मुंबई: महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (MPSC) की प्रतियोगी परीक्षाओं को CBT (Computer Based Test) पद्धति से कराने और नॉर्मलाइजेशन प्रणाली लागू करने के फैसले के विरोध में महाराष्ट्र कांग्रेस ने आंदोलन का ऐलान किया है। कांग्रेस की ओर से बुधवार 8 जुलाई 2026 से CBD बेलापुर स्थित MPSC मुख्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन श्रृंखला उपवास और धरना आंदोलन शुरू किया जाएगा।
कांग्रेस का कहना है कि MPSC का यह निर्णय राज्य के लाखों प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थियों के भविष्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। पार्टी के अनुसार, इस फैसले से विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और डिजिटल सुविधाओं से वंचित छात्रों को नुकसान होने की आशंका है।
छात्रों के समर्थन में कांग्रेस का मोर्चा
महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने कहा कि पार्टी शुरुआत से ही छात्रों की मांगों का समर्थन कर रही है। विधानसभा सत्र के दौरान महाविकास आघाड़ी के विधायकों ने भी इस मुद्दे को सदन में उठाया था।
कांग्रेस ने बताया कि इस मामले में MPSC अध्यक्ष विवेक भीमनवार से दो बार फोन पर संपर्क कर कांग्रेस प्रतिनिधियों, छात्रों और विभिन्न छात्र संगठनों के साथ संयुक्त बैठक आयोजित करने की मांग की गई थी, लेकिन अब तक कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली है।
10 दिन का दिया था अल्टीमेटम
कांग्रेस के रोजगार एवं स्वयंरोजगार विभाग की ओर से 28 जून 2026 को चेतावनी दी गई थी कि यदि 10 दिनों के भीतर CBT पद्धति से परीक्षा कराने का फैसला वापस नहीं लिया गया, तो पार्टी छात्रों के समर्थन में आंदोलन करेगी।
कांग्रेस का आरोप है कि सरकार और MPSC प्रशासन ने इस चेतावनी को गंभीरता से नहीं लिया, जिसके बाद अब आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया गया है।
कांग्रेस नेताओं की होगी भागीदारी
इस आंदोलन में महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष आबा दळवी और प्रदेश महासचिव तथा रोजगार एवं स्वयंरोजगार विभाग के अध्यक्ष धनंजय रामकृष्ण शिंदे सहित पार्टी के पदाधिकारी शामिल होंगे।
कांग्रेस ने मांग की है कि छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए MPSC परीक्षा में CBT प्रणाली और नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया लागू करने के फैसले पर पुनर्विचार किया जाए।

