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  • The Freedom Trail Mumbai: मुंबई का फ्रीडम ट्रेल खुद आज़ादी को तरस रहा, आज़ादी के रास्ते पर हॉकर्स का कब्ज़ा

    The Freedom Trail Mumbai: मुंबई का फ्रीडम ट्रेल खुद आज़ादी को तरस रहा, आज़ादी के रास्ते पर हॉकर्स का कब्ज़ा

    मुंबई। भारत की आज़ादी की कहानी को ज़मीन पर उतारने वाला मुंबई का ‘फ्रीडम ट्रेल’(Mumbai Freedom Trail) आज खुद बेबसी की तस्वीर बन चुका है। जिस ऐतिहासिक पैदल मार्ग को देश के स्वतंत्रता संग्राम, खासकर अगस्त क्रांति मैदान (ग्वालिया टैंक) से जुड़े Quit India Movement की स्मृति को संजोने के लिए विकसित किया गया था, वही ट्रेल आज हॉकर्स, अतिक्रमण और अव्यवस्था का शिकार है।

    आजादी के नायकों की विरासत को दर्शाने वाला यह क्यूरेटेड वॉकिंग रूट आज भी हॉकर्स से आज़ाद नहीं हो पाया है। जगह-जगह ठेले, अस्थायी दुकानें और अवैध कब्ज़े न सिर्फ पैदल यात्रियों की राह रोक रहे हैं, बल्कि इस ऐतिहासिक धरोहर की गरिमा पर भी सवाल खड़े कर रहे हैं।

    विडंबना यह है कि जिस रास्ते ने देश को “अंग्रेज़ों भारत छोड़ो” का नारा दिया, उसी रास्ते पर आज नागरिकों को चलने की आज़ादी तक नहीं मिल रही। पर्यटक, इतिहास प्रेमी और स्थानीय नागरिक—सभी को संकरे रास्तों, भीड़ और गंदगी से जूझना पड़ता है। सूचना पट्टिकाएं, विरासत चिन्ह और गाइडेड साइनबोर्ड कई जगह हॉकर्स के पीछे छिप चुके हैं।

    नगर निगम और प्रशासन ने फ्रीडम ट्रेल को सांस्कृतिक और पर्यटन विरासत के रूप में विकसित करने के बड़े-बड़े दावे किए थे, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों को आईना दिखा रही है। सवाल यह है कि जब मुंबई स्मार्ट सिटी, हेरिटेज सिटी और टूरिज़्म हब बनने की बात करती है, तो क्या उसकी आज़ादी की सबसे बड़ी कहानी को यूं ही अतिक्रमण के हवाले छोड़ दिया जाएगा?

    आज ज़रूरत इस बात की है कि फ्रीडम ट्रेल को सिर्फ इतिहास की निशानी नहीं, बल्कि सच में ‘फ्री’ बनाया जाए।

    अगर यही हाल रहा, तो आने वाली पीढ़ियां आज़ादी की कहानी किताबों में पढ़ेंगी—और मुंबई में उसका रास्ता तलाशती रह जाएंगी।

  • PM E-Bus Service Scheme:महाराष्ट्र में पीएम-ई-बस सेवा योजना कागज़ों तक सीमित, एक भी ई-बस सड़क पर नहीं उतरी: सांसद वर्षा गायकवाड़

    PM E-Bus Service Scheme:महाराष्ट्र में पीएम-ई-बस सेवा योजना कागज़ों तक सीमित, एक भी ई-बस सड़क पर नहीं उतरी: सांसद वर्षा गायकवाड़

    मुंबई। केंद्र की मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना (PM E-Bus Service Scheme) महाराष्ट्र में अब तक केवल कागज़ों तक ही सीमित दिखाई दे रही है। इस योजना के तहत राज्य के 22 शहरों के लिए 1,609 इलेक्ट्रिक बसों को मंजूरी दी गई है, जिनमें से 1,411 बसों के लिए टेंडर भी जारी हो चुके हैं, लेकिन हैरानी की बात यह है कि अब तक एक भी ई-बस प्रत्यक्ष सेवा में शामिल नहीं हुई है।

    यह जानकारी कांग्रेस सांसद वर्षा गायकवाड़ द्वारा लोकसभा में पूछे गए सवाल के जवाब में केंद्र सरकार ने दी है। सांसद वर्षा गायकवाड़ ने महाराष्ट्र में पीएम-ई-बस सेवा योजना के वास्तविक क्रियान्वयन को लेकर सरकार को घेरा और योजना की प्रगति पर गंभीर सवाल उठाए।

    उन्होंने पूछा कि महाराष्ट्र में इस योजना के अंतर्गत कितने शहर शामिल हैं, कितनी इलेक्ट्रिक बसों को अब तक मंजूरी दी गई है, कितनी बसों के लिए निविदाएं निकाली गई हैं और कितनी बसें वास्तव में सेवा में आई हैं। साथ ही उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या केंद्र सरकार ने राज्य में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, बस डिपो की तैयारी और बिजली की उपलब्धता की पर्याप्त समीक्षा की है या नहीं, और इस योजना से यात्रियों को वास्तविक रूप से क्या लाभ मिलने वाला है।

    केंद्र सरकार की ओर से नगर विकास मंत्रालय ने लिखित जवाब में बताया कि पीएम-ई-बस सेवा योजना के तहत ‘बिहाइंड-द-मीटर’ (BTM) इलेक्ट्रिकल और सिविल डिपो इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए 370.49 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इनमें से अब तक 200.18 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं।

    मंत्रालय के अनुसार, इस योजना के तहत प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग एंड इवैल्यूएशन कमेटी (PMEC) और सेंट्रल स्टियरिंग एंड अप्रूवल कमेटी (CSAC) के माध्यम से राज्यों द्वारा भेजे गए प्रस्तावों का मूल्यांकन किया जाता है। पीएम-ई-बस सेवा योजना का उद्देश्य देश के 100 से अधिक शहरों में 10,000 वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसें शुरू करना है, ताकि शहरी परिवहन को स्वच्छ, स्मार्ट और समावेशी बनाया जा सके।

    इस योजना में 3 से 40 लाख आबादी वाले शहरों, 3 लाख से कम आबादी वाले राज्यों की राजधानियों तथा पूर्वोत्तर और पर्वतीय क्षेत्रों की राजधानियों को शामिल किया गया है। सरकार का दावा है कि इससे छोटे शहरों और उन इलाकों में रहने वाले यात्रियों को बड़ा लाभ मिलेगा, जहां संगठित बस सेवा उपलब्ध नहीं है।

    हालांकि, सांसद वर्षा गायकवाड़ ने महाराष्ट्र में अब तक एक भी ई-बस के सेवा में न आने को लेकर योजना के जमीनी क्रियान्वयन पर सवाल खड़े किए हैं और इसे सरकार की कार्यप्रणाली पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न बताया है।

  • (Thane News)ठाणे में 11वें संस्कृति आर्ट फेस्टिवल का भव्य उद्घाटन, ढोल-मृदंग की थाप पर निकली शोभायात्रा और कला-संगीत के रंग में रंगा शहर

    (Thane News)ठाणे में 11वें संस्कृति आर्ट फेस्टिवल का भव्य उद्घाटन, ढोल-मृदंग की थाप पर निकली शोभायात्रा और कला-संगीत के रंग में रंगा शहर

    ठाणे (Thane News)। ठाणे शहर की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा को समर्पित 11वें संस्कृति आर्ट फेस्टिवल का भव्य उद्घाटन उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। फेस्टिवल की शुरुआत छत्रपति शिवाजी महाराज को श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई। उद्घाटन समारोह में ठाणे की महापौर शर्मिला पिंपलोलकर, उपमहापौर कृष्णा पाटिल, ठाणे पुलिस आयुक्त आशुतोष डुंबरे और ठाणे मनपा आयुक्त सौरभ राव सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

    इस वर्ष संस्कृति आर्ट फेस्टिवल का थीम ‘कला संगमाची विट्ठलवारी’ रखा गया है। ढोल की थाप और मृदंग की मधुर धुनों के बीच विठ्ठल भक्ति से ओत-प्रोत भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसने पूरे शहर को भक्तिरस में डुबो दिया। शोभायात्रा के दौरान प्रस्तुत किए गए पारंपरिक मर्दानी खेल दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। इस भव्य आयोजन को ठाणेकरों से जबरदस्त प्रतिसाद मिला।

    उपवन तालाब परिसर की ठंडी हवा और विठुमौली की भक्तिमय वातावरण के बीच प्रसिद्ध शास्त्रीय गायक पंडित आनंद भाटे की मधुर आवाज़ ने संध्या को और भी यादगार बना दिया। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो पंढरपुर की अनुभूति ठाणे में साकार हो गई हो।

    इस अवसर पर दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजितदादा पवार की स्मृति को सम्मान देते हुए फेस्टिवल के आर्ट हॉल का नाम उनके नाम पर रखा गया और उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

    फेस्टिवल के दौरान देश-विदेश में ख्यातिप्राप्त कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगे। इनमें मशहूर कथक नृत्यांगना मंजरी देव, प्रसिद्ध अभिनेत्री और भरतनाट्यम कलाकार सुधा चंद्रन, ओडिसी नृत्यांगना सुजाता महापात्रा और भरतनाट्यम कलाकार दीपक मजूमदार प्रमुख रूप से शामिल हैं।

    संस्कृति आर्ट फेस्टिवल न केवल कला, नृत्य और संगीत का संगम है, बल्कि यह ठाणे की सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का एक सशक्त मंच भी बन चुका है।

  • Employment News: रेलवे ग्रुप-D भर्ती 2026: एक ही ज़ोन के लिए होगा आवेदन, जानें आयु सीमा, परीक्षा पैटर्न और फीस

    Employment News: रेलवे ग्रुप-D भर्ती 2026: एक ही ज़ोन के लिए होगा आवेदन, जानें आयु सीमा, परीक्षा पैटर्न और फीस

    नई दिल्ली: भारतीय रेलवे द्वारा ग्रुप-D के 21,997 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया जारी है। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि उम्मीदवार केवल एक ही रेलवे ज़ोन के लिए आवेदन कर सकते हैं। यदि कोई अभ्यर्थी एक से अधिक ज़ोन के लिए आवेदन करता है, तो उसका फॉर्म रद्द कर दिया जाएगा। हालांकि, एक ही ज़ोन के अंतर्गत उम्मीदवार एक से अधिक पदों के लिए वरीयता क्रम देकर आवेदन कर सकता है, जिसके लिए अलग फॉर्म भरने की आवश्यकता नहीं होगी।

    केवल एक ही फॉर्म भरा जा सकेगा

    उम्मीदवार केवल एक ही रेलवे ज़ोन के लिए आवेदन कर सकते हैं। यदि किसी उम्मीदवार ने एक से अधिक ज़ोन के लिए आवेदन किया, तो उसका फॉर्म रद्द कर दिया जाएगा।
    हालांकि, एक ही ज़ोन के भीतर एक से अधिक पदों के लिए आवेदन किया जा सकता है, जिसके लिए उम्मीदवार को वरीयता क्रम (Preference Order) देना होगा। इसके लिए अलग से कोई आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी।


    आयु सीमा क्या है?

    इस भर्ती के लिए 18 से 33 वर्ष आयु वर्ग के उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं।
    आयु की गणना 1 जनवरी 2026 के अनुसार की जाएगी।

    आयु में छूट:

    • OBC: 3 वर्ष
    • SC/ST: 5 वर्ष

    खुला वर्ग / EWS:
    उम्मीदवार का जन्म 2 जनवरी 1993 से 1 जनवरी 2008 के बीच होना चाहिए।


    चयन प्रक्रिया कैसी होगी?

    चयन प्रक्रिया निम्न चरणों पर आधारित होगी:

    1. सिंगल स्टेज कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT)
    2. शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET)
    3. दस्तावेज़ सत्यापन
    4. चिकित्सीय परीक्षण

    लिखित परीक्षा में सफल उम्मीदवारों को ही शारीरिक परीक्षा के लिए बुलाया जाएगा।


    परीक्षा का स्वरूप

    • परीक्षा अवधि: 90 मिनट
    • कुल प्रश्न: 100

    विषयवार प्रश्न:

    • सामान्य विज्ञान: 25 प्रश्न
    • गणित: 25 प्रश्न
    • बुद्धिमत्ता (रीजनिंग): 30 प्रश्न
    • सामान्य ज्ञान एवं समसामयिक घटनाएं: 20 प्रश्न

    नेगेटिव मार्किंग

    प्रत्येक गलत उत्तर पर 1/3 (एक-तिहाई) अंक काटे जाएंगे।


    न्यूनतम उत्तीर्ण प्रतिशत

    • UR / EWS: 40%
    • OBC / SC / ST: 30%

    शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) की शर्तें

    पुरुष उम्मीदवारों के लिए:

    • 35 किलोग्राम वजन उठाकर 100 मीटर दूरी 2 मिनट में पूरी करनी होगी।
    • 1000 मीटर दौड़ 4 मिनट 15 सेकंड में पूरी करनी होगी।

    महिला उम्मीदवारों के लिए:

    • 20 किलोग्राम वजन उठाकर 100 मीटर दूरी 2 मिनट में पूरी करनी होगी।
    • 1000 मीटर दौड़ 5 मिनट 40 सेकंड में पूरी करनी होगी।

    वेतन और आवेदन शुल्क

    वेतन:

    • ₹18,000 प्रति माह (लेवल-1 पे स्केल) + अन्य भत्ते

    आवेदन शुल्क:

    परीक्षा में शामिल होने पर पूरा ₹250 रिफंड

    जनरल / OBC / EWS: ₹500

    परीक्षा में शामिल होने पर ₹400 रिफंड

    SC / ST / महिला / EBC: ₹250

  • Health News: न्यूईरा हॉस्पिटल को अंग प्रत्यारोपण सर्जरी का सरकारी लाइसेंस

    Health News: न्यूईरा हॉस्पिटल को अंग प्रत्यारोपण सर्जरी का सरकारी लाइसेंस

    अत्याधुनिक सुविधाओं और विशेषज्ञ टीम के साथ लिवर ट्रांसप्लांट के लिए अस्पताल पूरी तरह तैयार

    नवी मुंबई: वाशी स्थित न्यूईरा हॉस्पिटल को स्वास्थ्य विभाग से अंग प्रत्यारोपण सर्जरी करने का आधिकारिक लाइसेंस प्राप्त हो गया है। इस मंजूरी के बाद अब अस्पताल में जीवित दाता और मृत दाता दोनों से लिवर (यकृत) प्रत्यारोपण किया जा सकेगा। इस फैसले से गंभीर यकृत और किडनी रोगों से पीड़ित मरीजों को समय पर जीवनरक्षक उपचार मिल सकेगा और नवी मुंबई क्षेत्र में उन्नत चिकित्सा सुविधाओं को नई मजबूती मिलेगी।


    मरीजों को अब नहीं करनी पड़ेगी बाहर शहरों की दौड़

    वर्तमान में अंग प्रत्यारोपण की मांग उपलब्ध चिकित्सा ढांचे की तुलना में कहीं अधिक है, जिसके चलते मरीजों को लंबी प्रतीक्षा सूची और अन्य शहरों की यात्रा करनी पड़ती है। न्यूईरा हॉस्पिटल को मिली यह अनुमति ऐसे मरीजों के लिए आशा की नई किरण बनकर सामने आई है। अब लिवर प्रत्यारोपण के लिए नवी मुंबई और आसपास के मरीजों को बाहर जाना नहीं पड़ेगा।


    राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप अत्याधुनिक सुविधाएं

    न्यूईरा हॉस्पिटल को राष्ट्रीय अंग प्रत्यारोपण मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है। अस्पताल में:

    • अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर
    • विशेष ट्रांसप्लांट आईसीयू
    • अनुभवी ट्रांसप्लांट सर्जन और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम
    • सख्त संक्रमण नियंत्रण और सुरक्षा प्रोटोकॉल

    जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं, जो सफल और सुरक्षित प्रत्यारोपण सर्जरी सुनिश्चित करती हैं।


    समय पर प्रत्यारोपण से बढ़ती है जीवन की गुणवत्ता

    विशेषज्ञों के अनुसार, अंग विफलता या कुछ गंभीर बीमारियों में प्रत्यारोपण ही एकमात्र जीवनरक्षक विकल्प होता है। जीवित और मृत दोनों प्रकार के दाताओं से किए जाने वाले प्रत्यारोपण मरीजों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाते हैं। समय पर सर्जरी होने से न केवल जीवित रहने की दर बढ़ती है, बल्कि मरीज के स्वास्थ्य और जीवन की गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार होता है।


    अस्पताल प्रबंधन की प्रतिक्रिया

    न्यूईरा हॉस्पिटल्स के निदेशक एवं ब्रेन व स्पाइन सर्जन डॉ. सुनील कुट्टी ने कहा,

    “अब मरीजों को अंग प्रत्यारोपण के लिए लंबी दूरी तय करने की जरूरत नहीं होगी। न्यूईरा हॉस्पिटल में उन्हें अपने ही क्षेत्र में सुरक्षित, विश्वसनीय और समग्र उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।”

    वहीं, उपाध्यक्ष एवं सीईओ डॉ. माताप्रसाद बी. गुप्ता ने बताया,

    “नागपुर स्थित न्यूईरा हॉस्पिटल मध्य भारत में सबसे अधिक लिवर प्रत्यारोपण करने वाले अस्पतालों में शामिल है। वही सफल प्रत्यारोपण प्रणाली अब नवी मुंबई में भी लागू की जा रही है, ताकि यहां के मरीजों को भी समान स्तर की उन्नत चिकित्सा सेवाएं मिल सकें।”


    नवी मुंबई के लिए बड़ी स्वास्थ्य उपलब्धि

    स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि न्यूईरा हॉस्पिटल को मिला यह लाइसेंस नवी मुंबई और आसपास के क्षेत्रों के लिए एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य उपलब्धि है। इससे न केवल मरीजों को समय पर उपचार मिलेगा, बल्कि क्षेत्र में अंग प्रत्यारोपण से जुड़ी चिकित्सा सुविधाएं भी नए स्तर पर पहुंचेंगी।

  • Business News:आयुष मधुसूदन अग्रवाल की इंस्पायरा ग्लोबल करेगी रेस्टोरेंट ब्रांड्स एशिया का अधिग्रहण

    Business News:आयुष मधुसूदन अग्रवाल की इंस्पायरा ग्लोबल करेगी रेस्टोरेंट ब्रांड्स एशिया का अधिग्रहण

    ₹70 प्रति शेयर पर खरीदी जाएगी नियंत्रण हिस्सेदारी, बर्गर किंग® इंडिया को मिलेगा नया प्रमोटर

    मुंबई: क्विक सर्विस रेस्टोरेंट (QSR) सेक्टर में एक बड़े कॉरपोरेट सौदे के तहत आयुष मधुसूदन अग्रवाल द्वारा प्रवर्तित इंस्पायरा ग्लोबल (Inspira Global), रेस्टोरेंट ब्रांड्स एशिया लिमिटेड (RBA) में नियंत्रणकारी हिस्सेदारी का अधिग्रहण करेगी। आरबीए भारत में बर्गर किंग® और इंडोनेशिया में बर्गर किंग® एवं पोपायज़® ब्रांड का संचालन करती है।

    इस संबंध में आरबीए और उसकी मौजूदा प्रमोटर कंपनी क्यूएसआर एशिया प्राइवेट लिमिटेड (जिसमें एवरस्टोन कैपिटल की बहुलांश हिस्सेदारी है) ने आज निश्चित समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। यह लेनदेन आवश्यक नियामकीय और शेयरधारक मंजूरियों के अधीन होगा।


    ₹70 प्रति शेयर पर अधिग्रहण, 10% प्रीमियम

    घोषणा के अनुसार, यह अधिग्रहण ₹70 प्रति शेयर की दर से किया जाएगा, जो आरबीए के मौजूदा क्लोजिंग प्राइस की तुलना में लगभग 10 प्रतिशत प्रीमियम दर्शाता है। इस सौदे का उद्देश्य कंपनी की दीर्घकालिक विकास योजनाओं को मज़बूती देना है।

    प्रस्तावित लेनदेन के साथ ही क्यूएसआर एशिया प्रा. लि. का आरबीए से पूर्ण रूप से एग्ज़िट हो जाएगा, जो उसके नियोजित निवेश चक्र के अनुरूप है।


    ₹1,900 करोड़ से अधिक का नया निवेश प्रस्तावित

    इस अधिग्रहण के तहत:

    • क्यूएसआर एशिया की 11.26% हिस्सेदारी लगभग ₹460 करोड़ में खरीदी जाएगी
    • ₹900 करोड़ का निवेश इक्विटी शेयरों के प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट के जरिए किया जाएगा
    • लगभग ₹600 करोड़ का निवेश वारंट्स के प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट के माध्यम से प्रस्तावित है

    इन लेनदेन के परिणामस्वरूप, सेबी के टेकओवर नियमों के तहत सार्वजनिक शेयरधारकों के लिए ओपन ऑफर अनिवार्य होगा। यह सौदा सभी सामान्य शर्तों की पूर्ति के अधीन रहेगा, जिसमें प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) और अन्य नियामकीय मंजूरियां शामिल हैं।


    लेनेक्सिस फूडवर्क्स के जरिए होगा लेनदेन

    यह लेनदेन लेनेक्सिस फूडवर्क्स प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से किया जाएगा, जो इंस्पायरा ग्लोबल की फूड एंड बेवरेज शाखा है। लेनेक्सिस को क्यूएसआर क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव है और यह भारत के 45 से अधिक शहरों में 250 से ज्यादा चाइनीज वोक रेस्टोरेंट्स का संचालन करती है।


    आरबीए और इंस्पायरा ग्लोबल की प्रतिक्रिया

    रेस्टोरेंट ब्रांड्स एशिया के होल-टाइम डायरेक्टर एवं ग्रुप सीईओ राजीव वर्मन ने कहा,

    “हमें आयुष अग्रवाल और इंस्पायरा ग्लोबल का हमारे नए प्रमोटर के रूप में स्वागत करते हुए खुशी हो रही है। उनके दीर्घकालिक पूंजी समर्थन और मजबूत वैल्यू-क्रिएशन ट्रैक रिकॉर्ड के साथ, हमें विश्वास है कि यह साझेदारी हमारी विकास यात्रा को नई गति देगी।”

    इंस्पायरा ग्लोबल के प्रमोटर आयुष मधुसूदन अग्रवाल ने कहा,

    “हम आरबीए टीम द्वारा अब तक किए गए कार्य का सम्मान करते हैं। यह अधिग्रहण हमारे लिए दीर्घकालिक मूल्य सृजन का अवसर है। हम मौजूदा प्रबंधन टीम के साथ मिलकर आरबीए के विज़न को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”


    QSR सेक्टर में इंस्पायरा ग्लोबल की मजबूत होती मौजूदगी

    यह निवेश उपभोक्ता व्यवसायों पर इंस्पायरा ग्लोबल के फोकस को और सशक्त करता है तथा भारत के उच्च-विकास वाले क्विक सर्विस रेस्टोरेंट सेक्टर में उसकी मौजूदगी को विस्तार देता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह सौदा आने वाले वर्षों में बर्गर किंग इंडिया के विस्तार और परिचालन क्षमता को नई दिशा दे सकता है।

  • AI WEF:हैदराबाद में खुलेगा L’Oréal का पहला ग्लोबल टेक हब

    AI WEF:हैदराबाद में खुलेगा L’Oréal का पहला ग्लोबल टेक हब

    WEF 2026 में ऐलान, ब्यूटी‑टेक में एआई के नए युग की शुरुआत

    हैदराबाद: दुनिया की सबसे बड़ी ब्यूटी कंपनी L’Oréal (लोरियल) ने भारत के हैदराबाद में अपना पहला ‘ग्लोबल टेक हब’ स्थापित करने की घोषणा की है। इस ऐतिहासिक फैसले का ऐलान वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) 2026, दावोस में L’Oréal के सीईओ निकोलस हिरोनिमस और तेलंगाना सरकार के बीच हुई हाई‑लेवल बैठक के बाद किया गया।

    यह केंद्र दुनिया का पहला ऐसा ‘ब्यूटी‑टेक हब’ होगा, जहाँ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के ज़रिये ब्यूटी और टेक्नोलॉजी को एक साथ जोड़ा जाएगा। इस हब में 2030 तक करीब ₹3,500 करोड़ (लगभग €350 मिलियन) का निवेश किया जाएगा और 2,000 से अधिक हाई‑वैल्यू टेक नौकरियां सृजित होंगी।


    भारत‑फ्रांस नवाचार वर्ष की सबसे बड़ी शुरुआत

    यह साझेदारी ‘2026 भारत‑फ्रांस इनोवेशन ईयर’ की सबसे अहम पहलों में से एक मानी जा रही है। दावोस में हुई बैठक में तेलंगाना सरकार के आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स और उद्योग मंत्री श्री डी. श्रीधर बाबू, विशेष मुख्य सचिव श्री संजय कुमार और L’Oréal के सीईओ निकोलस हिरोनिमस मौजूद रहे।

    इस ग्लोबल टेक हब का उद्देश्य केवल बुनियादी ढांचा विकसित करना नहीं है, बल्कि भारतीय टेक टैलेंट को आगे बढ़ाना भी है। स्थानीय युवाओं को AI, जेनरेटिव AI और एजेंटिक AI जैसी उन्नत तकनीकों में प्रशिक्षित किया जाएगा, ताकि वे “भारत में रहकर दुनिया के लिए” ब्यूटी‑टेक समाधान विकसित कर सकें।


    2,000 से अधिक हाई‑स्किल नौकरियां

    L’Oréal के अनुसार, हैदराबाद का यह टेक हब आने वाले वर्षों में:

    • AI विशेषज्ञों, डेटा वैज्ञानिकों और टेक इंजीनियरों के लिए 2,000 से अधिक नौकरियां पैदा करेगा
    • बड़े पैमाने पर AI‑ड्रिवन ब्यूटी सॉल्यूशंस की डिलीवरी को तेज़ करेगा
    • डेटा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में दुनिया का सबसे बड़ा ब्यूटी‑टेक केंद्र बनेगा

    यह इंडिया टेक हब, फ्रांस, अमेरिका, चीन और सिंगापुर में स्थित L’Oréal के वैश्विक टेक नेटवर्क के साथ मिलकर काम करेगा और भविष्य की ब्यूटी टेक्नोलॉजी पर संयुक्त रूप से काम करेगा।


    तेलंगाना सरकार की प्रतिक्रिया

    मुख्यमंत्री श्री रेवंत रेड्डी ने कहा,

    “L’Oréal द्वारा हैदराबाद को अपने पहले ग्लोबल टेक हब के लिए चुनना तेलंगाना की नवाचार क्षमता और यहां की कुशल प्रतिभा पर वैश्विक भरोसे को दर्शाता है। यह पहल हमारे ‘तेलंगाना राइजिंग: 2047 विज़न’ को मज़बूती देगी और राज्य को AI व डिजिटल टेक्नोलॉजी का ग्लोबल सेंटर बनाएगी।”

    आईटी एवं उद्योग मंत्री श्री डी. श्रीधर बाबू ने कहा,

    “L’Oréal का यह निर्णय तेलंगाना की टेक और इनोवेशन इकोसिस्टम पर एक बड़ी मुहर है। ब्यूटी सेक्टर को AI, डेटा और इंजीनियरिंग से जोड़कर यह साझेदारी राज्य को डिजिटल उत्कृष्टता का वैश्विक केंद्र बनाने में मदद करेगी।”

    विशेष मुख्य सचिव श्री संजय कुमार ने कहा,

    “L’Oréal का ग्लोबल टेक हब हमारे प्रस्तावित ‘तेलंगाना AI हब’ के लक्ष्य से पूरी तरह मेल खाता है। दोनों मिलकर हैदराबाद को दुनिया के लिए AI‑आधारित समाधान विकसित करने वाला प्रमुख केंद्र बनाएंगे।”


    L’Oréal की वैश्विक रणनीति में भारत की अहम भूमिका

    L’Oréal के सीईओ निकोलस हिरोनिमस ने कहा,

    “भारत के साथ हमारा 31 वर्षों का मजबूत रिश्ता रहा है। हैदराबाद में ग्लोबल टेक हब स्थापित कर हम भारत की बेहतरीन AI और टेक प्रतिभा को अपने वैश्विक मिशन से जोड़ रहे हैं। खूबसूरती का भविष्य विज्ञान, तकनीक और क्रिएटिविटी के संगम में है, और अब हैदराबाद हमारी डिजिटल और AI महत्वाकांक्षाओं का प्रमुख केंद्र होगा।”

    इस घोषणा के साथ L’Oréal ने स्पष्ट कर दिया है कि भारत उसकी वैश्विक परिवर्तन यात्रा का केंद्र है। आने वाले समय में ब्यूटी‑टेक की नई और आधुनिक तकनीकों का विकास भारत के इनोवेशन से पूरी दुनिया के लिए किया जाएगा।

  • Lessons from the Gurukul- Sustaining Life with Minimal Resources: शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के कर-कमलों से ‘गुरुकुल सिखाता है’ पुस्तक का विमोचन

    Lessons from the Gurukul- Sustaining Life with Minimal Resources: शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के कर-कमलों से ‘गुरुकुल सिखाता है’ पुस्तक का विमोचन

    वाराणसी। संवाददाता
    शंकराचार्य सम्मान कार्यक्रम के अवसर पर ज्योतिष्पीठ के जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज के कर-कमलों द्वारा “गुरुकुल सिखाता है: कम संसाधनों में जीवन निर्वाह” (Lessons from the Gurukul: Sustaining Life with Minimal Resources) नामक पुस्तक का विधिवत विमोचन किया गया।

    यह ज्ञानवर्धक पुस्तक शंकराचार्य जी के नैष्ठिक ब्रह्मचारी शिष्य स्वामी प्रभुतानंद ब्रह्मचारी द्वारा संकलित की गई है। पुस्तक का उद्देश्य आधुनिक समाज को यह संदेश देना है कि प्राचीन गुरुकुल परंपरा के माध्यम से सीमित संसाधनों में भी अनुशासित, आत्मनिर्भर और श्रेष्ठ जीवन जिया जा सकता है।

    पुस्तक विमोचन के अवसर पर आशीर्वचन देते हुए शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी महाराज ने कहा कि वर्तमान उपभोक्तावादी संस्कृति में यह ग्रंथ नई पीढ़ी को सादगी, संयम और आत्मसंयम का मार्ग दिखाने का कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि गुरुकुल जीवन केवल शिक्षा नहीं, बल्कि संपूर्ण जीवन-दर्शन है, जो व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनाता है।

    महाराज जी ने स्वामी प्रभुतानंद ब्रह्मचारी जी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि गुरुकुलों की शिक्षा पद्धति ही मानसिक, नैतिक और आध्यात्मिक उन्नति की सशक्त आधारशिला है। पुस्तक में गुरुकुलों के उन सिद्धांतों को सरल भाषा में प्रस्तुत किया गया है, जो न्यूनतम साधनों में भी जीवन को सार्थक बनाने की प्रेरणा देते हैं।

    इस अवसर पर विभिन्न पूज्य संतगण, विद्वान आचार्य एवं वैदिक गुरुकुलम् के बटुक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने इस पुस्तक को वर्तमान समय की अत्यंत आवश्यक कृति बताते हुए इसके व्यापक प्रचार-प्रसार की आवश्यकता पर बल दिया।

    उल्लेखनीय है कि स्वामी प्रभुतानंद ब्रह्मचारी जी बाल्यकाल से ही वेद शिक्षा के लिए काशी आ गए थे। उन्होंने कृष्ण यजुर्वेद की तैत्तिरीय शाखा का पूर्ण अध्ययन किया तथा शंकराचार्य जी की सेवा में रहते हुए नैष्ठिक ब्रह्मचारी की दीक्षा ग्रहण की। वर्तमान में वे देवार्चन एवं सेवा करते हुए पूर्णतः विरक्त जीवन व्यतीत कर रहे हैं।

  • IRCTC West Zone Annual Day: आईआरसीटीसी वेस्ट जोन, मुंबई ने धूमधाम से मनाया 26वां एन्युअल डे समारोह

    IRCTC West Zone Annual Day: आईआरसीटीसी वेस्ट जोन, मुंबई ने धूमधाम से मनाया 26वां एन्युअल डे समारोह

    मुंबई | प्रतिनिधि
    इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज़्म कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईआरसीटीसी), वेस्ट जोन, मुंबई द्वारा दिनांक 19 दिसंबर 2025 को अपना 26वां एन्युअल डे समारोह अत्यंत हर्षोल्लास और भव्यता के साथ आयोजित किया गया। इस अवसर पर ग्रुप जनरल मैनेजर श्री गौरव झा ने पश्चिमी क्षेत्र की उल्लेखनीय उपलब्धियों और भविष्य की दिशा पर प्रकाश डाला।
    वेस्ट जोन का सशक्त और सराहनीय प्रदर्शन
    अपने संबोधन में श्री गौरव झा ने कहा कि पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में वर्तमान वर्ष वेस्ट जोन के लिए दृढ़ता, निरंतरता और उत्कृष्ट प्रदर्शन का प्रतीक रहा है। चुनौतीपूर्ण एवं गतिशील कार्य वातावरण के बावजूद वेस्ट जोन ने सभी क्षेत्रों में बेहतरीन कार्य करते हुए उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।
    मोबाइल केटरिंग से ₹360 करोड़ का राजस्व
    उन्होंने जानकारी दी कि मोबाइल केटरिंग, जो वेस्ट जोन का सबसे बड़ा राजस्व स्रोत है, ने चालू वित्तीय वर्ष में लगभग ₹360 करोड़ का राजस्व अर्जित किया है।
    वेस्ट जोन द्वारा—

    – 13 वंदे भारत ट्रेनें
    – 12 राजधानी एवं शताब्दी ट्रेनें
    – 96 मेल/एक्सप्रेस WCB ट्रेनें
    – 83 एंड-टू-एंड TSV ट्रेनें
    – 329 ट्रेनें (सेक्शनल TSV मॉडल)
    में सफलतापूर्वक केटरिंग सेवाओं का संचालन किया गया।
    नई वंदे भारत ट्रेनों की सफल शुरुआत
    यात्रियों को आधुनिक और बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में इस वर्ष दो नई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों—
    नागपुर–सिकंदराबाद, पुणे–कोल्हापुर का भी सफलतापूर्वक शुभारंभ किया गया।
    लॉन्ग-टर्म क्लस्टर मॉडल की बड़ी उपलब्धि
    इस वर्ष की एक बड़ी उपलब्धि शॉर्ट-टर्म मोबाइल टेंडरों का लॉन्ग-टर्म क्लस्टर मॉडल में सफल रूपांतरण रहा।
    वित्तीय वर्ष के दौरान—
    34 क्लस्टर
    119 ट्रेनें
    163 किचन यूनिट्स का संचालन प्रारंभ किया गया।
    चुनाव विशेष और FTR ट्रेनों में रिकॉर्ड सेवाएं
    आईआरसीटीसी वेस्ट जोन ने चुनाव विशेष एवं FTR ट्रेनों में लगभग 7.56 लाख भोजन उपलब्ध कराए, जिससे लगभग ₹14.20 करोड़ का राजस्व अर्जित हुआ। यह उपलब्धि वेस्ट जोन के लिए गर्व का विषय रही।
    कर्मचारियों को मिला सम्मान
    इस अवसर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों को सम्मानित किया गया।
    50 कर्मचारियों को व्यक्तिगत पुरस्कार
    -भोपाल क्षेत्रीय कार्यालय – 11
    -अहमदाबाद क्षेत्रीय कार्यालय – 7
    -नागपुर एवं भुसावल – 2-2 के 6 ग्रुप अवार्ड सामूहिक उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रदान किए गए।

    टीमवर्क और समर्पण का परिणाम
    समारोह के समापन पर श्री गौरव झा ने कहा कि वेस्ट जोन की यह सभी उपलब्धियाँ अधिकारियों और कर्मचारियों के समर्पण, टीमवर्क और अथक परिश्रम का परिणाम हैं।

  • सिंहस्थ कुंभमेला 2027: नासिक का 200 करोड़ का ‘गोदावरी बॉण्ड’ NSE पर सूचीबद्ध

    सिंहस्थ कुंभमेला 2027: नासिक का 200 करोड़ का ‘गोदावरी बॉण्ड’ NSE पर सूचीबद्ध

    नासिक। सिंहस्थ कुंभमेला 2027 की तैयारियों को गति देने के लिए नासिक महानगरपालिका ने 200 करोड़ रुपये के ‘एनएमसी क्लीन गोदावरी बॉण्ड्स’ को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर सूचीबद्ध कर दिया है। यह बॉण्ड नासिक मनपा द्वारा बुनियादी ढांचा विकास के लिए जारी तीसरी वित्तपोषण पहल है और कुंभमेला से संबंधित महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए निधि उपलब्ध कराएगा।

    मुंबई स्थित NSE में आयोजित लिस्टिंग समारोह में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बॉण्ड की लिस्टिंग की। समारोह में महाराष्ट्र शासन के मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल, NSE के प्रबंध निदेशक और CEO आशीषकुमार चौहान, कुंभमेला प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. प्रवीण गेडाम, कुंभमेला आयुक्त शेखर सिंह, नासिक मनपा आयुक्त मनीषा खत्री सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

    मनपा आयुक्त मनीषा खत्री ने बताया कि इश्यू में 100 करोड़ रुपये का बेस इश्यू था, जिसे संस्थागत निवेशकों से 3.95 गुना अधिक प्रतिसाद मिला, जो नासिक के विकास कार्यों पर निवेशकों के बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।

    निधि का उपयोग:

    • रामझूला पैदल यात्री पुल का निर्माण
    • कालाराम मंदिर परिसर में वेंडिंग प्लाजा और आधारभूत विकास
    • कापलेश्वर मंदिर क्षेत्र के आसपास सुविधाओं का विकास
    • पंचवटी, सातपूर और नासिकपश्चिम क्षेत्रों में सीवरेज नेटवर्क सुधार
    • सड़क, जल आपूर्ति, स्वच्छता और कुंभमेला संबंधित अन्य सुविधाओं का निर्माण

    मनपा आयुक्त मनीषा खत्री ने कहा, “200 करोड़ रुपये के इस बॉण्ड की लिस्टिंग नासिक की विकास यात्रा में नया अध्याय है। यह नवाचारपूर्ण वित्तपोषण पारदर्शिता, समयबद्ध कार्य और कुंभमेला परियोजनाओं की सफलता का प्रमाण है।”