ठाणे: जिले में लगातार हो रही भारी बारिश को देखते हुए ठाणे जिला प्रशासन ने आपदा प्रबंधन व्यवस्था को पूरी तरह अलर्ट मोड पर रखा है। नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जिला आपदा नियंत्रण कक्ष के माध्यम से बारिश, नदियों के जलस्तर, बांधों की स्थिति और संभावित आपात हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।
जिला प्रशासन के अनुसार, 7 जुलाई 2026 की सुबह 8 बजे तक जिले में 237.63 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि 1 जून से अब तक कुल 705.65 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई है।
जिलाधिकारी एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. श्रीकृष्ण पांचाल ने बताया कि भारी बारिश से उत्पन्न स्थिति से निपटने के लिए सभी संबंधित विभागों को सतर्क रखा गया है। जिले में आपात स्थिति से तुरंत निपटने के लिए NDRF की दो टीमें और 30 अधिकारी-कर्मचारी तैनात किए गए हैं।
नदियों और बांधों के जलस्तर पर विशेष निगरानी(Thane Rain Alert)
प्रशासन द्वारा जिले की प्रमुख नदियों और जलस्रोतों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। विशेष रूप से—
- उल्हास नदी के मुहाने,
- जांभुलपाड़ा,
- बदलापुर क्षेत्र,
में जलस्तर की निगरानी की जा रही है।
प्रशासन के अनुसार, बदलापुर और जांभुलपाड़ा में पानी चेतावनी स्तर से ऊपर पहुंचा है, लेकिन संबंधित विभागों को सतर्क कर दिया गया है। वहीं, कल्याण तालुका की कालू नदी और शाहपुर तालुका की भातसा नदी का जलस्तर फिलहाल खतरे के स्तर से नीचे बताया गया है।
बांधों में पानी के भंडारण और छोड़े जा रहे पानी (डिस्चार्ज) की जानकारी भी लगातार जुटाई जा रही है और स्थिति के अनुसार एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं।
कसारा घाट में रेलवे ट्रैक से मलबा हटाया गया
भारी बारिश के कारण कसारा घाट क्षेत्र में रेलवे लाइन पर गिरे मलबे को रेलवे प्रशासन ने तत्काल हटाकर मुंबई की ओर जाने वाला रेल यातायात बहाल कर दिया है। हालांकि, कुछ लोकल ट्रेन सेवाएं करीब 20 से 25 मिनट की देरी से चल रही हैं।
जिला प्रशासन के अनुसार सड़क यातायात फिलहाल सामान्य रूप से जारी है और संबंधित एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
अंबरनाथ में बच्चे की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
अंबरनाथ तालुका के नागांव इलाके में नदी में बहे एक बच्चे की तलाश के लिए बचाव अभियान जारी है। स्थानीय प्रशासन और आपदा राहत दल युद्ध स्तर पर खोज अभियान चला रहे हैं।
इसके अलावा, भारी बारिश के कारण जिले के विभिन्न हिस्सों में हुए हादसों में कुछ लोगों के घायल होने की जानकारी भी सामने आई है। प्रशासन संबंधित घटनाओं का रिकॉर्ड तैयार कर आवश्यक कार्रवाई कर रहा है।
नागरिकों से प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे—
- नदियों, नालों और पुलों के पास जाने से बचें।
- जलभराव वाले और निचले इलाकों में अनावश्यक यात्रा न करें।
- बिजली के खंभों और खतरनाक संरचनाओं से दूर रहें।
- सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर विश्वास न करें।
- प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।
जिला आपदा नियंत्रण कक्ष 24 घंटे सक्रिय रहकर बारिश, जलस्तर, परिवहन व्यवस्था और आपात स्थितियों की निगरानी कर रहा है। पुलिस, नगर निकाय, लोक निर्माण विभाग, महावितरण और अन्य सरकारी एजेंसियां आपसी समन्वय के साथ स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

