Pt Ban Samman Suresh Mishra: मुंबई के प्रसिद्ध हास्य कवि सुरेश मिश्र को मिलेगा प्रतिष्ठित ‘पं. बाण सम्मान’, लखनऊ में होगा भव्य आयोजन

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लखनऊ/मुंबई: महाकवि बाण प्रतिष्ठान द्वारा प्रतिवर्ष दिया जाने वाला देश का प्रतिष्ठित साहित्यिक पुरस्कार ‘पं. बाण सम्मान’ इस वर्ष मुंबई के लब्धप्रतिष्ठित हास्य कवि सुरेश मिश्र को प्रदान किया जाएगा। इस गौरवशाली समारोह का आयोजन 15 जुलाई 2026 को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के राजाजीपुरम स्थित देशभारती पब्लिक इंटर कॉलेज में होगा।

इस सम्मान के तहत कवि सुरेश मिश्र को शॉल, स्मृति चिन्ह, प्रशस्ति पत्र और ₹51,000 की नकद राशि भेंट की जाएगी।

गुरु पर्व और ‘डमरू शतक’ पुस्तक का विमोचन

देशभारती पब्लिक इंटर कॉलेज के संस्थापक पंडित वेदव्रत वाजपेई ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस कार्यक्रम की घोषणा की। यह भव्य आयोजन देश के मूर्धन्य विद्वान और ओजरस के शिखर कवि पं. वेदव्रत वाजपेई के जन्म दिवस के अवसर पर ‘गुरु पर्व’ के रूप में मनाया जाएगा।

इस ऐतिहासिक अवसर पर एक अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन भी किया जा रहा है, जिसमें सुरेश मिश्र द्वारा रचित हिंदी साहित्य के इतिहास का पहला प्रकाशित डमरू छंद संग्रह ‘डमरू शतक’ का विमोचन किया जाएगा।

उपमुख्यमंत्री और कई दिग्गज नेता रहेंगे मौजूद

इस साहित्यिक महाकुंभ में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री, कैबिनेट मंत्री, सांसद और विधायकों सहित साहित्य जगत और राजनीति की कई अन्य गणमान्य हस्तियां मौजूद रहेंगी। इंटर कॉलेज के प्रबंधक मनुव्रत वाजपेई ने देश भर के तमाम साहित्य प्रेमियों और रसिकों से इस ‘साहित्यिक यज्ञ’ में उपस्थित रहने का आह्वान किया है।

शिक्षा पाठ्यक्रम का हिस्सा हैं सुरेश मिश्र की कविताएं

(Pt. Ban Samman Suresh Mishra) सुरेश मिश्र हिंदी साहित्य जगत का एक बड़ा नाम हैं। उनकी अब तक आठ पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। उनकी साहित्यिक योग्यता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उनकी लिखी कविताएं स्कूली पाठ्यक्रम का हिस्सा हैं:

  • उनकी प्रसिद्ध कविता ‘नदी की पुकार’ महाराष्ट्र शिक्षा बोर्ड के कक्षा नौवीं (लोकवाणी) के पाठ्यक्रम में शामिल है।
  • उनकी एक और लोकप्रिय रचना ‘मां-बाप से बढ़कर कोई भगवान नहीं है’ कक्षा छठवीं (बांग्ला भारती) के पाठ्यक्रम में पढ़ाई जाती है।

सुरेश मिश्र को इससे पहले साहित्य अकादमी पुरस्कार सहित देश के दर्जनों प्रतिष्ठित पुरस्कारों से नवाजा जा चुका है, और अब उनके खाते में ‘पं. बाण सम्मान’ का एक और बड़ा गौरव जुड़ने जा रहा है।

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