर हैं ईंधन की कीमतें

    मई 2022 में केंद्र सरकार द्वारा एक्साइज ड्यूटी में कटौती किए जाने के बाद से पेट्रोल-डीजल की कीमतों में अपेक्षाकृत स्थिरता बनी हुई है। हालांकि तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति को देखते हुए समय-समय पर मामूली बदलाव करती रहती हैं।

    विशेषज्ञों का कहना है कि अगर भविष्य में कच्चे तेल की कीमतों या रुपये की स्थिति में बड़ा बदलाव होता है तो इसका असर पेट्रोल-डीजल के दामों पर भी देखने को मिल सकता है।

  • LPG Price Hike: गैस सिलेंडर महंगा होने पर कांग्रेस का हमला, पीएम मोदी को बताया “महंगाई मैन”

    LPG Price Hike: गैस सिलेंडर महंगा होने पर कांग्रेस का हमला, पीएम मोदी को बताया “महंगाई मैन”

    नई दिल्ली। घरेलू और व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में बढ़ोतरी (LPG Price Hike) के बाद कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। पार्टी ने सरकार पर आरोप लगाया कि महंगाई का बोझ सीधे आम लोगों पर डाला जा रहा है और इसे लेकर प्रधानमंत्री की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं।

    कांग्रेस ने कहा कि घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये और 19 किलोग्राम वाले व्यावसायिक सिलेंडर की कीमत में 115 रुपये की बढ़ोतरी की गई है, जिससे आम परिवारों और छोटे व्यवसायों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ेगा।

    कांग्रेस का आरोप: जनता के बजट पर सीधा हमला

    कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि मोदी सरकार ने घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ाकर आम परिवारों के मासिक बजट पर सीधा असर डाला है। पार्टी के अनुसार, पिछले तीन महीनों में व्यावसायिक सिलेंडर की कीमतों में कुल 307 रुपये तक की बढ़ोतरी हो चुकी है।

    कांग्रेस के मीडिया और प्रचार विभाग के अध्यक्ष पवन खेड़ा ने पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मंत्री ने हाल ही में दावा किया था कि सरकार की प्राथमिकता नागरिकों को सस्ता और टिकाऊ ईंधन उपलब्ध कराना है, लेकिन अगले ही दिन गैस सिलेंडर के दाम बढ़ा दिए गए।

    खेड़ा ने तंज कसते हुए कहा कि जो बातें मंत्री कहते हैं, उन पर भरोसा करना मुश्किल हो गया है।

    सरकार का पक्ष: ऊर्जा आपूर्ति में कोई कमी नहीं

    इस बीच पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि देश में ऊर्जा आपूर्ति को लेकर किसी तरह की कमी नहीं है और उपभोक्ताओं को घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार का लक्ष्य नागरिकों को किफायती और टिकाऊ ईंधन उपलब्ध कराना है।

    सूत्रों के अनुसार, 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 7 मार्च से देशभर में 60 रुपये बढ़ा दी गई है, जबकि होटल, रेस्टोरेंट और छोटे व्यवसायों में इस्तेमाल होने वाले 19 किलोग्राम के व्यावसायिक सिलेंडर के दाम में 115 रुपये की बढ़ोतरी लागू की गई है।

    पहले अप्रैल 2025 से स्थिर थे दाम

    इससे पहले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत अप्रैल 2025 से स्थिर थी। उस समय दिल्ली में गैर-सब्सिडी वाला घरेलू सिलेंडर लगभग 853 रुपये में मिल रहा था। नई बढ़ोतरी के बाद अब घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ एलपीजी पर निर्भर छोटे व्यवसायों की लागत भी बढ़ने की संभावना है।

    अफवाहों पर न दें ध्यान: इंडियन ऑयल

    इसी बीच Indian Oil Corporation ने सोशल मीडिया के माध्यम से पेट्रोल और डीजल की कमी से जुड़ी खबरों को खारिज किया है। कंपनी ने कहा कि देश में ईंधन का पर्याप्त भंडार मौजूद है और आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है। साथ ही लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की गई है।

  • धर्मयुद्ध का शंखनाद: काशी से शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का गो प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध शुरू, गोमाता को राज्यमाता घोषित करने की मांग, 11 मार्च को पहुंचेंगे लखनऊ

    धर्मयुद्ध का शंखनाद: काशी से शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का गो प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध शुरू, गोमाता को राज्यमाता घोषित करने की मांग, 11 मार्च को पहुंचेंगे लखनऊ

    वाराणसी। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने शनिवार सुबह वाराणसी के प्रसिद्ध संकटमोचन हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना कर अपनी “गो प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध यात्रा” की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि भगवान हनुमान का आशीर्वाद लेकर वे लखनऊ के लिए यात्रा प्रारंभ कर रहे हैं, जिसका उद्देश्य गो रक्षा के प्रति जनजागरण करना है।

    शंकराचार्य ने बताया कि यह यात्रा चार दिनों तक चलेगी, जिसमें वे छह जिलों में दर्जनभर से अधिक स्थानों पर सभाएं और जनसंवाद कार्यक्रम करेंगे। यात्रा के दौरान वे जौनपुर, सुल्तानपुर, रायबरेली, उन्नाव और लखीमपुर खीरी से होते हुए 11 मार्च को लखनऊ पहुंचेंगे।

    गोमाता को “राज्यमाता” घोषित करने की मांग

    शंकराचार्य ने उत्तर प्रदेश सरकार से मांग की है कि 40 दिनों के भीतर गोमाता को “राज्यमाता” घोषित किया जाए और पूरे प्रदेश में गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए। उन्होंने कहा कि इस मांग को लेकर पहले भी सरकार को समय दिया गया था, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

    शिवाजी जयंती के बाद आंदोलन तेज

    शंकराचार्य ने बताया कि छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती के दिन से सरकार को 40 दिन का समय दिया गया था। शुक्रवार को इस अवधि के 35 दिन पूरे हो चुके हैं, लेकिन सरकार की ओर से कोई कार्रवाई नहीं होने के कारण अब गो रक्षा के लिए व्यापक जनआंदोलन शुरू किया गया है।

    गंगा पूजन के साथ यात्रा का शुभारंभ

    यात्रा शुरू करने से पहले शंकराचार्य ने साधु-संतों के साथ केदार घाट पर विधिवत गंगा पूजन किया। इसके बाद उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज के चित्र पर तिलक कर पुष्प अर्पित किए और काशी से “गो प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध” के शंखनाद की औपचारिक घोषणा की।

    इस दौरान बड़ी संख्या में साधु-संत और श्रद्धालु मौजूद रहे। शंकराचार्य ने कहा कि गो रक्षा केवल धार्मिक विषय नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति और परंपरा की रक्षा का प्रश्न है, इसलिए इसके लिए जनजागरण आवश्यक है।

  • Bihar Politics:बिहार की जमीन-जंगल पर किसकी नजर? मोदी-शाह की राजनीति पर विपक्ष का वार

    Bihar Politics:बिहार की जमीन-जंगल पर किसकी नजर? मोदी-शाह की राजनीति पर विपक्ष का वार

    पटना। बिहार की राजनीति में इन दिनों नया सियासी विवाद खड़ा हो गया है। मुख्यमंत्री Nitish Kumar के राज्यसभा जाने के फैसले के बाद विपक्ष ने केंद्र की भाजपा नेतृत्व पर तीखा हमला बोला है। विपक्षी दलों का आरोप है कि प्रधानमंत्री Narendra Modi और केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah की रणनीति के तहत बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव किया जा रहा है।

    विपक्ष का कहना है कि राज्य की सत्ता संरचना को इस तरह बदला जा रहा है जिससे केंद्र का प्रभाव और मजबूत हो सके। इसी संदर्भ में कुछ नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि आने वाले समय में बिहार के प्राकृतिक संसाधनों—जंगल, जमीन और कृषि उत्पादन—को बड़े कॉरपोरेट निवेश के लिए खोलने की तैयारी की जा रही है।

    “बिहार के संसाधनों पर नजर” का आरोप

    विपक्षी नेताओं का दावा है कि जिस तरह अन्य राज्यों में बड़े औद्योगिक निवेश के नाम पर जमीन और संसाधनों को लेकर विवाद हुए हैं, उसी तरह बिहार में भी भविष्य में ऐसी स्थिति बन सकती है। उनका कहना है कि अगर राज्य की नीतियां स्थानीय हितों के बजाय बड़े आर्थिक समूहों के पक्ष में गईं तो किसानों और ग्रामीण समुदायों को नुकसान हो सकता है।

    कुछ नेताओं ने उद्योगपति Gautam Adani के नेतृत्व वाले Adani Group का नाम लेते हुए यह आशंका जताई कि बिहार में बड़े कॉरपोरेट निवेश की तैयारी की जा रही है। हालांकि इन आरोपों के समर्थन में अभी तक कोई आधिकारिक दस्तावेज सामने नहीं आए हैं।

    भाजपा और एनडीए का पलटवार

    इन आरोपों पर भाजपा और एनडीए के नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि विपक्ष बिना तथ्यों के केवल राजनीतिक माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है।

    एनडीए का कहना है कि केंद्र और राज्य सरकार का लक्ष्य बिहार के विकास को तेज करना, निवेश बढ़ाना और रोजगार के अवसर पैदा करना है। भाजपा नेताओं के अनुसार, बड़े निवेश से राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और बुनियादी ढांचे में सुधार होगा।

    सियासत और तेज होने के संकेत

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले के बाद बिहार में नेतृत्व और विकास मॉडल को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। विपक्ष इस मुद्दे को केंद्र बनाकर भाजपा नेतृत्व पर हमला तेज कर रहा है, जबकि एनडीए इसे विकास की राजनीति बता रहा है।

    फिलहाल बिहार की राजनीति में यह मुद्दा चर्चा का केंद्र बना हुआ है और आने वाले दिनों में इस पर और तीखी राजनीतिक बयानबाजी देखने को मिल सकती है।

  • Rajya Sabha Election: महाराष्ट्र की राज्यसभा सीटों के लिए बीजेपी ने घोषित की नई सूची: पुराने वफादार और जातीय संतुलन पर फोकस

    Rajya Sabha Election: महाराष्ट्र की राज्यसभा सीटों के लिए बीजेपी ने घोषित की नई सूची: पुराने वफादार और जातीय संतुलन पर फोकस

    मुंबई। भारतीय जनता पार्टी ने महाराष्ट्र से खाली होने वाली राज्यसभा(Rajya sabha Election) सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों की सूची सार्वजनिक कर दी है। इस बार पार्टी ने “पुराने वफादार” और “जातीय संतुलन” को ध्यान में रखते हुए चार प्रमुख चेहरों को सूचीबद्ध किया है, जिनमें केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले, राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े, माया ईवनाते और रामराव वडकुते शामिल हैं। इस चयन ने राजनीतिक विश्लेषकों को भी चौंका दिया है।

    1. विनोद तावड़े: संगठन के भरोसेमंद ‘संकटमोचक’
    कोंकण क्षेत्र के गिरगांव से आने वाले तावड़े का राजनीतिक सफर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से शुरू हुआ। महाराष्ट्र में शिक्षा और सांस्कृतिक मंत्री रहे तावड़े 2019 में विधानसभा टिकट कटने के बाद कुछ समय हाशिए पर दिखे, लेकिन संगठन में उनके काम को देखते हुए उन्हें राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया। तावड़े को राज्यसभा भेजकर बीजेपी का लक्ष्य मराठा और शहरी मध्यम वर्ग को साधना है।

    2. रामदास आठवले: दलित राजनीति का मजबूत चेहरा
    केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (A) के प्रमुख आठवले बीजेपी के पुराने और वफादार सहयोगियों में गिने जाते हैं। दलित पैंथर आंदोलन से जुड़े आठवले तीन बार लोकसभा सांसद रह चुके हैं। राज्यसभा में उनकी वापसी महाराष्ट्र के दलित, विशेषकर बौद्ध वोट बैंक को पार्टी से जोड़ने का संदेश देती है।

    3. माया चिंतामण ईवनाते: महिला और आदिवासी नेतृत्व का प्रतिनिधित्व
    माया ईवनाते का नाम इस सूची का ‘सरप्राइज एलिमेंट’ है। नागपुर की पूर्व मेयर और राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की सदस्य रह चुकी माया ईवनाते को बीजेपी ने महिला नेतृत्व, आदिवासी प्रतिनिधित्व और विदर्भ क्षेत्र के लिए चुना है। आदिवासी समुदाय में उनका प्रभाव और दिल्ली में मंत्रालय का अनुभव उन्हें राज्यसभा के लिए उपयुक्त बनाता है।

    4. रामराव वडकुते: एनसीपी छोड़ भाजपा में शामिल हुए सक्रिय नेता
    मराठवाड़ा के धनगर समुदाय से आने वाले रामराव वडकुते पहले एनसीपी में सक्रिय थे, लेकिन 2019 में विधानसभा टिकट न मिलने के बाद उन्होंने भाजपा जॉइन किया। वडकुते महाराष्ट्र विधान परिषद सदस्य रह चुके हैं और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के करीबी माने जाते हैं। उनकी राज्यसभा नॉमिनेशन से बीजेपी को मराठवाड़ा क्षेत्र में आरक्षण और सामाजिक संतुलन का लाभ मिलेगा।

    इस सूची के माध्यम से बीजेपी ने पुराने वफादारों को सम्मानित करने के साथ-साथ जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों का संतुलन बनाए रखने की रणनीति अपनाई है।

  • दिल्ली सरकार का बड़ा ऐलान, होली और दीवाली पर राशन कार्ड धारकों को मुफ्त गैस सिलेंडर; DBT के जरिए खातों में भेजे जाएंगे 853 रुपए

    दिल्ली सरकार का बड़ा ऐलान, होली और दीवाली पर राशन कार्ड धारकों को मुफ्त गैस सिलेंडर; DBT के जरिए खातों में भेजे जाएंगे 853 रुपए

    नई दिल्ली। दिल्लीवासियों के लिए होली से पहले बड़ी खुशखबरी सामने आई है। Rekha Gupta के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार ने घोषणा की है कि होली और दीवाली पर सभी राशन कार्ड धारकों को मुफ्त गैस सिलेंडर दिया जाएगा।

    इस योजना की शुरुआत इसी वर्ष होली से की जाएगी और लाभार्थियों के खातों में DBT (Direct Benefit Transfer) के जरिए सीधे राशि ट्रांसफर की जाएगी।


    मुख्यमंत्री कार्यालय ने दी जानकारी

    5 फरवरी को मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से इसकी जानकारी दी गई थी। पोस्ट में कहा गया कि सरकार ने अपने संकल्प पत्र का एक और वादा पूरा किया है।

    योजना के तहत प्रतिवर्ष होली और दीवाली पर राशन कार्ड धारक परिवारों को एक-एक गैस सिलेंडर की राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जाएगी।


    कितनी राशि मिलेगी?

    3 फरवरी 2026 को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कैबिनेट बैठक के बाद कहा:

    • इस योजना के लिए 242.77 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है।
    • प्रत्येक पात्र परिवार को ₹853 (एक सिलेंडर की अनुमानित कीमत) खाते में ट्रांसफर किए जाएंगे।
    • जो परिवार PNG गैस का उपयोग करते हैं, उन्हें भी ₹853 की राशि दी जाएगी।

    कब मिलेगा लाभ?

    • होली (4 मार्च 2026) से पहले राशि ट्रांसफर की जाएगी।
    • दीवाली (लगभग 8 नवंबर 2026) पर भी इसी तरह मुफ्त सिलेंडर का लाभ मिलेगा।

    योजना का लाभ किन्हें मिलेगा?

    • दिल्ली सरकार द्वारा जारी वैध राशन कार्ड धारक
    • लाभार्थी का एक्टिव बैंक अकाउंट DBT से लिंक होना चाहिए
    • राशन कार्ड सिस्टम में पंजीकरण अनिवार्य

    राजनीतिक और सामाजिक महत्व

    यह योजना सीधे तौर पर निम्न और मध्यम आय वर्ग के परिवारों को राहत देने के उद्देश्य से लाई गई है। त्योहारों के दौरान बढ़ते खर्च के बीच मुफ्त सिलेंडर की सुविधा लोगों के लिए आर्थिक सहारा साबित हो सकती है।

    सरकार का दावा है कि इससे लाखों परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा और त्योहारों की खुशियां दोगुनी होंगी।

  • Rahul Gandhi attack Epstein files & adani trade deal: एप्स्टीन फाइल्स से अडानी केस तक—मोदी सरकार दे जवाब, देश को सच चाहिए: राहुल गांधी का बड़ा हमला

    Rahul Gandhi attack Epstein files & adani trade deal: एप्स्टीन फाइल्स से अडानी केस तक—मोदी सरकार दे जवाब, देश को सच चाहिए: राहुल गांधी का बड़ा हमला

    नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को प्रधानमंत्री Narendra Modi और केंद्र सरकार पर बहुआयामी हमला बोला। सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए उन्होंने एप्स्टीन फाइल्स, भारत-अमेरिका ट्रेड डील, अडानी प्रकरण और किसानों की स्थिति जैसे मुद्दों को जोड़ते हुए सरकार से जवाब मांगा।

    राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि कथित एप्स्टीन फाइल्स में प्रधानमंत्री, उनके मंत्रियों और करीबी उद्योगपतियों के नाम आने की चर्चा बेहद गंभीर है। उनका कहना था कि यह देश की प्रतिष्ठा से जुड़ा मामला है और सरकार को पारदर्शी स्पष्टीकरण देना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि लाखों दस्तावेज अब भी सार्वजनिक नहीं हुए हैं और उनमें केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी, उद्योगपति अनिल अंबानी तथा प्रधानमंत्री का नाम होने की बात कही।

    भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि इस डील में राष्ट्रीय हितों से समझौता किया गया। उनके अनुसार भारतीय डेटा को अमेरिकी कंपनियों के लिए खोला गया, किसानों के हितों की अनदेखी हुई और टेक्सटाइल उद्योग पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। उन्होंने सरकार से पूछा कि इस समझौते से देश को वास्तविक लाभ क्या मिला।

    राहुल गांधी ने उद्योगपति Gautam Adani से जुड़े अमेरिका में चल रहे मामले का भी जिक्र करते हुए कहा कि यह केवल एक कारोबारी का मामला नहीं, बल्कि सत्ता संरचना से जुड़ा सवाल है। उन्होंने आरोप लगाया कि 14 महीनों से ठोस कार्रवाई न होना कई संदेह पैदा करता है।

    इन आरोपों पर विदेश मंत्रालय ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि संबंधित दस्तावेजों में प्रधानमंत्री के 2017 के इज़रायल दौरे के संदर्भ से परे जो भी उल्लेख हैं, वे एक दोषी अपराधी की कल्पनाएं हैं और निराधार हैं।

    राहुल गांधी ने अपने संदेश में कहा कि कांग्रेस देशहित के मुद्दों पर पीछे नहीं हटेगी और सरकार से जवाब मांगती रहेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार उद्योगपतियों के हितों की रक्षा में अधिक सक्रिय है, जबकि किसान और मध्यम वर्ग समस्याओं से जूझ रहे हैं।

    इस मुद्दे पर सियासी तापमान बढ़ गया है और आने वाले दिनों में संसद से लेकर सड़क तक बहस तेज होने के संकेत हैं।

  • Yogi v/s Amukteshwaranand: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती मामले में सनसनीखेज दावा,  आशुतोष के गवाह ने कथित दबाव और प्रलोभन का किया खुलासा

    Yogi v/s Amukteshwaranand: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती मामले में सनसनीखेज दावा, आशुतोष के गवाह ने कथित दबाव और प्रलोभन का किया खुलासा

    वाराणसी। ज्योतिष्पीठाधीश्वर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद(Amukteshwaranand) सरस्वती से जुड़े बहुचर्चित प्रकरण में सोमवार को घटनाक्रम ने नया मोड़ ले लिया। केदारघाट स्थित श्रीविद्या मठ में आयोजित प्रेस वार्ता में रमाशंकर दीक्षित नामक व्यक्ति ने दावा किया कि उन पर उनकी नाबालिग बेटी के नाम का सहारा लेकर शंकराचार्य पर गंभीर आरोप लगाने के लिए दबाव बनाया गया।

    दीक्षित के अनुसार, उन्हें कथित रूप से आर्थिक प्रलोभन दिया गया ताकि वे लिखित शिकायत देकर मामला दर्ज कराएं। उन्होंने कहा कि प्रस्ताव को ठुकराने के बाद उन्हें अप्रत्यक्ष धमकियों का सामना करना पड़ा। दीक्षित ने पूरी घटना को लिखित रूप में अपने हस्ताक्षर सहित मठ प्रशासन को सौंपने और मीडिया के सामने रखने की बात कही।

    दूसरी ओर, शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी प्रयागराज जिला न्यायालय में पेश हुए। सुनवाई के दौरान पॉक्सो अधिनियम के तहत कार्रवाई के पहलुओं पर चर्चा हुई। सूत्रों के मुताबिक अदालत ने स्पष्ट किया कि ऐसे संवेदनशील मामलों में शिकायत और गवाहों की विश्वसनीयता की गहन जांच अनिवार्य है। अदालत ने यह भी संकेत दिया कि यदि आरोप असत्य सिद्ध होते हैं या गवाह बयान से पलटता है, तो शिकायतकर्ता के विरुद्ध भी विधिक कार्रवाई संभव है।

    मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए न्यायालय ने निष्पक्ष और तथ्यपरक जांच पर जोर दिया है। फिलहाल सभी पक्ष आगामी सुनवाई और जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं।

    संपादकीय दृष्टि से यह प्रकरण कानून-प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल खड़े करता है। ऐसे मामलों में राजनीतिक बयानबाजी से परे रहकर पारदर्शी और समयबद्ध जांच आवश्यक है, ताकि न तो किसी निर्दोष की प्रतिष्ठा पर आंच आए और न ही वास्तविक शिकायत दबे। कानून के समक्ष सभी समान हैं—और अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया से ही सामने आएगा।

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