Mumbra Water Reservoirs: मुंब्रा पाणी पुरवठा विभाग की बड़ी लापरवाही उजागर, टूटी टंकियां और फटी पाइप लाइन से हजारों लीटर पानी बर्बाद। मुंब्रा में पानी संकट को लेकर समय-समय पर आंदोलन और राजनीति करने वाले नेताओं के दावों के बीच पाणी पुरवठा विभाग की गंभीर लापरवाही सामने आई है। जिस जल भंडारण केंद्र से हजारों नागरिकों के घरों तक पानी पहुंचाया जाता है, वहीं की टंकियों की हालत बेहद खराब और चिंताजनक दिखाई दे रही है। स्थानीय निरीक्षण के दौरान देखा गया कि पानी स्टोर करने वाली बड़ी टंकियों के लोहे के ढक्कन पूरी तरह जर्जर और सड़े हुए हैं।
कई जगहों पर ढक्कन टूट चुके हैं, जिससे टंकी के अंदर सीधे धूल-मिट्टी और गंदगी जा रही है। सबसे हैरानी की बात यह है कि टंकियों के आसपास किसी प्रकार का सुरक्षा कवच या जाली तक मौजूद नहीं है, जिससे चूहे या छोटे जानवर आसानी से अंदर गिर सकते हैं। आसपास फैली गंदगी को देखकर यह आशंका भी जताई जा रही है कि अब तक कई चूहे या अन्य जानवर टंकियों में गिर चुके होंगे। सवाल यह उठता है कि क्या इसी गंदे और असुरक्षित सिस्टम का पानी मुंब्रा की जनता पीने को मजबूर है? इतना ही नहीं, पाणी पुरवठा विभाग के कार्यालय परिसर में भी भारी गंदगी देखी गई।
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विभाग की सफाई व्यवस्था पूरी तरह लचर नजर आई, जबकि यही विभाग जनता को स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने का दावा करता है। वहीं दूसरी ओर, विभाग के बाहर मुख्य पाइप लाइन पिछले कई महीनों से टूटी हुई बताई जा रही है। पाइप लाइन से लगातार बड़ी मात्रा में पानी बहकर बर्बाद हो रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने अब तक इसकी मरम्मत करना जरूरी नहीं समझा। विडंबना यह है कि शहर में पानी को लेकर आंदोलन करने वाले कई नेता और सामाजिक कार्यकर्ता इस टूटे पाइप लाइन और हजारों लीटर बर्बाद हो रहे पानी को शायद देख नहीं पा रहे हैं।
जनता सवाल पूछ रही है कि आखिर आंदोलन सिर्फ कैमरों तक सीमित हैं या वास्तव में पानी बचाने की कोई गंभीर चिंता भी है? मुंब्रा के नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की तत्काल जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए और जल भंडारण केंद्र की सफाई, सुरक्षा तथा टूटी पाइप लाइन की मरम्मत जल्द से जल्द कराई जाए।

