Tag: Cyber crime

  • Mau News: दुष्कर्म और आईटी एक्ट मामले में वांछित आरोपी गिरफ्तार

    Mau News: दुष्कर्म और आईटी एक्ट मामले में वांछित आरोपी गिरफ्तार

    Mau News: उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में अपराधियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत हलधरपुर थाना पुलिस ने दुष्कर्म और आईटी एक्ट से जुड़े मामले में वांछित एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।

    पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चल रही कार्रवाई के दौरान हलधरपुर थाना पुलिस ने बुधवार को आरोपी जितेंद्र राम को खुरपा-बेलौझा स्थित मथुरा मेमोरियल आईटीआई कॉलेज के समीप नहर पुलिया के पास से गिरफ्तार किया।

    पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ हलधरपुर थाने में दर्ज मुकदमा संख्या 118/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 64(1), 333 और 351(3) के साथ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67-ए के अंतर्गत मामला दर्ज है। वह लंबे समय से फरार चल रहा था और पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई थी।

    गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर आरोपी को न्यायालय में पेश कर दिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले में अपराध नियंत्रण और वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा तथा कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए सख्त कार्रवाई की जा रही है।

  • Navi Mumbai Police warns citizens: क्रिप्टोकरेंसी में झटपट मुनाफे का लालच पड़ सकता है भारी, नवी मुंबई पुलिस ने नागरिकों को किया सतर्क!

    Navi Mumbai Police warns citizens: क्रिप्टोकरेंसी में झटपट मुनाफे का लालच पड़ सकता है भारी, नवी मुंबई पुलिस ने नागरिकों को किया सतर्क!

    Navi Mumbai Police warns citizens: महाराष्ट्र पुलिस ने नागरिकों को क्रिप्टोकरेंसी के नाम पर होने वाली साइबर ठगी से सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस ने कहा है कि ठग झटपट मुनाफे और “गारंटीड रिटर्न” का लालच देकर लोगों को फर्जी निवेश प्लेटफॉर्म और अनजान लिंक के जरिए निशाना बना रहे हैं।

    पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और बिना जांच-पड़ताल के किसी निवेश ऑफर पर भरोसा न करें। साथ ही, साइबर ठगी की आशंका होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करने की सलाह दी गई है। नवी मुंबई पुलिस ने संदेश में कहा है— “जागरूक रहें, सुरक्षित रहें।”

  • Minor Girl Blackmail Case: किशोरी का आपत्तिजनक वीडियो बनाकर करता रहा ब्लैकमेल, आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट में केस दर्ज

    Minor Girl Blackmail Case: किशोरी का आपत्तिजनक वीडियो बनाकर करता रहा ब्लैकमेल, आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट में केस दर्ज

    Minor Girl Blackmail Case: उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर जिले में एक नाबालिग किशोरी का आपत्तिजनक वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल करने का मामला सामने आया है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान मुरादाबाद निवासी फरमान के रूप में हुई है, जो बखिरा क्षेत्र में राजमिस्त्री का कार्य करता था। आरोप है कि उसने किशोरी को बहला-फुसलाकर उसका आपत्तिजनक वीडियो बनाया और बाद में उसे वायरल करने तथा जान से मारने की धमकी देकर ब्लैकमेल करता रहा।

    परिजनों के मुताबिक बदनामी के डर से किशोरी लंबे समय तक चुप रही। मामला तब उजागर हुआ जब आरोपी ने कथित तौर पर वीडियो परिवार के एक सदस्य के व्हाट्सएप नंबर पर भेज दिया। इसके बाद परिजनों ने किशोरी से बातचीत की, जिसमें उसने पूरी घटना की जानकारी दी।

    थानाध्यक्ष उमाशंकर त्रिपाठी ने बताया कि शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट, बीएनएस और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए टीमों का गठन किया है और मामले की जांच जारी है।

  • Mumbra Fraud: केवाईसी अपडेट पर लाखों का खर्च आया; सेवानिवृत्त व्यक्ति को साइबर जालसाजों ने 7.24 लाख रुपये का चूना लगाया!

    Mumbra Fraud: केवाईसी अपडेट पर लाखों का खर्च आया; सेवानिवृत्त व्यक्ति को साइबर जालसाजों ने 7.24 लाख रुपये का चूना लगाया!

    Mumbra Fraud: साउथ इंडियन बैंक के एक प्रतिनिधि ने शिकायतकर्ता अखलाक सत्तार काज़ी (59) को एपीके फाइल भेजकर उसे डाउनलोड किया और उसके बैंक खाते से 2,76,500 रुपये निकाल लिए। शिकायतकर्ता ने मुंब्रा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई कि उसके नाम पर 4,48,000 रुपये का ऋण स्वीकृत किया गया था और उससे 7,24,500 रुपये की धोखाधड़ी की गई।

    शिकायतकर्ता अखलाक सत्तार काज़ी (उम्र 59), जो मुंब्रा के अमृतनगर निवासी हैं, को 26 मई को एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया, जिसने खुद को साउथ इंडियन बैंक का प्रतिनिधि बताया। उस व्यक्ति ने केवाईसी अपडेट करने के बहाने उनके मोबाइल पर एक APK फाइल भेजी और उसे डाउनलोड करने को कहा।

    इसके बाद, एक कैलकुलेटर ऐप के माध्यम से बैंक खाता जानकारी, यूपीआई आईडी और अन्य विवरण प्राप्त किए गए। शिकायतकर्ता के नाम पर 4 लाख 48 हजार रुपये का ऋण भी स्वीकृत किया गया और राशि उनके खाते में जमा कर दी गई।

    साइबर अपराधियों ने वह राशि भी निकाल ली। इस प्रकार, शिकायतकर्ता काज़ी को 7 लाख 24 हजार 500 रुपये का वित्तीय नुकसान हुआ। धोखाधड़ी का पता चलने पर, काज़ी ने राष्ट्रीय साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है और मुंब्रा पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।

  • Digital Arrest: डिजिटल अरेस्ट के नाम पर साइबर ठगी से सावधान; नवी मुंबई पुलिस की जनता से अपील!

    Digital Arrest: डिजिटल अरेस्ट के नाम पर साइबर ठगी से सावधान; नवी मुंबई पुलिस की जनता से अपील!

    Digital Arrest: आज के डिजिटल दौर में साइबर अपराधी लोगों को ठगने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं। इसी कड़ी में “डिजिटल अरेस्ट” के नाम पर लोगों को डराकर ठगी करने के मामले सामने आ रहे हैं। इसको लेकर Navi Mumbai Police ने नागरिकों को सतर्क रहने की अपील की है।

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    नवी मुंबई पुलिस के अनुसार, साइबर ठग फोन कॉल के माध्यम से खुद को पुलिस, जांच एजेंसी या सरकारी अधिकारी बताकर लोगों को डराते हैं और “डिजिटल अरेस्ट” का भय दिखाकर उनसे निजी जानकारी, बैंक डिटेल्स या पैसे की मांग करते हैं।

    पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि ऐसे किसी भी फोन कॉल से घबराएं नहीं, अपनी व्यक्तिगत या बैंक संबंधी जानकारी किसी के साथ साझा न करें और किसी भी सूचना पर भरोसा करने से पहले उसकी पुष्टि अवश्य करें। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें — जनहित में जारी, नवी मुंबई पुलिस।

  • WhatsApp Scam: फर्जी चेयरमैन बनकर करोड़ों की ठगी, 17 साइबर ठग पकड़े गए!

    WhatsApp Scam: फर्जी चेयरमैन बनकर करोड़ों की ठगी, 17 साइबर ठग पकड़े गए!

    जयपुर: राजस्थान में पुलिस ने साइबर अपराधियों के एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 17 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। साइबर क्राइम पुलिस मुख्यालय के उपमहानिरीक्षक शांतनु कुमार सिंह ने बताया कि साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन जयपुर ने इन ठगों को गिरफ्तार किया। सिंह ने बताया कि आरोपियों ने व्हाट्सऐप पर गैलेक्सी माइनिंग कंपनी के चेयरमैन की फोटो और नाम लगाकर अकाउंटेंट को झांसे में ले लिया और 5 करोड़ 30 लाख रुपये विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर करवा लिए।(WhatsApp Scam)

    मामले में परिवादी दीपेन्द्र सिंह ने गत 24 अप्रैल को साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करवाई थी। परिवादी ने बताया कि वह गैलेक्सी माइनिंग कम्पनी में अकाउंटेंट है। उसे कंपनी मालिक के नाम और फोटो वाले दूसरे व्हाट्सऐप नंबर से संदेश मिला, जिसमें दो अलग-अलग बैंक खातों में तत्काल भुगतान करने के निर्देश दिए गए।

    भरोसा कर उसने 5.30 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए, बाद में यह साइबर ठगी निकली। सिंह ने बताया कि साइबर क्राइम पुलिस अधीक्षक सुमित मेहरडा के सुपरविजन में विशेष टीमों ने बैंक खातों की तकनीकी जांच की। जांच में सामने आया कि ठगी की रकम कई बैंक खातों में घुमाई गई और बाद में नकद निकासी यूएसडीटी और हवाला के जरिए रकम को ठिकाने लगाया गया।

    पुलिस ने जिला पुलिस कोटा ग्रामीण, पाली, बांसवाड़ा, जोधपुर और बाड़मेर जिला पुलिस के सहयोग से कार्रवाई करते हुए 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले, नकद निकासी करने वाले, कमीशन एजेंट और क्रिप्टोकरेंसी के जरिए राशि ट्रांसफर करने वाले लोग शामिल हैं।

    मामले में पुलिस ने कोटा निवासी सोहेल खान, मोहम्मद राशीद, समीर, तोहिद मोहम्मद, नवीन सिंह चौहान, बांसवाड़ा निवासी अविनाश जैन, प्रवीण रावल, अमित रावल, भव्य गिरी, मुकेश चौहान, जोधपुर निवासी घनश्याम धतरवाल, राहुल आरडीएक्स, कमलेश, पाली निवासी दिपेन्द्र सिंह, वीरेन्द्र, हरीश और बाड़मेर निवासी सदराम को गिरफ्तार किया है।

    गिरफ्तार आरोपियों में वकालत का छात्र, सैलून कर्मी और ऑटो पार्ट्स दुकानदार तक शामिल हैं। ये आरोपी बैंक खाते, पासबुक, चेकबुक और डेबिट कार्ड उपलब्ध कराने, नकद निकासी और कमीशन के बंटवारे के लिए चाय की दुकानों या थड़ियों पर मिलते थे ताकि किसी को शक न हो।

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    यहां के आरोपी ठगी की राशि को नकद निकालने और उसे क्रिप्टोकरेंसी में बदलने के केंद्र थे। मूलतः गुजरात निवासी तोहिद मोहम्मद कोटा ने वकालत की पढ़ाई करने के साथ-साथ इसने हेयर सैलून वालों के बैंक खाते खुलवाए और ठगी की राशि विड्रोल करवाकर ठगों तक पहुंचाई, जिसे कमीशन के 15 हजार रुपये मिले।

    सोहेल खान, मोहम्मद राशीद और समीर ये तीनों हेयर सैलून में काम करते थे। इन्होंने अपने खातों में ठगी की राशि मंगवाई और उसे तीन से छह हजार कमीशन पर नकद निकालकर ठगों को देते। ऑटो पार्ट्स संचालक नवीन सिंह चौहान की मुख्य भूमिका ठगी की राशि से एंगलेक्स एप के जरिए यूएसडीटी खरीदना था ताकि पैसा ट्रेस न हो सके। (कमीशन पांच लाख पर 50 हजार रुपये) बांसवाड़ा के आरोपी ठगी के लिए नए बैंक खाते और राशि को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने का काम करते थे।

    अमित रावल ई-मित्र की दुकान चलाने के साथ इसने अपनी पत्नी और रिश्तेदारों के बैंक खाते ठगों को पांच हजार प्रति खाता उपलब्ध कराए। अविनाश जैन और मुकेश चौहान का काम ठगी की राशि को सुरक्षित तरीके से एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुंचाना था।

    भव्य गिरी गोस्वामी कपड़ों की दुकान चलाने के साथ यह राशि का नकद विड्रोल कर ठगों को उपलब्ध करवाता था। प्रवीण रावल ने स्वयं का बैंक खाता कमीशन के बदले ठगों को दे रखा था। पाली के आरोपी मुख्य रूप से ठगों को नए बैंक खाते उपलब्ध कराने की कड़ी के रूप में काम कर रहे थे। दिपेन्द्र सिंह और वीरेन्द्र ने अपने दोस्तों और परिचितों को लालच देकर उनके बैंक खाते ठगों को सौंपे थे।

    राहुल उर्फ आरडीएक्स, कमलेश और हरीश ने स्वयं के नाम से बैंक खाते खुलवाकर ठगों को दिए और प्रत्येक खाते के बदले पांच हजार रुपये कमीशन प्राप्त किया। जोधपुर में घनश्याम धतरवाल ने परिचितों के बैंक खाते खुलवाकर ठगी की राशि जमा करवाता था। उसके बाद नकद विड्रोल कर उस राशि से यूएसडीटी खरीदना और बेचना इसका मुख्य काम था ताकि ठगी का पैसा लाभांश के साथ सुरक्षित किया जा सके।

    बाड़मेर में सदराम ने स्वयं के नाम से बैंक खाता खुलवाकर ठगों को दिया और इसके बदले कमीशन प्राप्त किया। जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य बैंक खाते खुलवाकर साइबर ठगों को देते थे और बदले में 3 हजार से 50 हजार रुपये तक कमीशन लेते थे। कुछ आरोपी ठगी की राशि निकालकर सीधे साइबर अपराधियों तक पहुंचाते थे, जबकि कुछ आरोपी इस रकम से यूएसडीटी खरीदकर लेन-देन को छिपाने का काम करते थे।