Tag: Air Travel

  • IndiGo Launches Lite Fare: इंडिगो ने पेश किया ‘लाइट फेयर’, बिना चेक-इन बैगेज के लगेगा कम किराया!

    IndiGo Launches Lite Fare: इंडिगो ने पेश किया ‘लाइट फेयर’, बिना चेक-इन बैगेज के लगेगा कम किराया!

    IndiGo Launches Lite Fare: देश की प्रमुख विमान सेवा कंपनी इंडिगो ने बुधवार को अपने इकोनॉमी श्रेणी के ग्राहकों के लिए ‘इंडिगो लाइट फेयर’ नाम से किराये का एक नया विकल्प पेश किया, जिसमें चेक-इन बैगेज के बिना यात्रा करने पर किराया कम हो जायेगा।

    एयरलाइंस की प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि यह एंट्री-लेवल किराया उन यात्रियों के लिए है, जो केवल केबिन बैगेज के साथ यात्रा करते हैं और केवल उन्हीं सेवाओं के लिए भुगतान करना चाहते हैं, जिनका वे वास्तव में उपयोग करते हैं। इससे ग्राहकों को अपने यात्रा खर्च पर अधिक नियंत्रण और विकल्प मिलेगा।

    ‘इंडिगो लाइट फेयर’ की बुकिंग आज से केवल एयरलाइंस के आधिकारिक चैनलों – वेबसाइट, मोबाइल ऐप और कॉन्टैक्ट सेंटर- के माध्यम से की जा सकेगी। यह किराया 15 जुलाई 2026 को या उसके बाद की यात्राओं के लिए लागू होगा। यह घरेलू और अंतरराष्ट्रीय, दोनों प्रकार की नॉन-स्टॉप उड़ानों पर एकतरफा, राउंड ट्रिप और मल्टी-सिटी यात्रा के लिए वयस्क एवं बच्चों दोनों पर लागू होगा।

    इस विकल्प के तहत ग्राहकों को कम बेस फेयर, बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के ऑटो-असाइन सीट तथा सात किलोग्राम तक केबिन बैगेज की सुविधा मिलेगी। इसके अलावा, चेक-इन बैगेज, पसंदीदा सीट, खाना और फास्ट फॉरवर्ड जैसी प्राथमिकता सेवाओं के लिए उन्हें अलग से भुगतान करना होगा। इन सेवाओं को उड़ान के रवाना होने से एक घंटे पहले तक इंडिगो की वेबसाइट या एयरपोर्ट पर खरीदा जा सकता है।

    एयरलाइंस ने स्पष्ट किया है कि ‘इंडिगो लाइट फेयर’ चुनने वाले यात्री को पहले की तरह इंडिगो ब्लूचिप लॉयल्टी प्रोग्राम के लाभ मिलते रहेंगे। इंडिगो के मुख्य रणनीतिक अधिकारी आलोक सिंह ने कहा, “ हम अपने विविध ग्राहक वर्ग की बदलती अपेक्षाओं के अनुरूप अपने उत्पादों को लगातार विकसित कर रहे हैं।

    इंडिगो लाइट उन ग्राहकों के लिए तैयार किया गया है जो हल्के सामान के साथ यात्रा करना पसंद करते हैं और केवल उन्हीं सेवाओं के लिए भुगतान करना चाहते हैं जिनकी उन्हें आवश्यकता होती है। यह हमारी जरूरत-आधारित उत्पाद श्रृंखला को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

    साथ ही, यह बदलती बाजार परिस्थितियों के प्रति हमारी तत्परता और ग्राहकों के लिए हवाई यात्रा को अधिक सुलभ एवं किफायती बनाने की हमारी प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।” उल्लेखनीय है कि लागत कम करने की अपनी पहल के तहत विमान सेवा कंपनियां यात्रा के दौरान दिये जाने वाले पैकेज में पहले एक साथ दी जाने वाली सुविधाओं को अलग-अलग कर रही हैं।

    पश्चिम संकट के कारण विमान ईंधन के दाम बढ़ने से इन कंपनियों के लिए पिछले चार महीने वित्तीय दृष्टिकोण से काफी तनावपूर्ण रहे हैं। हाल ही में एयर इंडिया ने घरेलू यात्रियों के लिए ‘बेसिक’ फेयर का विकल्प पेश किया था। इसके तहत छोटी यात्रा के दौरान खाना छोड़ने का विकल्प चुनने के बदले यात्री को किराये में कमी का लाभ मिलता है।

  • Air India: एयर इंडिया अपनी अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों में 27 प्रतिशत की कटौती करेगी!

    Air India: एयर इंडिया अपनी अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों में 27 प्रतिशत की कटौती करेगी!

    Air India: टाटा समूह की विमान सेवा कंपनी एयर इंडिया ने विमान ईंधन की कीमतों में तेजी और पश्चिम एशिया में हवाई क्षेत्रों पर जारी प्रतिबंधों के बीच अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों में जून से अगस्त के दौरान 27 प्रतिशत की कटौती की घोषणा की है।

    एयरलाइंस ने बुधवार को एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि वह जून से अगस्त के दौरान चुनिंदा अंतर्राष्ट्रीय मार्गों पर उड़ानों को युक्तिसंगत बनायेगी। उसने इसके लिए “कई कारकों के संयुक्त प्रभाव” को जिम्मेदार ठहराया है जिनमें पश्चिम एशिया संकट के कारण कुछ इलाकों में हवाई क्षेत्र संबंधी प्रतिबंधों का जारी रहना और विमान ईंधन के रिकॉर्ड उच्चतम स्तर प्रमुख हैं।

    उसने कहा है कि जून से अगस्त के बीच वह हर महीने 1,200 से अधिक अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों का परिचालन करेगी जो रोजाना औसतन 40 के करीब है। सूत्रों ने बताया कि अभी एयरलाइंस औसतन हर दिन 55 अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों का परिचालन कर रही है। इस प्रकार उड़ानों की संख्या में 27 प्रतिशत की कटौती की गयी है।

    संबंधित ख़बरें: MSP for Kharif Crops 2026-27: खरीफ फसलों के लिए एमएसपी 2026-27 घोषित, धान के भाव में 72 रुपये की बढ़ोतरी

    प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि इन बदलावों का उद्देश्य नेटवर्क की स्थिरता बनाये रखना और अंतिम क्षणों में यात्रियों को होने वाली असुविधाओं से बचाना है। पहले से जिन यात्रियों ने टिकट बुक करा रखे हैं उन्हें दूसरी विमानों में सीट देने में एयरलाइंस मदद करेगी।

    एयर इंडिया का कहना है कि वह जून से अगस्त तक हर सप्ताह उत्तर अमेरिका के लिए में 33, यूरोप के लिए 47, ब्रिटेन के लिए 57, ऑस्ट्रेलिया के लिए आठ और सुदूर पूर्व, दक्षिण-पूर्व एशिया तथा सार्क क्षेत्र के लिए 158 और मॉरिशस के लिए सात उड़ानों का परिचालन करेगी।

    उल्लेखनीय है कि पश्चिम एशिया संकट के कारण इस समय विमान ईंधन की कीमत रिकॉर्ड उच्चतम स्तर हैं। सरकार ने घरेलू उड़ानों के लिए विमान ईंधन की कीमतों में हर महीने के लिए 25 प्रतिशत की सीमा तय कर दी है, लेकिन अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों के लिए यह राहत नहीं दी गयी है।