Category: Politics

Politics is the art of looking for trouble, finding it everywhere, diagnosing it incorrectly and applying the wrong remedies.

  • Bharatiya Janta Party का महाराष्ट्र में बड़ा संगठनात्मक फेरबदल

    मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी(Bhartiya Janta Party) ने एक बड़ा संगठनात्मक बदलाव करते हुए नई प्रदेश टीम की घोषणा कर दी है। प्रदेश अध्यक्ष Ravindra Chavan ने मंगलवार (24 फरवरी) को मुंबई में आयोजित पत्रकार परिषद में पदाधिकारियों की नई सूची जारी की।

    इस सूची में सबसे अहम नाम Chitra Wagh का है, जिन्हें महिला मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। वहीं नवनाथ बन को मुंबई का मुख्य प्रवक्ता बनाया गया है।

    हाल ही में हुए निकाय चुनाव और विशेष रूप से Brihanmumbai Municipal Corporation (बीएमसी) चुनाव में पार्टी के मजबूत प्रदर्शन के बाद इस बदलाव को संगठन को और धार देने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।


    उपाध्यक्ष पद पर इन नेताओं को मिली जिम्मेदारी

    प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने अपनी नई टीम में कई वरिष्ठ नेताओं को उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी है। इनमें शामिल हैं:

    • अतुल कासेकर
    • भरती पवार
    • संजय कोडगे
    • संजय भेंडे
    • रामदास तडस
    • केशव उपाध्याय
    • प्रवीण पोटे
    • गोपीचंद पडलक
    • चेतन देशमुख
    • सुजय विखे पाटील
    • अर्चना चाकोरकर

    जनरल सेक्रेटरी पद पर बदलाव

    पार्टी ने संगठनात्मक मजबूती के लिए जनरल सेक्रेटरी (महासचिव) पदों पर भी नए नामों की घोषणा की है:

    • निरंजन डावखरे
    • योगेश सागर
    • संजय कुटे
    • माधवी नाईक
    • राजेश पांडे
    • सुनील राणे

    सेक्रेटरी (चिटणीस) पद पर नियुक्तियां

    बीजेपी ने सेक्रेटरी पद पर भी व्यापक बदलाव करते हुए निम्नलिखित नेताओं को जिम्मेदारी दी है:

    • प्रशांत ठाकूर
    • मंगेश चव्हाण
    • परिणय
    • वर्षा ढहाळे
    • संजय जगताप
    • रोहिणी नायडू
    • राम सातपुते
    • प्रवीण घुगे
    • रेखा कुलकर्णी
    • भैरवी वाघ

    कोषाध्यक्ष और सह-कोषाध्यक्ष

    महाराष्ट्र बीजेपी के कोषाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी Mihir Kotecha को सौंपी गई है।
    वहीं सह-कोषाध्यक्ष के रूप में लखानी को नियुक्त किया गया है।


    राजनीतिक मायने क्या हैं?

    राज्य कार्यकारिणी की घोषणा अभी बाकी है, लेकिन मुख्य पदों पर नई नियुक्तियों से यह स्पष्ट संकेत मिल रहा है कि पार्टी आगामी राजनीतिक चुनौतियों और चुनावी रणनीतियों को ध्यान में रखते हुए संगठन को पुनर्गठित कर रही है।

    मुंबई और महाराष्ट्र में बढ़ती राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के बीच यह फेरबदल बीजेपी की रणनीतिक तैयारी का हिस्सा माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बदलाव पार्टी के प्रदर्शन को और मजबूती देने के उद्देश्य से किया गया है।

  • A Caste-free Society:अहिल्यानगर के सौंदाला गांव का ‘जातिमुक्ति’ मॉडल पूरे महाराष्ट्र में लागू होना चाहिए, ताकि समाज में एकता, समानता और बंधुत्व को मजबूती मिले:हर्षवर्धन सपकाल

    A Caste-free Society:अहिल्यानगर के सौंदाला गांव का ‘जातिमुक्ति’ मॉडल पूरे महाराष्ट्र में लागू होना चाहिए, ताकि समाज में एकता, समानता और बंधुत्व को मजबूती मिले:हर्षवर्धन सपकाल

    मुंबई: भेदभाव और नफरत के बढ़ते माहौल के बीच अहिल्यानगर ज़िले के नेवासा तालुका स्थित सौंदाला गाँव ने ग्रामसभा में जातमुक्ति (A caste-free society) का प्रस्ताव पारित कर एक नई सामाजिक मिसाल पेश की है। महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल (Harshvardhan sapkal) ने गाँव का दौरा कर ग्रामवासियों को बधाई दी और कहा कि सौंदाला का यह विचार पूरे राज्य में फैलना चाहिए।

    ग्रामवासियों को संबोधित करते हुए सपकाल ने कहा कि आज देश और दुनिया में जानबूझकर भेदभाव, डर और नफरत का वातावरण बनाया जा रहा है। जाति और धर्म की दीवारें खड़ी कर समाज में प्रेम और अपनापन कम किया जा रहा है। ऐसे समय में सौंदाला गाँव ने जातमुक्ति का प्रस्ताव पारित कर ‘डरो मत’ का संदेश दिया है, जो समाज के लिए प्रेरणादायक है।

    उन्होंने कहा कि धर्म परिवर्तन संभव है, लेकिन जाति की पहचान से व्यक्ति को जीवनभर जूझना पड़ता है। स्कूल में प्रवेश से लेकर विवाह और सामाजिक व्यवहार तक जाति की दीवारें मजबूत होती जा रही हैं। बीड ज़िले में संतोष देशमुख की हत्या के बाद सामाजिक वातावरण और अधिक तनावपूर्ण हुआ है। अपनी ही जाति की दुकान से सामान खरीदने या अपने ही समुदाय के लोगों को प्राथमिकता देने जैसी प्रवृत्तियां बढ़ रही हैं, जो समाज को विभाजित करती हैं।

    सपकाल ने बताया कि कांग्रेस पार्टी ने सद्भावना पदयात्रा निकालकर समाज के सभी वर्गों को साथ लाने का प्रयास किया है। उनका कहना था कि सौंदाला गाँव ने एकता, समानता और बंधुत्व का संदेश देकर सामाजिक समरसता की दिशा में ठोस कदम उठाया है।

    इस अवसर पर उन्होंने गाडगे महाराज की जयंती का भी उल्लेख किया और कहा कि गाडगे बाबा ने स्वच्छता, अंधश्रद्धा उन्मूलन और सामाजिक न्याय का संदेश दिया था। सौंदाला का निर्णय उनके विचारों से पूरी तरह मेल खाता है और प्रदूषित होते सामाजिक वातावरण में यह मानो शुद्धिकरण का कार्य है।

    दौरे के दौरान सौंदाला के सरपंच शरद आरगडे, प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष मोहन जोशी, महासचिव प्रभावतीताई घोगरे, अहिल्यानगर जिला कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष सचिन गुजर, उपाध्यक्ष ज्ञानेश्वर मुरकुटे, अभिजीत लुनिया, जिला महासचिव रंजन जाधव, नेवासा तालुका अध्यक्ष नानासाहेब पठारे, महिला जिला अध्यक्ष लताताई डांगे, शिर्डी शहर अध्यक्ष सचिन चौगुले, पाथर्डी तालुका अध्यक्ष नासिर शेख सहित अन्य पदाधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित थे।

  • Rahul Gandhi attack Epstein files & adani trade deal: एप्स्टीन फाइल्स से अडानी केस तक—मोदी सरकार दे जवाब, देश को सच चाहिए: राहुल गांधी का बड़ा हमला

    Rahul Gandhi attack Epstein files & adani trade deal: एप्स्टीन फाइल्स से अडानी केस तक—मोदी सरकार दे जवाब, देश को सच चाहिए: राहुल गांधी का बड़ा हमला

    नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को प्रधानमंत्री Narendra Modi और केंद्र सरकार पर बहुआयामी हमला बोला। सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए उन्होंने एप्स्टीन फाइल्स, भारत-अमेरिका ट्रेड डील, अडानी प्रकरण और किसानों की स्थिति जैसे मुद्दों को जोड़ते हुए सरकार से जवाब मांगा।

    राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि कथित एप्स्टीन फाइल्स में प्रधानमंत्री, उनके मंत्रियों और करीबी उद्योगपतियों के नाम आने की चर्चा बेहद गंभीर है। उनका कहना था कि यह देश की प्रतिष्ठा से जुड़ा मामला है और सरकार को पारदर्शी स्पष्टीकरण देना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि लाखों दस्तावेज अब भी सार्वजनिक नहीं हुए हैं और उनमें केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी, उद्योगपति अनिल अंबानी तथा प्रधानमंत्री का नाम होने की बात कही।

    भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि इस डील में राष्ट्रीय हितों से समझौता किया गया। उनके अनुसार भारतीय डेटा को अमेरिकी कंपनियों के लिए खोला गया, किसानों के हितों की अनदेखी हुई और टेक्सटाइल उद्योग पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। उन्होंने सरकार से पूछा कि इस समझौते से देश को वास्तविक लाभ क्या मिला।

    राहुल गांधी ने उद्योगपति Gautam Adani से जुड़े अमेरिका में चल रहे मामले का भी जिक्र करते हुए कहा कि यह केवल एक कारोबारी का मामला नहीं, बल्कि सत्ता संरचना से जुड़ा सवाल है। उन्होंने आरोप लगाया कि 14 महीनों से ठोस कार्रवाई न होना कई संदेह पैदा करता है।

    इन आरोपों पर विदेश मंत्रालय ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि संबंधित दस्तावेजों में प्रधानमंत्री के 2017 के इज़रायल दौरे के संदर्भ से परे जो भी उल्लेख हैं, वे एक दोषी अपराधी की कल्पनाएं हैं और निराधार हैं।

    राहुल गांधी ने अपने संदेश में कहा कि कांग्रेस देशहित के मुद्दों पर पीछे नहीं हटेगी और सरकार से जवाब मांगती रहेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार उद्योगपतियों के हितों की रक्षा में अधिक सक्रिय है, जबकि किसान और मध्यम वर्ग समस्याओं से जूझ रहे हैं।

    इस मुद्दे पर सियासी तापमान बढ़ गया है और आने वाले दिनों में संसद से लेकर सड़क तक बहस तेज होने के संकेत हैं।

  • Maharashtra Vidhan Sabha Session: अजित पवार के निधन के बाद सुनेत्रा पवार की पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस, आर्थिक विरासत और बजट पर रखी स्पष्ट राय

    Maharashtra Vidhan Sabha Session: अजित पवार के निधन के बाद सुनेत्रा पवार की पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस, आर्थिक विरासत और बजट पर रखी स्पष्ट राय

    मुंबई। राज्य के बजट सत्र की पूर्व संध्या पर सरकार की ओर से पारंपरिक चाय बैठक का आयोजन किया गया। इससे पहले राज्य मंत्रिमंडल की बैठक हुई, जिसके बाद मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis, उपमुख्यमंत्री Eknath Shinde और उपमुख्यमंत्री Sunetra Pawar की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। दिवंगत उपमुख्यमंत्री Ajit Pawar के निधन के बाद सुनेत्रा पवार पहली बार मीडिया के सामने आईं और उन्होंने सरकार की भूमिका विस्तार से रखी।

    सुनेत्रा पवार ने कहा कि बजट सत्र से पहले चाय बैठक आयोजित करना पुरानी परंपरा है, जो केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं बल्कि संवाद का मंच होता है। इस मंच के माध्यम से राज्य के विकास, जनता के मुद्दों और उनके समाधान पर चर्चा की अपेक्षा की जाती है। उन्होंने कहा कि यह महायुति सरकार का दूसरा बजट सत्र है और जनता ने जो विश्वास दोबारा सरकार पर जताया है, उस पर खरा उतरने का प्रयास किया जा रहा है।

    उन्होंने दिवंगत अजित पवार के आर्थिक योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने 11 बार राज्य का बजट पेश किया। उनका पहला बजट वर्ष 2011 में 1,44,783 करोड़ रुपये का था, जबकि पिछले वर्ष उनके कार्यकाल का अंतिम बजट 7,20,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। सुनेत्रा पवार ने कहा कि यह वृद्धि केवल आंकड़ों की बढ़ोतरी नहीं, बल्कि महाराष्ट्र के सर्वांगीण विकास का संकेत है। उन्होंने बताया कि विकास की गति बनाए रखते हुए अजित पवार ने कभी भी आर्थिक अनुशासन से समझौता नहीं किया।

    उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के मार्गदर्शन और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के सहयोग से अजित पवार की बजट प्रक्रिया आगे बढ़ी थी। इस वर्ष का बजट उनका 12वां बजट होता, लेकिन उनके आकस्मिक निधन से यह संभव नहीं हो सका। हालांकि, उन्होंने बजट की तैयारी अंतिम चरण तक पहुंचा दी थी।

    सुनेत्रा पवार ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को साकार करने के लिए महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था को मजबूत करना आवश्यक है और इसी दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि इस बार का बजट मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पेश करेंगे और यह राज्य के हर वर्ग को न्याय देने वाला होगा।

    लाडकी बहन योजना को लेकर उठी आलोचनाओं का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि उचित आर्थिक नियोजन के कारण इस योजना के लिए कभी धन की कमी नहीं होने दी गई। अपने पहले विधिमंडल सत्र को लेकर उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सदन की कार्यवाही सकारात्मक और सुचारु रूप से चलेगी।

  • MH Budget Session:बजट सत्र के बीच बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, शिंदे ने सौंपे अपने अहम विभाग

    MH Budget Session:बजट सत्र के बीच बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, शिंदे ने सौंपे अपने अहम विभाग

    मुंबई। एकनाथ शिंदे Eknath Shinde ने विधानसभा के बजट सत्र(Budget Session) के दौरान अपने पास मौजूद महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी अस्थायी तौर पर शिवसेना के अन्य मंत्रियों को सौंप दी है। इस संबंध में उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर Rahul Narwekar को पत्र लिखकर औपचारिक जानकारी दी है।

    किसे मिला कौन-सा विभाग?

    जारी पत्र के अनुसार —

    • दादा भुसे Dada Bhuse को सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) का कार्यभार दिया गया है।
    • उदय सामंत Uday Samant को नगर विकास मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
    • शंभूराज देसाई Shambhuraj Desai को गृह निर्माण विभाग का प्रभार दिया गया है।

    यह व्यवस्था फिलहाल विधानमंडल के बजट सत्र की अवधि तक प्रभावी रहेगी।

    क्यों उठाया गया यह कदम?

    बजट सत्र के दौरान विधानसभा और विधान परिषद — दोनों सदनों में एक साथ विभिन्न विभागों से जुड़े प्रश्न पूछे जाते हैं। ऐसे में जवाब देने में किसी प्रकार की प्रशासनिक बाधा न आए, इसे ध्यान में रखते हुए यह अस्थायी निर्णय लिया गया है। अब संबंधित विभागों से जुड़े प्रश्नों के उत्तर वही मंत्री देंगे जिन्हें जिम्मेदारी सौंपी गई है।

    बजट सत्र की शुरुआत

    राज्यपाल आचार्य देवव्रत Acharya Devvrat के अभिभाषण के साथ सोमवार को राज्य विधानमंडल के बजट सत्र की शुरुआत हुई। सत्र के पहले दिन उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार का परिचय कराया गया, जबकि दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार Ajit Pawar को श्रद्धांजलि अर्पित कर शोक प्रस्ताव पारित किया गया।

    हाल ही में संपन्न स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के चुनाव परिणाम और अजित पवार के आकस्मिक निधन के बाद हो रहा यह पहला सत्र राजनीतिक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है।

  • SP President Akhilesh Yadav Offers CM Post to Brajesh Pathak & Keshav Prasad Maurya :  100 विधायक लाओ, सीएम बन जाओ:अखिलेश यादव

    SP President Akhilesh Yadav Offers CM Post to Brajesh Pathak & Keshav Prasad Maurya : 100 विधायक लाओ, सीएम बन जाओ:अखिलेश यादव

    लखनऊ।
    समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष Akhilesh Yadav ने एक बार फिर उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी है। उन्होंने डिप्टी सीएम Keshav Prasad Maurya और Brajesh Pathak को खुला ऑफर देते हुए कहा कि “100 विधायक लेकर आइए और मुख्यमंत्री बन जाइए, इससे बेहतर मौका नहीं मिलेगा।”

    अखिलेश ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा के अंदर ही नेतृत्व को लेकर असंतोष है। उन्होंने दावा किया कि अगर डिप्टी सीएम में हिम्मत है तो वे अपने समर्थन का आंकड़ा दिखाएं और सत्ता संभालें।

    शंकराचार्य प्रकरण पर योगी सरकार को घेरा

    अखिलेश यादव ने शंकराचार्य से जुड़े कथित विवाद को लेकर मुख्यमंत्री Yogi Adityanath की सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा में कभी किसी शंकराचार्य का अपमान नहीं हुआ, लेकिन मौजूदा सरकार के दौर में धार्मिक गुरुओं के साथ अभद्र व्यवहार की घटनाएं सामने आ रही हैं।

    उन्होंने कहा कि जब शंकराचार्य की बेइज्जती की जा रही थी, तब सरकार के लोग खामोश क्यों थे? जनता इसका जवाब देगी।

    भाजपा पर तीखा हमला

    अखिलेश ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार भ्रष्टाचार, विकास परियोजनाओं में अनियमितताओं और जनसमस्याओं से ध्यान हटाने के लिए मुद्दों को भटका रही है। उन्होंने कहा कि जनता सरकार से निराश है और पीडीए गठबंधन लगातार मजबूत हो रहा है।

    उन्होंने यह भी कहा कि सरकार टिकाऊ नहीं है और जनता अब बदलाव का इंतजार कर रही है। डिप्टी सीएम को दिए गए इस खुले ऑफर और शंकराचार्य प्रकरण पर भाजपा की प्रतिक्रिया क्या होगी, इस पर अब सबकी नजरें टिकी हैं।

  • UP Election: लखनऊ में संघ-सरकार मंथन, 2027 की सियासी बिसात बिछनी शुरू

    UP Election: लखनऊ में संघ-सरकार मंथन, 2027 की सियासी बिसात बिछनी शुरू

    हिंदुत्व और सोशल इंजीनियरिंग पर संघ-सीएम की अहम बातचीत

    लखनऊ के निराला नगर स्थित सरस्वती कुंज में बुधवार शाम हुई बैठक ने उत्तर प्रदेश की सियासत में नई चर्चा छेड़ दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और संघ प्रमुख मोहन भागवत के बीच करीब 40 मिनट तक बंद कमरे में बातचीत हुई। आधिकारिक तौर पर इस मुलाकात को संघ के शताब्दी वर्ष से जुड़ा बताया जा रहा है, लेकिन राजनीतिक हलकों में इसे 2027 (UP Election) के विधानसभा चुनाव की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।

    2027 के चुनाव का रोडमैप?

    सूत्रों के अनुसार, बैठक में हिंदुत्व के एजेंडे को और सशक्त करने तथा विपक्ष के ‘पीडीए’ कार्ड का जवाब तैयार करने पर चर्चा हुई। माना जा रहा है कि 2027 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए संगठन और सरकार के बीच समन्वय बढ़ाने की रूपरेखा तैयार की गई।

    मुख्यमंत्री योगी पहले ही काशी, अयोध्या और मथुरा जैसे धार्मिक-आध्यात्मिक केंद्रों का उल्लेख कर चुके हैं। अब इन मुद्दों को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए संघ के सहयोग की रणनीति पर विचार हुआ। हाल ही में मोहन भागवत का “हम सब हिंदू हैं” बयान भी सामाजिक समरसता और जातिगत विभाजनों को कम करने की दिशा में एक संकेत माना जा रहा है।

    संगठन की बड़ी भूमिका

    सूत्रों का दावा है कि उत्तर प्रदेश में संघ के लगभग दो लाख कार्यकर्ताओं को सक्रिय भूमिका देने की योजना पर चर्चा हुई। इन कार्यकर्ताओं के माध्यम से सरकार की योजनाओं के लाभार्थियों तक सीधा संपर्क स्थापित कर जनाधार मजबूत करने की रणनीति बनाई जा रही है।

    बैठक में अवैध घुसपैठ, खासकर बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई, ‘घर वापसी’ और सामाजिक समरसता जैसे मुद्दों पर भी विचार-विमर्श हुआ। बताया जा रहा है कि कानून-व्यवस्था और सांस्कृतिक पहचान के प्रश्न पर दोनों नेताओं की सोच में सामंजस्य दिखाई दिया।

    सरकार-संगठन समन्वय पर जोर

    बैठक के दौरान सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल की आवश्यकता पर विशेष बल दिया गया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि संघ की सोशल इंजीनियरिंग रणनीति के जरिए मुख्यमंत्री योगी के एजेंडे को जमीनी स्तर पर और मजबूती दी जा सकती है।

    हालांकि, इस बैठक को लेकर आधिकारिक बयान सीमित हैं, लेकिन इतना तय है कि उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 की बिसात अभी से बिछनी शुरू हो गई है।

  • Election Commission of India ने 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम घोषित किया

    Election Commission of India ने 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम घोषित किया

    नई दिल्ली – भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) ने 10 राज्यों में राज्यसभा की 37 सीटों के लिए द्विवार्षिक चुनावों का कार्यक्रम घोषित किया है। मतदान 16 मार्च को होगा, जबकि पूरी चुनाव प्रक्रिया 20 मार्च तक संपन्न कर ली जाएगी।

    📅 प्रमुख तिथियां:

    • अधिसूचना जारी: 26 फरवरी
    • नामांकन की अंतिम तिथि: 5 मार्च
    • नामांकन पत्रों की जांच: 6 मार्च
    • नाम वापसी की अंतिम तिथि: 9 मार्च
    • मतदान: 16 मार्च
    • मतगणना: 16 मार्च, शाम 5 बजे से

    आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतपत्रों पर वरीयता अंकित करने के लिए केवल रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा उपलब्ध कराए गए बैंगनी रंग के निर्धारित रेखाचित्र पेन का ही उपयोग किया जाएगा। किसी अन्य पेन का उपयोग मान्य नहीं होगा।


    📍 राज्यवार रिक्त सीटें

    • महाराष्ट्र – 07
    • ओडिशा – 04
    • तेलंगाना – 02
    • तमिलनाडु – 06
    • छत्तीसगढ़ – 02
    • पश्चिम बंगाल – 05
    • असम – 03
    • हरियाणा – 02
    • हिमाचल प्रदेश – 01
    • बिहार – 05

    🧾 प्रमुख सेवानिवृत्त सांसद

    इस चुनाव में जिन प्रमुख सांसदों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, उनमें शामिल हैं:

    • Sharad Pawar (एनसीपी-एसपी)
    • Abhishek Manu Singhvi (कांग्रेस)
    • Saket Gokhale (टीएमसी)
    • Ramdas Athawale (आरपी-आई-ए)
    • M. Thambidurai (एआईएडीएमके)
    • Tiruchi Siva (डीएमके)

    📢 EVM-VVPAT जागरूकता अभियान

    एक अलग पहल के तहत आयोग ने असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में ईवीएम और वीवीपीएटी के प्रति मतदाताओं को जागरूक करने के लिए व्यापक अभियान शुरू किया है।

    आयोग के अनुसार:

    • 1,20,000 से अधिक मतदाता प्रदर्शन शिविरों में शामिल हुए।
    • 1,16,000 से अधिक लोगों ने मॉक वोट डाले।
    • 10 फरवरी तक मोबाइल प्रदर्शन वैन 29,000 से अधिक मतदान केंद्रों को कवर कर चुकी हैं।
  • Congress: प्रदेश कांग्रेस ने विमुक्त जाति व भटक्या जमाती विभाग की कमान एडवोकेट पल्लवी रेंके को सौंपी

    Congress: प्रदेश कांग्रेस ने विमुक्त जाति व भटक्या जमाती विभाग की कमान एडवोकेट पल्लवी रेंके को सौंपी

    मुंबई: महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस(Maharashtra Pradesh Congress Committee) कमेटी के अंतर्गत संचालित ‘विमुक्त जाति व भटक्या जमाती सेल’ का रूपांतरण अब ‘विमुक्त जाति व भटक्या जमाती विभाग’ के रूप में किया गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाळ के आदेश पर एडवोकेट पल्लवी रेंके को इस नवगठित विभाग का प्रमुख नियुक्त किया गया है।

    कांग्रेस ने बताया कि महाराष्ट्र में विमुक्त जातियों और भटक्या जमातियों की आबादी राज्य की कुल जनसंख्या का कम से कम 11 प्रतिशत है। सामाजिक न्याय की स्थापना के उद्देश्य से कांग्रेस ने राज्य निर्माण के समय से ही इन समुदायों को शिक्षा और रोजगार में आरक्षण का समर्थन किया है।

    प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि कडकलक्ष्मी, वैदू, गोंधळी, जोशी, वासुदेव, बहुरूपी, भराडी, डोंबारी, टकारी, रामोशी, लमाण सहित लगभग 40 से अधिक ऐसी जनजातियां आज भी अपनी पारंपरिक भटकंती और व्यवसाय के कारण संगठित नहीं हो पाई हैं और विकास की मुख्यधारा से दूर हैं। इन्हीं बिखरे और वंचित समुदायों को संगठित करने के लिए प्रदेश कांग्रेस ने विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया है।

    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाळ ने विमुक्त जाति व भटक्या जमाती विभाग को मजबूत करने पर जोर देते हुए कहा कि इस वर्ग को न्याय दिलाने और मुख्यधारा से जोड़ने के लिए कांग्रेस पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगी।

  • Sharmila Takes Charge in Presence Eknath: उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की मौजूदगी में शर्मिला पिंपलोलकर ने संभाला ठाणे मेयर का कार्यभार

    Sharmila Takes Charge in Presence Eknath: उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की मौजूदगी में शर्मिला पिंपलोलकर ने संभाला ठाणे मेयर का कार्यभार

    ठाणे: ठाणे महानगरपालिका में नवनिर्वाचित मेयर शर्मिला रोहित पिंपलोलकर(Sharmila Pimplolker) ने आज औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण किया। इस अवसर पर राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे(Eknath Shinde) विशेष रूप से उपस्थित रहे।

    गौरतलब है कि 3 फरवरी को मनपा के मेयर और डिप्टी मेयर पद के लिए चुनाव संपन्न हुआ था। इसमें शिवसेना की शर्मिला पिंपलोलकर निर्विरोध मेयर चुनी गईं, जबकि भारतीय जनता पार्टी के कृष्णा दादू पाटिल को डिप्टी मेयर पद की जिम्मेदारी मिली।

    पदभार ग्रहण समारोह के दौरान महानगरपालिका आयुक्त सौरभ राव भी मौजूद रहे। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मेयर शर्मिला पिंपलोलकर, डिप्टी मेयर कृष्णा दादू पाटिल तथा शिवसेना के गटनेता पवन कदम का स्वागत करते हुए उन्हें नई जिम्मेदारियों के लिए शुभकामनाएं दीं।

    इस अवसर पर नवनिर्वाचित नगरसेवक और नगरसेविकाएं भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। समारोह का माहौल उत्साहपूर्ण रहा।

    नई महापौर से शहर के विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।