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  • Kotak Mahindra Bank: कोटक महिंद्रा बैंक भारत में डॉयचे बैंक के खुदरा बैंकिंग, निजी बैंकिंग और परिसंपत्ति प्रबंधन कारोबार का करेगा अधिग्रहण!

    Kotak Mahindra Bank: कोटक महिंद्रा बैंक भारत में डॉयचे बैंक के खुदरा बैंकिंग, निजी बैंकिंग और परिसंपत्ति प्रबंधन कारोबार का करेगा अधिग्रहण!

    Kotak Mahindra Bank: कोटक महिंद्रा बैंक ने जर्मनी के डॉयचे बैंक के भारत में खुदरा बैंकिंग, निजी बैंकिंग और परिसंपत्ति प्रबंधन कारोबार के अधिग्रहण की घोषणा की है। दोनों बैंकों ने मंगलवार को जारी संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि कोटक महिंद्रा बैंक और डॉयचे बैंक की भारतीय शाखा के बीच इस संबंध में एक अंतिम समझौता हो गया है।

    अधिग्रहण किये जाने वाले कारोबारों में तकरीबन 29,000 करोड़ रुपये (लगभग 2.7 अरब यूरो) के ऋण पोर्टफोलियो, 16,000 करोड़ रुपये (लगभग 1.5 अरब यूरो) की जमा राशि तथा 10,500 करोड़ रुपये (लगभग 1.0 अरब यूरो) की प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियां शामिल हैं। यह कारोबार लगभग 1.5 लाख ग्राहकों को सेवाएं प्रदान करता है और इसमें लगभग एक हजार कर्मचारी कार्यरत हैं।

    अधिग्रहण की प्रक्रिया सितंबर 2027 तक पूरी होने की उम्मीद है। अभी इसके लिए नियामकीय मंजूरियां मिलनी शेष हैं। इस सौदे के तहत डॉयचे बैंक इंडिया के लगभग एक हजार कर्मचारियों के कोटक महिंद्रा बैंक में शामिल होने की उम्मीद है। कोटक महिंद्रा बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अशोक वासवानी ने कहा, “यह सौदा हमारे समृद्ध ग्राहकों और छोटे तथा मझौले उद्यम (एसएमई) क्षेत्रों पर केंद्रित रणनीतिक लक्ष्य के अनुरूप है।

    यह रणनीतिक दृष्टि से बेहद उपयुक्त है और व्यावसायिक रूप से भी लाभदायक है। इससे हमें बेहतर ग्राहक आधार, अनुभवी टीम और कारोबार के विस्तार के नये अवसर मिलेंगे। हमारी प्राथमिकता अनुशासित तरीके से एकीकरण करना, सेवाओं की निरंतरता बनाये रखना और इस व्यवसाय को और मजबूत बनाना होगी।” डॉयचे बैंक ग्रुप में भारत एवं उभरते एशियाई बाजारों के कारोबार के सीईओ कौशिक शापरिया ने कहा कि यह सौदा डॉयचे बैंक के कारोबार को और अधिक केंद्रित एवं मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

    भारत की वैश्विक अर्थव्यवस्था में बढ़ती भूमिका इसे डॉयचे बैंक के लिए एक प्रमुख बाजार बनाती है। डॉयचे बैंक की ताकत मजबूत कॉर्पोरेट बैंक, इन्वेस्टमेंट बैंक तथा डीडब्ल्यूएस जैसे व्यवसायों की निरंतर वृद्धि है। उन्होंने विश्वास जताया कि कोटक महिंद्रा बैंक भारत स्थित निजी बैंकिंग और परिसंपत्ति प्रबंधन ग्राहकों को दीर्घकालिक सेवा निरंतरता प्रदान करेगा और कर्मचारियों के लिए भी बेहतर विकास के अवसर उपलब्ध करायेगा।

  • Bank of Baroda Update: बैंक ऑफ़ बड़ौदा ने सरकार को दिया 2,811 करोड़ रुपये का लाभांश, वित्तमंत्री सीतारमण को सौंपा चेक!

    Bank of Baroda Update: बैंक ऑफ़ बड़ौदा ने सरकार को दिया 2,811 करोड़ रुपये का लाभांश, वित्तमंत्री सीतारमण को सौंपा चेक!

    Bank of Baroda Update: सरकारी क्षेत्र के बैंकिंग प्रतिष्ठान बैंक ऑफ़ बड़ौदा ने वर्ष 2025-26 के लिए केंद्र सरकार को को 2,811 करोड़ रुपये का लाभांश दिया है। बैंक की एक विज्ञप्ति के अनुसार उसके मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ सीईओ डॉ. देबदत्त चंद ने वित्त मंत्री को डिविडेंड चेक सौंपा।

    इस मौके पर वित्तीय सेवा विभाग के सचिव संजय लोहिया और बैंक के कार्यकारी निदेशक ललित त्यागी, संजय मुदलियार, लाल सिंह और सुश्री बीना वहीद भी मौजूद थीं। बैंक ने यह कहा है कि सरकार को दी गयी लाभांश की राशि उसके मज़बूत वित्तीय प्रदर्शन और सभी हितधारकों का मूल्य लंबे समय तक ऊंचा बनाये रखने की उसकी लगातार प्रतिबद्धता को दिखाता है।

    वित्त वर्ष 2025-26 के लिए, बैंक ने प्रति शेयर 8.50 रुपये का डिविडेंड घोषित किया था, जो प्रति शेयर 2 रुपये के अंकित मूल्य के प्रति शेयर के हिसाब से 425 प्रतिशत बनता है। वित्त वर्ष 2025-26 बैंक ऑफ़ बड़ौदा का सालाना मुनाफ़ा पहली बार 20,000 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार किया। वर्ष के दौरान एकल आधार पर लाभ 20,021 करोड़ रुपये रहा । इस दौरान बैंक का वैश्विक कारोबार भी 30 लाख करोड़ रुपये से ऊपर पहुंच गया ।

  • Kotak Mahindra Bank: कोटक महिंद्रा बैंक ने शुरू की नये एमडी की तलाश, पद छोड़ेंगे अशोक वसवानी!

    Kotak Mahindra Bank: कोटक महिंद्रा बैंक ने शुरू की नये एमडी की तलाश, पद छोड़ेंगे अशोक वसवानी!

    Kotak Mahindra Bank: निजी क्षेत्र के कोटक महिंद्रा बैंक ने नये प्रबंध निदेशक (एमडी) एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की तलाश शुरू कर दी है। मौजूदा एमडी एवं सीईओ अशोक वसवानी ने बैंक के निदेशकमंडल को बताया है कि वह 31 दिसंबर 2026 को समाप्त हो रहे अपने मौजूदा कार्यकाल के बाद दोबारा इस पद पर नियुक्ति से इच्छुक नहीं हैं।

    इसके बाद निदेशक मंडल की शनिवार को हुई बैठक में उनके उत्तराधिकारी की नियुक्ति के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गयी। कोटक महिंद्रा बैंक ने आज शेयर बाजारों को बताया कि नये एमडी एवं सीईओ की नियुक्ति की प्रक्रिया नियामक समय-सीमा में पूरी कर ली जायेगी। कोटक महिंद्रा बैंक की स्थापना साल 2003 में हुई थी।

    इससे पहले यह कोटक महिंद्रा फाइनेंस लिमिटेड (केएमएफएल) के नाम से एक गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) के रूप में काम कर रहा था। केएमएफएल देश की पहली एनबीएफसी थी जिसे एक वाणिज्यिक बैंक के रूप में सूचीबद्ध किया गया। बैंक का राजस्व 31 मार्च 2026 को समाप्त तिमाही में 14,174.77 करोड़ रुपये और शुद्ध लाभ 4,026.55 करोड़ रुपये रहा था।

  • Bandhan Bank FCNR Deposit Scheme:  ग्राहकों के लिए एफसीएनआर (बी) जमा पर बढ़ाया ब्याज, 7.1% तक मिलेगा रिटर्न

    Bandhan Bank FCNR Deposit Scheme: ग्राहकों के लिए एफसीएनआर (बी) जमा पर बढ़ाया ब्याज, 7.1% तक मिलेगा रिटर्न

    Bandhan Bank FCNR Deposit Scheme: बंधन बैंक ने अपने अनिवासी भारतीय (एनआरआई) ग्राहकों के लिए आकर्षक एफसीएनआर (बी) जमा योजना पेश की है। नई योजना के तहत तीन से पांच वर्ष की अवधि के लिए 10 लाख अमेरिकी डॉलर या उससे अधिक की जमा राशि पर 7.1 प्रतिशत तक ब्याज दिया जाएगा।

    बैंक के अनुसार, यह योजना एनआरआई ग्राहकों को अमेरिकी डॉलर आधारित जमा योजनाओं में मध्यम और दीर्घकालिक निवेश का बेहतर अवसर प्रदान करेगी। 10 लाख डॉलर तक की जमा पर सात प्रतिशत तथा इससे अधिक की राशि पर 7.1 प्रतिशत वार्षिक ब्याज मिलेगा।

    बैंक का कहना है कि यह योजना रुपये के अवमूल्यन और विनिमय दरों में उतार-चढ़ाव से जुड़े जोखिमों को कम करने में भी मददगार साबित होगी।

    बंधन बैंक के कार्यकारी निदेशक एवं मुख्य व्यवसाय अधिकारी राजिंदर कुमार बब्बर ने कहा कि बैंक अपने एनआरआई ग्राहकों को ऐसे समय में आकर्षक निवेश विकल्प उपलब्ध करा रहा है, जब वे विदेशी निवेश में स्थिरता और बेहतर प्रतिफल की तलाश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह योजना प्रतिस्पर्धी रिटर्न के साथ मुद्रा जोखिम को प्रभावी ढंग से कम करने का अवसर देती है।

    यह पेशकश भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा बैंकों के लिए नई एफसीएनआर (बी) जमाओं पर अमेरिकी डॉलर-रुपया फॉरेक्स स्वैप सुविधा शुरू किए जाने के बाद लाई गई है। यह सुविधा न्यूनतम तीन वर्ष और अधिकतम पांच वर्ष की अवधि वाली नई एफसीएनआर (बी) जमाओं पर लागू होगी। इसका उद्देश्य बैंकिंग प्रणाली में विदेशी मुद्रा प्रवाह को बढ़ावा देना है।

  • Plastic Currency Notes: प्लास्टिक के नोटों पर विचार जारी, आरबीआई ने कहा- अभी शुरुआती चरण में है प्रस्ताव

    Plastic Currency Notes: प्लास्टिक के नोटों पर विचार जारी, आरबीआई ने कहा- अभी शुरुआती चरण में है प्रस्ताव

    Plastic Currency Notes: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर Sanjay Malhotra ने कहा है कि देश में पॉलीमर यानी प्लास्टिक के करेंसी नोट शुरू करने के प्रस्ताव पर चर्चा जरूर हुई है, लेकिन यह अभी प्रारंभिक स्तर पर है। मौद्रिक नीति समिति की द्वैमासिक बैठक के बाद आयोजित संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल इस संबंध में कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।

    आरबीआई गवर्नर ने बताया कि पॉलीमर नोटों के फायदे और चुनौतियों का अध्ययन किया जा रहा है। इन नोटों की विशेषता यह है कि ये पारंपरिक कागजी नोटों की तुलना में अधिक टिकाऊ होते हैं और जल्दी खराब नहीं होते। साथ ही लंबे समय में इनके रखरखाव और प्रतिस्थापन की लागत भी कम हो सकती है। हालांकि, इस दिशा में आगे बढ़ने से पहले सभी पहलुओं का गहन मूल्यांकन किया जाएगा।

    गौरतलब है कि पॉलीमर नोट विशेष प्रकार के प्लास्टिक से बनाए जाते हैं और इनमें कपास-आधारित कागज का उपयोग नहीं होता। दुनिया के कई देशों, जैसे Canada, United Kingdom और Singapore में ऐसे नोट पहले से प्रचलन में हैं। आरबीआई का कहना है कि भारत में भी इस विकल्प पर विचार किया जा रहा है, लेकिन फिलहाल यह प्रक्रिया शुरुआती चरण में ही है।

  • PSU Banks Record Profit: PSU बैंकों ने कमाया रिकॉर्ड मुनाफा, सरकार ने दी सतर्क रहने की सलाह!

    PSU Banks Record Profit: PSU बैंकों ने कमाया रिकॉर्ड मुनाफा, सरकार ने दी सतर्क रहने की सलाह!

    PSU Banks Record Profit: सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSU Banks) ने वित्त वर्ष 2025-26 में शानदार प्रदर्शन करते हुए संयुक्त रूप से लगभग ₹1.98 लाख करोड़ का रिकॉर्ड शुद्ध मुनाफा दर्ज किया है। यह भारतीय बैंकिंग क्षेत्र के इतिहास में सरकारी बैंकों का अब तक का सबसे बड़ा लाभ माना जा रहा है। इस उपलब्धि के बीच वित्त मंत्रालय ने बैंकों को वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं को देखते हुए खर्च में अनुशासन बनाए रखने और जोखिम प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी है।

    वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने हाल ही में सरकारी बैंकों के प्रमुखों के साथ बैठक की, जिसमें बैंकिंग क्षेत्र की वर्तमान स्थिति, भविष्य की चुनौतियों और विकास की संभावनाओं पर चर्चा की गई। बैठक में अधिकारियों ने बैंकों की लाभप्रदता की सराहना की, लेकिन साथ ही उन्हें सतर्क रहने की भी सलाह दी।

    विशेषज्ञों के अनुसार, सरकारी बैंकों की बेहतर वित्तीय स्थिति के पीछे गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (NPA) में कमी, ऋण वसूली में सुधार, डिजिटल बैंकिंग का विस्तार और क्रेडिट ग्रोथ जैसे प्रमुख कारण रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों में बैंकिंग सुधारों और सख्त निगरानी के कारण सरकारी बैंकों की बैलेंस शीट पहले की तुलना में काफी मजबूत हुई है।

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    वित्त मंत्रालय ने बैंकों से कहा है कि वे अपने परिचालन खर्चों पर नियंत्रण बनाए रखें और संसाधनों का उपयोग सोच-समझकर करें। वैश्विक स्तर पर जारी आर्थिक चुनौतियों, भू-राजनीतिक तनाव और वित्तीय बाजारों में उतार-चढ़ाव को देखते हुए जोखिम प्रबंधन को मजबूत करना आवश्यक बताया गया है।

    बैंकिंग क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि रिकॉर्ड मुनाफा भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती और बैंकिंग प्रणाली में बढ़ते विश्वास का संकेत है। मजबूत बैंकिंग व्यवस्था उद्योगों, व्यापार और उपभोक्ताओं को ऋण उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, जिससे आर्थिक विकास को गति मिलती है।

    विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि आने वाले वर्षों में डिजिटल बैंकिंग, फिनटेक सहयोग और तकनीकी नवाचार सरकारी बैंकों की वृद्धि को और मजबूत कर सकते हैं। हालांकि, लाभप्रदता बनाए रखने के लिए बैंकों को सतर्कता, लागत नियंत्रण और बेहतर ग्राहक सेवाओं पर लगातार ध्यान देना होगा।

    रिकॉर्ड मुनाफे के बावजूद वित्त मंत्रालय का संदेश स्पष्ट है कि बैंक केवल वर्तमान उपलब्धियों पर निर्भर न रहें, बल्कि भविष्य की संभावित चुनौतियों के लिए भी तैयार रहें। इससे बैंकिंग क्षेत्र की स्थिरता और देश की आर्थिक मजबूती दोनों को लाभ मिलेगा।

  • Federal Bank’s Digital Platform: फेडरल बैंक के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी ईपीएफओ सेवा!

    Federal Bank’s Digital Platform: फेडरल बैंक के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी ईपीएफओ सेवा!

    Federal Bank’s Digital Platform: फेडरल बैंक का डिजिटल प्लेटफॉर्म अब कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के साथ जुड़ गया है। बैंक ने गुरुवार को बताया कि फेडरल बैंक के ग्राहक अब नेट बैंकिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपनी सुविधानुसार और सुरक्षित तरीके से ईपीएफओ भुगतान कर सकेंगे। यह कार्य बेहद आसान तरीके से बिना किसी झंझट के हो सकेगा।

    इसका शुभारंभ यहां आयोजित एक विशेष समारोह में किया गया जिसमें क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त-1 (बैंकिंग) बृज मोहन सिंह, क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त-2 (बैंकिंग) अजय कृष्ण पालीवाल और ईपीएफओ अधिकारी कपिल आनंद भी मौजूद थे। फेडरल बैंक का प्रतिनिधित्व बैंक के सरकारी एवं संस्थागत कारोबार विभाग के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं कंट्री हेड अनूप टी. ने अन्य अधिकारियों के साथ किया।

    फेडरल बैंक के कार्यकारी निदेशक हर्ष दुगर ने कहा, “फेडरल बैंक अपने मूलमंत्र ‘डिजिटल एट द फोर, ह्यूमन एट द कोर’ पर अमल करते हुए ग्राहकों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाये रखते हुए जरूरत के अनुरूप सुविधाजनक सेवाएं शुरू करता रहा है। ये पहल न केवल ग्राहक अनुभव को बेहतर बनाती हैं, बल्कि सरकारी संस्थानों के साथ सहज जुड़ाव भी सुनिश्चित करती हैं।”