rashtriyaswabhimaan.com
Hindi News / Maharashtra / Mumbai

BJP Corporate Hindutva: भाजपा देश के हवाई अड्डे, बंदरगाह और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियाँ पहले ही बेच चुकी है, अब देवी-देवताओं और महापुरुषों को भी नहीं बख्शा : कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत

सिर्फ चार दिनों में 6,55,709 मतदाता कैसे जुड़े? – सचिन सावंत का भाजपा और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप
सिर्फ चार दिनों में 6,55,709 मतदाता कैसे जुड़े? – सचिन सावंत का भाजपा और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप
Article Top Ad

भाजपा का ‘कॉरपोरेट हिंदुत्व’: सचिन सावंत का आरोप, कहा अस्मिता और आस्था का हो रहा सौदा

मुंबई: कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता सचिन सावंत ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि भारतीय जनता पार्टी और आरएसएस ने सत्ता के लिए धर्म, अस्मिता और राष्ट्रीय गौरव का व्यापार शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा का तथाकथित हिंदुत्व अब “कार्पोरेट हिंदुत्व” बन चुका है, जहां देव-दैवत और महापुरुषों तक को प्रायोजक कंपनियों के हवाले किया जा रहा है।

गांधी भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सावंत ने कहा, “छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस का नाम अब कोटक छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस कर दिया गया है। सिद्धिविनायक मेट्रो स्टेशन को आईसीआईसीआई लोम्बार्ड, महालक्ष्मी स्टेशन को एचडीएफसी लाइफ और आचार्य अत्रे स्टेशन को निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड के नाम से जोड़ा गया है। यह महाराष्ट्र की अस्मिता और श्रद्धा का घोर अपमान है।”

उन्होंने मांग की कि उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और अजित पवार इस नामकरण पर जनता के सामने स्पष्टीकरण दें। सावंत ने कहा कि कांग्रेस पार्टी और स्वाभिमानी जनता यह अपमान किसी भी कीमत पर सहन नहीं करेगी।

सावंत ने आगे कहा कि जब देश में किसान, मजदूर, बेरोजगारी और महिलाओं की सुरक्षा जैसे असली मुद्दे हैं, तब भाजपा नामकरण की राजनीति कर जनता का ध्यान भटका रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने इलाहाबाद का प्रयागराज, फैजाबाद का अयोध्या, दिल्ली के राजपथ का कर्तव्यपथ और रेसकोर्स रोड का लोक कल्याण मार्ग कर दिया, लेकिन नेहरू और गांधी के नामों को हटाने में उसे परेशानी नहीं होती।

उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “भाजपा ने देश की संपत्तियाँ — हवाई अड्डे, बंदरगाह, सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियाँ — पहले ही कार्पोरेट्स को सौंप दी हैं, अब देवताओं और महापुरुषों की अस्मिता भी बेचने निकल पड़ी है। जो पार्टी धर्म और संस्कारों की बात करती है, वही अब देवालयों और आस्थाओं के नाम पर सौदेबाज़ी कर रही है — यही भाजपा का असली, दोगला हिंदुत्व है।”

Article Inline Ad
Article Bottom Ad