FCRA 2.0 Portal: केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को यहां विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम , एफसीआरए 2.0 पोर्टल तथा ई- ओसीआई कार्ड का शुभारंभ किया और कहा कि इससे नागरिकों को सुविधाएं बढेंगी। शाह ने कहा कि इन दोनों पहलों से नागरिकों की सुविधाएं बढेंगी और विशेष रूप से एफसीआरए पोर्टल से दान प्राप्त करने वालों की दिक्कतें दूर होंगी।
उन्होंने कहा, ” जब नीयत साफ हो, नीति स्पष्ट हो और तकनीक को स्वीकारने की मानसिकता तो सभी प्रकार का शासन ईमानदार लोगों के लिए बहुत सरल हो जाता है, गलत करने वालों पर पैनी निगरानी की व्यवस्था होती है और देश को अधिक से अधिक सुरक्षित बनाया जा सकता है।”
उन्होंने कहा कि पुरानी सरकारों में एफसीआरए की व्यवस्था फाइलों और प्रक्रियाओं में उलझी हुई और निगरानी से परे थी लेकिन अब इसे मजबूत किया गया है। उन्होंने कहा कि विगत वर्षों में आवेदनों की संख्या और दान के प्रवाह में काफी वृद्धि हुई है, जिसे देखते हुए कागजी कार्यवाही में कमी लाना और विदेशी अंशदान पर प्रभावी निगरानी देश की सुरक्षा के लिए बहुत जरूरी हो गया है। एफसीआरए कानून के कारण गलत उद्देश्यों से आने वाले विदेशी अंशदान पर निगरानी बढ़ेगी।
नयी प्रणाली के माध्यम से भौतिक रूप से दस्तावेज जमा करने की प्रक्रिया समाप्त हो जाएगी और ई-साइन आधारित प्रमाणीकरण, ओसीआर और एनजीओ दर्पण बैंक विवरण प्रणाली जैसी सुविधाएँ सुनिश्चित होंगी। उन्होंने कहा कि यह सारा डेटा सरकारी क्लाउड ‘मेघराज’ पर होने से डेटा चोरी की संभावनाएँ बहुत कम हो जाती हैं। इसके साथ ही अगले कुछ महीनों में एफसीआरए मोबाइल एप्लीकेशन, एआई संचालित चैटबॉट और बैंकों के लिए एक समर्पित ऑनलाइन डैशबोर्ड भी शुरू किया जाएगा।
शाह ने कहा कि आज ई-ओसीआई कार्ड का भी शुभारंभ किया गया है। उन्होंने कहा कि ओसीआई प्रणाली में आने वाली शुरूआती समस्याओं को इस प्रणाली में दूर कर दिया गया है और इस प्रणाली से 50 लाख से अधिक ओसीआई कार्डधारकों को बहुत सरलता होगी। बीस वर्ष के बाद नया पासपोर्ट जारी होने पर ओसीआई बुकलेट को पुनः जारी करने की आवश्यकता नहीं होगी और कार्डधारकों की पंजीकरण संख्या भी विशेष हो जाएगी।
इसी प्रकार, डिजिटल ओसीआई कार्ड होने के बाद दस्तावेज खोने या क्षतिग्रस्त होने की समस्या भी समाप्त हो जाएगी और कार्डधारक स्वयं वास्तविक समय पर सत्यापन कर पाएंगे। एफसीआरए 2.0 पोर्टल और ई-ओसीआई कार्ड का शुभारंभ, बेहतर शासन और सार्वजनिक सेवा वितरण के लिए तकनीक का उपयोग करने की गृह मंत्रालय की एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जो अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और डिजिटल रूप से सशक्त शासन व्यवस्था के निर्माण में योगदान देता है।
इस अवसर पर केन्द्रीय गृह सचिव, विदेश सचिव और खुफिया ब्यूराे के निदेशक सहित कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

