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  • Thane Rains: ठाणे में गुरुवार को 38.61 मिमी बारिश दर्ज की गई; गुरुवार को भारी बारिश हुई!

    Thane Rains: ठाणे में गुरुवार को 38.61 मिमी बारिश दर्ज की गई; गुरुवार को भारी बारिश हुई!

    Thane Rains: गुरुवार को ठाणे में भारी बारिश हुई। बारिश रुकने की भविष्यवाणी गलत साबित हुई। दिन भर रुक-रुक कर बारिश होती रही और फिर अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। शाम 5 बजे तक ठाणे में 38.61 मिमी बारिश दर्ज की गई। इस दौरान आग लगने, पेड़ गिरने और शाखा गिरने की एक-एक घटना हुई।

    गुरुवार को किसी भी जानमाल का नुकसान नहीं हुआ। गुरुवार को बारिश की रफ्तार धीमी हो गई। हाल यह है कि गुरुवार को हुई भारी बारिश के कारण मुंब्रा क्षेत्र के कुछ इलाकों में जलभराव हो गया। ठाणे के निचले इलाकों में राबोडी और वंदना सिनेमा रोड पर पानी जमा हो गया। बल्कुम में भी छिटपुट जलभराव की घटनाएं हुईं।

    ठाणे के पचपखाड़ी स्थित श्रीजी आर्केड में स्थित मेसर्स क्रायोजेन इंस्ट्रूमेंट्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के कार्यालय के रिसेप्शन रूम में आग लग गई। इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। रिसेप्शन रूम में रखे दस्तावेज, लकड़ी की मेजें और अन्य सामान आग से क्षतिग्रस्त हो गए।

    गुरुवार सुबह गावदेवी में लोकमान्य तिलक उद्यान के पास गावदेवी मैदान के नजदीक एक पेड़ गिर गया। ठाणे में देवकोरपोरा बिल्डिंग के सामने केंदंबरी जंक्शन पर एक पेड़ की तीन शाखाएं गिर गईं, जिससे एक चार पहिया वाहन को मामूली नुकसान हुआ। लगातार चौथे दिन भी दिनभर बादल छाए रहे और हल्की बूंदाबांदी होती रही।

    बीच-बीच में कुछ देर के लिए भारी बारिश भी हुई। ठाणे के आनंदनगर प्रवेश द्वार पर सड़क पर बर्फ जमा होने से वाहनों की गति धीमी हो गई और जाम जैसी स्थिति बन गई। वहीं, ठाणे के घोड़बंदर रोड पर भारी बारिश के कारण ट्रैफिक जाम हो गया। यातायात धीमी गति से चल रहा था। ठाणे-भिवंडी और ठाणे-नासिक रोड पर भी भारी बारिश और गड्ढों के कारण वाहनों की आवाजाही धीमी रही।

    24 घंटों में 74 शिकायतें
    ठाणे आपदा प्रबंधन विभाग को पिछले 24 घंटों में 74,000 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। आपदा प्रबंधन विभाग के प्रमुख यासीन ताडवी ने बताया कि इनमें से 13 शिकायतें आग लगने से संबंधित, 20 पेड़ गिरने से, 5 पेड़ की शाखाएं गिरने से और 13 पेड़ खतरनाक स्थिति में होने से संबंधित हैं। इसके अलावा, 20 जलभराव की घटनाएं, एक इमारत गिरने की घटना और तीन अन्य शिकायतें ठाणे में प्राप्त हुई हैं।

  • Thane Weather Update: ठाणे में लगातार तीसरे दिन भी झमा झम बारिश से स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है, ठंड से कांपे ठाणेवासी !

    Thane Weather Update: ठाणे में लगातार तीसरे दिन भी झमा झम बारिश से स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है, ठंड से कांपे ठाणेवासी !

    Thane Weather Update: बुधवार सुबह से ठाणे में लगातार बारिश हो रही है। ठाणे आपदा प्रबंधन विभाग ने शाम 6 बजे तक ठाणे में 99.02 मिमी बारिश दर्ज की। रविवार रात से शुरू हुई बारिश सोमवार को और तेज हो गई। सोमवार को 116.83 मिमी बारिश दर्ज की गई और मंगलवार शाम तक 111 मिमी बारिश हुई।

    इसके साथ ही बड़े पैमाने पर भूस्खलन भी हुआ। वहीं, बुधवार को मुंब्रा और शिलफाटा में जलभराव की घटनाएं हुईं और वागले में सुरक्षा दीवारें और पेड़ गिरने की घटनाएं भी हुईं। ठाणे में लगातार तीसरे दिन भी भीषण ठंड पड़ रही है। तीन दिनों से रिकॉर्ड तोड़ बारिश हो रही है और जमा हुए पानी की भरपाई के संकेत मिल रहे हैं।

    बुधवार को ठाणे के कालवा पारसिक नगर स्थित राज पार्क कॉम्प्लेक्स के 90 फीट रोड पर एक पेड़ चार पहिया वाहन पर गिर गया। मुंब्रा में, एमटीएनएल कंपाउंड, अमृतनगर, मुंब्रा में एक बालकनी का एक हिस्सा गिर गया। इमारत में फंसे चार परिवारों को सुरक्षित निकाला गया। वागले एस्टेट स्थित टीएमटी बस डिपो की सुरक्षा दीवार गिर गई।

    वहीं, शिलफाटा, दोस्ती कॉम्प्लेक्स के सामने, माज़ होटल, अंसारी चौक, श्रीलंका रोड, राशिद कंपाउंड, मोती बाग और हरि निवास सर्कल में भी पेड़ की शाखाएं गिरीं। बुधवार सुबह से ही भारी बारिश शुरू हो गई थी। इस बार सुबह 9:30 बजे तक 5.33 मिमी बारिश हुई। वहीं, सुबह 10:30 बजे तक 16.77 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके बाद बारिश की रफ्तार धीमी हो गई। अंत में, शाम 6 बजे तक ठाणे में 82.76 मिमी बारिश दर्ज की गई।

  • Monsoon Alert: जिले में 2 से 4 जुलाई के बीच बहुत भारी बारिश की संभावना; जिला प्रशासन ने लोगों से अलर्ट रहने की अपील की!

    Monsoon Alert: जिले में 2 से 4 जुलाई के बीच बहुत भारी बारिश की संभावना; जिला प्रशासन ने लोगों से अलर्ट रहने की अपील की!

    Monsoon Alert: भारतीय मेटियोरोलॉजिकल डिपार्टमेंट के 30 जून, 2026 के वेदर बुलेटिन के अनुसार, महाराष्ट्र और उत्तरी केरल तट के बीच एक लो-प्रेशर एरिया (ऑफ-शोर ट्रफ) एक्टिव है और कोंकण, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा के बीच एक मिड-ट्रोपोस्फेरिक ट्रफ फैली हुई है। इस वेदर सिस्टम के असर से, 2 से 4 जुलाई के बीच ठाणे जिले समेत पूरे कोंकण में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है।

    इस दौरान, जिले में नदियों, नालों और डैम के कैचमेंट एरिया में भारी बारिश की संभावना है और निचले इलाकों में पानी भरने, बाढ़ जैसे हालात और घाट इलाके में लैंडस्लाइड का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए, लोगों को गैर-जरूरी यात्रा से बचना चाहिए और यात्रा करने से पहले सड़कों और ट्रैफिक की लेटेस्ट जानकारी लेकर यात्रा करनी चाहिए।

    अरब सागर में समुद्र की लहरें अभी भी तेज़ रहने की संभावना है, इसलिए तट के किनारे मछुआरों से अगली सूचना तक समुद्र में मछली पकड़ने न जाने की अपील की गई है। किसानों को धान के खेतों और सब्ज़ियों की नर्सरी में ज़्यादा पानी तुरंत निकाल देना चाहिए।

    साथ ही, भारी बारिश के दौरान, जानवरों को सुरक्षित बाड़ों में रखकर ज़रूरी सावधानी बरतनी चाहिए। ज़िला प्रशासन ने लोगों से मौसम विभाग, ज़िला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा समय-समय पर जारी किए गए निर्देशों और चेतावनियों का पालन करने की अपील की है।

  • Mumbra’s Shil Phata Submerged: सिर्फ साधारण बारिश में डूबा मुंब्रा का सील फाटा, मनपा की तैयारियों पर उठे गंभीर सवाल!

    Mumbra’s Shil Phata Submerged: सिर्फ साधारण बारिश में डूबा मुंब्रा का सील फाटा, मनपा की तैयारियों पर उठे गंभीर सवाल!

    Mumbra’s Shil Phata Submerged: मुंब्रा का सील फाटा क्षेत्र एक बार फिर जलभराव की गंभीर समस्या से जूझता नजर आया। हैरानी की बात यह है कि न तो मूसलाधार बारिश हुई और न ही कोई तूफानी मौसम था। जून के अंतिम दिन शुरू हुई साधारण बारिश ने ही पूरे इलाके की व्यवस्था की पोल खोल दी। देखते ही देखते सड़कों पर पानी भर गया, यातायात पूरी तरह ठप हो गया और लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश का पानी निकलने का कोई रास्ता नहीं था। नालों में पानी की निकासी नहीं हो रही थी और सड़क किनारे बने ड्रेनेज सिस्टम भी पूरी तरह विफल साबित हुए। कई स्थानों पर जब नालों के ढक्कन हटाए गए, तब कहीं जाकर पानी का बहाव शुरू हुआ। तब तक पानी दुकानों, मकानों और वाहनों में घुस चुका था, जिससे लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ा।

    सबसे बड़ा सवाल यह है कि हर वर्ष मानसून से पहले करोड़ों रुपये नालों की सफाई और जलनिकासी व्यवस्था पर खर्च किए जाते हैं, फिर भी पहली ही सामान्य बारिश में पूरा इलाका पानी-पानी कैसे हो गया? यदि इतनी मामूली बारिश में यह हाल है, तो आने वाले दिनों में मूसलाधार बारिश के दौरान स्थिति कितनी भयावह हो सकती है, इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।

    स्थानीय नागरिकों ने मनपा प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि बारिश से पहले जलनिकासी की समुचित योजना बनाना और उसे प्रभावी ढंग से लागू करना प्रशासन की जिम्मेदारी थी, लेकिन इस दिशा में पर्याप्त तैयारी नहीं की गई। यही वजह है कि हर साल लोगों को जलभराव की समस्या का सामना करना पड़ता है।

    अब नागरिकों की मांग है कि मनपा इस समस्या का स्थायी समाधान निकाले, जलनिकासी व्यवस्था का वैज्ञानिक तरीके से पुनर्निर्माण करे और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए, ताकि हर मानसून में जनता को ऐसी परेशानियों का सामना न करना पड़े।

  • Thane Orange Alert: ठाणे के विभिन्न इलाकों में पेड़ गिरने से 15 वाहन क्षतिग्रस्त; एक व्यक्ति घायल; 3 जुलाई तक ऑरेंज अलर्ट जारी!

    Thane Orange Alert: ठाणे के विभिन्न इलाकों में पेड़ गिरने से 15 वाहन क्षतिग्रस्त; एक व्यक्ति घायल; 3 जुलाई तक ऑरेंज अलर्ट जारी!

    Thane Orange Alert: जून के अंत में ठाणे में बारिश फिर से ज़ोरों से लौट आई है। सोमवार को रुकी बारिश मंगलवार को पूरे दिन जारी रही। इसके साथ ही इस मौसम में कुल बारिश का रिकॉर्ड 342 मिमी तक पहुंच गया है, जिससे संकेत मिलता है कि पिछले कुछ दिनों की बारिश का संचय हो रहा है।

    हालांकि, इस बारिश के साथ ही शहर में दो पेड़ और दो शाखाएं गिर गईं, जिससे 15 वाहन क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि एक नागरिक गंभीर रूप से घायल हो गया। क्षतिग्रस्त वाहनों में ठाणे पुलिस के बम निरोधक दस्ते की एक बस भी शामिल है।

    इस बीच, भारत मौसम विज्ञान विभाग ने ठाणे और आसपास के इलाकों के लिए 3 जुलाई तक ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिसमें बिजली गिरने के साथ भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। रविवार रात से शुरू हुई बारिश सोमवार को और तेज हो गई।

    सोमवार को 116.83 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, और मंगलवार शाम तक 70 मिलीमीटर बारिश हुई। इसके चलते जाम्भाली नाका, जूना मार्केट, वंदना टॉकीज क्षेत्र समेत कई निचले इलाकों में पानी जमा हो गया। पिछले दो दिनों में ठाणे नगर निगम के आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ को आग, पेड़-पौधे गिरने, जलभराव, सड़क कटाव आदि से संबंधित 58 शिकायतें प्राप्त हुईं।

    पेड़ और शाखाएं गिरने से 15 वाहन क्षतिग्रस्त हो गए मंगलवार सुबह प्रशांत कॉर्नर इलाके में वागले एस्टेट पुलिस स्टेशन के पास एक विशाल पेड़ गिर गया। इस हादसे में सड़क किनारे खड़ी ग्यारह गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं। इनमें ठाणे पुलिस की बम निरोधक बस, एक टेम्पो, दो कारें, एक तिपहिया वाहन और छह दोपहिया वाहन शामिल थे।

    संत ज्ञानेश्वर नगर निवासी पवन झा (52), जो कार्यालय जा रहे थे, पेड़ गिरने से गंभीर रूप से घायल हो गए। उनका निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। इसके अलावा, आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ ने बताया कि वसंत विहार क्षेत्र में एक पेड़ दो कारों पर गिर गया, जबकि रेमंड क्षेत्र और मानसिक अस्पताल के पास पेड़ की शाखाएं गिर गईं, जिससे दोपहिया और चार पहिया वाहन क्षतिग्रस्त हो गए।

    कादंबरी जंक्शन पर सीमेंट टैंकर पलट गया
    मंगलवार दोपहर लगातार बारिश के बीच, ठाणे के घोड़बंदर रोड की ओर जा रहा एक सीमेंट टैंकर केंदंबरी जंक्शन पर यू-टर्न लेते समय पलट गया। बारिश में भीगते हुए यह टैंकर नागपुर से 50 टन सीमेंट लेकर आ रहा था। ट्रैफिक पुलिस ने तुरंत टैंकर को सीधा किया। कुछ समय तक यातायात की गति धीमी रही।