India-Canada Trade Agreement: व्यापार समझौते को लेकर भारत और कनाडा के बीच बढ़ेगी बातचीत!

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India-Canada Trade Agreement: केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल देश के व्यापार और उद्योग जगत के एक बड़े प्रतिनिधिमंडल के साथ शनिवार को कनाडा की यात्रा के लिए प्रस्थान कर रहे हैं और इस दौरान वहां अपने समकक्ष वाणिज्य मंत्री मनिंदर सिद्धू के साथ बैठक और विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेने के साथ प्रधानमंत्री मार्क कार्नी से भी मिलेंगे।

गोयल ने यहां संवाददाताओं से बातचीत कहा कि उनके साथ कनाडा जा रहे व्यावसायिक शिष्टमंडल में करीब स्थानीय व्यापार एवं उद्योग जगत के करीब 150 प्रतिनिधि शामिल हैं। गोयल ने कहा कि इस दौरान उनकी प्रधानमंत्री श्री कार्नी से भी मुलकात होगी जिन्होंने इस यात्रा को विशेष महत्व देते हुए इस मुलाकात के लिए समय रखा है।

गोयल ने उम्मीद जतायी कि इस यात्रा से भारत और कनाडा के बीच व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते (सेपा) के लिए चल रही वार्ता को गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस बातचीत में दोनों देशों के बीच व्यापार को पांच साल में सालाना 50 अरब अमेरिकी डॉलर के स्तर पर ले जाने का लक्ष्य है। कनाडा को भारत का एक महत्वपूर्ण व्यापारिक भागीदार और निवेश का स्रोत बताते हुए गोयल ने कहा कि दोनों देश एक दूसरे के पूरक है।

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कनाडा खनिज ईंधन और यूरेनियम का प्रमुख उत्पादक देश है और उन्नत प्रौद्योगिकी और निवेश का स्रोत रहा है। वहां की 600 कंपनियां भारत में काम कर रही है। वाणिज्य मंत्री ने कहा कि भारत कौशल और प्रतिभाओं का प्रमुख स्रोत है। इस तरह दोनों अर्थव्यवस्थाएं एक दूसरे की पूरक हैं। वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार इस यात्रा के दौरान 25 मई को ओटावा में बैठकें होंगी और 26 से 27 मई तक टोरंटो में दो दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

यह यात्रा मार्च में प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की भारत यात्रा के दौरान भारत और कनाडा के प्रधानमंत्रियों द्वारा दिए गए निर्देशों को आगे बढ़ाती है। इसका उद्देश्य व्यापार, निवेश, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी और लोगों से लोगों के बीच संबंधों जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को नई गति प्रदान करना है। इस यात्रा का मुख्य केंद्र बिंदु सेपा पर चल रही वार्ताओं को आगे बढ़ाना है। इस समझौते के लिए ‘नियम और शर्तें’ मार्च में प्रधानमंत्री कार्नी की भारत यात्रा के दौरान हस्ताक्षरित की गई थीं।

वार्ताओं का पहला दौर मार्च में वर्चुअल माध्यम से आयोजित किया गया था, और दूसरा दौर 8 मई को संपन्न हुआ। इस यात्रा के दौरान, 25 से 29 मई तक ओटावा में वार्ताओं का एक और दौर आयोजित किया जाएगा। दोनों पक्ष 2026 के अंत तक एक संतुलित और पारस्परिक रूप से लाभकारी सीईपीए को शीघ्रता से अंतिम रूप देने की दिशा में काम कर रहे हैं। वित्त वर्ष 2024-25 में द्विपक्षीय व्यापार का आंकड़ा 8.5 अरब अमेरिकी डॉलर था। दोनों पक्षों का माना है कि इसमें विभिन्न क्षेत्रों में विस्तार की अपार संभावनाएं मौजूद हैं।

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