Police Advisory Issued for Bakrid: आगामी 28 मई 2026 को मनाए जाने वाले बकरी ईद (ईद-उल-अजहा) पर्व के मद्देनजर मुंब्रा पुलिस ने स्लॉटर हाउस संचालकों के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। मुंब्रा पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अनिल शिंदे ने सभी संचालकों को नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं।
पुलिस द्वारा जारी सूचना में कहा गया है कि कुर्बानी के दौरान मांस को खुले में ले जाने पर रोक रहेगी और उसे पूरी तरह कपड़े से ढंककर परिवहन करना होगा, ताकि अन्य लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत न हों। साथ ही प्रतिबंधित जानवरों की कुर्बानी पर पूर्ण रोक लगाने की चेतावनी भी दी गई है।
निर्देशों के अनुसार, कुर्बानी के बाद खून, गंदगी और अपशिष्ट सार्वजनिक सड़कों पर नहीं फैलना चाहिए। साफ-सफाई, सैनिटाइजेशन और कचरा निपटान की उचित व्यवस्था करना स्लॉटर हाउस संचालकों की जिम्मेदारी होगी। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि कुर्बानी स्थल सड़क से दिखाई नहीं देना चाहिए तथा वहां सीसीटीवी कैमरे और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था अनिवार्य होगी।
इसके अलावा, सोशल मीडिया पर कुर्बानी, हथियारों या खून से जुड़े फोटो और वीडियो वायरल न करने की अपील की गई है। पुलिस के अनुसार, महाराष्ट्र पशुसंरक्षण अधिनियम 1976 के तहत पशुधन विकास अधिकारी से फिटनेस सर्टिफिकेट लेना भी अनिवार्य रहेगा। मुंब्रा पुलिस ने चेतावनी दी है कि जारी दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
Spa Center Raided: अनैतिक मानवीय तस्करी प्रतिबंध कक्ष को मिली गुप्त सूचना के आधार पर डोंबिवली पूर्व स्थित निळजे, कल्याण-शीळ रोड पर आर.आर. बिल्डिंग के शॉप नंबर 1 में संचालित “आयुररोग्यम आयुर्वेदा स्पा” पर छापा मारा गया। पुलिस को सूचना मिली थी कि स्पा सेंटर में मसाज की आड़ में ग्राहकों को पैसों के बदले महिलाओं की व्यवस्था कर अनैतिक गतिविधियां संचालित की जा रही थीं।
पुलिस ने 25 मई 2026 को जाल बिछाकर कार्रवाई करते हुए स्पा सेंटर पर छापा मारा, जहां से एक महिला आरोपी को हिरासत में लिया गया तथा 5 पीड़ित महिलाओं को मुक्त कराया गया। आरोपी महिला को शाम 5:30 बजे गिरफ्तार कर रिपोर्ट सहित मानपाड़ा पुलिस स्टेशन में पेश किया गया।
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इस मामले में स्पा मैनेजर सहित अन्य फरार आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 143(1), 143(3), 3(5) तथा अनैतिक व्यापार (प्रतिबंध) अधिनियम 1956 की धारा 3, 4 और 5 के तहत मामला दर्ज किया गया है। मानपाड़ा पुलिस स्टेशन में सी.आर. नंबर 461/2026 के तहत 26 मई 2026 को सुबह 5:53 बजे अपराध दर्ज किया गया।
मुक्त कराई गई 5 महिलाओं को सुरक्षा के मद्देनजर शांतिसदन, उल्हासनगर-5 स्थित सुरक्षा गृह में रखा गया है। यह कार्रवाई वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में वपोनि वैशाली गौरडे, सपोनि शिंदे, PSI वालगुडे, ASI विजय पाटील व अन्य पुलिस कर्मियों की टीम ने अंजाम दी।
Kalwa Attack: सोमवार सुबह कालवा पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आने वाली एक इमारत में एक गंभीर घटना घटी, जब संदेश देवानंद खैरवार (32) ने इमारत में बंद दरवाजों पर चाकू से हमला करके 66 वर्षीय वरिष्ठ नागरिक दिलीप शंकर रनवारे पर हमला कर दिया। खैरवार के खिलाफ कालवा पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है।
पीड़ित दिलीप रनवारे (66) ने 25 मई की सुबह करीब 4 बजे अपने घर के दरवाजे पर ज़ोर से दस्तक सुनी। जब उन्होंने दरवाजा खोला तो देखा कि संदेश खैरवार हाथ में धारदार हथियार लिए खड़ा है। उसने रनवारे के बेटे शिवनाथ को जान से मारने और गोली मारने की धमकी दी और उन्हें गालियां देने लगा। इसी बीच, परिवार के सदस्यों के जागने पर, संदेश ने गुस्से में आकर धारदार हथियार से दरवाजे पर हमला किया और उसे तोड़ दिया।
जब रनवारे ने उसे रोकने की कोशिश की, तो उसने धारदार हथियार से उनके बाएं हाथ की छोटी उंगली और उसके बगल वाली उंगली पर वार किया। इस हमले में रनवारे घायल हो गए और उनके हाथ से खून बहने लगा। इसके बाद, संदेश ने पास में रहने वाले गावली और फुलपागारे के घरों के दरवाजों पर भी धारदार हथियार से हमला किया और उन्हें तोड़ दिया। उसने इमारत में लिफ्ट के बटन भी तोड़ दिए और उसे नुकसान पहुंचाया।
कुछ देर बाद, संदेश का भाई रमेश मौके पर आया और उसे अपने साथ ले गया। पता चला है कि इस घटना के पीछे एक मामूली विवाद कारण था। रणवारे के बेटे शिवनाथ द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, जब उनके दोस्त सोहन हिवाले और संदेश कार में बैठे थे, तब संदेश ने बिना किसी कारण के सोहन के दोस्त को थप्पड़ मार दिया।
बताया गया कि संदेश ने इस बारे में पूछे जाने पर गुस्से में आकर ऐसा किया। शिकायत में कहा गया है कि घायल दिलीप रणवारे का इलाज कालवा के छत्रपति शिवाजी महाराज अस्पताल में किया गया। इस संबंध में कालवा पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर लिया गया है और वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अशोक उतेकर के मार्गदर्शन में आगे की जांच जारी है।
Twisha Sharma Death Case: उच्चतम न्यायालय ने ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में मीडिया से संयम बरतने की अपील करते हुए कहा कि पीड़िता के परिवार या आरोपियों के परिवार के बयानों पर अत्यधिक ध्यान केंद्रित न किया जाए।
शीर्ष अदालत ने ट्विशा शर्मा मृत्यु मामले में कथित संस्थागत पक्षपात और प्रक्रियागत त्रुटियों से संबंधित स्वत: संज्ञान मामले पर सुनवाई की। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली की तीन सदस्यीय पीठ ने की।
मुख्य न्यायाधीश ने कहा, “कुछ घटनाक्रमों से हमें पीड़ा हुई है। हम मीडिया से अनुरोध करते हैं कि वह पीड़िता के परिवार या दूसरे पक्ष के बयानों पर ज्यादा ध्यान न दे। मामले को कानून और प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ने दिया जाए।”
उच्चतम न्यायालय ने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि मामले में एक पूर्व जिला न्यायाधीश और एक वकील के खिलाफ आरोप होने के कारण न्यायपालिका द्वारा आरोपियों को संरक्षण दिए जाने के आरोप लगाए जा रहे हैं।
शीर्ष अदालत ने मीडिया से भी संयम बरतने की अपील करते हुए कहा कि पीड़िता के परिवार या आरोपियों के परिवार के बयानों पर अत्यधिक ध्यान केंद्रित न किया जाए। नोएडा निवासी ट्विशा शर्मा पूर्व ‘मिस पुणे’ विजेता थीं।
उन्होंने पांच महीने पहले डेटिंग ऐप के माध्यम से परिचय होने के बाद भोपाल निवासी वकील समर्थ सिंह से विवाह किया था। समर्थ सिंह का परिवार न्यायपालिका से जुड़ा हुआ बताया गया है। समर्थ सिंह जहां पेशे से वकील हैं, वहीं उनकी मां गिरिबाला सिंह सेवानिवृत्त न्यायाधीश और वर्तमान में जिला उपभोक्ता विवाद समाधान आयोग की अध्यक्ष हैं।
विवाह के महज पांच महीने बाद 12 मई 2026 को ट्विशा शर्मा अपने घर में जिम्नास्टिक रस्सी से लटकी हुई पाई गई थीं। रिपोर्टों के अनुसार, सीबीआई की एक टीम ट्विशा शर्मा की मृत्यु मामले की जांच औपचारिक रूप से अपने हाथ में लेने के लिए भोपाल रवाना हो चुकी है।
Liquor Mafia Crackdown: राजस्थान में आबकारी विभाग ने अवैध मदिरा निर्माण, भण्डारण, परिवहन एवं विक्रय पर रोकथाम के लिए जारी विशेष निरोधात्मक अभियान के तहत साढ़े चार लाख लीटर वाॅश नष्ट करते हुए 755 लोगों को गिरफ्तार किया है। आबकारी विभाग द्वारा शुक्रवार को यहां जारी विज्ञप्ति में बताया गया है कि गत एक से 21 मई तक चलाये गये अभियान के तहत 1652 अभियोग दर्ज किये गये।
इसके तहत विभिन्न जिलों में देशी मदिरा 16 लाख नौ हजार 715 रुपये लागत की 5994 लीटर, भारत निर्मित विदेशी मदिरा तीन करोड़ 17 लाख छह हजार 354 रुपये की 31 हजार 610 लीटर, बीयर 43 लाख 39 हजार 726 रुपये की 19 हजार 295 लीटर, स्प्रिट 20 लीटर एवं हथकड़ शराब 11 हजार 390 लीटर जब्त की गयी है।
इसी क्रम में वाॅश चार लाख 50 हजार 663 लीटर नष्ट किया गया है। राज्य में अभियान के दौरान बडे वाहन 13, हल्के चार पहिया तीन एवं दुपहिया वाहन 56 सहित 73 वाहन जब्त करते हुए 755 व्यक्तियों काे गिरफ्तार किया गया है।
Vipin Pandey in Spotlight: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जहाँ एक ओर प्रदेश में ‘रामराज्य’ और सुशासन का डंका पीट रहे हैं, वहीं वाराणसी के चोलापुर थाना क्षेत्र से खाकी को शर्मसार करने वाला मामला सामने आ रहा है। आरोप है कि चोलापुर के गोसाईपुर चौकी इंचार्ज विपिन पांडे ने न्याय की कुर्सी को ‘वसूली का अड्डा’ बना दिया है। जनता का आरोप है कि रक्षक की भूमिका निभाने के बजाय यह अधिकारी दोमुंहे सांप की तरह काम कर रहा है, जो अपराधियों से सांठगांठ कर आम जनता का खून चूस रहा है।
ज्ञात हों कि वाराणसी के थाना चोलापुर क्षेत्र अंतर्गत नेहियां ग्रामसभा में 5 मई 2026 की रात उस समय सनसनी फैल गई, जब दबंगों ने एक वकील के घर पर धावा बोलते हुए जमकर तांडव मचाया। आरोप है कि करीब रात 9 बजे 12 नामजद और कई अज्ञात लोग लाठी-डंडों से लैस होकर राहुल कुमार दुबे के घर में घुस आए और मारपीट, तोड़फोड़ तथा लूटपाट की घटना को अंजाम दिया।
पीड़ित राहुल कुमार दुबे के अनुसार वह अपने चेंबर में बैठकर काम कर रहे थे, तभी अचानक गाली-गलौज और शोर सुनाई दिया। दरवाजा खोलते ही कमलेश दुबे, अशोक दुबे समेत कई लोग घर में घुस आए और हमला शुरू कर दिया। हमलावरों ने घर में जमकर उत्पात मचाया और परिवार के सदस्यों को निशाना बनाया।
घटना के दौरान महिलाओं के साथ भी अभद्रता किए जाने का आरोप है। राहुल दुबे का कहना है कि उनकी मां सुनीता दुबे के साथ मारपीट की गई और पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई। भयभीत परिवार किसी तरह खुद को कमरे में बंद कर जान बचाने को मजबूर हो गया।
पीड़ित परिवार का दावा है कि पूरी घटना घर में लगे CCTV कैमरों में कैद हो गई है। इसके बावजूद क्षेत्र में चर्चा इस बात को लेकर तेज है कि क्या पुलिस इन साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष कार्रवाई करेगी या मामला दबाने की कोशिश होगी। घटना के बाद स्थानीय लोगों में गोसाईपुर चौकी इंचार्ज विपीन पाण्डेय की पुलिस की कार्यशैली को लेकर भी नाराजगी देखने को मिल रही है।
कुछ लोगों ने आरोप लगाया है कि क्षेत्र में अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के बजाय कथित रूप से अवैध वसूली और दबाव की राजनीति हावी है। लोगों का कहना है कि प्रदेश सरकार जहां कानून व्यवस्था को मजबूत करने का दावा कर रही है, वहीं कुछ अधिकारियों की कार्यप्रणाली से आम जनता का भरोसा कमजोर पड़ रहा है।
वसूली का ‘धंधा’ और अपराधियों से ‘यारी’ स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है कि चौकी इंचार्ज विपिन पांडे विपक्षी पार्टियों और दो पक्षों के बीच होने वाली लड़ाई का समाधान करने के बजाय, उसे ‘अवसर’ में बदल देते हैं। आरोप है कि दोनों पक्षों से जबरदस्त धन उगाही की जाती है। इतना ही नहीं, इलाके में अवैध शराब, भांग की दुकानों और जुए के फड़ों को संरक्षण देने के बदले मोटी रकम (हफ्ताखोरी) वसूलने के गंभीर आरोप भी लग रहे हैं।
पुलिसिया कार्रवाई: कागजों पर FIR, जमीन पर क्या? चोलापुर पुलिस ने राहुल दुबे की तहरीर पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 191(2), 115(2), 333, 352, 351(3), 324(4), 309(4) और 131 के तहत मुकदमा तो दर्ज कर लिया है, लेकिन जनता को संदेह है कि क्या इन धाराओं में जान फूंकी जाएगी या फाइल को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।
विपीन पाण्डेय के कार्यप्रणाली पर लगा प्रश्नचिन्ह क्या वाराणसी के आला अधिकारी इस ‘दोमुंहे’ आचरण वाले चौकी इंचार्ज पर नकेल कसेंगे? क्या योगी राज में एक पीड़ित परिवार को वाकई न्याय मिलेगा, या फिर खाकी और अपराधियों का यह ‘अपवित्र गठबंधन’ यूं ही फलता-फूलता रहेगा?