Category: New Delhi

  • Akhilesh Yadav:अखिलेश यादव का बीजेपी सरकार पर बड़ा हमला

    Akhilesh Yadav:अखिलेश यादव का बीजेपी सरकार पर बड़ा हमला

    लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव(Akhilesh yadav) ने केंद्र और उत्तर प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी सरकार पर निर्माण कार्यों और विकास परियोजनाओं को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार में योजनाओं और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं और भ्रष्टाचार के आरोप लगातार सामने आ रहे हैं।

    अखिलेश यादव ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि “हवा हवाई हो गये हवाई अड्डे! दरअसल बीजेपी राज में कोई भी योजना या निर्माण सिर्फ सरकारी खजाने से पैसे निकालने का जरिया होता है, जिससे भ्रष्टाचार को मुखौटा पहनाया जा सके।” उन्होंने कहा कि भाजपा की बनाई पानी की टंकियाँ गिर रही हैं, मंदिर से लेकर संसद तक की छतें टपक रही हैं, सड़के बदहाल हैं और एक्सप्रेसवे लागत व कमीशनखोरी का रिकॉर्ड बना रहे हैं। रेलवे स्टेशन की दीवारें धराशायी हो रही हैं और एयरपोर्ट के शेड्स गिर रहे हैं या बंद हो रहे हैं।

    सपा मुखिया ने तंज कसते हुए कहा कि “विनाश की गति अपरंपार, डबल इंजन का भ्रष्टाचार।” उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपाई और उनके ठेकेदारों का गुप्त नारा है—“पैसा बँटा, बजट सफा।”

    इससे पहले अखिलेश यादव ने मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी निशाना साधा था। उन्होंने कहा कि “यह दूसरों को उपद्रवी माफिया कहते हैं, लेकिन 2017 के बाद अगर उन्होंने अपने मुकदमे वापस न लिए होते तो अब तक का सबसे उपद्रवी मुख्यमंत्री वही होते।” अखिलेश ने गोरखपुर पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि “वह गोरखपुर नहीं है, वहां पर गोरख धंधा चल रहा है।”

  • ONLINE FRIEND छात्रा के लिए बनी जान की आफत, पहले अपहरण फिर बलात्कार

    परिवार और समाज की जिम्मेदारी, बच्चों को डिजिटल सुरक्षा सिखाएँ

    नई दिल्ली: गुरुग्राम से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। त्रिपुरा से पढ़ाई करने आई बीएससी बायोटेक्नोलॉजी की दूसरी वर्ष की छात्रा को सोशल मीडिया पर बने एक दोस्त(ONLINE FRIEND) ने अपने जाल में फंसा लिया। शुरुआत में सामान्य बातचीत से शुरू हुई पहचान धीरे-धीरे दोस्ती में बदली और छात्रा ने उस युवक पर भरोसा कर लिया। लेकिन यह भरोसा उसके लिए खतरनाक साबित हुआ।

    आरोप है कि युवक ने मिलने के बहाने छात्रा को अपने ठिकाने पर बुलाया और वहां उसे बंधक बना लिया। तीन दिनों तक उसके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया। भयभीत छात्रा ने किसी तरह अपनी मां को फोन कर मदद मांगी। बेटी की टूटी आवाज सुनकर मां ने तुरंत पुलिस से संपर्क किया और लोकेशन साझा की। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छात्रा को गंभीर हालत में छुड़ाया और अस्पताल में भर्ती कराया। हालत बिगड़ने पर उसे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर किया गया, जहां वह आईसीयू में भर्ती है।

    छात्रा के बयान के आधार पर पुलिस ने गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। कई टीमें उसकी गिरफ्तारी के लिए काम कर रही हैं। वहीं पीड़िता की मां ने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से न्याय की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि बेटी बेहतर भविष्य के लिए घर से दूर आई थी, लेकिन इस घटना ने पूरे परिवार को हिला दिया है।

    फिलहाल परिवार न्याय की प्रतीक्षा कर रहा है और पुलिस का कहना है कि आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा

  • यूपी में 22 फरवरी को विशेष मतदाता सूची अभियान, सभी बूथों पर नाम जोड़ने और सुधार का मौका

    यूपी में 22 फरवरी को विशेष मतदाता सूची अभियान, सभी बूथों पर नाम जोड़ने और सुधार का मौका

    लखनऊ। भारत निर्वाचन आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत उत्तर प्रदेश में दावा एवं आपत्ति अवधि के दौरान रविवार को प्रदेश के सभी मतदेय स्थलों पर विशेष अभियान दिवस आयोजित किया जाएगा।

    यह अभियान पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में शामिल कराने और सूची में दर्ज त्रुटियों को सुधारने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।

    प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि आयोग के निर्देशानुसार चार विशेष अभियान दिवस निर्धारित किए गए थे। इनमें 11 जनवरी, 18 जनवरी और 31 जनवरी को अभियान पहले ही आयोजित हो चुके हैं, जबकि 22 फरवरी को चौथा और अंतिम विशेष अभियान दिवस आयोजित किया जाएगा।

    ⏰ समय और व्यवस्था

    • प्रत्येक मतदेय स्थल पर सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक बूथ लेवल अधिकारी (BLO) उपस्थित रहेंगे।
    • बीएलओ के पास 6 जनवरी को प्रकाशित आलेख्य मतदाता सूची उपलब्ध रहेगी।
    • मतदाता अपने नाम की जांच कर सकेंगे।

    📝 उपलब्ध फार्म

    • फॉर्म-6 : नया नाम जोड़ने के लिए
    • फॉर्म-6A : विदेश में रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए
    • फॉर्म-7 : नाम विलोपन हेतु
    • फॉर्म-8 : प्रविष्टि संशोधन के लिए

    प्रत्येक मतदान केंद्र पर हेल्प डेस्क की व्यवस्था भी की जाएगी, जहां मतदाताओं को फॉर्म भरने में सहायता मिलेगी।

    मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों, जनप्रतिनिधियों और स्वयंसेवकों से भी नियमानुसार सहयोग लिया जाएगा। साथ ही जिला निर्वाचन अधिकारी और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी अभियान की निगरानी के लिए भ्रमणशील रहेंगे।

  • ADJ POCSO: अविमुक्तेश्वरानंद की बढ़ीं मुश्किलें, कोर्ट ने इस मामले में FIR के दिए आदेश

    ADJ POCSO: अविमुक्तेश्वरानंद की बढ़ीं मुश्किलें, कोर्ट ने इस मामले में FIR के दिए आदेश

    प्रयागराज। यौन शोषण के आरोपों से जुड़े मामले में एडीजे रेप एवं पॉक्सो स्पेशल कोर्ट(ADJ POCSO) ने अहम आदेश जारी किया है। अदालत ने झूंसी थाना पुलिस को निर्देश दिया है कि वे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य स्वामी मुकुंदानंद गिरी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर प्रकरण की विस्तृत जांच करें।

    अदालत ने अपने आदेश में कहा कि शिकायत में लगाए गए आरोप गंभीर प्रकृति के हैं और प्रथम दृष्टया संज्ञान लेने योग्य प्रतीत होते हैं। ऐसे में पुलिस का दायित्व है कि विधि के अनुसार एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष और गहन जांच सुनिश्चित करे।

    कोर्ट का निर्देश

    • झूंसी थाना पुलिस तत्काल एफआईआर दर्ज करे।
    • पॉक्सो एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं के तहत जांच की जाए।
    • पीड़ित पक्ष की सुरक्षा और गोपनीयता का विशेष ध्यान रखा जाए।

    कानूनी पृष्ठभूमि

    मामला यौन शोषण से संबंधित होने के कारण पॉक्सो (POCSO) अधिनियम के तहत विशेष अदालत में विचाराधीन है। एडीजे रेप एवं पॉक्सो कोर्ट ऐसे मामलों की त्वरित सुनवाई और संवेदनशील तरीके से जांच सुनिश्चित करने के लिए गठित की जाती है।

    अब इस आदेश के बाद झूंसी थाना पुलिस की कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं। यदि एफआईआर दर्ज होती है तो आगे की जांच और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर अगला कदम तय होगा।

  • UGC-2026 : विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने जारी की 32 फर्जी विश्वविद्यालयों की सूची

    UGC-2026 : विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने जारी की 32 फर्जी विश्वविद्यालयों की सूची

    नई दिल्ली। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC 2026) ने देशभर में संचालित हो रहे 32 फर्जी विश्वविद्यालयों की ताज़ा सूची जारी कर दी है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि ये संस्थान यूजीसी अधिनियम, 1956 के तहत किसी भी प्रकार की डिग्री प्रदान करने के लिए अधिकृत नहीं हैं।

    यूजीसी के अनुसार, ये संस्थान खुद को वैध विश्वविद्यालय बताकर छात्रों को गुमराह कर रहे थे। आयोग ने चेतावनी दी है कि इनसे प्राप्त डिग्रियां नौकरी, प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा के लिए मान्य नहीं होंगी।

    यूजीसी ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि किसी भी संस्थान में प्रवेश लेने से पहले उसकी मान्यता की स्थिति ugc.gov.in पर अवश्य जांच लें।


    राज्यवार फर्जी विश्वविद्यालयों की स्थिति

    🔴 दिल्ली – 12 संस्थान (सबसे अधिक)

    दिल्ली में सर्वाधिक 12 फर्जी संस्थान संचालित पाए गए हैं। इनमें प्रमुख नाम इस प्रकार हैं:

    • आल इंडिया इंस्टीट्यूट आफ पब्लिक एण्ड फिजिकल हेल्थ साइंस (AIPHS)
    • कमर्शियल यूनिवर्सिटी लिमिटेड
    • यूनाइटेड नेशन्स यूनिवर्सिटी
    • वॉकेशनल यूनिवर्सिटी
    • ए.डी.आर.-सेंट्रिक ज्यूरीडिकल यूनिवर्सिटी
    • इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड इंजीनियरिंग
    • विश्वकर्मा ओपन यूनिवर्सिटी फॉर सेल्फ-एम्प्लॉयमेंट
    • आध्यात्मिक विश्वविद्यालय (स्पिरिचुअल यूनिवर्सिटी)
    • वर्ल्ड पीस ऑफ यूनाइटेड नेशन्स यूनिवर्सिटी (WPUNU)
    • इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड इंजीनियरिंग
    • माउंटेन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी
    • नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट सोल्यूशन

    🔴 उत्तर प्रदेश – 4 संस्थान

    • गांधी हिन्दी विद्यापीठ, प्रयागराज
    • महामाया प्राविधिक विश्वविद्यालय, नोएडा
    • नेताजी सुभाष चन्द्र बोस यूनिवर्सिटी (ओपन), अलीगढ़
    • भारतीय शिक्षा परिषद, लखनऊ

    🔴 महाराष्ट्र – 2 संस्थान

    • राजा अरेबिक यूनिवर्सिटी, नागपुर
    • नेशनल बैकवर्ड कृषि विद्यापीठ, सोलापुर

    🔴 पश्चिम बंगाल – 2 संस्थान

    • इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ ऑल्टरनेटिव मेडिसन, कोलकाता
    • इंस्टीट्यूट ऑफ ऑल्टरनेटिव मेडिसन एंड रिसर्च, कोलकाता

    🔴 आंध्र प्रदेश – 2 संस्थान

    • क्राइस्ट न्यू टेस्टामेंट डीम्ड यूनिवर्सिटी, गुंटूर
    • बाइबल ओपन यूनिवर्सिटी ऑफ इंडिया, विशाखापट्टनम

    🔴 कर्नाटक – 2 संस्थान

    • सर्व भारतीय शिक्षा पीठ, तुमकुर
    • ग्लोबल ह्यूमन पीस यूनिवर्सिटी, बेंगलुरु

    🔴 पुडुचेरी – 2 संस्थान

    • श्री बोधि एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन
    • उषा लात्चुमनन कॉलेज ऑफ एजुकेशन

    🔴 अन्य राज्य (1-1 संस्थान)

    • केरल
    • हरियाणा
    • राजस्थान
    • झारखंड
    • अरुणाचल प्रदेश

    यूजीसी की सख्त चेतावनी

    यूजीसी ने साफ कहा है कि इन संस्थानों को न तो केंद्र सरकार से और न ही किसी राज्य सरकार से मान्यता प्राप्त है। ऐसे में इनसे डिग्री लेने वाले छात्रों को भविष्य में कानूनी और करियर संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

    आयोग ने कहा है कि फर्जी विश्वविद्यालयों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और राज्य सरकारों को भी सतर्क किया गया है।

  • AI Investment Plan: मुकेश अंबानी का बड़ा ऐलान: AI में 10 लाख करोड़ का करेंगे निवेश

    AI Investment Plan: मुकेश अंबानी का बड़ा ऐलान: AI में 10 लाख करोड़ का करेंगे निवेश

    Reliance Industries के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के मंच से एक ऐतिहासिक घोषणा करते हुए अगले सात वर्षों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) क्षेत्र में 10 लाख करोड़ रुपये निवेश करने का ऐलान किया है। उनका लक्ष्य साफ है—जिस तरह Jio Platforms ने इंटरनेट को हर हाथ तक पहुंचाया, उसी तरह अब AI को हर भारतीय के लिए सस्ता और सुलभ बनाया जाएगा।


    AI Investment Plan के लिए विदेशी निर्भरता खत्म करने पर जोर

    अंबानी ने कहा कि भारत को अपनी तकनीकी जरूरतों के लिए विदेशों पर निर्भर रहना अब जोखिम भरा है। उन्होंने इसे “इंटेलिजेंस को किराये पर लेना” बताया और स्पष्ट किया कि देश को अपना सुरक्षित और स्वदेशी AI इकोसिस्टम विकसित करना होगा।

    उनके अनुसार, जियो ने देश को डेटा क्रांति से जोड़ा था, और अब रिलायंस भारत को “एज ऑफ इंटेलिजेंस” में ले जाने की तैयारी कर चुका है।


    रिलायंस के AI मिशन के 3 प्रमुख आधार

    1. जामनगर में अत्याधुनिक AI डेटा सेंटर
    जामनगर में विश्वस्तरीय एआई डेटा सेंटर स्थापित किए जाएंगे, जो 10 गीगावाट ग्रीन एनर्जी से संचालित होंगे। इससे तकनीक और पर्यावरण के बीच संतुलन कायम रहेगा।

    2. जियो नेटवर्क के जरिए लो-लेटेंसी AI सेवाएं
    देशभर में फैले जियो के टेलीकॉम नेटवर्क का उपयोग कर ऐसा डिजिटल ढांचा तैयार किया जाएगा, जिससे बिना रुकावट (लो-लेटेंसी) के AI सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

    3. गांव-गांव तक AI की पहुंच
    रिलायंस एक सुरक्षित और व्यापक सिस्टम विकसित करेगा, जिसका लाभ केवल महानगरों तक सीमित नहीं रहेगा। यह तकनीक गांवों के खेतों, छोटे स्कूलों, मोहल्ले के क्लीनिकों और किराना दुकानों तक पहुंचेगी।


    राष्ट्र निर्माण की दिशा में कदम

    मुकेश अंबानी ने स्पष्ट किया कि यह निवेश केवल मुनाफे के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण के उद्देश्य से किया जा रहा है। उनका मानना है कि जियो भारत के AI ट्रांसफॉर्मेशन की धुरी बनेगी और इससे सरकारी सेवाओं, उद्योग, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में बड़ा बदलाव आएगा।

    यह पहल भारत को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो सकती है।

  • Jharkhand: जया प्रदा का मेदिनीनगर में रोड शो, चुनावी सरगर्मी तेज

    Jharkhand: जया प्रदा का मेदिनीनगर में रोड शो, चुनावी सरगर्मी तेज

    Jhankhand News: मेदिनीनगर नगर निगम चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, शहर की सियासी फिजा गर्म होती जा रही है। राजनीतिक दल मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए हर संभव रणनीति अपना रहे हैं। इसी क्रम में बॉलीवुड अभिनेत्री और पूर्व सांसद जया प्रदा 21 फरवरी को मेदिनीनगर पहुंचकर रोड शो करेंगी, जिससे चुनावी मुकाबला और दिलचस्प हो गया है।

    भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में शक्ति प्रदर्शन

    जया प्रदा (Jaya Prada) भाजपा समर्थित मेयर प्रत्याशी अरुणा शंकर के समर्थन में शहर की सड़कों पर रोड शो करेंगी। उनके आगमन को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह है। स्थानीय स्तर पर तैयारियां जोरों पर हैं और इसे शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है। पार्टी नेताओं का मानना है कि स्टार प्रचारक की मौजूदगी से मतदाताओं के बीच सकारात्मक संदेश जाएगा और चुनावी माहौल में नया जोश पैदा होगा।

    विकास और शांति पर फोकस

    अरुणा शंकर इस बार पूरी रणनीति के साथ मैदान में उतरी हैं। वह अपने पूर्व मेयर कार्यकाल के दौरान कराए गए विकास कार्यों को प्रमुखता से जनता के सामने रख रही हैं। उनका मुख्य चुनावी एजेंडा शहर में शांति, सुव्यवस्था और सतत विकास को बनाए रखना है। समर्थकों का दावा है कि उनके नेतृत्व में कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं पूरी हुईं, जिनसे आम नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ मिला।

    क्या साबित होगा गेम चेंजर?

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जया प्रदा का रोड शो भाजपा के लिए “गेम चेंजर” साबित हो सकता है। स्टार प्रचारक के रूप में उनकी लोकप्रियता चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकती है। इससे विरोधी दलों पर भी मनोवैज्ञानिक दबाव बढ़ेगा और मुकाबला और अधिक कड़ा होने की संभावना है।

    मतदाता अब भी खामोश

    हालांकि चुनावी तापमान बढ़ चुका है, लेकिन मतदाता फिलहाल अपनी राय खुलकर जाहिर नहीं कर रहे हैं। लोकतंत्र में गुप्त मतदान के अधिकार के कारण जनता चुप्पी साधे हुए है। माना जा रहा है कि असली तस्वीर मतदान के दिन ही सामने आएगी।

    अब सबकी निगाहें 21 फरवरी को होने वाले रोड शो पर टिकी हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि इस शक्ति प्रदर्शन का मेदिनीनगर की चुनावी राजनीति पर कितना असर पड़ता है।

  • Wildlife Case: मशहूर लोगों को वन्यजीवों से खेलने की छूट नहीं: सुप्रीम कोर्ट

    Wildlife Case: मशहूर लोगों को वन्यजीवों से खेलने की छूट नहीं: सुप्रीम कोर्ट

    नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को यूट्यूबर Elvish Yadav के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत दर्ज मामले की सुनवाई के दौरान तीखी टिप्पणी की। अदालत ने कहा कि यदि लोकप्रिय व्यक्तियों को “बेजुबान पीड़ित” जैसे सांपों का मनोरंजन के लिए उपयोग करने की अनुमति दी जाती है, तो इससे समाज में “बहुत गलत संदेश” जाएगा।

    मामले की अगली सुनवाई 19 मार्च को होगी।

    क्या कहा अदालत ने?

    न्यायमूर्ति एम. एम. सुंदरश और न्यायमूर्ति एन. कोटिस्वर सिंह की पीठ एल्विश यादव की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उन्होंने नोएडा में कथित रेव पार्टी में सांप के जहर के उपयोग से जुड़े मामले में दाखिल आरोपपत्र और आपराधिक कार्यवाही को चुनौती दी है।

    सुनवाई के दौरान पीठ ने सवाल उठाया:

    “क्या लोकप्रिय लोग मनोरंजन के लिए वन्यजीवों(Wildlife) के साथ इस प्रकार का व्यवहार कर सकते हैं? यदि उन्हें ऐसा करने दिया गया तो समाज में बहुत गलत संदेश जाएगा… क्या आप चिड़ियाघर जाकर जानवरों के साथ खेल सकते हैं? आप यह नहीं कह सकते कि आप जो चाहें करेंगे।”

    अदालत ने स्पष्ट किया कि उसका मुख्य सरोकार वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत दर्ज शिकायत से है।

    क्या है मामला?

    एल्विश यादव के खिलाफ नवंबर 2023 में मामला(Case) दर्ज हुआ था और 17 मार्च 2024 को उन्हें गिरफ्तार किया गया था। अभियोजन के अनुसार पुलिस ने नौ सांप, जिनमें पांच कोबरा शामिल थे, बरामद किए थे। आरोप है कि कथित रेव पार्टियों में सांप के जहर का नशीले पदार्थ की तरह उपयोग किया जाता था।

    आरोपपत्र में दावा किया गया कि ऐसी पार्टियों में विदेशी नागरिकों सहित कई लोग कथित तौर पर सांप के जहर का सेवन करते थे।

    बचाव पक्ष की दलील

    यादव की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मुक्‍ता गुप्ता ने दलील दी कि वे केवल गायक के एक वीडियो में अतिथि के रूप में शामिल हुए थे और किसी रेव पार्टी या प्रतिबंधित पदार्थ के सेवन का कोई प्रमाण नहीं है। उन्होंने कहा कि यादव कथित स्थल पर मौजूद नहीं थे, न ही उनके पास से कोई सांप या नशीला पदार्थ बरामद हुआ।

    आगे क्या?

    सुप्रीम कोर्ट ने 6 अगस्त 2024 को ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर रोक लगा दी थी। अब शीर्ष अदालत मामले में दर्ज शिकायत की जांच करेगी और अगली सुनवाई 19 मार्च को होगी।

  • निजी अंग पकड़ना और पायजामे का नाड़ा खींचना ‘‘बलात्कार का प्रयास’’ माना जाएगा: Supreme Court

    निजी अंग पकड़ना और पायजामे का नाड़ा खींचना ‘‘बलात्कार का प्रयास’’ माना जाएगा: Supreme Court

    नई दिल्ली – उच्चतम न्यायालय(Supreme Court) ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के एक विवादास्पद आदेश को रद्द करते हुए स्पष्ट किया है कि निजी अंग पकड़ना और पायजामे का नाड़ा खींचना ‘‘बलात्कार का प्रयास’’ माना जाएगा, न कि केवल ‘‘तैयारी’’।

    मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति एन. वी. अंजारी की पीठ ने कहा कि आपराधिक न्यायशास्त्र के स्थापित सिद्धांतों का स्पष्ट रूप से गलत प्रयोग किया गया था, इसलिए उच्च न्यायालय का आदेश रद्द किया जाना आवश्यक है।

    🔎 क्या था मामला?

    इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने अपने 17 मार्च, 2025 के आदेश में कहा था कि स्तन पकड़ना और पायजामे की डोरी खींचना बलात्कार का अपराध नहीं, बल्कि केवल उसकी तैयारी है। इस पर सर्वोच्च न्यायालय ने स्वतः संज्ञान लेते हुए 10 फरवरी को सुनवाई की।

    शीर्ष अदालत ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट है कि आरोपी व्यक्तियों ने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 376 के तहत अपराध करने के पूर्व निर्धारित इरादे से कार्य किया।

    📜 पीओसीएसओ के तहत बहाल हुआ आरोप

    सर्वोच्च न्यायालय(Supreme Court) ने यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (POCSO) अधिनियम के तहत दो आरोपियों के खिलाफ ‘‘बलात्कार के प्रयास’’ का गंभीर आरोप बहाल कर दिया। साथ ही विशेष न्यायाधीश (पीओसीएसओ), कासगंज द्वारा 23 जून, 2023 को पारित मूल समन आदेश को भी बहाल कर दिया गया।

    पीठ ने कहा:

    “आरोपी व्यक्तियों द्वारा किया गया प्रयास स्पष्ट रूप से इस निष्कर्ष की ओर ले जाता है कि शिकायतकर्ता और अभियोजन पक्ष द्वारा बलात्कार के प्रयास के प्रावधानों को लागू करने का मामला बनता है। अतः विवादित निर्णय को रद्द किया जाता है।”

    इस फैसले को यौन अपराधों के मामलों में ‘तैयारी’ और ‘प्रयास’ के बीच कानूनी अंतर को स्पष्ट करने वाला महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है।

  • INDIA गठबंधन में बढ़ती खींचतान, Sanjay Raut ने उठाए नेता बदलने की मांग

    INDIA गठबंधन में बढ़ती खींचतान, Sanjay Raut ने उठाए नेता बदलने की मांग

    नई दिल्ली/मुंबई – लोकसभा चुनाव में भाजपा को 240 सीटों पर रोकने के बाद उत्साहित दिखा विपक्षी INDIA गठबंधन अब अंदरूनी मतभेदों से जूझता नजर आ रहा है। हरियाणा, दिल्ली और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में चुनावी हार के बाद गठबंधन की एकजुटता पर सवाल उठने लगे हैं।

    महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना के नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने गठबंधन की सक्रियता पर खुलकर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि INDIA अलायंस केवल लोकसभा चुनाव के आसपास ही सक्रिय होता है, जबकि अन्य समय दलों के बीच संवाद तक नहीं होता।

    राउत ने कहा, “सिर्फ संसद में हंगामा करने से कुछ नहीं होगा। विपक्षी नेताओं को बोलने तक नहीं दिया जाता। ऐसे में गठबंधन को हर समय सक्रिय रहना चाहिए, चाहे चुनाव हों या न हों।”

    उन्होंने किसान आंदोलन, कानून-व्यवस्था और मणिपुर जैसे मुद्दों पर संयुक्त रणनीति बनाने की जरूरत बताई। साथ ही यह भी कहा कि यदि गठबंधन केवल संसद तक सीमित रहेगा तो असर नहीं पड़ेगा।

    नेतृत्व को लेकर भी चर्चा

    नेतृत्व परिवर्तन के सवाल पर राउत ने कहा कि अलग-अलग दलों की अलग राय हो सकती है। किसी का मत हो सकता है कि Mamata Banerjee या M. K. Stalin नेतृत्व करें, लेकिन इस पर फैसला गठबंधन की बैठक में ही होना चाहिए।

    उन्होंने यह भी दोहराया कि सभी दल चाहते हैं कि गठबंधन लगातार सक्रिय रहे और समन्वित प्रयास करे।

    🗳️ आगे की चुनावी चुनौती

    इस वर्ष चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में चुनाव प्रस्तावित हैं, जिनमें पश्चिम बंगाल और असम जैसे अहम राज्य शामिल हैं। चुनाव आयोग जल्द ही तारीखों का ऐलान कर सकता है। ऐसे में INDIA गठबंधन की रणनीति और एकजुटता पर सभी की नजरें टिकी हैं।