Meenatai Thackeray Rangayatan: शहर की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान माने जाने वाले छत्रपति शिवाजी महाराज अश्वारूढ़ प्रतिमा स्थल तथा मीनाताई ठाकरे रंगायतन के नवीनीकरण कार्य का जनप्रतिनिधियों द्वारा निरीक्षण किया गया। वर्षों से लंबित पड़े इन कार्यों की वर्तमान स्थिति जानने के लिए प्रभाग समिति क्रमांक-5 के सभापति वैभव भोईर के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने दोनों स्थलों का दौरा कर कामकाज की समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान पूर्व विधायक रूपेश म्हात्रै, स्थायी समिति सदस्य मयूरेश पाटिल, वरिष्ठ नगरसेवक नीलेश चौधरी, शफ मोमिन, नगरसेविका रोमा आलशी, नेहा काठवले, पप्पू राका तथा शिव सेना (शिंदे गुट) के पूर्व विधानसभा शहर प्रमुख संजय काबूकर सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
बताया गया कि मीनाताई ठाकरे रंगायतन वर्ष 2017 से जर्जर स्थिति के कारण बंद पड़ा था। तत्कालीन मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे द्वारा इसके मरम्मत कार्य के लिए 15 करोड़ रुपये मंजूर किए गए थे, लेकिन फंड की कमी और अन्य प्रशासनिक कारणों से काम लंबे समय तक ठप रहा। अब तक नगर निगम को लगभग 57 प्रतिशत निधि प्राप्त हो चुकी है, जिसमें से 20 प्रतिशत राशि ठेकेदार को दी जा चुकी है।
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इसके बावजूद काम अभी भी अधूरा है। बीच में नगर निगम आयुक्त अनमोल सागर ने स्वयं स्थल का दौरा कर एक महीने के भीतर काम पूरा करने के निर्देश दिए थे, लेकिन अब भी कई कार्य शेष हैं। जानकारी के अनुसार ठेकेदार को तीन बार समय सीमा बढ़ाकर दी जा चुकी है।
वहीं छत्रपति शिवाजी महाराज अश्वारूढ़ प्रतिमा स्थल पर भी नवीनीकरण कार्य प्रगति पर है। जनप्रतिनिधियों ने स्पष्ट कहा कि काम में थोड़ा समय और लगे तो भी चलेगा, लेकिन गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए।
पूर्व विधायक रूपेश म्हात्रे ने नाराजगी जताते हुए कहा कि नगर निगम इमारतें तो बना देता है, लेकिन उनके रखरखाव और मरम्मत की लगातार अनदेखी की जाती है, जिसके कारण शहर के महत्वपूर्ण स्मारक और सांस्कृतिक स्थल जर्जर हो रहे हैं। उन्होंने ठेकेदारों को चेतावनी देते हुए कहा कि यह उनके लिए आखिरी मौका है। यदि तय समय सीमा में काम पूरा नहीं हुआ तो शिवसेना शहरवासियों के साथ सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी और प्रशासन से जवाब मांगेगी।
इस अवसर पर Vaibhav Bhoir ने कहा, “फंड की कमी और अन्य कारणों से दोनों परियोजनाओं का काम लंबे समय तक अटका हुआ था। आज निरीक्षण के दौरान दोनों स्थानों पर बड़े पैमाने पर काम प्रगति पर दिखाई दिया। छत्रपति शिवाजी महाराज अश्वारूढ़ प्रतिमा स्थल का कार्य काफी हद तक पूरा हो चुका है, जबकि रंगायतन के काम में तेजी लाने के लिए ठेकेदार को और अधिक मेहनत करने की आवश्यकता है।”

