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  • Neelam Shami Rao: भारत-जापान के बीच कपड़ा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर जोर, टोक्यो में उद्योग जगत से मिलीं कपड़ा सचिव नीलम शमी राव

    Neelam Shami Rao: भारत-जापान के बीच कपड़ा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर जोर, टोक्यो में उद्योग जगत से मिलीं कपड़ा सचिव नीलम शमी राव

    Neelam Shami Rao: भारत और जापान के बीच कपड़ा एवं परिधान उद्योग में सहयोग को नई दिशा देने के उद्देश्य से केंद्रीय कपड़ा सचिव नीलम शमी राव ने सोमवार को टोक्यो में जापान की प्रमुख टेक्सटाइल और अपैरल कंपनियों के प्रतिनिधियों तथा निवेशकों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की।

    कपड़ा मंत्रालय के अनुसार, इस दौरे का उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को मजबूत करना, आधुनिक तकनीकों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देना तथा उद्योग क्षेत्र में नई साझेदारियों की संभावनाओं को तलाशना है।

    बैठक को संबोधित करते हुए नीलम शमी राव ने कहा कि भारत तेजी से वैश्विक कपड़ा उद्योग में एक विश्वसनीय और प्रतिस्पर्धी भागीदार के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। उन्होंने बताया कि कुशल मानव संसाधन, पर्याप्त कच्चे माल की उपलब्धता और सरकार की उद्योग समर्थक नीतियां भारत को निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य बनाती हैं।

    भारतीय प्रतिनिधिमंडल में वस्त्र मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा उद्योग जगत के कई प्रमुख प्रतिनिधि और नीति विशेषज्ञ भी शामिल थे। बैठक में जापान की 20 से अधिक अग्रणी कपड़ा एवं परिधान कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

    दोनों पक्षों के बीच कपड़ा व्यापार को बढ़ाने, नई तकनीकों के उपयोग, उत्पादन क्षमता में वृद्धि और औद्योगिक सहयोग को मजबूत करने जैसे विषयों पर व्यापक चर्चा हुई। भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने जापानी कंपनियों को भारत से वस्त्रों की खरीद बढ़ाने तथा देश में विनिर्माण इकाइयों और निवेश परियोजनाओं का विस्तार करने के लिए आमंत्रित किया।

    बैठक के दौरान उद्योग में नवाचार, तकनीकी सहयोग और संयुक्त विनिर्माण गतिविधियों को प्रोत्साहित करने पर भी सहमति बनी। साथ ही भारत में जापानी निवेश की संभावनाओं और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में दोनों देशों की साझेदारी को मजबूत करने के उपायों पर भी विचार-विमर्श किया गया।

    मंत्रालय के अनुसार, जापानी उद्योग जगत ने भारत के कपड़ा क्षेत्र में गहरी रुचि दिखाई और भारतीय कंपनियों के साथ दीर्घकालिक साझेदारी, निवेश विस्तार तथा भविष्य की तकनीकी परियोजनाओं में सहयोग की इच्छा व्यक्त की।

  • Piyush Goyal Switzerland Visit: स्विट्ज़रलैंड दौरे पर जाएंगे पीयूष गोयल, आर्थिक साझेदारी और निवेश सहयोग पर होगी चर्चा

    Piyush Goyal Switzerland Visit: स्विट्ज़रलैंड दौरे पर जाएंगे पीयूष गोयल, आर्थिक साझेदारी और निवेश सहयोग पर होगी चर्चा

    Piyush Goyal Switzerland Visit: केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री Piyush Goyal शुक्रवार से दो दिवसीय स्विट्ज़रलैंड दौरे पर जाएंगे। इस यात्रा का उद्देश्य भारत और स्विट्ज़रलैंड के बीच आर्थिक सहयोग को मजबूत करना तथा भारत-यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ईएफटीए) व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी समझौते (टीईपीए) के क्रियान्वयन को आगे बढ़ाना है।

    वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अनुसार, श्री गोयल 12 जून को स्विट्ज़रलैंड की राजधानी Bern में वहां की सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों और फार्मास्यूटिकल क्षेत्र के प्रमुख उद्योग प्रतिनिधियों के साथ बैठक करेंगे।

    ईएफटीए में Iceland, Liechtenstein, Norway और Switzerland शामिल हैं। भारत और ईएफटीए देशों के बीच मार्च 2024 में हस्ताक्षरित समझौता अक्टूबर 2025 से प्रभावी है, जो व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक व्यापक ढांचा प्रदान करता है।

    दौरे के दौरान गोयल स्विट्ज़रलैंड की आर्थिक मामलों की मंत्री Helene Budliger Artieda तथा स्विट्ज़रलैंड के संघीय राष्ट्रपति Guy Parmelin से भी मुलाकात करेंगे। इसके अलावा वे स्विस फार्मास्यूटिकल उद्योग के शीर्ष प्रतिनिधियों के साथ निवेश और सहयोग के अवसरों पर चर्चा करेंगे।

    इस यात्रा में उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी उनके साथ रहेंगे। मंत्रालय का मानना है कि यह दौरा भारत और ईएफटीए देशों के बीच आर्थिक संबंधों को नई गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

  • India-Canada Trade Agreement: व्यापार समझौते को लेकर भारत और कनाडा के बीच बढ़ेगी बातचीत!

    India-Canada Trade Agreement: व्यापार समझौते को लेकर भारत और कनाडा के बीच बढ़ेगी बातचीत!

    India-Canada Trade Agreement: केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल देश के व्यापार और उद्योग जगत के एक बड़े प्रतिनिधिमंडल के साथ शनिवार को कनाडा की यात्रा के लिए प्रस्थान कर रहे हैं और इस दौरान वहां अपने समकक्ष वाणिज्य मंत्री मनिंदर सिद्धू के साथ बैठक और विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेने के साथ प्रधानमंत्री मार्क कार्नी से भी मिलेंगे।

    गोयल ने यहां संवाददाताओं से बातचीत कहा कि उनके साथ कनाडा जा रहे व्यावसायिक शिष्टमंडल में करीब स्थानीय व्यापार एवं उद्योग जगत के करीब 150 प्रतिनिधि शामिल हैं। गोयल ने कहा कि इस दौरान उनकी प्रधानमंत्री श्री कार्नी से भी मुलकात होगी जिन्होंने इस यात्रा को विशेष महत्व देते हुए इस मुलाकात के लिए समय रखा है।

    गोयल ने उम्मीद जतायी कि इस यात्रा से भारत और कनाडा के बीच व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते (सेपा) के लिए चल रही वार्ता को गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस बातचीत में दोनों देशों के बीच व्यापार को पांच साल में सालाना 50 अरब अमेरिकी डॉलर के स्तर पर ले जाने का लक्ष्य है। कनाडा को भारत का एक महत्वपूर्ण व्यापारिक भागीदार और निवेश का स्रोत बताते हुए गोयल ने कहा कि दोनों देश एक दूसरे के पूरक है।

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    कनाडा खनिज ईंधन और यूरेनियम का प्रमुख उत्पादक देश है और उन्नत प्रौद्योगिकी और निवेश का स्रोत रहा है। वहां की 600 कंपनियां भारत में काम कर रही है। वाणिज्य मंत्री ने कहा कि भारत कौशल और प्रतिभाओं का प्रमुख स्रोत है। इस तरह दोनों अर्थव्यवस्थाएं एक दूसरे की पूरक हैं। वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार इस यात्रा के दौरान 25 मई को ओटावा में बैठकें होंगी और 26 से 27 मई तक टोरंटो में दो दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

    यह यात्रा मार्च में प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की भारत यात्रा के दौरान भारत और कनाडा के प्रधानमंत्रियों द्वारा दिए गए निर्देशों को आगे बढ़ाती है। इसका उद्देश्य व्यापार, निवेश, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी और लोगों से लोगों के बीच संबंधों जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को नई गति प्रदान करना है। इस यात्रा का मुख्य केंद्र बिंदु सेपा पर चल रही वार्ताओं को आगे बढ़ाना है। इस समझौते के लिए ‘नियम और शर्तें’ मार्च में प्रधानमंत्री कार्नी की भारत यात्रा के दौरान हस्ताक्षरित की गई थीं।

    वार्ताओं का पहला दौर मार्च में वर्चुअल माध्यम से आयोजित किया गया था, और दूसरा दौर 8 मई को संपन्न हुआ। इस यात्रा के दौरान, 25 से 29 मई तक ओटावा में वार्ताओं का एक और दौर आयोजित किया जाएगा। दोनों पक्ष 2026 के अंत तक एक संतुलित और पारस्परिक रूप से लाभकारी सीईपीए को शीघ्रता से अंतिम रूप देने की दिशा में काम कर रहे हैं। वित्त वर्ष 2024-25 में द्विपक्षीय व्यापार का आंकड़ा 8.5 अरब अमेरिकी डॉलर था। दोनों पक्षों का माना है कि इसमें विभिन्न क्षेत्रों में विस्तार की अपार संभावनाएं मौजूद हैं।