Regional Psychiatric Hospital: हंसी से स्ट्रेस दूर होता है; लाफ्टर थेरेपी प्रोग्राम से ठाणे का साइकेट्रिक हॉस्पिटल खुशियों से भर गया!

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Regional Psychiatric Hospital: जब हम किसी हॉस्पिटल के बारे में सोचते हैं, तो आमतौर पर हमारे दिमाग में गंभीर चेहरे, दवा और चिंता का माहौल आता है। लेकिन, हाल ही में ठाणे के रीजनल साइकेट्रिक हॉस्पिटल में थोड़ी अलग तस्वीर देखने को मिली। हंसी की आवाज़, तालियों और चेहरों पर खुशी भरी मुस्कान ने पूरे इलाके को खुश कर दिया। मौका था लाफ्टर थेरेपी प्रोग्राम का।मेंटल हेल्थ ट्रीटमेंट में दवा के साथ-साथ खुशी, पॉज़िटिविटी और इमोशनल सपोर्ट की अहमियत को समझते हुए, रीजनल साइकेट्रिक हॉस्पिटल ने यह इनोवेटिव प्रोग्राम ऑर्गनाइज़ किया।

जाने-माने कॉमेडियन एन. अशोक ने अपने सिंपल स्टाइल में मरीज़ों, डॉक्टरों, नर्सों और स्टाफ़ को ज़ोर-ज़ोर से हंसाया।आमतौर पर, मेंटल बीमारियों से जूझ रहे मरीज़ अपनी ज़िंदगी में स्ट्रेस, एंग्ज़ायटी और डिप्रेशन का सामना करते हैं। ऐसे में, दिल खोलकर हंसी के कुछ पल उनके लिए नई उम्मीद का ज़रिया बन सकते हैं। प्रोग्राम के दौरान कई मरीज़ों ने अपने आप हिस्सा लिया। कुछ लोगों के चेहरों पर कई दिनों बाद आई मुस्कान ने वहां मौजूद लोगों के दिल को भी छू लिया।

डिप्टी डायरेक्टर ऑफ़ हेल्थ डॉ. अशोक नंदापुरकर की अध्यक्षता और मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. नेताजी मुलिक के गाइडेंस में ‘वर्कप्लेस पर स्ट्रेस मैनेजमेंट’ के मकसद से एक लाफ्टर थेरेपी प्रोग्राम ऑर्गनाइज़ किया गया। इस प्रोग्राम ने डॉक्टरों, नर्सों और कर्मचारियों को कुछ समय के लिए रोज़ के स्ट्रेस से छुटकारा पाने और पॉजिटिव एनर्जी और मेंटल फ्रेशनेस महसूस करने का मौका दिया।

साइकेट्री के फील्ड के एक्सपर्ट्स के मुताबिक, हंसने से शरीर में पॉजिटिव केमिकल्स बनते हैं। स्ट्रेस कम होता है, कॉन्फिडेंस बढ़ता है और इलाज के प्रोसेस के लिए अच्छा माहौल बनता है। इसलिए, आज पूरी दुनिया में लाफ्टर थेरेपी को एक कॉम्प्लिमेंट्री इलाज के तरीके के तौर पर अपनाया जा रहा है। हंसी मेंटल हेल्थ के लिए एक असरदार दवा है। दिल से निकली हंसी स्ट्रेस कम करती है, पॉजिटिविटी बढ़ाती है और मरीजों की मेंटल हेल्थ को मजबूत करती है।

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