Electronics Manufacturing Cluster: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को नोएडा के इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्लस्टर में लगने वाली पहली परियोजना का भूमि पूजन किया। एम्बर ग्रुप 6,785 करोड़ रुपये के निवेश से यह संयंत्र लगा रहा है। इस परियोजना के लिए एसेंट के सर्किट और एम्बर एंटरप्राइजेज मिलकर 6,785 करोड़ रुपये के विनिर्माण संयंत्र स्थापित करेंगे। इन संयंत्रों के पूरी तरह चालू होने पर तीन हजार लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है।
इस निवेश के तहत एसेंट के सर्किट सेक्टर-10 में देश की सबसे उन्नत विनिर्माण इकाइयों में से एक की स्थापना करेगा। यहां हाई-डेंसिटी इंटरकनेक्ट (एचडीआई) प्रिंटेड सर्किट बोर्ड (पीसीबी), फ्लेक्सिबल प्रिंटेड सर्किट बोर्ड (एफपीसीबी) तथा सेमीकंडक्टर सब्सट्रेट्स का निर्माण किया जायेगा। ये आधुनिक उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स, परिवहन, औद्योगिक स्वचालन और दूरसंचार क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण कंपोनेंट्स हैं।
वहीं एम्बर एंटरप्राइजेज सेक्टर-08 में 100 एकड़ में फैली विनिर्माण इकाई स्थापित करेगा, जहां रूम एयर कंडीशनर, कॉपर क्लैड लैमिनेट तथा अन्य महत्वपूर्ण कंपोनेंट्स का उत्पादन किया जायेगा। भूमि पूजन समारोह में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव, केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी और कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।
योगी ने कहा कि कभी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि जिन उत्पादों को पहले हम वैश्विक बाजार से आयात करते थे, वे अब भारत में ही बनकर दुनिया भर में निर्यात किये जायेंगे। सरकार का लक्ष्य देश को इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट विनिर्माण का वैश्विक केंद्र बनाना है। उन्होंने कहा कि मजबूत रणनीति और प्रेरणादायी नेतृत्व के कारण कभी उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था की खराब स्थिति और ‘जंगल राज’ के लिए कुप्रसिद्ध जेवर आज समृद्धि और सुशासन यानी ‘मंगल राज’ का प्रतीक बन चुका है।
एम्बर ग्रुप के कार्यकारी अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी जसबीर सिंह ने कहा कि देश के विनिर्माण विकास का अगला चरण महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स के निर्माण में आत्मनिर्भर क्षमताएं विकसित करने पर आधारित होगा। एसेंट के सर्किट और एम्बर एंटरप्राइजेज की यह परियोजना देश की दीर्घकालिक प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता में निवेश है, जो ‘आत्मनिर्भर भारत’, ‘मेक इन इंडिया’ और ‘विकसित भारत’ के राष्ट्रीय विजन को मजबूती प्रदान करेगी।
दोनों विनिर्माण इकाइयों को जीरो लिक्विड डिस्चार्ज सिद्धांत के अनुरूप विकसित किया जा रहा है, जिनमें अत्याधुनिक जल पुनर्चक्रण प्रणाली, संसाधनों के कुशल उपयोग और पर्यावरण-अनुकूल विनिर्माण प्रक्रियाओं को अपनाया जायेगा।

