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  • Ladakh Waste Management: लद्दाख में डिस्पोजेबल प्लास्टिक और कूड़ा फेंकने पर प्रतिबंध!

    Ladakh Waste Management: लद्दाख में डिस्पोजेबल प्लास्टिक और कूड़ा फेंकने पर प्रतिबंध!

    Ladakh Waste Management: लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने पूरे लद्दाख में डिस्पोजेबल प्लास्टिक का इस्तेमाल करने या बेचने और कूड़ा फेंकने पर सख्त प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी किया है। अधिकारियों ने कहा कि अब अगर कोई भी व्यक्ति या व्यावसायिक जगह और होटल या खाने की जगह जैसी संस्थाएं डिस्पोजेबल प्लास्टिक प्रतिबंध का उल्लंघन करती पायी जायेंगी, तो उन पर 10,000 रुपये का दंड लगाया जायेगा, जबकि कूड़ा फेंकने पर 5,000 रुपये का दंड लगेगा।

    इसके अलावा लेह हवाईअड्डा और लद्दाख के प्रवेश द्वार पर डिस्पोजेबल प्लास्टिक की जांच की जायेगी। उपराज्यपाल का पर्यावरण को सुरक्षित करने और लद्दाख के नाजुक हिमालयी इकोसिस्टम को बचाने की दिशा में यह एक मजबूत और अहम कदम है, जो खतरनाक डिस्पोजेबल प्लास्टिक और खुले में कूड़ा फेंकने, खासकर पर्यटन स्थल के आसपास की वजह से चुनौतियों का सामना कर रहा है।

    आदेश के तहत प्लास्टिक कटलरी, कप, प्लेट, स्ट्रॉ, ट्रे, रैपिंग फिल्म, थर्मोकोल डेकोरेशन, प्लास्टिक झंडे, प्लास्टिक स्टिरर और तय मोटाई से कम प्लास्टिक बैनर सहित सभी पहचाने गए डिस्पोजेबल प्लास्टिक आइटम के इस्तेमाल, बिक्री, भंडारण, स्टॉकिंग, वितरण, परिवहन और आपूर्ति पर पूरी तरह से प्रतिबंध है।

    उपराज्यपाल ने एक मजबूत और असरदार प्रवर्तन प्रणाली की जरूरत को समझते हुए पहली बार जिला और क्षेत्र-स्तर के कई अधिकारियों को निरीक्षण करने, उल्लंघन का पता लगाने, चालान जारी करने और ऐसे कूड़े और प्लास्टिक से जुड़े उल्लंघनों के लिए जुर्माना वसूलने का अधिकार दिया है।

    उपराज्यपाल सक्सेना ने कहा कि डिस्पोजेबल प्लास्टिक और कूड़े पर प्रतिबंध का मकसद लद्दाख में पर्यटन को बढ़ावा देना है और यह पक्का करना है कि पर्यटक की बढ़ती संख्या के बावजूद लद्दाख के खूबसूरत नजारे साफ, बिना खराब हुए और मजबूत बने रहें। उन्होंने स्थानीय लोगों और पर्यटकों से अपील की कि वे लद्दाख के शांत नजारों को गंदा न करें और उसे खराब न करें।

  • Parastoo Ahmadi sentenced to 74 lashes: बिना हिजाब गाने के लिए ईरानी कलाकार परस्तू अहमदी को 74 कोड़ों की सजा!

    Parastoo Ahmadi sentenced to 74 lashes: बिना हिजाब गाने के लिए ईरानी कलाकार परस्तू अहमदी को 74 कोड़ों की सजा!

    Parastoo Ahmadi sentenced to 74 lashes: ईरानी नैतिक पुलिस की तरफ से अनिवार्य किये गये हिजाब के बिना प्रस्तुति देने के लिए एक 29 वर्षीय ईरानी गायिका को 74 कोड़ों की सजा सुनायी गयी है। परस्तू अहमदी और एक प्रोडक्शन टीम के आठ सदस्यों ने 2024 में अहमदी के यूट्यूब चैनल पर लाइव-स्ट्रीम किये गये एक संगीत संध्या में प्रस्तुति दी थी। उन्होंने एक ऐतिहासिक देशभक्ति गीत ‘अज़ खून-ए जवानान-ए वतन’ (‘वतन के युवाओं के खून से’) गाया था और इस ‘कारवांसेराय कॉन्सर्ट’ का वीडियो तब से वायरल हो गया है।

    अधिकार कार्यकर्ताओं के अनुसार, कोम प्रांत की एक आपराधिक अदालत ने उन्हें और कई संगीतकारों को कोड़े मारने, देश छोड़ने पर और कलात्मक गतिविधियों में शामिल होने पर दो वर्ष के प्रतिबंध की सजा सुनायी है।
    न्यायपालिका की आधिकारिक समाचार एजेंसी का यह फैसला अभी प्रकाशित किया जाना बाकी है। वकीलों और मानवाधिकार समूहों के अनुसार, अदालत के दस्तावेजों में हालांकि कहा गया है कि आरोपों में इंटरनेट पर ‘अश्लील और अनैतिक सामग्री’ बनाने तथा उसे प्रकाशित करने के माध्यम से सार्वजनिक शालीनता को ठेस पहुंचाना शामिल है।

    मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि अहमदी को दी गयी यह सजा इस बात का सबूत है कि ईरान में स्थिति बदली नहीं है। अमेरिका के संगठन ‘सेंटर फॉर ह्यूमन राइट्स इन ईरान’ की एडवोकेसी निदेशक बहार गंदेहारी ने कहा, “ अहमदी को 74 कोड़ों की सजा एक और याद दिलाती है कि ईरान में मानवाधिकारों की स्थिति नहीं बदली है, भले ही ईरानी अधिकारियों ने अपनी छवि सुधारने के उद्देश्य से युद्ध के समय दुष्प्रचार अभियान चलाया हो।”

    उन्होंने कहा, “ आधिकारिक छवियों और कलाकारों के उत्पीड़न के बीच का यह विरोधाभास शासन के प्रोपेगैंडा और वास्तविकता के बीच के अंतर को उजागर करता है।” इस रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए पेंसिलवेनिया विश्वविद्यालय में फारसी साहित्य की प्रोफेसर फातिमा शम्स ने ‘एक्स’ पर लिखा, “अगर आप सरेआम हो रही इस हिंसा को ‘मानवता के खिलाफ अपराध’ नहीं मानते, महिलाओं के खिलाफ जारी इस खुली जंग के बीच ‘शांति’ की बात तो करते हैं, लेकिन पीड़ितों की आवाज अनसुनी कर देते हैं, आजादी, न्याय, मानवीय गरिमा और जीने के अधिकार के सामने ‘राष्ट्रीय हितों’ का बहाना बनाते हैं और खुद को ‘युद्ध-विरोधी’ कहकर भी महिलाओं, लड़कियों और राजनीतिक कैदियों के खिलाफ हर दिन छिड़े युद्ध पर खामोश रहते हैं… तो आप न तो सच के साथ खड़े हैं और न ही न्याय के।”

    सुश्री शम्स ने लिखा, “शांति का मतलब केवल मिसाइलों की आवाज का शांत होना या बमबारी की लपटों का थम जाना नहीं है। शांति का अर्थ तभी सार्थक होता है, जब महिलाओं और बेकसूर प्रदर्शनकारियों के शरीर बेलगाम हिंसा के मैदान न बनें और जब कोड़े, यातनायें तथा फांसी के फंदे शासन चलाने के हथियार न रह जायें।” उन्होंने कहा, “सच्ची और स्थायी शांति तभी संभव है, जब किसी भी महिला को काम करने, पढ़ाई करने, गाने या अपनी जीवनशैली चुनने के लिए अपराधी न ठहराया जाये, और जब किसी भी निर्दोष इंसान को विरोध करने, न्याय मांगने या अपनी राय व्यक्त करने के अपराध में जेल की अंधेरी कोठरियों और सूली के हवाले न किया जाये।”

  • Israel-Hezbollah Ceasefire: इजरायल और हिज्बुल्लाह युद्धविराम को फिर से लागू करने पर सहमत हुए!

    Israel-Hezbollah Ceasefire: इजरायल और हिज्बुल्लाह युद्धविराम को फिर से लागू करने पर सहमत हुए!

    Israel-Hezbollah Ceasefire: इजरायल और हिज्बुल्लाह एक भीषण संघर्ष के बाद शुक्रवार को एक बार फिर युद्धविराम को लागू करने पर सहमत हो गए हैं। अमेरिकी मीडिया सीएनएन के अनुसार मामले की जानकारी रखने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि यह युद्धविराम स्थानीय समयानुसार शाम 4 बजे शुरू होने की उम्मीद थी और इसमें अमेरिका व कतर ने मध्यस्थता की है।

    वहीं एक अन्य राजनयिक सूत्र ने बताया कि इस समझौते में कतर, अमेरिका और ईरान ने मिलकर मध्यस्थता की थी। हालांकि, इजरायली सेना के एक प्रवक्ता ने शुक्रवार दोपहर को एक बैठक के दौरान इस युद्धविराम को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। इजरायल की लेबनान में की गयी कड़ी कार्रवाई के कारण स्विटरलैंड में अमेरिका और ईरान में समझौते को लेकर आगे होने वाली बातचीत टल गयी थी।

    इससे ईरान और अमेरिका में हुए समझौते पर आशंकाओं के बादल छाने लगे थे। मगर अब इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच संघर्ष विराम का संकेत मिलने से एक बार फिर समझौते के सही दिशा में जाने की उम्मीद बंधी है। गौरतलब है कि हिज्बुल्लाह द्वारा लेबनान के दक्षिणी हिस्से में चार इजरायली सैनिकों को मार दिए जाने के बाद, इजरायली सेना ने शुक्रवार को लेबनान में नए सिरे से भीषण हमले किए थे, जिसमें कम से कम 21 लोग मारे गए थे।

    ईरान ने तुरंत इजरायल की इस बमबारी की कड़ी निंदा की और चेतावनी दी कि अमेरिका के साथ उसका कोई भी समझौता लेबनान में युद्धविराम पर ही निर्भर है। उसने दोनों पक्षों द्वारा हस्ताक्षरित शुरुआती समझौते की पहली शर्त का हवाला दिया। यह घटनाक्रम तब सामने आया जब अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में तेहरान के साथ होने वाली निर्धारित बातचीत को टाल दिया।

    वेंस ने लेबनान में इजरायल के हमलों की आलोचना करते हुए कहा था कि इससे यह मुश्किल बातचीत खतरे में पड़ गई है। उधर संघर्ष विराम के लागू होने की खबरों के बीच इजरायली सेना ने कहा है कि दक्षिणी लेबनान में कार्रवाई की ‘पूरी आजादी’ बरकरार है। इजरायली मीडिया द टाइम्स ऑफ इजरायल के अनुसार सेना के प्रवक्ता ने कहा, “हम मौजूदा राजनीतिक निर्देशों के अनुसार काम करना जारी रखेंगे। जब तक वे निर्देश नहीं बदलते, हम उसी के अनुसार अपना अभियान चलाते रहेंगे।”

    इजरायली सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल एफी डेफ्रिन ने कहा कि हिज्बुल्लाह के साथ युद्धविराम के बावजूद, इजरायली सैनिकों के पास दक्षिणी लेबनान में किसी भी खतरे के खिलाफ कार्रवाई करने की “पूरी आजादी” है। उन्होंने कहा कि सैनिक अब भी कुछ पहाड़ी इलाकों और पुराने किलों के पास काम कर रहे हैं, ताकि हिज्बुल्लाह के उन बड़े सुरंग तंत्रों को नष्ट किया जा सके जो इस सशस्त्र समूह के “मुख्य कमान केंद्र” के रूप में काम करते हैं।

    डेफ्रिन ने कहा, “हमारी सेनाओं को इन बुनियादी ढांचों को पूरी तरह नष्ट करने से रोकने के लिए हिज्बुल्लाह यह रक्षात्मक लड़ाई लड़ रहा है।” उन्होंने कहा, “हिज्बुल्लाह ने ही युद्धविराम का उल्लंघन किया है। वह उन क्षमताओं को बचाने की कोशिश कर रहा है जो उसने सालों में बनाई हैं।”

  • Adah Sharma in Marathi Film: मराठी फिल्म ‘गजरा’ के पहले लुक में बदले अंदाज में नजर आईं अदा शर्मा!

    Adah Sharma in Marathi Film: मराठी फिल्म ‘गजरा’ के पहले लुक में बदले अंदाज में नजर आईं अदा शर्मा!

    Adah Sharma in Marathi Film: अभिनेत्री अदा शर्मा अपनी पहली मराठी फिल्म गजरा को लेकर चर्चा में हैं। फिल्म का पहला पोस्टर जारी होने के बाद उनके नए और अलग अंदाज ने प्रशंसकों के बीच उत्सुकता बढ़ा दी है।375 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई करने वाली फिल्म द केरला स्टोरी में अपनी दमदार भूमिका से पहचान बनाने वाली अदा शर्मा अब मराठी सिनेमा में नई चुनौती के साथ कदम रख रही हैं। सच्ची घटनाओं से प्रेरित ‘गजरा’ एक गंभीर, भावनात्मक और रहस्यमय कहानी पर आधारित बताई जा रही है।

    जारी पोस्टर में अदा शर्मा लाल परिधान में दिखाई दे रही हैं। उनके चेहरे और कपड़ों पर खून के निशान हैं तथा उनकी गहन निगाहें फिल्म की कहानी के रहस्यमय और संवेदनशील पक्ष की ओर संकेत करती हैं। पोस्टर में उनका रूप अब तक निभाए गए किरदारों से बिल्कुल अलग नजर आ रहा है। हाल ही में अदा शर्मा ने एक वीडियो साझा कर बताया था कि वह मराठी फिल्म करने जा रही हैं।

    उन्होंने कहा था कि ‘द केरला स्टोरी’ को मराठी दर्शकों से मिले अपार प्रेम के बाद उन्होंने मराठी सिनेमा में काम करने का वादा किया था, जिसे अब पूरा किया जा रहा है। फिल्म का पहला पोस्टर सामने आने के बाद सामाजिक माध्यमों पर इसे लेकर काफी चर्चा हो रही है। दर्शक अदा शर्मा के इस नए और बदले हुए रूप को लेकर उत्साहित हैं। माना जा रहा है कि ‘गजरा’ उनके अभिनय जीवन का एक और साहसिक और यादगार अध्याय साबित हो सकती है तथा मराठी सिनेमा में उनकी मजबूत शुरुआत का आधार बनेगी।

  • Shweta Tripathi: प्राइड मंथ में समलैंगिक नाटक ‘कॉक’ को फिर मंच पर ला रहीं श्वेता त्रिपाठी!

    Shweta Tripathi: प्राइड मंथ में समलैंगिक नाटक ‘कॉक’ को फिर मंच पर ला रहीं श्वेता त्रिपाठी!

    Shweta Tripathi: अभिनेत्री एवं निर्माता श्वेता त्रिपाठी प्राइड मंथ के अवसर पर चर्चित नाटक कॉक को एक बार फिर मंच पर ला रही हैं। श्वेता त्रिपाठी का कहना है कि यह समय लोगों के लिए अपनी पहचान को खुलकर जीने और स्वीकार करने का है। श्वेता के प्रोडक्शन हाउस ऑल माय टी के बैनर तले प्रस्तुत यह नाटक पहचान, प्रेम, आकर्षण और रिश्तों की जटिलताओं जैसे विषयों को केंद्र में रखता है।

    श्वेता का मानना है कि नाटक दर्शकों को सीधे जवाब देने के बजाय सवाल पूछने और सोचने के लिए प्रेरित करता है। प्राइड मंथ के दौरान नाटक के मंचन के महत्व पर बात करते हुए श्वेता ने कहा कि ‘कॉक’ की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह दर्शकों को यह नहीं बताता कि उन्हें क्या सोचना चाहिए, बल्कि उन्हें पहचान, प्रेम, उलझन, संवेदनशीलता और आत्म-खोज जैसे विषयों पर विचार करने का अवसर देता है।उन्होंने कहा, “प्राइड मंथ के दौरान इस नाटक को प्रस्तुत करना मेरे लिए बेहद मायने रखता है।

    प्राइड का अर्थ केवल पहचान की दृश्यता नहीं, बल्कि सम्मान, स्वीकार्यता, सहानुभूति और समझ भी है। यह लोगों को अपनी असली पहचान के साथ ईमानदारी से जीने का अवसर देता है।” श्वेता ने कहा कि थिएटर संवाद और विचार-विमर्श के लिए एक साझा मंच तैयार करता है, जहां लोग किसी मुद्दे को केवल खबरों या सोशल मीडिया के नजरिये से नहीं, बल्कि वास्तविक मानवीय अनुभवों और भावनाओं के माध्यम से समझते हैं।उन्होंने कहा कि वह कॉक को जवाब देने वाला नाटक नहीं, बल्कि संवाद की शुरुआत करने वाला मंच मानती हैं।

    उनके अनुसार यह दर्शकों को अपनी धारणाओं पर पुनर्विचार करने और पहचान के प्रश्नों को अधिक संवेदनशीलता तथा जिज्ञासा के साथ देखने के लिए प्रेरित करता है। श्वेता ने कहा कि वह अपने प्रोडक्शन हाउस के माध्यम से ऐसी कहानियों का समर्थन करती रहेंगी जो संवाद, समझ और स्वीकार्यता को बढ़ावा दें। उनके अनुसार यदि कोई दर्शक नाटक देखने के बाद अधिक खुले विचारों वाला, संवेदनशील और दूसरों के अनुभवों को समझने के लिए तैयार होकर लौटता है, तो यही इस प्रस्तुति की सबसे बड़ी सफलता होगी।

  • Rishabh Pant: ऋषभ पंत की दिल्ली कैपिटल्स में वापसी की तैयारी, कुलदीप यादव लखनऊ जा सकते हैं

    Rishabh Pant: ऋषभ पंत की दिल्ली कैपिटल्स में वापसी की तैयारी, कुलदीप यादव लखनऊ जा सकते हैं

    Rishabh Pant: इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 के समाप्त होने के कुछ ही सप्ताह बाद खिलाड़ियों के संभावित ट्रांसफर को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। खबर है कि विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत एक बार फिर दिल्ली कैपिटल्स का हिस्सा बन सकते हैं, जबकि स्पिनर कुलदीप यादव के लखनऊ सुपर जायंट्स (एलएसजी) में जाने की संभावना है।

    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली कैपिटल्स और लखनऊ सुपर जायंट्स के बीच खिलाड़ियों की अदला-बदली को लेकर बातचीत चल रही है। प्रस्तावित समझौते के तहत पंत की दिल्ली वापसी हो सकती है, जहां उन्होंने 2016 से 2024 तक नौ सत्र खेले थे। वहीं कुलदीप यादव लखनऊ की टीम से जुड़ सकते हैं।

    बताया जा रहा है कि पंत की मौजूदा 27 करोड़ रुपये की सैलरी इस ट्रांसफर में सबसे बड़ी बाधा थी। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने टीम में वापसी को आसान बनाने के लिए अपनी फीस में कटौती पर सहमति जताई है और लगभग 15 करोड़ रुपये के अनुबंध पर राजी हो सकते हैं। दूसरी ओर, कुलदीप यादव की 13.25 करोड़ रुपये की सैलरी में किसी बदलाव की संभावना नहीं है।

    रिपोर्ट्स के अनुसार, एलएसजी प्रबंधन टीम को नई दिशा देने के पक्ष में है और इसी कारण पंत के टीम से अलग होने की संभावना बढ़ी है। उनकी कप्तानी में टीम पिछले दो सत्रों में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी थी।

    दिल्ली कैपिटल्स के प्रबंधन में भी बदलाव की चर्चा है। माना जा रहा है कि अगले दो वर्षों के लिए जेएसडब्ल्यू समूह टीम के संचालन की जिम्मेदारी संभालेगा। इसी के साथ सौरव गांगुली के क्रिकेट संचालन से जुड़े पद पर वापसी करने की संभावना जताई जा रही है।

    इस बीच, पूर्व भारतीय ऑलराउंडर युवराज सिंह के भी दिल्ली कैपिटल्स के कोचिंग स्टाफ से जुड़ने की खबरें सामने आई हैं। हालांकि, इन बदलावों को लेकर अभी तक फ्रेंचाइजी या संबंधित पक्षों की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। बताया जा रहा है कि ट्रेड से जुड़े दस्तावेज भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की मंजूरी के लिए भेजे गए हैं।

  • Commonwealth Games: चोट से उबरकर वापसी को तैयार नीरज, कॉमनवेल्थ गेम्स को बताया कठिन!

    Commonwealth Games: चोट से उबरकर वापसी को तैयार नीरज, कॉमनवेल्थ गेम्स को बताया कठिन!

    Commonwealth Games: भारतीय जैवलिन थ्रो स्टार नीरज चोपड़ा का मानना है कि इस साल के कॉमनवेल्थ गेम्स में ओलंपिक और वर्ल्ड चैंपियनशिप जैसी कड़ी चुनौती मिल सकती है। वह शुक्रवार को कतर में दोहा डायमंड लीग 2026 से अपने सीजन की शुरुआत करेंगे। टोक्यो 2020 चैंपियन को उम्मीद है कि ग्लासगो में 23 जुलाई से 2 अगस्त तक होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स में कड़ा मुकाबला होगा, क्योंकि इसमें दुनिया के कई बेहतरीन जैवलिन थ्रोअर हिस्सा ले सकते हैं।

    दोहा में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान चोपड़ा ने कहा, “उन सभी ने 90 मीटर से ज्यादा थ्रो किया है। ऐसे में कॉमनवेल्थ गेम्स ओलंपिक या वर्ल्ड चैंपियनशिप से कम मुश्किल नहीं होंगे। यह वाकई एक कड़ा मुकाबला होगा।” कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा लेने वाले एथलीटों में पाकिस्तान के मौजूदा ओलंपिक चैंपियन अरशद नदीम, ग्रेनाडा के दो बार के वर्ल्ड चैंपियन एंडरसन पीटर्स और त्रिनिदाद और टोबैगो के मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन केशोर्न वालकॉट शामिल हो सकते हैं।

    हाल ही में अपना पर्सनल बेस्ट 92.62 मीटर थ्रो करने वाले श्रीलंका के रुमेश थरंगा पथिराज के भी ग्लासगो में पुरुषों के जैवलिन इवेंट में दावेदारों में शामिल होने की उम्मीद है। हालांकि, कॉमनवेल्थ गेम्स टीम में अपनी जगह पक्की करने के लिए नीरज चोपड़ा को अभी भी एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के 82.61 मीटर के क्वालिफिकेशन स्टैंडर्ड को हासिल करना होगा। क्वालीफाई करने के बाद चोपड़ा गोल्ड कोस्ट 2018 में जीते गए कॉमनवेल्थ गेम्स के खिताब को फिर से जीतने की कोशिश करेंगे। भारतीय स्टार चोट के कारण बर्मिंघम 2022 में हिस्सा नहीं ले पाए थे, जहां अरशद नदीम ने 90.18 मीटर के गेम्स रिकॉर्ड थ्रो के साथ गोल्ड मेडल जीता था।

    भारतीय जैवलिन थ्रोअर को आखिरी बार पिछले साल सितंबर में टोक्यो में वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में प्रदर्शन करते हुए देखा गया था, जहां वे 84.03 मीटर के बेस्ट थ्रो के साथ आठवें स्थान पर रहे थे। नीरज ने माना कि उन्होंने जापान में पीठ के निचले हिस्से में चोट के बावजूद मुकाबला किया था। उस फैसले पर बात करते हुए चोपड़ा ने कहा कि चोट के साथ टोक्यो में मुकाबला करने से उन्हें फायदे के बजाय नुकसान ही हुआ होगा। उन्होंने कहा, “पिछले साल टोक्यो वर्ल्ड चैंपियनशिप से पहले मुझे चोट लग गई थी।

    हमने बहुत मेहनत की और टोक्यो में हिस्सा भी लिया, लेकिन मुझे नहीं लगता कि वह सही फैसला था। मुझे पहले से पता था कि मुझे कुछ दिक्कतें हैं। लेकिन वह आखिरी कॉम्पिटिशन था, इसलिए मैंने वहां हिस्सा लेने का फैसला किया।” अपनी सपोर्ट टीम के साथ महीनों तक रिहैबिलिटेशन और रिकवरी पर काम करने के बाद, चोपड़ा ने कहा कि वह फिर से कॉम्पिटिशन में हिस्सा लेने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा, “मैं सच में बहुत अच्छा और फ़िट महसूस कर रहा हूं।”

    दोहा का चोपड़ा के लिए खास महत्व भी है। पिछले साल कतर स्पोर्ट्स क्लब में ही उन्होंने महान चेक जैवलिन थ्रोअर जान जेलेज्नी की देखरेख में 90.23 मीटर के थ्रो के साथ 90 मीटर का आंकड़ा पार किया था। दिलचस्प बात यह है कि चोपड़ा का मानना है कि वह ऐतिहासिक थ्रो तकनीकी रूप से उनका सबसे अच्छा थ्रो नहीं था। चोपड़ा ने कहा, “तकनीकी रूप से, वह थ्रो उतना अच्छा नहीं था। हाथ से तो वह बहुत तेज था, लेकिन अगर मैंने अपने निचले शरीर का बेहतर इस्तेमाल किया होता, तो शायद वह दो-तीन मीटर और दूर जा सकता था।”

    भारतीय स्टार ने यह भी पुष्टि की कि इस साल की शुरुआत में जेलेज्नी के साथ अपनी पार्टनरशिप खत्म करने के बाद, वह अपने पुराने मेंटर जयवीर चौधरी के साथ फिर से काम कर रहे हैं। चोपड़ा ने कहा, “उन्हें पिछले 15-16 सालों से मेरी कहानी पता है। उन्हें मेरे ट्रेनिंग प्लान और बाकी सब चीजों के बारे में पता है, इसलिए अब हम मेरी तकनीक पर काम कर रहे हैं। हम किसी खास चीज पर काम नहीं कर रहे हैं। मैं अपनी नैचुरल तकनीक पर काम कर रहा हूं।” 2026 के सीजन में न तो ओलंपिक होंगे और न ही वर्ल्ड चैंपियनशिप, लेकिन चोपड़ा को उम्मीद है कि यह सीजन काफ़ी व्यस्त रहेगा क्योंकि ग्लासगो में कॉमनवेल्थ गेम्स और जापान में एशियन गेम्स होने बाकी हैं।


  • Hardoi Teacher Recruitment Corruption: हरदोई शिक्षक भर्ती मामले में बढ़ा विवाद, बीएसए पर रिश्वत मांगने का मुकदमा दर्ज

    Hardoi Teacher Recruitment Corruption: हरदोई शिक्षक भर्ती मामले में बढ़ा विवाद, बीएसए पर रिश्वत मांगने का मुकदमा दर्ज

    Hardoi Teacher Recruitment Corruption: उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में बेसिक शिक्षा विभाग की शिक्षक भर्ती और एजुकेटर चयन प्रक्रिया से जुड़ा कथित भ्रष्टाचार का मामला गहराता जा रहा है। सेवा प्रदाता संस्था की शिकायत पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) डॉ. अजीत सिंह के खिलाफ शहर कोतवाली में रिश्वत मांगने का मामला दर्ज किया गया है।

    शिकायतकर्ता संस्था का आरोप है कि फर्म को ब्लैकलिस्ट करने की धमकी देकर पांच लाख रुपये की रिश्वत की मांग की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी अनुनय झा के निर्देश पर गठित तीन सदस्यीय जांच समिति ने बीएसए कार्यालय पहुंचकर भर्ती और नियुक्ति से संबंधित अभिलेखों की जांच की।

    जांच के दौरान समिति को 29 हजार शिक्षक भर्ती प्रक्रिया से संबंधित 61 शिक्षकों की मूल पत्रावलियां रिकॉर्ड से गायब मिलीं। इसके अलावा कई दस्तावेज संदिग्ध पाए जाने पर भर्ती से जुड़ी अलमारियों और दो कमरों को सील कर दिया गया।

    जांच समिति में सिटी मजिस्ट्रेट संजय सिंह, सदर एसडीएम संजय अग्रहरि और डायट प्राचार्य रामेंद्र सिंह शामिल हैं। अधिकारियों के मुताबिक, गायब अभिलेखों और भर्ती प्रक्रिया में संभावित अनियमितताओं की अलग से जांच कराई जाएगी।

    उल्लेखनीय है कि इसी प्रकरण में पूर्व पटल प्रभारी अनुपम मिश्रा के खिलाफ भी पहले एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट और पुलिस विवेचना के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • Bandhan Bank FCNR Deposit Scheme:  ग्राहकों के लिए एफसीएनआर (बी) जमा पर बढ़ाया ब्याज, 7.1% तक मिलेगा रिटर्न

    Bandhan Bank FCNR Deposit Scheme: ग्राहकों के लिए एफसीएनआर (बी) जमा पर बढ़ाया ब्याज, 7.1% तक मिलेगा रिटर्न

    Bandhan Bank FCNR Deposit Scheme: बंधन बैंक ने अपने अनिवासी भारतीय (एनआरआई) ग्राहकों के लिए आकर्षक एफसीएनआर (बी) जमा योजना पेश की है। नई योजना के तहत तीन से पांच वर्ष की अवधि के लिए 10 लाख अमेरिकी डॉलर या उससे अधिक की जमा राशि पर 7.1 प्रतिशत तक ब्याज दिया जाएगा।

    बैंक के अनुसार, यह योजना एनआरआई ग्राहकों को अमेरिकी डॉलर आधारित जमा योजनाओं में मध्यम और दीर्घकालिक निवेश का बेहतर अवसर प्रदान करेगी। 10 लाख डॉलर तक की जमा पर सात प्रतिशत तथा इससे अधिक की राशि पर 7.1 प्रतिशत वार्षिक ब्याज मिलेगा।

    बैंक का कहना है कि यह योजना रुपये के अवमूल्यन और विनिमय दरों में उतार-चढ़ाव से जुड़े जोखिमों को कम करने में भी मददगार साबित होगी।

    बंधन बैंक के कार्यकारी निदेशक एवं मुख्य व्यवसाय अधिकारी राजिंदर कुमार बब्बर ने कहा कि बैंक अपने एनआरआई ग्राहकों को ऐसे समय में आकर्षक निवेश विकल्प उपलब्ध करा रहा है, जब वे विदेशी निवेश में स्थिरता और बेहतर प्रतिफल की तलाश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह योजना प्रतिस्पर्धी रिटर्न के साथ मुद्रा जोखिम को प्रभावी ढंग से कम करने का अवसर देती है।

    यह पेशकश भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा बैंकों के लिए नई एफसीएनआर (बी) जमाओं पर अमेरिकी डॉलर-रुपया फॉरेक्स स्वैप सुविधा शुरू किए जाने के बाद लाई गई है। यह सुविधा न्यूनतम तीन वर्ष और अधिकतम पांच वर्ष की अवधि वाली नई एफसीएनआर (बी) जमाओं पर लागू होगी। इसका उद्देश्य बैंकिंग प्रणाली में विदेशी मुद्रा प्रवाह को बढ़ावा देना है।

  • Pushkar Singh Dhami: मुख्यमंत्री धामी ने विभिन्न विकास योजनाओं और निर्माण कार्यों के लिए ₹289 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति दी!

    Pushkar Singh Dhami: मुख्यमंत्री धामी ने विभिन्न विकास योजनाओं और निर्माण कार्यों के लिए ₹289 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति दी!

    Pushkar Singh Dhami: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विकास, पेयजल योजनाओं, यातायात सुधार, आपदा राहत, सार्वजनिक सुविधाओं और अन्य निर्माण कार्यों के लिए कुल 289 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।

    मुख्यमंत्री ने हरिद्वार के भूपतवाला में पाइपलाइन बिछाने के लिए 4.67 करोड़ रुपये, चंपावत क्षेत्र की शहरी विकास योजनाओं के लिए एक करोड़ रुपये तथा अल्मोड़ा जिले के ग्राम सुरूण में कालसीन देवता मंदिर परिसर में धर्मशाला निर्माण, मार्ग चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण कार्य के लिए 27.02 लाख रुपये मंजूर किए हैं। वहीं, किच्छा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम दरऊ में डॉ. भीमराव आंबेडकर पार्क एवं तालाब के सौंदर्यीकरण के लिए 25 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

    मुख्यमंत्री ने गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर के लिए 150 करोड़ रुपये की परियोजना के तहत पहली किस्त के रूप में 75 करोड़ रुपये जारी करने को मंजूरी दी है। इसके अलावा पिथौरागढ़ जिले के पांखू में विद्युत उपकेंद्र निर्माण के लिए पांच करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

    देहरादून में यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित और सुगम बनाने, प्रमुख चौराहों के आधुनिकीकरण तथा अन्य कार्यों के लिए 33.45 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। साथ ही मसूरी क्षेत्र की अपर सौंधोवाली पेयजल योजना के लिए 4.24 करोड़ रुपये और राष्ट्रपति आशियाना परिसर में उपचारित जल आपूर्ति व्यवस्था के लिए 2.81 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

    आपदा राहत के तहत पिथौरागढ़ जिले के विभिन्न क्षेत्रों के 78 प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए 3.81 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। वन्यजीवों से होने वाली जनहानि, पशु, फसल और मकान क्षति से जुड़े मामलों के भुगतान के लिए राज्य आपदा मोचन निधि से 30 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा विश्व बैंक समर्थित यू-प्रिपेयर परियोजना के लिए 75 करोड़ रुपये जारी करने का अनुमोदन भी दिया गया है।

    मुख्यमंत्री ने खटीमा क्षेत्र में सड़कों और न्यायालय परिसर में आवासीय भवन निर्माण, सहस्त्रधारा हेलीपैड पर विभिन्न निर्माण कार्यों, हरिद्वार जिला न्यायालय में सीसीटीवी स्थापना, सहसपुर और शंकरपुर हुकुमतपुर पेयजल योजनाओं सहित कई अन्य विकास परियोजनाओं को भी मंजूरी दी है।

    इसके अतिरिक्त, चंपावत के जवाहर नवोदय विद्यालय मटौली में ओपन जिम निर्माण, पूर्णागिरि धाम क्षेत्र में इंटरलॉकिंग टाइल्स लगाने तथा गंगोलीहाट नगर क्षेत्र में एलईडी स्ट्रीट लाइट स्थापना संबंधी कार्यों को मुख्यमंत्री घोषणा में शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री ने अल्मोड़ा जिले के बल्टा मोटर मार्ग का नाम शहीद स्वर्गीय भूपाल सिंह के नाम पर रखने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की है।