Tag: Farmers Issue

  • Harshvardhan Sapkal: सरकार किसानों को भुल गई है और किए वादे हुए खोखले; हर्षवर्धन सपकाळ ने लगाए मोदी सरकार पर इल्जाम!

    Harshvardhan Sapkal: सरकार किसानों को भुल गई है और किए वादे हुए खोखले; हर्षवर्धन सपकाळ ने लगाए मोदी सरकार पर इल्जाम!

    Harshvardhan Sapkal: कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री के कार्यकाल में किसानों की हालत बदतर हुई है और फसलों के दाम लगातार गिरते गए हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने का वादा भी भुला दिया गया है।

    नांदेड़ में आयोजित किसान मेले और भव्य ‘आसूड मार्च’ के दौरान सपकाळ ने कहा कि “सोने का नाटक करने वाली किसान विरोधी सरकार को जगाने के लिए आसूड उठाना पड़ा है।” उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार पर युवाओं, किसानों और महिलाओं के मुद्दों की अनदेखी का आरोप लगाया।

    सपकाळ ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री की कथित ‘दैवी शक्ति’ किसानों, युवाओं और महिलाओं की समस्याएं हल करने में कहीं दिखाई नहीं देती, बल्कि सिर्फ राजनीतिक विरोधियों को तोड़ने में नजर आती है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “बड़े मियाँ तो बड़े मियाँ, छोटे मियाँ सुभान अल्लाह।”

    इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, पेपर लीक, पेट्रोल-डीजल और गैस के दामों में वृद्धि तथा किसानों की बदहाल स्थिति को लेकर भाजपा सरकार को घेरा। सपकाळ ने आरोप लगाया कि सरकार कुछ चुनिंदा उद्योगपतियों के हित में काम कर रही है, जबकि आम जनता को नजरअंदाज किया जा रहा है।

    कार्यक्रम के बाद सैकड़ों किसानों ने बैलगाड़ियों और ट्रैक्टरों के साथ जिला कलेक्टर कार्यालय तक आसूड मार्च निकाला और सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। इससे पहले सपकाळ ने आत्महत्या करने वाले किसान के परिवार से मुलाकात कर सांत्वना दी और प्रशासन से मदद की मांग की।

  • Bhiwandi Farmers’ Protest: कुकसे में प्राकृतिक नाला बंद करने से किसानों का फूटा गुस्सा, बिल्डर और प्रशासन के खिलाफ मोर्चा!

    Bhiwandi Farmers’ Protest: कुकसे में प्राकृतिक नाला बंद करने से किसानों का फूटा गुस्सा, बिल्डर और प्रशासन के खिलाफ मोर्चा!

    Bhiwandi Farmers’ Protest: भिवंडी तालुका के मौजे कुकसे में प्राकृतिक नाले को बंद कर खेती की जमीन को नुकसान पहुँचाने का एक गंभीर मामला सामने आया है। इस घटना से आक्रोशित स्थानीय किसानों ने डेवलपर और उनका साथ देने वाले राजस्व प्रशासन के खिलाफ कड़ा विरोध प्रदर्शन किया है।

    मिली जानकारी के अनुसार, कुकसे सीमा के भीतर स्थित सर्वे नंबर 15 और 5/बी/1 की बंजर जमीन किसान नरेश पाटिल और अन्य ग्रामीणों के पूर्वजों के समय से उनके कब्जे और अधिकार में है। इस जमीन से बारिश के पानी की निकासी के लिए वर्षों पुराना एक प्राकृतिक नाला बहता था।

    आरोप है कि मेसर्स साई सद्गुरु रियल्टी एलएलपी के डेवलपर्स ने इस पुराने नाले को पूरी तरह से बंद कर दिया है। इसके चलते पिछले साल मानसून के दौरान पानी की निकासी न होने के कारण पूरी खेती ने तालाब का रूप ले लिया था, जिससे किसानों की फसल को भारी नुकसान पहुँचा।

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    किसान नरेश पाटिल और अन्य ग्रामीणों ने तहसीलदार को सौंपे गए ज्ञापन में कहा है कि नाला बंद होने से उनकी खेती बर्बाद हो रही है। खेती ही उनके जीवनयापन का एकमात्र साधन है और अब उनके सामने भुखमरी की नौबत आ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि राजस्व प्रशासन विकासकों का पक्ष ले रहा है।

    शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि जब किसान इस अवैध निर्माण का विरोध करते हैं, तो पुलिस विकासक का पक्ष लेकर किसानों को ही धमकाने का काम करती है। स्थानीय किसानों ने मांग की है कि प्रशासन तुरंत हस्तक्षेप करे और पुराने प्राकृतिक नाले को पूर्ववत करे। साथ ही, विकासक द्वारा बनाए जा रहे नए अवरोधों को तत्काल बंद करने की चेतावनी दी गई है ताकि आने वाले मानसून में किसानों की जमीन को और अधिक नुकसान न हो।