Major Drug Network Busted: दिल्ली पुलिस के उत्तर-पश्चिम जिला नशीले पदार्थ-रोधी दस्ते ने अंतर-राज्यीय ड्रग सिंडिकेट का भंडाफोड़ करते हुए उसकी तस्करी करने वाले दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से 1.525 किलोग्राम चरस और 3.8 किलोग्राम गांजा बरामद किया है। जब्त की गयी चरस की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगभग 50 लाख रुपये आंकी गयी है।
पुलिस ने एक गुप्त सूचना के आधार पर 11 जून को भलस्वा मेट्रो स्टेशन के पास जाल बिछाया। अधिकारियों ने दोपहर करीब 1:15 बजे नीतीश कुमार (23) नाम के एक संदिग्ध को पकड़ा, जो मूल रूप से बिहार के नवादा जिले का रहने वाला है और फिलहाल भलस्वा डेयरी में रहता है। उसके थैले की तलाशी लेने पर तीन पैकेटों में पैक 1.525 किलोग्राम चरस बरामद हुई।
जहांगीरपुरी थाना में नशीली दवा एवं नशीले पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम की धारा 20/29 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गयी और जांच जारी है।
पुलिस को जांच के दौरान सिंडिकेट के अन्य सदस्यों के बारे में अहम जानकारी मिली। इन सुरागों के आधार पर 16 जून को जहांगीरपुरी मेट्रो स्टेशन के पास एक और आरोपी सुदामा कुमार (22) को उस समय गिरफ्तार किया गया, जब वह अपने साथी को 3.8 किलोग्राम गांजे की खेप पहुंचा रहा था। मौके पर ही नशीले पदार्थ जब्त कर लिए गये। दोनों आरोपियों ने पूछताछ के दौरान कबूल किया कि वे बिहार और हरियाणा में मौजूद तस्करों के साथ मिलकर दिल्ली में नशीले पदार्थों की आपूर्ति कर रहे थे।
उन्होंने जांचकर्ताओं को बताया कि वे जल्दी पैसा कमाने के लालच में इस अवैध धंधे में शामिल हुए थे। पुलिस अब ड्रग सिंडिकेट के अन्य सदस्यों की पहचान करने और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए काम कर रही है। इसके साथ ही ऊपर के आपूर्तिकर्ताओं और नीचे के वितरण नेटवर्क की भी जांच कर रही है। दिल्ली पुलिस ने कहा कि वह राष्ट्रीय राजधानी में ड्रग्स की तस्करी के खिलाफ अपना विशेष अभियान जारी रखेगी और संगठित नशीले पदार्थों के नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी।

