Tag: Illegal Construction

  • Nalasopara Illegal Construction: नालासोपारा में कथित अवैध निर्माणों पर सख्त कार्रवाई की मांग, मुख्यमंत्री को सौंपा गया ज्ञापन!

    Nalasopara Illegal Construction: नालासोपारा में कथित अवैध निर्माणों पर सख्त कार्रवाई की मांग, मुख्यमंत्री को सौंपा गया ज्ञापन!

    Nalasopara Illegal Construction: धर्मराज कामगार संघटना के अध्यक्ष शिव प्रताप सिंह ने नालासोपारा पूर्व एवं पश्चिम क्षेत्र में कथित अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को विस्तृत ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि कई व्यावसायिक प्रतिष्ठान आवश्यक वैधानिक अनुमति के बिना संचालित या निर्मित किए गए हैं, जिससे नागरिकों की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और शहरी नियोजन प्रभावित हो रहा है।

    ज्ञापन में सिटी पॉइंट मैरिज हॉल (नालासोपारा पूर्व), हेमाली हॉल (नालासोपारा पश्चिम), चंदन नाका स्थित मस्तानी देसी बार तथा अतिथि लॉजिंग एंड बोर्डिंग के निर्माण एवं संचालन की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है। संगठन ने इन प्रतिष्ठानों के विकास अनुमति, स्वीकृत नक्शा, ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट, कम्प्लीशन सर्टिफिकेट, अग्निशमन विभाग की मंजूरी सहित सभी आवश्यक दस्तावेजों की जांच कराने की मांग की है।

    ज्ञापन में कहा गया है कि यदि जांच में निर्माण अवैध पाए जाते हैं तो एमआरटीपी अधिनियम, 1966 के तहत संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर तत्काल ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाए।

    संगठन का आरोप है कि इन कथित अवैध निर्माणों के कारण यातायात जाम, पार्किंग की समस्या, सार्वजनिक स्थानों पर अतिक्रमण, ध्वनि प्रदूषण तथा महिलाओं और आम नागरिकों की सुरक्षा से जुड़े गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। धर्मराज कामगार संघटना ने सरकार से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

  • Illegal Warehouses Demolition: चला एमएमआरडीए का बुलडोजर, अवैध गोदामों पर की गई तोड़क कार्रवाई!

    Illegal Warehouses Demolition: चला एमएमआरडीए का बुलडोजर, अवैध गोदामों पर की गई तोड़क कार्रवाई!

    Illegal Warehouses Demolition: भिवंडी तालुका के सोनाले ग्रामपंचायत क्षेत्र स्थित राजलक्ष्मी कंपाऊंड परिसर में बने कथित अवैध गोदामों पर मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) द्वारा बुलडोजर चलाकर तोड़क कार्रवाई शुरू की गई है। यह कार्रवाई न्यायालय के आदेश के अनुपालन में की जा रही है।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, संबंधित भूमि स्वामियों एवं गोदाम मालिकों को पूर्व सूचना जारी किए जाने के बाद एमएमआरडीए की टीम ने बुलडोजर और अन्य भारी मशीनों की सहायता से अवैध निर्माणों को हटाने का अभियान शुरू किया। भूमि स्वामियों और गोदाम मालिकों के बीच चल रहे विवाद को लेकर मामला न्यायालय में विचाराधीन है, जिसके निर्देशों के तहत यह कार्रवाई की जा रही है।

    कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने के लिए क्षेत्र में भारी पुलिस बंदोबस्त तैनात किया गया था। अभियान की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, व्यापारी तथा गोदाम मालिक घटनास्थल पर पहुंच गए।

    कई वर्षों से संचालित हो रहे गोदामों पर अचानक शुरू हुई इस तोड़क कार्रवाई से पूरे क्षेत्र में हलचल मच गई है। प्रभावित व्यापारियों और गोदाम संचालकों में चिंता का माहौल देखा जा रहा है। वहीं प्रशासन का कहना है कि न्यायालय के आदेशों का पालन करते हुए अवैध निर्माणों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।

    सूत्रों के अनुसार, एमएमआरडीए का यह अभियान आगामी कुछ दिनों तक जारी रह सकता है। अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि क्षेत्र में मौजूद अन्य अनधिकृत निर्माणों का भी सर्वेक्षण एवं निरीक्षण किया जाएगा तथा आवश्यकता पड़ने पर उनके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

    इस कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश गया है कि न्यायालय के निर्देशों और नियमानुसार अवैध निर्माणों के खिलाफ प्रशासन सख्त रुख अपनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

  • Monsoon Session: अधिवेशन में अवैध फेरीवालों और बांधकाम का मुद्दा उठेगा!

    Monsoon Session: अधिवेशन में अवैध फेरीवालों और बांधकाम का मुद्दा उठेगा!

    Monsoon Session: शहर में अनिधिकृत बांधकाम और फेरीवालों की भरमार है अधिकारियों की लापरवाही की वजह से माफिया ताकतवर हो गया है।वहीं मनपा आयुक्त अधिकारियों के खिलाफ एक्शन नहीं ले रहे हैं।विधायक संजय केलकर ने बताया कि आने वाले मॉनसून अधिवेशन में इस गंभीर समस्या को उठाया जाएगा। शहर में बिना इजाज़त के कंस्ट्रक्शन की भरमार है और ये कंस्ट्रक्शन सभी वार्ड में बड़ी संख्या में चल रहे हैं। इसकी वजह से आम लोगों और मनपा को मिलने वाली सुविधाओं पर दबाव पड़ रहा है और पैसे का नुकसान हो रहा है।

    दूसरी तरफ, बिना इजाज़त के फेरीवाले भी फुटपाथ और सड़कों पर कब्ज़ा करके बिजनेस कर रहे हैं। इस बिजनेस से करोड़ों रुपये का टर्नओवर होता है। ये दोनों ही समस्याएं ठाणे के टैक्सपेयर्स को परेशान कर रही हैं और शहर में माफिया मजबूत हो गया है मनपा के अधिकारी शिकायतों के बाद भी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। इस बीच आयुक्त इन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। इन समस्याओं को लेकर ठाणे के लोगों में नाराजगी है और वे आने वाले मानसून अधिवेशन में इन मुद्दों को उठाकर राज्य सरकार को इसमें दखल देने के लिए मजबूर करेंगे, ऐसा केलकर ने बताया।

    कलवा के वाघोबानगर में बिना इजाज़त मस्जिद बनाने को लेकर मनपा ने आक्रामक रुख अपनाने के बाद कार्रवाई की, लेकिन केलकर ने यह भी राय दी कि अगर समय पर कार्रवाई की जाए तो भविष्य में झगड़े नहीं होंगे। सावरकरनगर में प्लान की गई सिद्धिविनायक सोसायटी में 110 परिवार और लोकमान्यनगर में शिव औदुंबर सोसायटी में 275 परिवार हैं। यहां SRA प्रोजेक्ट चल रहा है और उन्हें क्लस्टर में शामिल किया गया है। क्योंकि संबंधित प्रशासन दबाव में इन सोसाइटियों को क्लस्टर से बाहर नहीं कर रहा था, इसलिए स्थानीय नगरसेवक अमित सरैया ने निवासियों के साथ केलकर से मुलाकात की।

    निवासियों ने डर जताया कि SRA प्रोजेक्ट को क्लस्टर में घरों के लिए 20-25 साल तक इंतज़ार करना पड़ेगा। केलकर ने इस बारे में हाई-लेवल कमेटी के अधिकारियों से बात की, जिसके बाद इस प्रोजेक्ट को क्लस्टर से बाहर कर दिया गया। इससे सैकड़ों परिवारों को राहत मिली है।इस कार्यक्रम में फाइलेरिया डिपार्टमेंट के कर्मचारियों के विरासत के अधिकार, रुस्तमजी हाउसिंग कॉम्प्लेक्स में पानी की कमी, फाइनेंशियल फ्रॉड जैसे कई विषयों पर चर्चा हुई। केलकर ने तुरंत संबंधित अधिकारियों से फोन पर संपर्क किया और समाधान सुझाए। इस मौके पर नगरसेवक विकास पाटिल, अमित सरैया, सुरेश कांबले, पूर्व मेयर मनोहर गाढ़वे, स्वप्नाली सालवी, रक्षा यादव आदि मौजूद थे।

  • Allegations of Illegal Construction: खेती की जमीन पर अवैध निर्माण का आरोप, परिवर्तन संघटना ने प्रशासन से की कार्रवाई की मांग!

    Allegations of Illegal Construction: खेती की जमीन पर अवैध निर्माण का आरोप, परिवर्तन संघटना ने प्रशासन से की कार्रवाई की मांग!

    Allegations of Illegal Construction: सामाजिक संगठन परिवर्तन संघटना ने खेती के लिए आरक्षित जमीन पर किए गए कथित अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई है। संगठन की ओर से पालघर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर संबंधित भूमि के सातबारा (7/12) की जांच कराने तथा नियमों के तहत कार्रवाई करने की अपील की गई है।

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    परिवर्तन संघटना के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवप्रताप सिंह के नेतृत्व में महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष मंगेश कांबळे द्वारा दिए गए निवेदन में बताया गया है कि वरसई तालुका अंतर्गत गावठण पर्डी नंबर 2, तुलिंज स्थित कृषि भूमि पर कथित रूप से अवैध निर्माण कर जमीन के उपयोग में बदलाव किया गया है। संगठन का आरोप है कि जमीन पर कब्जेदार ही अवैध चांदी बनाकर बेच रहा है, जो शासन के नियमों के विपरीत है और प्रशासन को तत्काल हस्तक्षेप कर कार्रवाई करनी चाहिए।

    ज्ञापन में कहा गया है कि कृषि भूमि का गैरकानूनी उपयोग किसानों के हितों के खिलाफ है तथा इससे शासन की नीतियों का उल्लंघन हो रहा है। संगठन ने संबंधित जमीन की प्रत्यक्ष जांच कर अवैध निर्माण दर्ज करने और दोषियों पर कठोर कार्रवाई करने की मांग की है। इस संबंध में ज्ञापन की प्रतिलिपि तहसीलदार कार्यालय, वरसई जिला पालघर को भी भेजी गई है। परिवर्तन संघटना ने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र कार्रवाई करने की अपेक्षा जताई है।

  • Bhayandarpada Illegal mini-mall: घोडबंदर रोड के भायंदरपाड़ा में खड़ा हुआ अवैध मिनी मॉल; “इसका आका कौन?” — पूछ रही है ठाणे की जनता!

    Bhayandarpada Illegal mini-mall: घोडबंदर रोड के भायंदरपाड़ा में खड़ा हुआ अवैध मिनी मॉल; “इसका आका कौन?” — पूछ रही है ठाणे की जनता!

    Bhayandarpada Illegal mini-mall: ठाणे महानगरपालिका क्षेत्र में अवैध निर्माणों का जाल फैलने का गंभीर आरोप लगाया जा रहा है। घोडबंदर रोड स्थित भायंदरपाड़ा इलाके में खड़े किए गए कथित अवैध मिनी मॉल को लेकर सूचना के अधिकार के तहत चौंकाने वाली जानकारी सामने आने का दावा किया जा है। “पालिका प्रशासन आखिर किसके दबाव में चुप बैठा है? इस अवैध मिनी मॉल का आका कौन है?” ऐसा सीधा सवाल ठाणे करो ने उठाया है।

    ठाणे महानगरपालिका क्षेत्र की सरकारी जमीनें, वन विभाग की जमीनें, गुरुचरण भूमि तथा नागरिक सुविधाओं के लिए आरक्षित भूखंड भू-माफियाओं, बिल्डरों और कुछ भ्रष्ट अधिकारियों की मिलीभगत से गायब किए जा रहे हैं। कई स्थानों पर नियमों को ताक पर रखकर अवैध इमारतें, व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स और मिनी मॉल खड़े किए गए हैं, जिससे सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है।

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    जनता दावा किया कि ठाणे शहर, कळवा, मुंब्रा, दिवा, घोडबंदर, कासार वडवली, वागळे इस्टेट, माजिवडा और मानपाडा क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर सरकारी और वन विभाग की जमीनों पर कब्जे किए गए हैं। कुछ राजनीतिक नेताओं ने खुद जमीनों पर कब्जा किया, जबकि कुछ जगहों पर अपने करीबी लोगों को इमारतें बनाने के लिए संरक्षण दिया गया।

    “अवैध निर्माण करने वालों, सरकारी जमीन हड़पने वालों, उन्हें संरक्षण देने वाले राजनीतिक नेताओं, पालिका अधिकारियों और बिल्डरों के खिलाफ सबूतों के साथ कड़ी कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी,” ऐसा इशारा भी ठाणे की जनता ने दिया। सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर बड़ा खुलासा होने की संभावना से संबंधित विभागों में हड़कंप मच गया है।

    इस बीच, नागरिकों की जान जोखिम में डालने वाले अवैध निर्माणों पर कार्रवाई करने में प्रशासन विफल साबित हो रहा है। नागरिकों द्वारा यह सवाल भी उठाया जा रहा है कि “पालिका प्रशासन के आखिर किन लोगों से आर्थिक संबंध हैं?” अब इन गंभीर आरोपों के बाद महाराष्ट्र शासन और संबंधित एजेंसियां क्या कार्रवाई करती हैं, इस पर सबकी नजरें टिकी हैं।