आईवीएफ (IVF) का महंगा होना और उसके बाद असफल होना भावनात्मक और आर्थिक दोनों रूप से बहुत कठिन है। 2025-26 के आंकड़ों के अनुसार, भारत में एक IVF चक्र की लागत लगभग ₹1,25,000 से ₹2,50,000 के बीच है।पैसे बचाने और सफलता की संभावना बढ़ाने के लिए आप निम्नलिखित विकल्पों पर विचार कर सकते हैं:
आर्थिक सहायता और लागत कम करने के उपाय
- सरकारी योजनाएं:
- ESIC: ₹21,000 प्रति माह से कम आय वाली महिलाओं को ESIC-अनुमोदित केंद्रों पर मुफ्त IVF मिल सकता है。
- Ayushman Bharat: कुछ विशेष प्रजनन प्रक्रियाओं के लिए सालाना ₹5 लाख तक का कवर मिल सकता है。
- CGHS: केंद्र सरकार के कर्मचारियों को 3 चक्रों तक आंशिक प्रतिपूर्ति (reimbursement) मिल सकती है。
- NGO और चैरिटेबल ट्रस्ट: ISAR (डॉ. साधना देसाई फंड) पात्र जोड़ों को ₹50,000 की मदद देता है。 इसके अलावा, रोटरी क्लब और रेड क्रॉस सोसाइटी भी आर्थिक सहायता प्रदान करते हैं。
सफलता की संभावना बढ़ाने के तरीके
- उन्नत तकनीकें: यदि बार-बार असफलता मिल रही है, तो PGT-A (भ्रूण की अनुवांशिक जांच) और ERA (गर्भाशय की ग्रहणक्षमता की जांच) जैसे टेस्ट करवाएं。
- जीवनशैली में बदलाव: वजन घटाने, एंटीऑक्सीडेंट युक्त आहार (पालक, मेथी, फल) और तनाव कम करने से अंडों और शुक्राणुओं की गुणवत्ता में सुधार होता है。
- डॉक्टर का चयन: 35 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए सफलता दर लगभग 40-50% होती है, जबकि 30 से कम में यह 60% से अधिक हो सकती है。 हमेशा उच्च सफलता दर वाले केंद्रों को प्राथमिकता दें।

