अमृत महोत्सव (75वें जन्मोत्सव) का निमंत्रण देने पहुंचे थे खडसे
मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। वरिष्ठ नेता एकनाथ खडसे ने शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) प्रमुख उद्धव ठाकरे से उनके निवास ‘मातोश्री’ पर मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान सांसद संजय राउत भी मौजूद थे। हाल ही में भाजपा नेता विनोद तावड़े से मुलाकात के बाद एकनाथ खडसे की भाजपा में वापसी की अटकलें तेज हो गई थीं। ऐसे में उद्धव ठाकरे से उनकी मुलाकात ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया।
हालांकि, एकनाथ खडसे ने इस मुलाकात को पूरी तरह गैर-राजनीतिक बताते हुए सभी अटकलों पर विराम लगाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि अगले महीने उनका अमृत महोत्सव (75वां जन्मोत्सव) कार्यकर्ताओं द्वारा बड़े उत्साह के साथ मनाया जाएगा। इसी कार्यक्रम का निमंत्रण देने के लिए वे उद्धव ठाकरे से मिलने ‘मातोश्री’ पहुंचे थे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस मुलाकात का राजनीति से कोई संबंध नहीं है।
गौरतलब है कि एकनाथ खडसे लंबे समय तक भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता रहे हैं। बाद में उन्होंने भाजपा छोड़कर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) का दामन थाम लिया था। उनकी पुत्रवधू रक्षा खडसे केंद्र सरकार में मंत्री हैं और भाजपा की प्रमुख नेताओं में शामिल हैं। ऐसे में समय-समय पर खडसे की भाजपा में संभावित ‘घर वापसी’ को लेकर चर्चाएं होती रहती हैं।
इस बीच, कुछ दिन पहले एकनाथ खडसे के दामाद प्रांजल खेवलकर का नाम पुणे में कथित रेव पार्टी मामले में सामने आया था। पुलिस ने छापेमारी के दौरान उन्हें हिरासत में लिया था। बताया गया था कि जिस स्थान पर पार्टी आयोजित की गई थी, उसकी बुकिंग प्रांजल खेवलकर के नाम पर थी। इस मामले के बाद खडसे परिवार सुर्खियों में आ गया था। खडसे की बेटी और नेता रोहिणी खडसे ने सार्वजनिक रूप से अपने पति का समर्थन किया था और न्यायालय में भी उनके साथ मौजूद रही थीं।
फिलहाल, उद्धव ठाकरे और एकनाथ खडसे की इस मुलाकात ने एक बार फिर महाराष्ट्र की राजनीति में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। हालांकि खडसे ने साफ कर दिया है कि यह केवल उनके अमृत महोत्सव समारोह का निमंत्रण देने के उद्देश्य से हुई शिष्टाचार भेंट थी और इसका किसी राजनीतिक घटनाक्रम से कोई संबंध नहीं है।

