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  • Diva City Development: दीवा को लंबे समय के बाद अब एक नई स्वतंत्र पहचान मिली!

    Diva City Development: दीवा को लंबे समय के बाद अब एक नई स्वतंत्र पहचान मिली!

    Diva City Development: दीवा अपने सामाजिक संगठन, ‘Jaga Ho Divekar’ (जागो दिवेकर) के माध्यम से, विजय अनंत भोइर कई वर्षों से केंद्र सरकार के साथ लगातार पत्राचार कर रहे थे और अभ्यावेदन प्रस्तुत कर रहे थे, जिसमें वे Diva के लिए एक स्वतंत्र PIN कोड दिए जाने की वकालत कर रहे थे।

    केंद्र सरकार ने अब इन प्रयासों का संज्ञान लिया है, और Diva को आधिकारिक तौर पर अपना एक अलग PIN कोड मिल गया है। इसे हासिल करने के लिए, विजय भोइर—अपने संगठन ‘Jaga Ho Divekar’ के सहयोगियों के साथ—GPO (जनरल पोस्ट ऑफिस) और मुंबई मुख्यालय के कई चक्कर लगाए।

    इसके बाद, भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने पर, इस उद्देश्य के प्रति उनके प्रयासों को और भी अधिक गति और मजबूती मिली। चूंकि Diva पहले Mumbra के साथ एक ही PIN कोड साझा करता था, इसलिए निवासियों को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था; भोइर ने Thane के माननीय विधायकों— संजय केलकर और निरंजन डावखरे—के माध्यम से कई अवसरों पर इन मुद्दों को पार्टी के संज्ञान में लाया।

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    इसके अलावा, भोइर ने इस मांग पर जोर देने के लिए व्यक्तिगत रूप से व्यापक पत्राचार किया, जो दिल्ली तक पहुंचा। उन्होंने दिल्ली यात्राओं के दौरान माननीय सांसद, विनयजी सहस्रबुद्धे से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात भी की, उन्हें एक औपचारिक पत्र सौंपा और Diva के PIN कोड को बदलने की अत्यंत आवश्यकता के बारे में उन्हें प्रभावी ढंग से समझाया। इसके अतिरिक्त, इस मामले पर अनुवर्ती कार्रवाई (follow-up) करने के लिए उन्होंने Thane डाकघर के अनगिनत चक्कर लगाए।

    इन निरंतर प्रयासों का परिणाम आज Diva के लिए एक अलग PIN कोड—400611—की घोषणा और इसके कार्यान्वयन के लिए आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रियाओं की शुरुआत के रूप में सामने आया है। चूंकि कई वर्षों से चली आ रही यह पुरानी मांग आखिरकार पूरी हो गई है, इसलिए पूरे क्षेत्र के नागरिकों के साथ-साथ Diva के भीतर सभी राजनीतिक दलों के जन प्रतिनिधियों की ओर से बधाई संदेशों की झड़ी लग गई है।

  • Bhayandarpada Illegal mini-mall: घोडबंदर रोड के भायंदरपाड़ा में खड़ा हुआ अवैध मिनी मॉल; “इसका आका कौन?” — पूछ रही है ठाणे की जनता!

    Bhayandarpada Illegal mini-mall: घोडबंदर रोड के भायंदरपाड़ा में खड़ा हुआ अवैध मिनी मॉल; “इसका आका कौन?” — पूछ रही है ठाणे की जनता!

    Bhayandarpada Illegal mini-mall: ठाणे महानगरपालिका क्षेत्र में अवैध निर्माणों का जाल फैलने का गंभीर आरोप लगाया जा रहा है। घोडबंदर रोड स्थित भायंदरपाड़ा इलाके में खड़े किए गए कथित अवैध मिनी मॉल को लेकर सूचना के अधिकार के तहत चौंकाने वाली जानकारी सामने आने का दावा किया जा है। “पालिका प्रशासन आखिर किसके दबाव में चुप बैठा है? इस अवैध मिनी मॉल का आका कौन है?” ऐसा सीधा सवाल ठाणे करो ने उठाया है।

    ठाणे महानगरपालिका क्षेत्र की सरकारी जमीनें, वन विभाग की जमीनें, गुरुचरण भूमि तथा नागरिक सुविधाओं के लिए आरक्षित भूखंड भू-माफियाओं, बिल्डरों और कुछ भ्रष्ट अधिकारियों की मिलीभगत से गायब किए जा रहे हैं। कई स्थानों पर नियमों को ताक पर रखकर अवैध इमारतें, व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स और मिनी मॉल खड़े किए गए हैं, जिससे सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है।

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    जनता दावा किया कि ठाणे शहर, कळवा, मुंब्रा, दिवा, घोडबंदर, कासार वडवली, वागळे इस्टेट, माजिवडा और मानपाडा क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर सरकारी और वन विभाग की जमीनों पर कब्जे किए गए हैं। कुछ राजनीतिक नेताओं ने खुद जमीनों पर कब्जा किया, जबकि कुछ जगहों पर अपने करीबी लोगों को इमारतें बनाने के लिए संरक्षण दिया गया।

    “अवैध निर्माण करने वालों, सरकारी जमीन हड़पने वालों, उन्हें संरक्षण देने वाले राजनीतिक नेताओं, पालिका अधिकारियों और बिल्डरों के खिलाफ सबूतों के साथ कड़ी कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी,” ऐसा इशारा भी ठाणे की जनता ने दिया। सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर बड़ा खुलासा होने की संभावना से संबंधित विभागों में हड़कंप मच गया है।

    इस बीच, नागरिकों की जान जोखिम में डालने वाले अवैध निर्माणों पर कार्रवाई करने में प्रशासन विफल साबित हो रहा है। नागरिकों द्वारा यह सवाल भी उठाया जा रहा है कि “पालिका प्रशासन के आखिर किन लोगों से आर्थिक संबंध हैं?” अब इन गंभीर आरोपों के बाद महाराष्ट्र शासन और संबंधित एजेंसियां क्या कार्रवाई करती हैं, इस पर सबकी नजरें टिकी हैं।

  • AMRUT 2.0: एएमआरयूटी 2.0 के लागू होने से ओडिशा शीर्ष राज्यों में शामिल!

    AMRUT 2.0: एएमआरयूटी 2.0 के लागू होने से ओडिशा शीर्ष राज्यों में शामिल!

    भुवनेश्वर: ओडिशा मजबूत शासन और शहरी जल सुरक्षा की दिशा में केंद्रित अपने प्रयासों को तेजी से लागू करने की दिशा में अटल कायाकल्प और शहरी परिवर्तन मिशन (AMRUT) 2.0 के तहत देश के सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले राज्यों में से एक बनकर उभरा है।(AMRUT 2.0)

    आवास और शहरी विकास मंत्री कृष्ण चंद्र महापात्र (Minister Krishna Chandra Mohapatra) ने कहा कि ओडिशा की राष्ट्रीय रैंकिंग मौजूदा सरकार की मजबूत राजनीतिक प्रतिबद्धता, निर्णायक नीतिगत ढांचे और परिणामोन्मुख शासन को दर्शाती है।

    उन्होंने कहा कि राज्य ‘विकसित ओडिशा’ (Viksit Odisha) के विजन के तहत मजबूत और भविष्य का शहर बनाने के लिए हर घर तक सुरक्षित और भरोसेमंद पीने का पानी पहुंचाने हेतु बड़े पैमाने पर शहरी जल परिवर्तन (Urban Water Transformation) का काम कर रहा है।

    राज्य सरकार ने 89 शहरी स्थानीय निकायों में एएमआरयूटी 2.0 को लागू करने की गति तेज कर दी है, जिसके तहत 4,030.18 करोड़ रुपये के कुल निवेश से 345 परियोजनाएं शुरू की गई हैं। इन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य सभी तक पानी पहुंचाना और शहरी जल निकायों का कायाकल्प करना है।

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    कुल परियोजनाओं में से 107 पहले ही पूरी हो चुकी हैं, जबकि बाकी परियोजनाएं कड़ी निगरानी में तेजी से आगे बढ़ते हुए समय पर काम पूरा करने और जवाबदेही पर सरकार के जोर को दिखाता है। ओडिशा ने अपने शहरी जल एजेंडे के तहत 43 मिलियन लीटर प्रति दिन (MLD) की संयुक्त क्षमता वाले सात नए जल उपचार संयंत्र शुरू किए हैं, जिनसे लगभग 2.83 लाख लोगों को फायदा हुआ है।

    प्रमुख शहरी केंद्रों में चौबीसी घंटे जल आपूर्ति प्रणालियों के विस्तार के साथ-साथ 2.7 लाख से अधिक घरों में नल के कनेक्शन लगने से 5 लाख से अधिक शहरी निवासियों तक सुरक्षित पीने के पानी की पहुंच बेहतर हुई है।