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MUSLIM-HINDU: कांग्रेस राम-विरोधी और उबाठा मुस्लिम वोटों के लिए उर्दू में प्रचार कर रही है: संजय निरुपम

कांग्रेस राम-विरोधी, उबाठा उर्दू में प्रचार कर रही: संजय निरुपम का तीखा हमला
कांग्रेस राम-विरोधी, उबाठा उर्दू में प्रचार कर रही: संजय निरुपम का तीखा हमला
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मुंबई। शिवसेना नेता संजय निरुपम(Sanjay Nirupam) ने कांग्रेस और उद्धव ठाकरे गुट (उबाठा) (UBT Shiv Sena) पर जोरदार हमला बोला है। नाना पटोले (Nana Patole) द्वारा राहुल गांधी(Rahul Gandhi) की तुलना भगवान राम से किए जाने पर निरुपम ने कांग्रेस को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि कांग्रेस की पहचान शुरू से ही राम-विरोधी रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाए और आज तक अयोध्या में बने राम मंदिर में दर्शन तक नहीं किए।

संजय निरुपम ने कहा, “कांग्रेस के नेता खुद को राम के आदर्शों से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि सच्चाई यह है कि वे रावण के अनुयायी रहे हैं। अगर नाना पटोले का दावा है कि राहुल गांधी भगवान राम के आदर्शों के अनुसार दबे-कुचले लोगों के लिए काम कर रहे हैं, तो फिर हर दो महीने में वे कोलंबिया, पेरू, इटली, लंदन और थाईलैंड क्यों जाते हैं? आखिर यह किस तरह का जनसेवा कार्य है?”

निरुपम ने उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना पर भी तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि जिस शिवसेना की स्थापना हिंदूहृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे ने की थी और जो हमेशा हिंदी, हिंदू और हिंदुस्तान के विचारों के साथ मजबूती से खड़ी रही, आज वही पार्टी मुस्लिम वोट बैंक के लिए अपनी मूल पहचान से भटकती नजर आ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि उबाठा गुट प्रचार में हिंदी और मराठी को छोड़कर उर्दू भाषा का इस्तेमाल कर रहा है।

संजय निरुपम ने आगे कहा कि उद्धव ठाकरे गुट जिहादी सोच रखने वालों के साथ खड़ा दिखाई दे रहा है और उन्हें अपनी पार्टी में शामिल कर रहा है। यह इस गुट की असलियत को उजागर करता है और शिवसेना की मूल विचारधारा से पूरी तरह अलग है।

मुंबई महानगरपालिका (मनपा) चुनाव को लेकर निरुपम ने दावा किया कि मुंबई का अगला मेयर मराठी मानुस होगा और वह छत्रपति शिवाजी महाराज के विचारों से प्रेरित होगा। उन्होंने कहा कि मुंबई की मराठी जनता ही अंतिम फैसला करेगी और किसी भी तरह की तुष्टिकरण की राजनीति को नकार देगी।

इसके अलावा संजय निरुपम ने बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों को देखते हुए शाहरुख खान को अपनी टीम में बांग्लादेशी खिलाड़ी शामिल नहीं करने चाहिए। निरुपम के इस बयान ने राजनीतिक के साथ-साथ फिल्मी हलकों में भी चर्चा तेज कर दी है।

कुल मिलाकर संजय निरुपम के इन बयानों से महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर सियासी तापमान बढ़ गया है और आगामी मनपा चुनावों से पहले आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।

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