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Allegation of irregularities in the tender: भिवंडी मनपा में टेंडर में गड़बड़ का आरोप, फेब्रिकेशन के नाम पर स्क्रैप की नीलामी

भिवंडी मनपा टेंडर घोटाला? फेब्रिकेशन के नाम पर स्क्रैप नीलामी का विवाद
भिवंडी मनपा टेंडर घोटाला? फेब्रिकेशन के नाम पर स्क्रैप नीलामी का विवाद
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भिवंडी मनपा में फेब्रिकेशन के नाम पर स्क्रैप नीलामी को लेकर टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप, पूर्व नगरसेवक ने की टेंडर रद्द कर पुनः निविदा की मांग

भिवंडी: भिवंडी मनपा में टेंडर प्रक्रिया को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। मनपा द्वारा स्क्रैप नीलामी के लिए फेब्रिकेशन के नाम पर जारी टेंडर को लेकर पूर्व नगरसेवक अरुण राउत ने अधिकारियों पर मनमानी और गड़बड़ी का आरोप लगाया है। पूर्व नगरसेवक राउत और दीपक ट्रेडर्स, उल्हासनगर ने मनपा आयुक्त अनमोल सागर को एक ज्ञापन सौंपते हुए निविदा को रद्द कर नए सिरे से पारदर्शी प्रक्रिया से टेंडर निकालने की मांग की है।

फेब्रिकेशन के नाम पर स्क्रैप नीलामी का टेंडर

ज्ञापन के अनुसार, मनपा के निर्माण, बिजली और जल आपूर्ति विभागों द्वारा अनुपयोगी स्क्रैप सामग्री की नीलामी के लिए 8 जुलाई 2025 को निविदा सूचना संख्या 1/2025 (ई-निविदा संख्या 1198555) के तहत टेंडर आमंत्रित किया गया था।
राउत के अनुसार, स्क्रैप की निविदा फेब्रिकेशन के नाम पर जारी की गई और तकनीकी खामियों के चलते कई इच्छुक बोलीदाता निविदा में हिस्सा नहीं ले सके। लगभग 25 इच्छुक ठेकेदारों ने सामग्री का निरीक्षण कर प्रमाण पत्र भी प्राप्त किया था, लेकिन तकनीकी कारणों से केवल 7 बोलीदाता ही आवेदन कर सके, जिनमें से मात्र 3 को ही वैध ठहराया गया जो कथित रूप से एक ही समूह से जुड़े हुए हैं।

BOQ में गड़बड़ी और दस्तावेज़ स्वीकार नहीं होने का आरोप

बोलीदाताओं का आरोप है कि टेंडर पोर्टल पर BOQ में रेट डालना संभव नहीं था और जरूरी दस्तावेज़ अपलोड नहीं हो पा रहे थे। जब इसकी शिकायत मनपा अधिकारियों से की गई, तो उन्हें दोबारा टेंडर निकालने का आश्वासन दिया गया, लेकिन बाद में यही टेंडर आगे बढ़ा दिया गया।

पूर्व नगरसेवक ने की कार्रवाई की मांग

पूर्व नगरसेवक अरुण राउत ने आरोप लगाया कि टेंडर की प्रक्रिया में जानबूझकर बाधाएं डाली गईं ताकि कुछ चुनिंदा ठेकेदारों को अनुचित लाभ मिल सके। उन्होंने मांग की है कि इस पूरे टेंडर की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और निविदा को रद्द कर नए सिरे से पारदर्शी टेंडर निकाला जाए ताकि मनपा को अधिकतम राजस्व प्राप्त हो सके।

आयुक्त ने नहीं दिया जवाब

मामले में मनपा आयुक्त अनमोल सागर से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन कॉल का उत्तर नहीं दिया।

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