Tag: Corruption Allegations

  • TMC School Extortion: स्कूल से 25 लाख रुपये की उगाही को लेकर हंगामा; माजीवाड़ा-मानपाड़ा वार्ड समिति के अधिकारी व कर्मचारी संदेह के घेरे में!

    TMC School Extortion: स्कूल से 25 लाख रुपये की उगाही को लेकर हंगामा; माजीवाड़ा-मानपाड़ा वार्ड समिति के अधिकारी व कर्मचारी संदेह के घेरे में!

    TMC School Extortion: ठाणे नगर निगम उस समय सदमे में आ गया जब एक स्कूल प्रबंधन ने 25 लाख रुपये की फिरौती मांगी। सूचना के अधिकार (आरटीआई) का दुरुपयोग करते हुए फिरौती मांगने वालों के संदेह के घेरे में आने से माजिवाडा-मनपाड़ा वार्ड समिति के कुछ अधिकारी और कर्मचारी भी आड़े आ गए हैं। ठाणे पुलिस की जबरन वसूली विरोधी टीम इस मामले की जांच कर रही है और नगर निगम के कुछ कर्मचारियों से गहन पूछताछ की जा रही है।

    चीतलसर मनपाड़ा, घोड़बंदर रोड स्थित राय मास्टर कंपाउंड में सेंट जेवियर्स हाई स्कूल और जूनियर कॉलेज के प्रबंधक बीरबल बंदगर की शिकायत के बाद, जबरन वसूली विरोधी दस्ते ने आरटीआई कार्यकर्ता प्रमोद चंद्रकांत परदेशी उर्फ ​​राजवीर राजपूत (46) और नारायण ओमप्रकाश शर्मा (38) को 15 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा।

    इस मामले में शिकायतकर्ताओं ने अब गंभीर आरोप लगाए हैं। माजिवाड़ा-मनपाड़ा वार्ड समिति के कर्मचारियों ने दावा किया है कि उन्होंने अपने मोबाइल नंबर जबरन वसूली करने वाले आरोपियों को दिए थे। शिकायत में कहा गया है कि पिछले दो महीनों से संबंधित आरोपी उन्हें लगातार धमका रहे हैं और परेशान कर रहे हैं।

    सूत्रों के मुताबिक, वार्ड कमेटी कार्यालय के कुछ कर्मचारियों द्वारा दोनों आरोपियों को विशेष रियायतें दी जा रही थीं। इतना ही नहीं, ऐसी भी खबरें हैं कि नगर निगम के कुछ अधिकारी और कर्मचारी शहर में चल रहे जबरन वसूली रैकेटों को संरक्षण दे रहे हैं। इस पूरे मामले में मजीवड़ा-मनपाड़ा वार्ड कमेटी की सहायक आयुक्त सोनल काले की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं और शिकायतकर्ता ने उनके खिलाफ स्वतंत्र जांच की मांग की है।

    इस बीच, ठाणे अदालत ने इस मामले में दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। वहीं, जबरन वसूली विरोधी दस्ते की जांच चल रही है कि क्या नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारी इस वसूली मामले में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल थे, और इस जांच से कई चौंकाने वाले खुलासे होने की संभावना है

  • Vaiko Accuses DMK Government: वाइको ने पूर्ववर्ती द्रमुक सरकार पर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया!

    Vaiko Accuses DMK Government: वाइको ने पूर्ववर्ती द्रमुक सरकार पर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया!

    Vaiko Accuses DMK Government: मरुमलार्ची द्रविड़ मुनेत्र कषगम (एमडीएमके) के महासचिव वाइको ने मंगलवार को तमिलनाडु की पूर्ववर्ती द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। वाइको ने इसके साथ ही यह घोषणा भी की कि उनकी पार्टी तमिलगा वेट्री कषगम (टीवीके) के साथ मजबूती से खड़ी है और श्री सी जोसेफ विजय एक कार्यकाल से आगे भी तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बने रहेंगे।

    वाइको ने चेंगलपट्टू जिले में एक जनसभा को संबोधित करने के बाद संवाददाताओं से बातचीत करते हुए दावा किया कि द्रमुक के पांच साल के शासनकाल में हर चीज में ‘कट, कमीशन और भ्रष्टाचार’ का बोलबाला था। उन्होंने कहा कि द्रमुक के नेतृत्व वाले गठबंधन का हिस्सा होने के बावजूद, उन्होंने गठबंधन धर्म को बनाए रखने के लिए चुप्पी साधे रखी थी।

    एमडीएमके नेता से गठबंधन में रहने के दौरान उनके द्वारा साधी गई चुप्पी को लेकर पूछे जाने पर उन्होंने इसका बचाव करते हुए कहा कि एक गठबंधन सहयोगी होने के नाते कोई सरकार पर कैसे सवाल उठा सकता है। वाइको ने यह रेखांकित करते हुए कि कथित भ्रष्टाचार के कारण पिछली द्रमुक सरकार के दौरान जनता की नाराजगी चरम पर पहुंच गयी थी, उन्होंने कहा, “कमीशन, कट और रिश्वतखोरी व्यापक हो गयी थी।

    मैंने तब इसके बारे में इसलिए बात नहीं की क्योंकि हम गठबंधन का हिस्सा थे। गठबंधन में रहते हुए किसी सहयोगी की आलोचना करना असम्मानजनक होता।” विजय के नेतृत्व और चुनावी संभावनाओं पर विश्वास व्यक्त करते हुए वाइको ने भविष्यवाणी की कि विजय न केवल अगले पांच वर्षों के लिए मुख्यमंत्री के रूप में काम करेंगे, बल्कि उस अवधि के बाद भी इस पद पर बने रहेंगे।

  • Bogus Attendance Case: बोगस हाजिरी मामले में स्वच्छता निरीक्षक निलंबित, पार्षदों के लगातार प्रयास को मिली सफलता

    Bogus Attendance Case: बोगस हाजिरी मामले में स्वच्छता निरीक्षक निलंबित, पार्षदों के लगातार प्रयास को मिली सफलता

    Bogus Attendance Case: भिवंडी निजामपुर शहर महानगरपालिका के स्वच्छता विभाग में कथित फर्जी हाजिरी प्रकरण में बड़ी कार्रवाई करते हुए नगर निगम प्रशासन ने एक स्वच्छता निरीक्षक को निलंबित कर दिया है। निलंबित स्वच्छता निरीक्षक का नाम संतोष जाधव बताया गया है। यह कार्रवाई नगर निगम आयुक्त के निर्देश पर उपायुक्त विक्रम दराडे द्वारा की गई।

    जानकारी के अनुसार, नगर निगम के विभिन्न स्वच्छता केबिनों में कर्मचारियों की लगातार अनुपस्थिति के कारण शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है। इसी मुद्दे को लेकर नव-निर्वाचित पार्षद लगातार प्रशासन का ध्यान आकर्षित कर रहे थे।

    प्रभाग क्रमांक 14 के पार्षद अब्दुल रहमान खान उर्फ सद्दाम भाई ने अपने क्षेत्र के स्वच्छता केबिन की जांच की। जांच के दौरान कथित रूप से यह सामने आया कि स्वच्छता कर्मचारी भारती खर्डीकर और प्रवीण जाधव लंबे समय से ड्यूटी पर अनुपस्थित थे। आरोप है कि इसके बावजूद उनकी नियमित उपस्थिति दर्ज की जा रही थी और वेतन भी जारी किया जा रहा था।

    शिकायत के अनुसार, स्वच्छता निरीक्षक संतोष जाधव ने कथित रूप से ‘मैजिक पेन’ का उपयोग कर अनुपस्थित कर्मचारियों की हाजिरी दर्ज की। मामले की शिकायत नगर निगम प्रशासन को किए जाने के बाद जांच की गई, जिसमें प्रथम दृष्टया अनियमितताओं की पुष्टि होने पर आयुक्त ने कार्रवाई के निर्देश दिए।

    आयुक्त के आदेशानुसार उपायुक्त विक्रम दराडे ने स्वच्छता निरीक्षक संतोष जाधव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई को पार्षदों के लगातार प्रयासों और शिकायतों की सफलता के रूप में देखा जा रहा है।

    इस संबंध में पार्षद अब्दुल रहमान खान उर्फ सद्दाम भाई ने कहा कि शहर के कई प्रभागों में इसी प्रकार की स्थिति होने की आशंका है, जहां कर्मचारी अनुपस्थित रहते हुए भी वेतन प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे एक ओर शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है, वहीं दूसरी ओर नगर निगम के राजस्व को भी नुकसान पहुंच रहा है।

    उन्होंने सभी पार्षदों से अपने-अपने प्रभागों के स्वच्छता केबिनों के हाजिरी रजिस्टर और कार्यप्रणाली पर नियमित निगरानी रखने की अपील की, ताकि ऐसी अनियमितताओं पर अंकुश लगाया जा सके और नागरिकों को बेहतर सफाई व्यवस्था उपलब्ध कराई जा सके। हालांकि, मामले में अंतिम निष्कर्ष विस्तृत विभागीय जांच के बाद ही सामने आएगा।

  • BNCMC Corruption: भिवंडी मनपा के घनकचरा विभाग में भ्रष्टाचार का आरोप, आपराधिक कार्रवाई की मांग

    BNCMC Corruption: भिवंडी मनपा के घनकचरा विभाग में भ्रष्टाचार का आरोप, आपराधिक कार्रवाई की मांग

    BNCMC Corruption: भिवंडी निजामपुर शहर महानगरपालिका (मनपा) के घनकचरा व्यवस्थापन विभाग की ई-निविदा प्रक्रिया में कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों का उपयोग कर एक निजी कंपनी द्वारा करोड़ों रुपये की वित्तीय धोखाधड़ी किए जाने का गंभीर आरोप सामने आया है। सामाजिक कार्यकर्ता गौरव संतोष भोइर ने इस मामले में संबंधित कंपनी के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की मांग करते हुए भिवंडी मनपा के महापौर नारायण चौधरी, आयुक्त अनमोल सागर तथा उप महापौर एवं घनकचरा व्यवस्थापन विभाग के अधिकारियों को लिखित ज्ञापन सौंपा है।

    ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि दिसंबर 2024 में भिवंडी मनपा के घनकचरा व्यवस्थापन विभाग के माध्यम से अपशिष्ट संग्रहण (कचरा संकलन) का ठेका प्राप्त करने के लिए नवी मुंबई की एक कंपनी ने कथित रूप से फर्जी अनुभव प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया। कंपनी ने दावा किया था कि उसे इस प्रकार के कार्यों का पूर्व अनुभव है, जिसके आधार पर उसे निविदा प्रदान की गई।

    गौरव भोइर के अनुसार, सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के तहत संबंधित दस्तावेजों की जांच करने पर यह सामने आया कि प्रस्तुत किया गया प्रमाणपत्र कथित रूप से फर्जी और जाली है। उन्होंने आरोप लगाया कि उक्त कंपनी ने इस फर्जी दस्तावेज के आधार पर भिवंडी मनपा को गुमराह किया और करोड़ों रुपये की वित्तीय धोखाधड़ी को अंजाम दिया।

    भोइर ने यह भी आशंका व्यक्त की है कि संबंधित कंपनी ने राज्य की अन्य महानगरपालिकाओं में भी इसी प्रकार के दस्तावेजों का उपयोग कर ठेके हासिल किए हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सरकारी निविदाएं प्राप्त करना न केवल प्रशासन के साथ धोखाधड़ी है, बल्कि निविदा प्रक्रिया की पारदर्शिता और लोकतांत्रिक मूल्यों पर भी आघात है।

    उन्होंने दावा किया कि इस मामले के कारण शासन को करोड़ों रुपये का संभावित आर्थिक नुकसान हुआ है तथा निविदा प्रक्रिया की निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े हुए हैं। इसके अलावा, भिवंडी मनपा के कुछ पार्षदों द्वारा भी संबंधित कंपनी के खिलाफ विभिन्न शिकायतें दर्ज कराई गई हैं।

    गौरव संतोष भोइर ने मांग की है कि संबंधित कंपनी के खिलाफ तत्काल आपराधिक मामला दर्ज किया जाए, उसका अनुबंध रद्द किया जाए, कंपनी को ब्लैकलिस्ट किया जाए तथा अनुबंध प्राप्त करने में शामिल जिम्मेदार व्यक्तियों को भी सह-आरोपी बनाया जाए। उन्होंने मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।

    भोइर ने कहा कि वह इस कथित ई-टेंडर घोटाले की शिकायत राज्य के मुख्यमंत्री , उपमुख्यमंत्री, शहरी विकास विभाग, कोंकण आयुक्त तथा ठाणे जिला कलेक्टर के समक्ष भी प्रस्तुत करेंगे।

    मनपा का पक्ष

    भिवंडी मनपा के महापौर ने कहा, “यदि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन विभाग की ई-निविदा प्रक्रिया में किसी प्रकार की धोखाधड़ी पाई जाती है, तो संबंधित कंपनी के दस्तावेजों की विस्तृत जांच की जाएगी। जांच में यदि यह सिद्ध होता है कि मनपा को गुमराह कर वित्तीय अनियमितता या धोखाधड़ी की गई है, तो संबंधित कंपनी के खिलाफ नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।”