बिलिंग, अकाउंटिंग, जीएसटी, इन्वेंट्री और बिजनेस रिपोर्टिंग को बनाएगा आसान, इंडियामार्ट की सहयोगी कंपनी बिज़ी इंफोटेक की नई पेशकश
मुंबई | 22 जुलाई 2026
BUSY Infotech Launches AI-Powered ‘BUSY Magic’ Accounting Platform for MSMEs
इंडियामार्ट की सहयोगी कंपनी बिज़ी इंफोटेक प्राइवेट लिमिटेड ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के लिए AI आधारित बिजनेस मैनेजमेंट और अकाउंटिंग प्लेटफॉर्म ‘बिज़ी मैजिक’ लॉन्च किया है। कंपनी के अनुसार यह प्लेटफॉर्म अकाउंटिंग, बिलिंग, इन्वेंट्री मैनेजमेंट, जीएसटी अनुपालन और बिजनेस रिपोर्टिंग को सरल एवं अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से विकसित किया गया है।
कंपनी का दावा है कि छह लाख से अधिक कारोबारों के साथ काम करने के अनुभव के आधार पर तैयार किए गए इस प्लेटफॉर्म में आधुनिक यूजर इंटरफेस, तेज ऑनबोर्डिंग, AI आधारित ऑटोमेशन और आसान वर्कफ्लो जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसे विशेष रूप से उन कारोबारियों के लिए तैयार किया गया है, जो पहली बार डिजिटल अकाउंटिंग अपनाना चाहते हैं या तेजी से बढ़ते व्यवसाय का संचालन कर रहे हैं।
बिज़ी मैजिक के जरिए कारोबारी एक ही डैशबोर्ड पर बिक्री, खरीद, नकदी प्रवाह, बैंक बैलेंस, स्टॉक, लेनदारों एवं देनदारों की स्थिति, लंबित ऑर्डर, चालान, ई-वे बिल और ई-इनवॉइस जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां देख सकेंगे। यह प्लेटफॉर्म रिटेलर, डिस्ट्रीब्यूटर, थोक व्यापारी, निर्माता, ट्रेडर और सेवा क्षेत्र के एमएसएमई के लिए उपयोगी बताया गया है।
कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) बृजेश अग्रवाल ने कहा कि छोटे कारोबारों के लिए डिजिटल अकाउंटिंग अपनाना व्यवसायिक परिवर्तन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि बिज़ी मैजिक को इस प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए विकसित किया गया है, ताकि कारोबारी अपने वित्तीय प्रबंधन पर बेहतर नियंत्रण रखते हुए तेजी से निर्णय ले सकें।
प्लेटफॉर्म में AI Voucher Scan, Automatic Bank Reconciliation, तेज बिलिंग, बेहतर स्टॉक मैनेजमेंट, जीएसटी और ई-इनवॉइस सपोर्ट तथा चार्टर्ड अकाउंटेंट के साथ Smooth Sync जैसी सुविधाएं भी दी गई हैं। इन फीचर्स से मैनुअल डेटा एंट्री कम होगी और अकाउंटिंग एवं कंप्लायंस से जुड़ी प्रक्रियाएं अधिक तेज और सरल बनेंगी।
कंपनी ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में उसने 170 करोड़ रुपये का बिलिंग कारोबार, 44.5 करोड़ रुपये का एबिटा (EBITDA) दर्ज किया। इस दौरान कंपनी ने 4.42 लाख से अधिक सॉफ्टवेयर लाइसेंस बेचे और देशभर के 1,000 से अधिक शहरों एवं कस्बों में 800 से अधिक चैनल पार्टनर्स का नेटवर्क विकसित किया।

