Tag: Cultural Heritage

  • Gyan Bharatam Mission: ज्ञान भारतम् मिशन के तहत अल्मोड़ा में पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान को मिलेगी गति!

    Gyan Bharatam Mission: ज्ञान भारतम् मिशन के तहत अल्मोड़ा में पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान को मिलेगी गति!

    Gyan Bharatam Mission: उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में “ज्ञान भारतम् मिशन” के अंतर्गत राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान को सफलतापूर्वक संचालित करने के उद्देश्य से बुधवार को विकास भवन सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

    मुख्य विकास अधिकारी रामजीशरण शर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्राचीन पांडुलिपियों, ताम्रपत्रों, भोजपत्रों, हस्तलिखित ग्रंथों और अन्य ऐतिहासिक दस्तावेजों की पहचान, संरक्षण तथा सूचीकरण की रणनीति पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

    बैठक में संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सरकारी एवं गैर-सरकारी संस्थानों के अलावा निजी संग्रहकर्ताओं के पास सुरक्षित दुर्लभ पांडुलिपियों और ऐतिहासिक अभिलेखों का विवरण एकत्र कर उनकी सूची तैयार की जाए।

    मुख्य शिक्षा अधिकारी को विद्यालयों के माध्यम से शिक्षकों और विद्यार्थियों की भागीदारी सुनिश्चित करने तथा ऐसे दुर्लभ संग्रहों की जानकारी जुटाने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा गया।

    क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी डॉ. चंद्र सिंह चौहान ने बताया कि सर्वेक्षण के दौरान प्राप्त पांडुलिपियों और महत्वपूर्ण दस्तावेजों का डिजिटलीकरण किया जाएगा। प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन्हें पूरी सुरक्षा के साथ उनके मूल स्वामियों को वापस सौंप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह पहल देश की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और बौद्धिक धरोहर के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

    बैठक में नगर आयुक्त सीमा विश्वकर्मा, परियोजना निदेशक जिला ग्राम्य विकास अभिकरण, मुख्य शिक्षा अधिकारी तथा विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। सभी ने अभियान को जनसहभागिता के माध्यम से व्यापक और प्रभावी बनाने पर बल दिया।

  • Siddhivinayak Temple Redevelopment: सिद्धिविनायक मंदिर के पुनर्विकास में देऊबाई पाटील की स्मृतियों को संरक्षित रखा जाए : शीतल म्हात्रे

    Siddhivinayak Temple Redevelopment: सिद्धिविनायक मंदिर के पुनर्विकास में देऊबाई पाटील की स्मृतियों को संरक्षित रखा जाए : शीतल म्हात्रे

    Siddhivinayak Temple Redevelopment: शिवसेना की उपनेता एवं प्रवक्ता शीतल म्हात्रे ने मांग की है कि मुंबई के प्रसिद्ध श्री सिद्धिविनायक मंदिर के प्रस्तावित पुनर्विकास कार्य के दौरान मंदिर की संस्थापक देऊबाई पाटील की स्मृतियों को सम्मानपूर्वक संरक्षित रखा जाए। इस संबंध में उन्होंने सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष तथा ट्रस्ट सदस्य को पत्र लिखकर अपनी मांग रखी है।

    शीतल म्हात्रे ने कहा कि श्री सिद्धिविनायक मंदिर मुंबई की आस्था का प्रमुख केंद्र है, जहां महाराष्ट्र सहित देशभर से लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। राज्य सरकार द्वारा मंदिर के पुनर्विकास के लिए लगभग 500 से 600 करोड़ रुपये की योजना बनाई गई है और यह कार्य शीघ्र प्रारंभ होने वाला है।

    उन्होंने बताया कि कई सौ वर्ष पूर्व आगरी समाज की एक स्थानीय महिला देऊबाई पाटील ने अपने निजी खर्च से इस मंदिर की स्थापना की थी। मंदिर के इतिहास में उनके योगदान का विशेष महत्व है। इसलिए पुनर्विकास के दौरान उनकी स्मृतियों को सुरक्षित रखना और उन्हें उचित सम्मान देना आवश्यक है।

    शीतल म्हात्रे ने मांग की कि मंदिर परिसर में देऊबाई पाटील और उनके परिवार के योगदान को स्मरणीय बनाए रखने के लिए स्थायी नामपट्टिका, स्मृति-शिला अथवा शिलालेख स्थापित किया जाए। उन्होंने कहा कि मंदिर की स्थापना में जिनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है, उनकी स्मृतियों को पुनर्विकास के बाद भी सम्मानपूर्वक संरक्षित रखा जाना चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियों को मंदिर के इतिहास और उसके संस्थापकों के योगदान की जानकारी मिल सके।

    उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट इस मांग पर सकारात्मक विचार करेगा और मंदिर के गौरवशाली इतिहास को संजोने का कार्य करेगा।