
मुंबई | वाराणसी के पुराने शहर में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की बढ़ती भीड़ के बेहतर प्रबंधन तथा पैदल आवागमन को सुगम बनाने के उद्देश्य से आयोजित ‘सस्टेनेबल सिटीज़ चैलेंज’ के विजेताओं की घोषणा कर दी गई है। इस पहल का नेतृत्व वाराणसी नगर निगम ने टोयोटा मोबिलिटी फाउंडेशन (TMF), चैलेंज वर्क्स और डब्ल्यूआरआई इंडिया (WRI India) के सहयोग से किया।
Winners of Sustainable Cities Challenge Announced for Varanasi
प्रतियोगिता में सिटीडेटा.एआई और निप्पोन कोए के ‘सिटीफ्लो’ तथा द अर्बनाइज़र के ‘जनजात्रा’ को विजेता चुना गया। इन टीमों को वाराणसी में अपने समाधानों को लागू करने और आगे विकसित करने के लिए वित्तीय तथा तकनीकी परामर्श सहायता प्रदान की जाएगी।
इसके अलावा वोजिक एआई के ‘बेहतर वे’ और प्रमेया कंसल्टिंग के ‘नई चाल’ को शहर में अधिक समावेशी और प्रभावी मोबिलिटी समाधान विकसित करने में योगदान के लिए ऑनरेबल मेंशन दिया गया।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के ऊर्जा एवं नगर विकास मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने भी भाग लिया। उन्होंने कहा कि इस चुनौती के दौरान सामने आए नवाचारों को व्यापक स्तर पर लागू करने से वाराणसी सहित अन्य शहरों में भी शहरी परिवहन और भीड़ प्रबंधन को नई दिशा मिलेगी।
वाराणसी के घनी आबादी वाले और धार्मिक महत्व वाले क्षेत्रों को ध्यान में रखकर विकसित किए गए ये समाधान आधुनिक तकनीक और मानव-केंद्रित डिजाइन पर आधारित हैं। इनका उद्देश्य तीर्थयात्रियों, पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों के लिए आवागमन को अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और व्यवस्थित बनाना है।
टोयोटा मोबिलिटी फाउंडेशन के एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम डायरेक्टर प्रसन्ना गणेश ने कहा कि विजेता टीमों ने वाराणसी की चुनौतियों को अवसरों में बदलते हुए ऐसे व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत किए हैं, जो शहर प्रशासन को भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था बेहतर बनाने में मदद करेंगे। उन्होंने कहा कि फाउंडेशन का उद्देश्य तकनीक, सहयोग और सस्टेनेबिलिटी के माध्यम से सभी के लिए बेहतर मोबिलिटी सुनिश्चित करना है।

