Major Crackdown on Sand Storage: जिला प्रशासन ने अवैध रेत खनन और भंडारण के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए गुरुवार को केवणी और काल्हेर क्षेत्र में बड़ी संयुक्त कार्रवाई की। आरक्षित वन एवं गुरुचरण क्षेत्र में अवैध रूप से बनाए गए रेत भंडारण स्थलों को ध्वस्त कर रेत माफियाओं को बड़ा झटका दिया गया।
यह कार्रवाई जिला कलेक्टर श्रीकृष्ण पांचाल, अतिरिक्त जिला कलेक्टर हरिश्चंद्र पाटिल तथा उपविभागीय अधिकारी अमित सानप के मार्गदर्शन में और भिवंडी तहसीलदार अभिजीत खोले के आदेश पर की गई।
अभियान में मंडल अधिकारी सुधाकर कामडी, शैलेश भोजने, गणेश विशे तथा रवींद्र काले के नेतृत्व में राजस्व विभाग, मैंग्रोव संरक्षण इकाई ठाणे, वन विभाग, भिवंडी ग्रामीण पुलिस, नारपोली पुलिस, पंचायत समिति भिवंडी एवं संबंधित ग्राम पंचायतों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया।
संबंधित ख़बरें: RTE 25% Admission Process: RTE 25 परसेंट एडमिशन प्रोसेस 2026-27 वेटिंग लिस्ट का दूसरा राउंड शुरू!
कार्रवाई के दौरान जेसीबी मशीनों की सहायता से खाड़ी से अवैध रूप से निकाली गई रेत के भंडारण के लिए बनाई गई कुंडियों (हौजों) को ध्वस्त कर दिया गया। प्रशासन ने केवणी के सर्वे नंबर 181/अ स्थित गुरुचरण क्षेत्र में 15 कुंडियां तथा काल्हेर के सर्वे नंबर 114 स्थित आरक्षित वन क्षेत्र में 8 कुंडियां नष्ट कीं। कुल 23 अवैध रेत भंडारण कुंडियों को जमींदोज किया गया।
जांच में पाया गया था कि इन कुंडियों में खाड़ी से चोरी-छिपे लाई गई रेत का बड़े पैमाने पर भंडारण किया जा रहा था। प्रशासन का मानना है कि इस कार्रवाई से अवैध रेत कारोबार की पूरी श्रृंखला को बड़ा झटका लगा है और रेत माफियाओं को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।
राजस्व विभाग ने स्पष्ट किया है कि भिवंडी तालुका में अवैध रेत खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से अवैध रेत कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।

