Category: Politics

Politics is the art of looking for trouble, finding it everywhere, diagnosing it incorrectly and applying the wrong remedies.

  • Dharmendra Pradhan Resigned:नीट विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा, छात्रों के आंदोलन के बाद लिया बड़ा फैसला

    Dharmendra Pradhan Resigned:नीट विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा, छात्रों के आंदोलन के बाद लिया बड़ा फैसला

    जंतर-मंतर पर छात्रों का प्रदर्शन जारी, इस्तीफे में युवाओं की भावनाओं का सम्मान करने की बात कही; राहुल गांधी ने पहले ही मंत्री बदलने की संभावना जताई थी।

    नई दिल्ली | नीट-यूजी 2026 परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर देशभर में चल रहे छात्र आंदोलन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। जंतर-मंतर पर पिछले कई दिनों से हजारों छात्र प्रदर्शन कर रहे थे और उनकी प्रमुख मांग शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की थी।

    अपने इस्तीफे की जानकारी सोशल मीडिया पर साझा करते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि देश की युवाशक्ति ही भारत की सबसे बड़ी ताकत है और पिछले दस दिनों की घटनाओं ने उन्हें गहरा दुख पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि वह चार दशकों से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहे हैं तथा हमेशा एक मजबूत और समावेशी शिक्षा व्यवस्था के पक्षधर रहे हैं।

    प्रधान ने अपने संदेश में कहा कि 3 मई 2026 को आयोजित NEET-UG परीक्षा में अनियमितताओं के सामने आने के बाद केंद्र सरकार ने तत्काल जांच सीबीआई को सौंपी, परीक्षा रद्द की और पुनः परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया। उन्होंने बताया कि अगले वर्ष से परीक्षा सीबीटी (Computer Based Test) मोड में कराने का भी फैसला लिया गया है।

    उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता 20 लाख से अधिक छात्रों की परीक्षा निष्पक्ष और सुचारू रूप से कराना थी। केंद्र और राज्य सरकारों के सहयोग से 21 जून 2026 को पुनः परीक्षा सफलतापूर्वक आयोजित की गई। उन्होंने यह भी कहा कि उनका प्रयास था कि किसी भी मेधावी छात्र का भविष्य परीक्षा माफिया के कारण प्रभावित न हो।

    धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि 16 जुलाई को घोषित परिणामों में गरीब और ग्रामीण पृष्ठभूमि के कई प्रतिभाशाली छात्रों ने सफलता हासिल की, लेकिन इसके बावजूद कुछ लोगों ने छात्रों को गुमराह करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि उनके लिए यह व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय नहीं है, बल्कि देश के युवाओं का भविष्य सर्वोपरि है।

    उन्होंने अपने इस्तीफे में लिखा कि जंतर-मंतर और देशभर में बनी स्थिति का राष्ट्रविरोधी ताकतें लाभ न उठा सकें, देश की एकता बनी रहे और किसी भी छात्र का भविष्य कानूनी उलझनों में न फंसे, इसी उद्देश्य से उन्होंने प्रधानमंत्री को अपना त्यागपत्र सौंप दिया।

    प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें राष्ट्रसेवा का अवसर मिला, जिसके लिए वह सदैव कृतज्ञ रहेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि भविष्य में भी वह देश, ओडिशा और युवाओं की सेवा के लिए समर्पित रहेंगे।

    इस बीच, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में छात्रों की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि शिक्षा मंत्री को हटाया जाना चाहिए। राहुल गांधी ने दावा किया कि सरकार में धर्मेंद्र प्रधान का मंत्रालय बदले जाने पर चर्चा चल रही थी और छात्रों की तीन प्रमुख मांगों में पहली मांग शिक्षा मंत्री को हटाने की थी।

  • Harshvardhan Sapkal on One Nation, One Political Party:भाजपा ‘वन नेशन, वन पॉलिटिकल पार्टी’ की ओर बढ़ रही है, संविधान खत्म कर तानाशाही लाने की साजिश : हर्षवर्धन सपकाळ

    Harshvardhan Sapkal on One Nation, One Political Party:भाजपा ‘वन नेशन, वन पॉलिटिकल पार्टी’ की ओर बढ़ रही है, संविधान खत्म कर तानाशाही लाने की साजिश : हर्षवर्धन सपकाळ

    फर्जी बीज रैकेट की उच्चस्तरीय जांच की मांग, महात्मा फुले के विचारों को घर-घर पहुंचाने के लिए कांग्रेस चलाएगी राज्यव्यापी जनजागरण अभियान

    आर्वी (वर्धा)। महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाळ ने भारतीय जनता पार्टी पर संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा का असली एजेंडा “वन नेशन, वन पॉलिटिकल पार्टी”(Harshvardhan Sapkal on One Nation, One Political Party) है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रवर्तन निदेशालय (ED), केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और अन्य केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर विपक्षी दलों को निशाना बनाया जा रहा है तथा लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकारों को अस्थिर किया जा रहा है।

    वर्धा जिले के आर्वी में महात्मा ज्योतिराव फुले की द्विशताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित कांग्रेस के विशाल बहुजन कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए सपकळ ने कहा कि देश में लोकतंत्र को कमजोर कर एकदलीय व्यवस्था स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है। कांग्रेस संविधान, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय की रक्षा के लिए लगातार संघर्ष करती रहेगी।

    उन्होंने कहा कि महात्मा ज्योतिराव फुले ने शिक्षा, सामाजिक समानता और सत्यशोधन के माध्यम से बहुजन समाज को आत्मसम्मान का मार्ग दिखाया। सावित्रीबाई फुले के साथ मिलकर उन्होंने महिला शिक्षा की नींव रखी और शोषित-वंचित समाज के अधिकारों के लिए आजीवन संघर्ष किया। कांग्रेस पूरे महाराष्ट्र में वर्षभर व्याख्यान, परिसंवाद, जनसंवाद, छात्र सम्मेलन और सामाजिक कार्यक्रमों के माध्यम से महात्मा फुले, सावित्रीबाई फुले, छत्रपति शिवाजी महाराज, राजर्षि शाहू महाराज, डॉ. भीमराव आंबेडकर, महात्मा गांधी, राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज और संत गाडगेबाबा के विचारों का व्यापक प्रचार-प्रसार करेगी।

    संविधान और सामाजिक न्याय पर संकट : विजय वडेट्टीवार

    कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने कहा कि संविधान, सामाजिक न्याय और बहुजन समाज के अधिकारों पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता के संरक्षण में अंधविश्वास और सामाजिक विभाजन को बढ़ावा दिया जा रहा है, जबकि किसानों, बेरोजगारी और महंगाई जैसे मूल मुद्दों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने जनहित और संविधान की रक्षा के लिए व्यापक जनआंदोलन खड़ा करने का आह्वान किया।

    सामाजिक समरसता का संदेश

    कांग्रेस कार्यसमिति सदस्य चंद्रकांत हंडोरे ने जातीय और धार्मिक ध्रुवीकरण की राजनीति की आलोचना करते हुए महात्मा फुले, राजर्षि शाहू महाराज, डॉ. आंबेडकर, महात्मा गांधी और पंडित जवाहरलाल नेहरू के समतावादी विचारों को समाज तक पहुंचाने की आवश्यकता बताई।

    पूर्व मंत्री यशोमती ठाकुर ने कहा कि वर्षों तक ओबीसी समाज के नाम पर राजनीति करने वालों ने सत्ता तो हासिल की, लेकिन समाज के विकास के लिए अपेक्षित कार्य नहीं किए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सत्ता के लिए नहीं, बल्कि समाज के हित के लिए संघर्ष करने वाली पार्टी है।

    फर्जी बीज रैकेट की उच्चस्तरीय जांच की मांग

    मीडिया से बातचीत में हर्षवर्धन सपकाळ ने महाराष्ट्र में फर्जी बीजों के कारोबार को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में फर्जी बीज, फर्जी डिग्री, फर्जी नौकरियां, पेपर लीक और विभिन्न घोटालों ने व्यवस्था को खोखला कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि फर्जी बीजों का रैकेट सत्ता के संरक्षण में चल रहा है और इसकी उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।

    उन्होंने यह भी कहा कि जांच के लिए गठित समिति अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं कर सकी है, जिससे उसकी भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। कांग्रेस इस मुद्दे पर पूरे राज्य में आंदोलन जारी रखेगी।

    भाजपा नेता नितेश राणे द्वारा अभिनेता आमिर खान पर की गई टिप्पणी के सवाल पर सपकळ ने कहा कि हिंदुत्व के स्वयंभू ठेकेदारों को दूसरों पर टिप्पणी करने से पहले राम मंदिर से जुड़े कथित आर्थिक अनियमितताओं पर उठ रहे सवालों का जवाब देना चाहिए।

  • Congress Holds Ram Temple Donation Protest: राम मंदिर दानपेटी कथित घोटाले के विरोध में भिवंडी में कांग्रेस का ‘रघुपति राघव राजा राम’ सत्याग्रह

    Congress Holds Ram Temple Donation Protest: राम मंदिर दानपेटी कथित घोटाले के विरोध में भिवंडी में कांग्रेस का ‘रघुपति राघव राजा राम’ सत्याग्रह

    भिवंडी। अयोध्या के राम मंदिर की दानपेटी से कथित धन चोरी के मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर कांग्रेस ने राज्यव्यापी ‘रघुपति राघव राजा राम’ सत्याग्रह आंदोलन शुरू किया है। इसी क्रम में भिवंडी शहर जिला कांग्रेस ने रविवार को अहिंसात्मक प्रदर्शन कर कथित घोटाले के विरोध में आवाज बुलंद की।

    भिवंडी शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष आबिद खान के नेतृत्व में मुरलीधर कंपाउंड स्थित शिव मंदिर के बाहर आयोजित सत्याग्रह में कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने ‘रघुपति राघव राजा राम’ तथा ‘खरा तो एकची धर्मा’ जैसे भक्ति गीत गाकर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन किया।

    इस अवसर पर पूर्व सांसद सुरेश टावरे, पार्षद प्रशांत लाड सहित कांग्रेस के अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

    कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेताओं ने अयोध्या के राम मंदिर की दानपेटी से कथित धन चोरी के मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की। इसके लिए स्थानीय पुलिस प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपा गया।

    कांग्रेस का कहना है कि श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस मामले में पारदर्शी जांच होनी चाहिए और यदि किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता हुई है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

  • Sapkal Demands MPSC Online Exam Rollback: MPSC भर्ती घोटाला व्यापम से भी बड़ा, ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली तुरंत रद्द करे सरकार: हर्षवर्धन सपकाल

    Sapkal Demands MPSC Online Exam Rollback: MPSC भर्ती घोटाला व्यापम से भी बड़ा, ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली तुरंत रद्द करे सरकार: हर्षवर्धन सपकाल

    कांग्रेस का बेलापुर में अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी, CBT और Normalization खत्म करने की मांग; राम मंदिर दान चोरी मामले पर भी सरकार को घेरा

    मुंबई। महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने एमपीएससी (MPSC) की ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली और नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे मध्य प्रदेश के व्यापम भर्ती घोटाले से भी बड़ा बताया है। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली और नॉर्मलाइजेशन को तत्काल रद्द कर ऑफलाइन एवं पारदर्शी परीक्षा कराने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो कांग्रेस पूरे राज्य में आंदोलन तेज करेगी।

    Sapkal Demands MPSC Online Exam Rollback

    बेलापुर में एमपीएससी की CBT (Computer Based Test) और Normalization के विरोध में कांग्रेस का अनिश्चितकालीन क्रमिक अनशन और धरना तीसरे दिन भी जारी रहा। आंदोलन स्थल पर पहुंचे हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि एमपीएससी की पूरी व्यवस्था भ्रष्टाचार से ग्रस्त हो चुकी है और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।

    उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की आवाज सुनने को तैयार नहीं है और ऑनलाइन परीक्षा का ठेका निजी कंपनियों को देकर भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता खत्म कर दी गई है। उनके अनुसार, छात्रों का ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली पर भरोसा नहीं रह गया है और भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं की आशंका लगातार बनी हुई है।

    सपकाल ने कहा कि नीट परीक्षा का पेपर कई बार लीक हो चुका है और सरकार एक भी परीक्षा निष्पक्ष ढंग से कराने में सफल नहीं रही है। उन्होंने कहा कि आंदोलन शुरू हुए कई दिन हो चुके हैं, लेकिन अब तक सरकार या एमपीएससी का कोई अधिकारी छात्रों से मिलने नहीं पहुंचा है।

    राम मंदिर दान चोरी मामले पर बोलते हुए कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि इस मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए सिद्धिविनायक मंदिर चोरी का मामला उछाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर की दान राशि और चढ़ावे में हुई कथित चोरी की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर राज्यभर में आंदोलन चला रही है।

  • Khadse’s Matoshree Visit: एकनाथ खडसे की ‘मातोश्री’ पर उद्धव ठाकरे से मुलाकात; राजनीतिक अटकलें तेज

    Khadse’s Matoshree Visit: एकनाथ खडसे की ‘मातोश्री’ पर उद्धव ठाकरे से मुलाकात; राजनीतिक अटकलें तेज

    अमृत महोत्सव (75वें जन्मोत्सव) का निमंत्रण देने पहुंचे थे खडसे

    मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। वरिष्ठ नेता एकनाथ खडसे ने शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) प्रमुख उद्धव ठाकरे से उनके निवास ‘मातोश्री’ पर मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान सांसद संजय राउत भी मौजूद थे। हाल ही में भाजपा नेता विनोद तावड़े से मुलाकात के बाद एकनाथ खडसे की भाजपा में वापसी की अटकलें तेज हो गई थीं। ऐसे में उद्धव ठाकरे से उनकी मुलाकात ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया।

    हालांकि, एकनाथ खडसे ने इस मुलाकात को पूरी तरह गैर-राजनीतिक बताते हुए सभी अटकलों पर विराम लगाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि अगले महीने उनका अमृत महोत्सव (75वां जन्मोत्सव) कार्यकर्ताओं द्वारा बड़े उत्साह के साथ मनाया जाएगा। इसी कार्यक्रम का निमंत्रण देने के लिए वे उद्धव ठाकरे से मिलने ‘मातोश्री’ पहुंचे थे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस मुलाकात का राजनीति से कोई संबंध नहीं है।

    गौरतलब है कि एकनाथ खडसे लंबे समय तक भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता रहे हैं। बाद में उन्होंने भाजपा छोड़कर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) का दामन थाम लिया था। उनकी पुत्रवधू रक्षा खडसे केंद्र सरकार में मंत्री हैं और भाजपा की प्रमुख नेताओं में शामिल हैं। ऐसे में समय-समय पर खडसे की भाजपा में संभावित ‘घर वापसी’ को लेकर चर्चाएं होती रहती हैं।

    इस बीच, कुछ दिन पहले एकनाथ खडसे के दामाद प्रांजल खेवलकर का नाम पुणे में कथित रेव पार्टी मामले में सामने आया था। पुलिस ने छापेमारी के दौरान उन्हें हिरासत में लिया था। बताया गया था कि जिस स्थान पर पार्टी आयोजित की गई थी, उसकी बुकिंग प्रांजल खेवलकर के नाम पर थी। इस मामले के बाद खडसे परिवार सुर्खियों में आ गया था। खडसे की बेटी और नेता रोहिणी खडसे ने सार्वजनिक रूप से अपने पति का समर्थन किया था और न्यायालय में भी उनके साथ मौजूद रही थीं।

    फिलहाल, उद्धव ठाकरे और एकनाथ खडसे की इस मुलाकात ने एक बार फिर महाराष्ट्र की राजनीति में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। हालांकि खडसे ने साफ कर दिया है कि यह केवल उनके अमृत महोत्सव समारोह का निमंत्रण देने के उद्देश्य से हुई शिष्टाचार भेंट थी और इसका किसी राजनीतिक घटनाक्रम से कोई संबंध नहीं है।

  • Varsha Gaikwad Slams Fadnavis Over Criticism on Missing Link Project: सरकार से सवाल पूछना लोकतांत्रिक अधिकार है, न कि महाराष्ट्र की बदनामी: सांसद वर्षा गायकवाड़

    Varsha Gaikwad Slams Fadnavis Over Criticism on Missing Link Project: सरकार से सवाल पूछना लोकतांत्रिक अधिकार है, न कि महाराष्ट्र की बदनामी: सांसद वर्षा गायकवाड़

    मुंबई। मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद वर्षा गायकवाड़ ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हालिया बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार से सवाल पूछना लोकतांत्रिक अधिकार है, न कि महाराष्ट्र की बदनामी। उन्होंने आरोप लगाया कि सवाल पूछने वालों को धमकी देना लोकतंत्र नहीं, बल्कि हुकूमशाही की मानसिकता को दर्शाता है।

    Varsha Gaikwad Slams Fadnavis Over Criticism on Missing Link Project

    वर्षा गायकवाड़ ने कहा कि मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के 7,000 करोड़ रुपये के मिसिंग लिंक प्रोजेक्ट में केवल दो महीने के भीतर गड्ढे पड़ना और झरने जैसी स्थिति बन जाने के कारण यातायात रोकना पड़ा। उनके अनुसार यह निकृष्ट गुणवत्ता वाले निर्माण का प्रमाण है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि किसी परियोजना पर जनता सवाल पूछती है तो मुख्यमंत्री आलोचकों को “भाड़े के तट्टू” कैसे कह सकते हैं।

    उन्होंने कहा कि परियोजनाओं पर खर्च होने वाला पैसा जनता का है, इसलिए जनता को उसके उपयोग और गुणवत्ता पर सवाल पूछने का पूरा अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि निकृष्ट निर्माण, दुर्घटनाएं और भ्रष्टाचार ही महाराष्ट्र की छवि खराब करते हैं, न कि उन पर सवाल उठाने वाले नागरिक या विपक्ष।

    कांग्रेस सांसद ने कहा कि यदि सरकार के काम गुणवत्तापूर्ण हैं तो आलोचनाओं का जवाब तथ्यों के आधार पर दिया जाना चाहिए, न कि सवाल पूछने वालों को बदनाम करके या उन्हें धमकाकर। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जवाबदेही से बचने के बजाय सरकार को जनता के सवालों का जवाब देना चाहिए।

    वर्षा गायकवाड़ ने भारतीय जनता पार्टी पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि भाजपा ने विपक्ष, विशेषकर राहुल गांधी की छवि खराब करने के लिए मीडिया और सोशल मीडिया पर करोड़ों रुपये खर्च किए। उन्होंने कहा कि दूसरों पर आरोप लगाने से पहले भाजपा को आत्ममंथन करना चाहिए।

  • Congress Begins MPSC Protest Against CBT: एमपीएससी की परीक्षा को सीबीटी और नॉर्मलाइजेशन के खिलाफ कांग्रेस का आंदोलन, 8 जुलाई से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल

    Congress Begins MPSC Protest Against CBT: एमपीएससी की परीक्षा को सीबीटी और नॉर्मलाइजेशन के खिलाफ कांग्रेस का आंदोलन, 8 जुलाई से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल

    मुंबई: महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (MPSC) की प्रतियोगी परीक्षाओं को CBT (Computer Based Test) पद्धति से कराने और नॉर्मलाइजेशन प्रणाली लागू करने के फैसले के विरोध में महाराष्ट्र कांग्रेस ने आंदोलन का ऐलान किया है। कांग्रेस की ओर से बुधवार 8 जुलाई 2026 से CBD बेलापुर स्थित MPSC मुख्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन श्रृंखला उपवास और धरना आंदोलन शुरू किया जाएगा।

    कांग्रेस का कहना है कि MPSC का यह निर्णय राज्य के लाखों प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थियों के भविष्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। पार्टी के अनुसार, इस फैसले से विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और डिजिटल सुविधाओं से वंचित छात्रों को नुकसान होने की आशंका है।

    छात्रों के समर्थन में कांग्रेस का मोर्चा

    महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने कहा कि पार्टी शुरुआत से ही छात्रों की मांगों का समर्थन कर रही है। विधानसभा सत्र के दौरान महाविकास आघाड़ी के विधायकों ने भी इस मुद्दे को सदन में उठाया था।

    कांग्रेस ने बताया कि इस मामले में MPSC अध्यक्ष विवेक भीमनवार से दो बार फोन पर संपर्क कर कांग्रेस प्रतिनिधियों, छात्रों और विभिन्न छात्र संगठनों के साथ संयुक्त बैठक आयोजित करने की मांग की गई थी, लेकिन अब तक कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली है।

    10 दिन का दिया था अल्टीमेटम

    कांग्रेस के रोजगार एवं स्वयंरोजगार विभाग की ओर से 28 जून 2026 को चेतावनी दी गई थी कि यदि 10 दिनों के भीतर CBT पद्धति से परीक्षा कराने का फैसला वापस नहीं लिया गया, तो पार्टी छात्रों के समर्थन में आंदोलन करेगी।

    कांग्रेस का आरोप है कि सरकार और MPSC प्रशासन ने इस चेतावनी को गंभीरता से नहीं लिया, जिसके बाद अब आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया गया है।

    कांग्रेस नेताओं की होगी भागीदारी

    इस आंदोलन में महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष आबा दळवी और प्रदेश महासचिव तथा रोजगार एवं स्वयंरोजगार विभाग के अध्यक्ष धनंजय रामकृष्ण शिंदे सहित पार्टी के पदाधिकारी शामिल होंगे।

    कांग्रेस ने मांग की है कि छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए MPSC परीक्षा में CBT प्रणाली और नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया लागू करने के फैसले पर पुनर्विचार किया जाए।

  • Congress Launches Ram Satyagraha: हर्षवर्धन सपकाल ने सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग, 9 जुलाई से कांग्रेस का राज्यव्यापी सत्याग्रह

    Congress Launches Ram Satyagraha: हर्षवर्धन सपकाल ने सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग, 9 जुलाई से कांग्रेस का राज्यव्यापी सत्याग्रह

    सूचना के अधिकार (RTI) के दायरे से बाहर रखा गया, पारदर्शिता पर सवाल

    राम भक्तों की दान का हिसाब दो : हर्षवर्धन सपकाल का केंद्र और ट्रस्ट पर बड़ा हमला (Congress Launches Ram Satyagraha)

    मुंबई/नासिक, 7 जुलाई। महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने अयोध्या स्थित राम मंदिर ट्रस्ट में कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों को लेकर सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस मामले में केवल एसआईटी जांच पर्याप्त नहीं है और निष्पक्ष जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त या वर्तमान न्यायाधीश की निगरानी में जांच कराई जानी चाहिए।

    इसी मांग को लेकर कांग्रेस ने मंगलवार को नासिक के कालाराम मंदिर से ‘रघुपति राघव राजाराम सत्याग्रह’ की शुरुआत की। पार्टी ने घोषणा की है कि 9 जुलाई से यह सत्याग्रह पूरे महाराष्ट्र में आयोजित किया जाएगा।

    सत्याग्रह कार्यक्रम में सांसद शोभा बच्छाव, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मोहन जोशी, शरद अहिर, नासिक शहर कांग्रेस अध्यक्ष निलेश (बबलू) खैरे, नासिक ग्रामीण उत्तर के जिलाध्यक्ष रमेश कहांडोळे, दक्षिण के जिलाध्यक्ष भरत टाकेकर, प्रदेश महासचिव संदीप पाटील, ज्ञानेश्वर गायकवाड़, वत्सला खैरे सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत ‘रघुपति राघव राजाराम’ भजन से हुई और समापन ‘पसायदान’ के साथ किया गया।

    राम भक्तों की oev का हिसाब मांगा

    मीडिया से बातचीत में हर्षवर्धन सपकाल ने आरोप लगाया कि राम मंदिर निर्माण के बाद देश-विदेश के करोड़ों श्रद्धालुओं ने ट्रस्ट को नकद, सोना, चांदी और अन्य बहुमूल्य वस्तुओं के रूप में बड़ी मात्रा में दान दिया। उन्होंने मांग की कि इन मुंबई/नासिक, 7 जुलाई। महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने अयोध्या स्थित राम मंदिर ट्रस्ट में कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों को लेकर सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस मामले में केवल एसआईटी जांच पर्याप्त नहीं है और निष्पक्ष जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त या वर्तमान न्यायाधीश की निगरानी में जांच कराई जानी चाहिए।

    इसी मांग को लेकर कांग्रेस ने मंगलवार को नासिक के कालाराम मंदिर से ‘रघुपति राघव राजाराम सत्याग्रह’ की शुरुआत की। पार्टी ने घोषणा की है कि 9 जुलाई से यह सत्याग्रह पूरे महाराष्ट्र में आयोजित किया जाएगा।

    सत्याग्रह कार्यक्रम में सांसद शोभा बच्छाव, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मोहन जोशी, शरद अहिर, नासिक शहर कांग्रेस अध्यक्ष निलेश (बबलू) खैरे, नासिक ग्रामीण उत्तर के जिलाध्यक्ष रमेश कहांडोळे, दक्षिण के जिलाध्यक्ष भरत टाकेकर, प्रदेश महासचिव संदीप पाटील, ज्ञानेश्वर गायकवाड़, वत्सला खैरे सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत ‘रघुपति राघव राजाराम’ भजन से हुई और समापन ‘पसायदान’ के साथ किया गया।

    सूचना के अधिकार (RTI) के दायरे से बाहर रखा गया, पारदर्शिता पर सवाल

    मीडिया से बातचीत में हर्षवर्धन सपकाल ने आरोप लगाया कि राम मंदिर निर्माण के बाद देश-विदेश के करोड़ों श्रद्धालुओं ने ट्रस्ट को नकद, सोना, चांदी और अन्य बहुमूल्य वस्तुओं के रूप में बड़ी मात्रा में दान दिया। उन्होंने मांग की कि इन दान का पूरा हिसाब सार्वजनिक किया जाए और यदि किसी प्रकार की अनियमितता हुई है तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

    उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राम मंदिर ट्रस्ट में केंद्र सरकार और भाजपा से जुड़े लोगों को शामिल किया गया तथा ट्रस्ट को सूचना के अधिकार (RTI) के दायरे से बाहर रखा गया, जिससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े हुए हैं।

    एसआईटी जांच पर उठाए सवाल

    सपकाल ने कहा कि इस मामले में चल रही एसआईटी जांच केवल औपचारिकता प्रतीत होती है। उन्होंने दावा किया कि यदि आरोप सही हैं तो निष्पक्ष जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी आवश्यक है।

    उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी अन्य समुदाय का व्यक्ति आरोपी होता तो उसके खिलाफ तत्काल कठोर कार्रवाई होती। इसी संदर्भ में उन्होंने सवाल उठाया कि यदि संबंधित लोगों पर आरोप हैं तो उनके खिलाफ समान मानकों के अनुसार कार्रवाई कब होगी।

    9 जुलाई से राज्यव्यापी सत्याग्रह

    कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि पार्टी का यह आंदोलन किसी धार्मिक भावना के खिलाफ नहीं, बल्कि पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग के लिए है। उन्होंने कहा कि 9 जुलाई से महाराष्ट्र के सभी जिलों में ‘रघुपति राघव राजाराम सत्याग्रह’ आयोजित किया जाएगा।

    सपकाल ने कहा कि कांग्रेस भगवान श्रीराम के प्रति आस्था रखती है और श्रद्धालुओं द्वारा मंदिर को दी गई देणगियों के उपयोग में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित होना आवश्यक है।का पूरा हिसाब सार्वजनिक किया जाए और यदि किसी प्रकार की अनियमितता हुई है तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

    उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राम मंदिर ट्रस्ट में केंद्र सरकार और भाजपा से जुड़े लोगों को शामिल किया गया तथा ट्रस्ट को सूचना के अधिकार (RTI) के दायरे से बाहर रखा गया, जिससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े हुए हैं।

    एसआईटी जांच पर उठाए सवाल

    सपकाल ने कहा कि इस मामले में चल रही एसआईटी जांच केवल औपचारिकता प्रतीत होती है। उन्होंने दावा किया कि यदि आरोप सही हैं तो निष्पक्ष जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी आवश्यक है।

    उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी अन्य समुदाय का व्यक्ति आरोपी होता तो उसके खिलाफ तत्काल कठोर कार्रवाई होती। इसी संदर्भ में उन्होंने सवाल उठाया कि यदि संबंधित लोगों पर आरोप हैं तो उनके खिलाफ समान मानकों के अनुसार कार्रवाई कब होगी।

    9 जुलाई से राज्यव्यापी सत्याग्रह

    कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि पार्टी का यह आंदोलन किसी धार्मिक भावना के खिलाफ नहीं, बल्कि पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग के लिए है। उन्होंने कहा कि 9 जुलाई से महाराष्ट्र के सभी जिलों में ‘रघुपति राघव राजाराम सत्याग्रह’ आयोजित किया जाएगा।

    सपकाल ने कहा कि कांग्रेस भगवान श्रीराम के प्रति आस्था रखती है और श्रद्धालुओं द्वारा मंदिर को दी गई देणगियों के उपयोग में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित होना आवश्यक है।

  • UP Board Scrutiny Result 2026: 4,885 छात्रों के बदले अंक, वाराणसी में 53 विद्यार्थियों के बढ़े नंबर

    UP Board Scrutiny Result 2026: 4,885 छात्रों के बदले अंक, वाराणसी में 53 विद्यार्थियों के बढ़े नंबर

    25,620 छात्रों ने कराया था स्क्रूटनी के लिए आवेदन, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ ने यूपी बोर्ड छात्रों को दिए 6% अतिरिक्त अंक

    प्रयागराज: Uttar Pradesh Madhyamik Shiksha Parishad की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 के परिणाम से असंतुष्ट 25,620 छात्र-छात्राओं द्वारा कराई गई स्क्रूटनी (सन्निरीक्षा) के बाद 4,885 विद्यार्थियों के अंकों में बदलाव हुआ है। इनमें बड़ी संख्या में छात्रों के अंक बढ़े हैं, जबकि कुछ विद्यार्थियों के अंक कम भी हुए हैं। कई मामलों में उत्तर पुस्तिकाओं के अंकों के जोड़ में हुई त्रुटियों को भी सुधारा गया है।

    25 हजार से अधिक छात्रों ने कराया था आवेदन(UP Board Scrutiny Result 2026)

    यूपी बोर्ड के अनुसार, हाईस्कूल (10वीं) के 4,450 और इंटरमीडिएट (12वीं) के 21,170 यानी कुल 25,620 छात्रों ने स्क्रूटनी के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था।

    स्क्रूटनी के बाद:

    • हाईस्कूल: 627 छात्रों के अंक बदले।
    • इंटरमीडिएट: 4,258 छात्रों के अंक बदले।
    • कुल: 4,885 विद्यार्थियों के परिणाम में संशोधन हुआ।

    क्षेत्रीय कार्यालयवार अंक परिवर्तन

    क्षेत्रीय कार्यालय10वीं आवेदन10वीं में अंक परिवर्तन12वीं आवेदन12वीं में अंक परिवर्तन
    मेरठ815953,778604
    बरेली465451,823354
    प्रयागराज1,8943878,6312,252
    वाराणसी790624,238658
    गोरखपुर486382,700390
    कुल4,45062721,1704,258

    वाराणसी में 53 छात्रों के बढ़े अंक

    Varanasi क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा जारी सूची के अनुसार स्क्रूटनी के बाद 53 विद्यार्थियों के अंक बढ़े हैं।

    इनमें:

    • इंटरमीडिएट: 51 छात्र
    • हाईस्कूल: 2 छात्र

    क्षेत्रीय उप सचिव भास्कर मिश्रा ने बताया कि शेष सभी आवेदकों के अंकों में कोई बदलाव नहीं पाया गया।

    काशी विद्यापीठ में यूपी बोर्ड छात्रों को मिलेगा 6% अतिरिक्त लाभ

    इधर, Mahatma Gandhi Kashi Vidyapith ने सत्र 2025-26 के मेरिट आधारित प्रवेश के लिए यूपी बोर्ड के इंटरमीडिएट छात्रों को 6 प्रतिशत अतिरिक्त अंक देने का निर्णय लिया है।

    विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार विभिन्न शिक्षा बोर्डों के परीक्षा परिणामों का सांख्यिकीय विश्लेषण करने के बाद स्केलिंग प्रणाली लागू की गई है।

    विभिन्न बोर्डों के लिए स्केलिंग व्यवस्था

    • यूपी बोर्ड: 6% अतिरिक्त अंक
    • बिहार बोर्ड: 5% अतिरिक्त अंक
    • सीबीएसई और अन्य राज्य बोर्ड (उत्तर प्रदेश एवं बिहार को छोड़कर): 2% अतिरिक्त अंक
    • सीआईएससीई एवं एनआईओएस: कोई अतिरिक्त अंक नहीं

    विश्वविद्यालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि स्केलिंग के बाद किसी भी अभ्यर्थी का अधिकतम स्केल्ड स्कोर 98.20 प्रतिशत से अधिक नहीं होगा।

    छात्रों के लिए क्या है महत्व?

    स्क्रूटनी के बाद जिन छात्रों के अंक बढ़े हैं, उन्हें संशोधित अंकपत्र जारी किए जाएंगे। वहीं महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ की स्केलिंग नीति से यूपी बोर्ड के छात्रों को मेरिट आधारित प्रवेश में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिलने की उम्मीद है।

  • भारत-चीन के बीच संतुलन पर बोले न्यूजीलैंड के PM लक्सन, कहा- ‘जहां सहयोग संभव हो, वहां करें, मतभेदों को समझदारी से संभालें’

    भारत-चीन के बीच संतुलन पर बोले न्यूजीलैंड के PM लक्सन, कहा- ‘जहां सहयोग संभव हो, वहां करें, मतभेदों को समझदारी से संभालें’

    पीएम मोदी के न्यूजीलैंड दौरे से पहले क्रिस्टोफर लक्सन का बड़ा बयान, खालिस्तान पर भी अपनाया सख्त रुख

    नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के न्यूजीलैंड दौरे से पहले वहां के प्रधानमंत्री Christopher Luxon (क्रिस्टोफर लक्सन) ने भारत, चीन और वैश्विक कूटनीति को लेकर महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने कहा कि किसी भी देश के साथ संबंधों का आधार व्यावहारिक सहयोग और स्पष्ट संवाद होना चाहिए। जहां सहयोग की संभावना हो, वहां साथ काम किया जाए और जहां मतभेद हों, उन्हें स्वीकार कर समझदारी से संभाला जाए।

    न्यूज18 को दिए एक इंटरव्यू में लक्सन ने भारत और चीन के बीच संतुलन बनाने के सवाल पर कहा कि अंतरराष्ट्रीय संबंध किसी भी सामान्य रिश्ते की तरह होते हैं। उन्होंने कहा कि देशों को उन क्षेत्रों में सहयोग करना चाहिए जहां साझा हित हों, जबकि मतभेद वाले मुद्दों पर खुलकर बातचीत और समाधान की दिशा में काम करना चाहिए।

    अमेरिका का उदाहरण देकर समझाया संतुलन

    लक्सन ने कहा कि न्यूजीलैंड के United States के साथ गहरे रणनीतिक और आर्थिक संबंध हैं, लेकिन टैरिफ जैसे मुद्दों पर दोनों देशों के बीच मतभेद भी हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि न्यूजीलैंड उच्च आयात शुल्क (हाई टैरिफ) की नीति का समर्थक नहीं है और मुक्त व्यापार को वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए अधिक लाभकारी मानता है।

    चीन के साथ रिश्तों पर क्या बोले?

    China के साथ संबंधों पर लक्सन ने कहा कि दोनों देशों के बीच कई क्षेत्रों में सहयोग जारी है, लेकिन इतिहास, राजनीतिक व्यवस्था और कई नीतिगत मुद्दों पर मतभेद भी मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि इन मतभेदों को टकराव में बदलने के बजाय स्पष्टता, ईमानदारी और संवाद के जरिए संभालना ही सबसे बेहतर तरीका है।

    उन्होंने कहा कि न्यूजीलैंड अपने समान विचारधारा वाले साझेदार देशों के साथ मिलकर हमेशा अपने राष्ट्रीय हितों और मूल्यों को प्राथमिकता देगा।

    पीएम मोदी के दौरे से पहले अहम संदेश

    प्रधानमंत्री Narendra Modi तीन देशों की यात्रा पर रवाना हो चुके हैं, जिसमें न्यूजीलैंड भी शामिल है। इस यात्रा को भारत-न्यूजीलैंड संबंधों को नई मजबूती देने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। लक्सन के बयान को दोनों देशों के बीच बढ़ते रणनीतिक और आर्थिक सहयोग के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

    खालिस्तान पर अपनाया सख्त रुख

    इंटरव्यू के दौरान लक्सन ने खालिस्तान समर्थक गतिविधियों पर भी स्पष्ट और सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि खालिस्तान से जुड़ी गतिविधियों ने भारत को काफी नुकसान पहुंचाया है और न्यूजीलैंड किसी भी प्रकार की धमकी, हिंसा या डराने-धमकाने वाली गतिविधियों को बिल्कुल स्वीकार नहीं करेगा।

    उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने भारत और न्यूजीलैंड के बीच आतंकवाद विरोधी सहयोग और सुरक्षा साझेदारी को और मजबूत करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

    भारत-न्यूजीलैंड संबंधों को मिलेगा नया आयाम

    विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी की प्रस्तावित न्यूजीलैंड यात्रा व्यापार, निवेश, शिक्षा, कृषि, रक्षा सहयोग और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा दे सकती है। लक्सन का बयान यह संकेत देता है कि न्यूजीलैंड भारत को क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर एक महत्वपूर्ण साझेदार के रूप में देख रहा है।