Jantar Mantar Bungalow Sale: दिल्ली उच्च न्यायालय ने गुरुवार को कांग्रेस द्वारा दायर एक याचिका पर केंद्र और दिल्ली सरकार से जवाब मांगा है। इस याचिका में कांग्रेस ने 7, जंतर-मंतर रोड स्थित बंगले की ‘सेल डीड’ (बिक्री विलेख) उसके पक्ष में निष्पादित करने का निर्देश देने का अनुरोध किया है।
कांग्रेस की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी और प्रशांतो सेन अदालत में पेश हुए, जबकि केंद्र सरकार का प्रतिनिधित्व स्थायी वकील आशीष दीक्षित ने किया। सुनवाई के दौरान सिंघवी ने अदालत से सरकार को यह संपत्ति किसी तीसरे पक्ष को आवंटित करने से रोकने का आग्रह किया।
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इस रिट याचिका की सुनवाई योग्य माने जाने पर आपत्ति जताते हुए न्यायमूर्ति पुरुषैन्द्र कुमार कौरव ने कहा कि अंतरिम राहत की मांग पर तभी विचार किया जाएगा जब याचिकाकर्ता इस बिंदु पर न्यायालय को संतुष्ट कर देगा। कांग्रेस ने दलील दी कि भारत सरकार ने 1956 में उसे यह संपत्ति आवंटित की थी और पार्टी ने 1959 में ही अतिरिक्त प्रीमियम व वार्षिक भूमि किराए के साथ 6,10,700 रुपये की पूरी बिक्री राशि का भुगतान कर दिया था।
कांग्रेस का कहना है कि परिसर के कुछ हिस्सों पर काबिज किरायेदारों द्वारा शुरू की गयी मुकदमेबाजी और फिर 1969 में कांग्रेस के विभाजन के कारण इस डीड के निष्पादन में देरी हुई। न्यायालय ने इस मामले में नोटिस जारी करते हुए अगली सुनवाई के लिए मामले को सितंबर में सूचीबद्ध किया है।

