Toyota Technical Education Program: ऑटोमोबाइल क्षेत्र में कौशल विकास को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए टोयोटा किर्लोस्कर मोटर (टीकेएम) ने शारयू टोयोटा के सहयोग से छत्रपति संभाजीनगर स्थित सीएसएमएसएस कॉलेज ऑफ पालीटेक्निक में टोयोटा टेक्निकल एजुकेशन प्रोग्राम (टी-टीईपी) का उद्घाटन किया। यह पहल भारत सरकार की ‘स्किल इंडिया’ और ‘मेक इन इंडिया’ दृष्टि को समर्थन देने की दिशा में कंपनी की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
नव स्थापित प्रशिक्षण केंद्र का उद्घाटन रंजीत पी. मुलाय, पद्माकर एच. मुलाय, डॉ. श्रीकांत जी. देशमुख, डॉ. शशिकांत आर. डिकले, डॉ. गणेश बी. डोंगरे, नसीर मानेर तथा टोयोटा किर्लोस्कर मोटर के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में किया गया।
इस केंद्र का उद्देश्य विद्यार्थियों को उद्योग आधारित प्रशिक्षण एवं व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना है। विशेष रूप से तकनीकी ट्रेड्स का अध्ययन कर रहे ग्रामीण एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को इस कार्यक्रम से लाभ मिलेगा। टी-टीईपी पाठ्यक्रम में शैक्षणिक अध्ययन और वास्तविक औद्योगिक अनुभव का समन्वय किया गया है, जिसके अंतर्गत छात्रों को टोयोटा डीलरशिप्स में इंटर्नशिप का अवसर भी मिलेगा।
कॉलेज में सर्विस एडवाइज़र और सेल्स कंसल्टेंट स्ट्रीम्स पर विशेष ध्यान दिया गया है, जिससे मैकेनिकल इंजीनियरिंग के विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण प्राप्त होगा। कार्यक्रम के अंतर्गत छह तकनीकी ट्रेड्स में प्रशिक्षण दिया जाएगा तथा इसकी वार्षिक क्षमता 480 विद्यार्थियों की है।
प्रशिक्षण केंद्र में आधुनिक इंजन मॉडल्स, कंपोनेंट कट-सेक्शन, सिम्युलेटर्स और अत्याधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं, जो टोयोटा की हाइब्रिड एवं सर्विस टेक्नोलॉजी को समझने में विद्यार्थियों की सहायता करेंगे। इसके साथ ही व्यक्तित्व एवं कार्य संस्कृति विकास से संबंधित विशेष प्रशिक्षण सामग्री भी उपलब्ध कराई गई है।
इस अवसर पर शारयू टोयोटा के निदेशक नसीर मानेर ने कहा कि टी-टीईपी केवल एक प्रशिक्षण केंद्र नहीं, बल्कि उन युवाओं के लिए एक मजबूत मंच है जो ऑटोमोबाइल क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर की शिक्षा और स्थानीय अवसरों के समन्वय से विद्यार्थियों को सफलता के लिए आवश्यक कौशल प्रदान किए जा रहे हैं।
टोयोटा किर्लोस्कर मोटर के कंट्री हेड एवं एक्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट (कॉर्पोरेट अफेयर्स एंड गवर्नेंस) विक्रम गुलाटी ने कहा कि टी-टीईपी जैसी पहल का उद्देश्य युवाओं को उच्च गुणवत्ता वाली व्यावहारिक शिक्षा प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर, कुशल और उद्योग के लिए तैयार बनाना है। यह कार्यक्रम महाराष्ट्र सहित देशभर में तकनीकी शिक्षा और रोजगार कौशल को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

