Siddhivinayak Temple Redevelopment: सिद्धिविनायक मंदिर के पुनर्विकास में देऊबाई पाटील की स्मृतियों को संरक्षित रखा जाए : शीतल म्हात्रे

Sheetal Mhatre

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Siddhivinayak Temple Redevelopment: शिवसेना की उपनेता एवं प्रवक्ता शीतल म्हात्रे ने मांग की है कि मुंबई के प्रसिद्ध श्री सिद्धिविनायक मंदिर के प्रस्तावित पुनर्विकास कार्य के दौरान मंदिर की संस्थापक देऊबाई पाटील की स्मृतियों को सम्मानपूर्वक संरक्षित रखा जाए। इस संबंध में उन्होंने सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष तथा ट्रस्ट सदस्य को पत्र लिखकर अपनी मांग रखी है।

शीतल म्हात्रे ने कहा कि श्री सिद्धिविनायक मंदिर मुंबई की आस्था का प्रमुख केंद्र है, जहां महाराष्ट्र सहित देशभर से लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। राज्य सरकार द्वारा मंदिर के पुनर्विकास के लिए लगभग 500 से 600 करोड़ रुपये की योजना बनाई गई है और यह कार्य शीघ्र प्रारंभ होने वाला है।

उन्होंने बताया कि कई सौ वर्ष पूर्व आगरी समाज की एक स्थानीय महिला देऊबाई पाटील ने अपने निजी खर्च से इस मंदिर की स्थापना की थी। मंदिर के इतिहास में उनके योगदान का विशेष महत्व है। इसलिए पुनर्विकास के दौरान उनकी स्मृतियों को सुरक्षित रखना और उन्हें उचित सम्मान देना आवश्यक है।

शीतल म्हात्रे ने मांग की कि मंदिर परिसर में देऊबाई पाटील और उनके परिवार के योगदान को स्मरणीय बनाए रखने के लिए स्थायी नामपट्टिका, स्मृति-शिला अथवा शिलालेख स्थापित किया जाए। उन्होंने कहा कि मंदिर की स्थापना में जिनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है, उनकी स्मृतियों को पुनर्विकास के बाद भी सम्मानपूर्वक संरक्षित रखा जाना चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियों को मंदिर के इतिहास और उसके संस्थापकों के योगदान की जानकारी मिल सके।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट इस मांग पर सकारात्मक विचार करेगा और मंदिर के गौरवशाली इतिहास को संजोने का कार्य करेगा।

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