MSP for Kharif Crops 2026-27: केंद्र सरकार ने खरीफ फसल वर्ष 2026-27 के विपणन सीजन के लिए फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में बुधवार को इजाफे का ऐलान किया। पिछले वर्ष की तुलना में एमएसपी में सूरजमुखी में 622 रुपये प्रति क्विंटल, कपास में 557 रुपये प्रति क्विंटल, नाइजरसीड में 515 रुपये प्रति क्विंटल और तिल में 500 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की गयी है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति (सीसीईए) ने विपणन सीजन 2026-27 के लिए इस वृद्धि को मंजूरी दी। केंद्रीय मंत्री अश्निनी वैष्णव ने यहां यह जानकारी देते हुए कहा कि विपणन सत्र 2026-27 के लिए खरीफ फसलों के एमएसपी में वृद्धि केंद्रीय बजट 2018-19 में एमएसपी को अखिल भारतीय भारित औसत उत्पादन लागत के कम से कम 1.5 गुना पर निर्धारित करने की घोषणा के अनुरूप है।
किसानों को उत्पादन लागत पर मिलने वाला अपेक्षित लाभ मूंग (61 प्रतिशत) में सबसे अधिक (इसके बाद बाजरा (56 प्रतिशत), मक्का (56 प्रतिशत) और अरहर (54 प्रतिशत) में होगा। शेष फसलों के लिए, किसानों को उत्पादन लागत पर मिलने वाला लाभ 50 प्रतिशत रहने का अनुमान है।सामान्य धान और ग्रेड-ए के धान में 72 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गयी है।
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केंद्र सरकार के इस फैसले से धान का नया समर्थन मूल्य 2441 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है जबकि ग्रेड ए धान के लिए किसान को 2461रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया जाएगा। इसके अलावा बाजरा के न्यूनतम समर्थन मूल्य में 125 रुपये प्रति क्विंटल का इजाफा किया गया जिससे इसकी एमएसपी बढ़कर 2900 रुपये प्रति क्विंवटल हो गयी है।अनाजों में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी रागी में 319 रुपये प्रति क्विंटल तो सबसे कम मक्का में केवल 10 रुपये प्रति क्विंटल ही बढ़ाये गए हैं।
दलहन में अरहर के भाव में सबसे ज्यादा 450 रुपये प्रति क्विंवटल तो मूंग के भाव में केवल 12 रुपये का इजाफा किया गया है। अरहर की एमएसपी पिछले साल 8000 रुपये प्रति क्विंवटल घोषित की गयी थी। अब इसमें 450 रुपये की बढ़ोतरी के बाद इसकी नयी एमएसपी 8450 रुपये प्रति क्विंवटल हो गयी है।
इसी तरह उड़द की एमएसपी में 400 रुपये बढ़ाये गए हैं। इससे इसका न्यूनतम समर्थन मूल्य 7800 रुपये प्रति क्विंवटल से तेज होकर 8200 रुपयेप्रति क्विंवटल हो गया है। लागत के अनुपात में देखें तो मूंग के किसान को उसकी लागत से 5438 रुपये प्रति क्विंवटल से 61 प्रतिशत अधिक का फायदा होगा। इसी तरह अरहर के किसान को 54 प्रतिशत का तो उड़द किसान को 51 प्रतिशत का फायदा होगा।

