सूचना के अधिकार (RTI) के दायरे से बाहर रखा गया, पारदर्शिता पर सवाल
राम भक्तों की दान का हिसाब दो : हर्षवर्धन सपकाल का केंद्र और ट्रस्ट पर बड़ा हमला (Congress Launches Ram Satyagraha)
मुंबई/नासिक, 7 जुलाई। महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने अयोध्या स्थित राम मंदिर ट्रस्ट में कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों को लेकर सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस मामले में केवल एसआईटी जांच पर्याप्त नहीं है और निष्पक्ष जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त या वर्तमान न्यायाधीश की निगरानी में जांच कराई जानी चाहिए।

इसी मांग को लेकर कांग्रेस ने मंगलवार को नासिक के कालाराम मंदिर से ‘रघुपति राघव राजाराम सत्याग्रह’ की शुरुआत की। पार्टी ने घोषणा की है कि 9 जुलाई से यह सत्याग्रह पूरे महाराष्ट्र में आयोजित किया जाएगा।

सत्याग्रह कार्यक्रम में सांसद शोभा बच्छाव, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मोहन जोशी, शरद अहिर, नासिक शहर कांग्रेस अध्यक्ष निलेश (बबलू) खैरे, नासिक ग्रामीण उत्तर के जिलाध्यक्ष रमेश कहांडोळे, दक्षिण के जिलाध्यक्ष भरत टाकेकर, प्रदेश महासचिव संदीप पाटील, ज्ञानेश्वर गायकवाड़, वत्सला खैरे सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत ‘रघुपति राघव राजाराम’ भजन से हुई और समापन ‘पसायदान’ के साथ किया गया।
राम भक्तों की oev का हिसाब मांगा
मीडिया से बातचीत में हर्षवर्धन सपकाल ने आरोप लगाया कि राम मंदिर निर्माण के बाद देश-विदेश के करोड़ों श्रद्धालुओं ने ट्रस्ट को नकद, सोना, चांदी और अन्य बहुमूल्य वस्तुओं के रूप में बड़ी मात्रा में दान दिया। उन्होंने मांग की कि इन मुंबई/नासिक, 7 जुलाई। महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने अयोध्या स्थित राम मंदिर ट्रस्ट में कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों को लेकर सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस मामले में केवल एसआईटी जांच पर्याप्त नहीं है और निष्पक्ष जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त या वर्तमान न्यायाधीश की निगरानी में जांच कराई जानी चाहिए।
इसी मांग को लेकर कांग्रेस ने मंगलवार को नासिक के कालाराम मंदिर से ‘रघुपति राघव राजाराम सत्याग्रह’ की शुरुआत की। पार्टी ने घोषणा की है कि 9 जुलाई से यह सत्याग्रह पूरे महाराष्ट्र में आयोजित किया जाएगा।
सत्याग्रह कार्यक्रम में सांसद शोभा बच्छाव, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मोहन जोशी, शरद अहिर, नासिक शहर कांग्रेस अध्यक्ष निलेश (बबलू) खैरे, नासिक ग्रामीण उत्तर के जिलाध्यक्ष रमेश कहांडोळे, दक्षिण के जिलाध्यक्ष भरत टाकेकर, प्रदेश महासचिव संदीप पाटील, ज्ञानेश्वर गायकवाड़, वत्सला खैरे सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत ‘रघुपति राघव राजाराम’ भजन से हुई और समापन ‘पसायदान’ के साथ किया गया।
सूचना के अधिकार (RTI) के दायरे से बाहर रखा गया, पारदर्शिता पर सवाल
मीडिया से बातचीत में हर्षवर्धन सपकाल ने आरोप लगाया कि राम मंदिर निर्माण के बाद देश-विदेश के करोड़ों श्रद्धालुओं ने ट्रस्ट को नकद, सोना, चांदी और अन्य बहुमूल्य वस्तुओं के रूप में बड़ी मात्रा में दान दिया। उन्होंने मांग की कि इन दान का पूरा हिसाब सार्वजनिक किया जाए और यदि किसी प्रकार की अनियमितता हुई है तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राम मंदिर ट्रस्ट में केंद्र सरकार और भाजपा से जुड़े लोगों को शामिल किया गया तथा ट्रस्ट को सूचना के अधिकार (RTI) के दायरे से बाहर रखा गया, जिससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े हुए हैं।
एसआईटी जांच पर उठाए सवाल
सपकाल ने कहा कि इस मामले में चल रही एसआईटी जांच केवल औपचारिकता प्रतीत होती है। उन्होंने दावा किया कि यदि आरोप सही हैं तो निष्पक्ष जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी आवश्यक है।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी अन्य समुदाय का व्यक्ति आरोपी होता तो उसके खिलाफ तत्काल कठोर कार्रवाई होती। इसी संदर्भ में उन्होंने सवाल उठाया कि यदि संबंधित लोगों पर आरोप हैं तो उनके खिलाफ समान मानकों के अनुसार कार्रवाई कब होगी।
9 जुलाई से राज्यव्यापी सत्याग्रह
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि पार्टी का यह आंदोलन किसी धार्मिक भावना के खिलाफ नहीं, बल्कि पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग के लिए है। उन्होंने कहा कि 9 जुलाई से महाराष्ट्र के सभी जिलों में ‘रघुपति राघव राजाराम सत्याग्रह’ आयोजित किया जाएगा।
सपकाल ने कहा कि कांग्रेस भगवान श्रीराम के प्रति आस्था रखती है और श्रद्धालुओं द्वारा मंदिर को दी गई देणगियों के उपयोग में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित होना आवश्यक है।का पूरा हिसाब सार्वजनिक किया जाए और यदि किसी प्रकार की अनियमितता हुई है तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राम मंदिर ट्रस्ट में केंद्र सरकार और भाजपा से जुड़े लोगों को शामिल किया गया तथा ट्रस्ट को सूचना के अधिकार (RTI) के दायरे से बाहर रखा गया, जिससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े हुए हैं।
एसआईटी जांच पर उठाए सवाल
सपकाल ने कहा कि इस मामले में चल रही एसआईटी जांच केवल औपचारिकता प्रतीत होती है। उन्होंने दावा किया कि यदि आरोप सही हैं तो निष्पक्ष जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी आवश्यक है।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी अन्य समुदाय का व्यक्ति आरोपी होता तो उसके खिलाफ तत्काल कठोर कार्रवाई होती। इसी संदर्भ में उन्होंने सवाल उठाया कि यदि संबंधित लोगों पर आरोप हैं तो उनके खिलाफ समान मानकों के अनुसार कार्रवाई कब होगी।
9 जुलाई से राज्यव्यापी सत्याग्रह
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि पार्टी का यह आंदोलन किसी धार्मिक भावना के खिलाफ नहीं, बल्कि पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग के लिए है। उन्होंने कहा कि 9 जुलाई से महाराष्ट्र के सभी जिलों में ‘रघुपति राघव राजाराम सत्याग्रह’ आयोजित किया जाएगा।
सपकाल ने कहा कि कांग्रेस भगवान श्रीराम के प्रति आस्था रखती है और श्रद्धालुओं द्वारा मंदिर को दी गई देणगियों के उपयोग में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित होना आवश्यक है।

