Tag: Maharashtra Farmers

  • MahaDBT Portal: कृषि विभाग ने MahaDBT पोर्टल के माध्यम से आवेदन करने की अपील की है!

    MahaDBT Portal: कृषि विभाग ने MahaDBT पोर्टल के माध्यम से आवेदन करने की अपील की है!

    MahaDBT Portal: कृषि विभाग “डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर कृषि स्वावलंबन योजना” और “बिरसा मुंडा कृषि क्रांति योजना” को प्रभावी ढंग से लागू कर रहा है। इसका उद्देश्य अनुसूचित जाति / नव-बौद्ध, साथ ही अनुसूचित जनजाति / आदिवासी किसानों की आय बढ़ाना और उनके जीवन स्तर को ऊपर उठाना है, तथा साथ ही उन्हें वित्तीय सहायता भी प्रदान करना है। इन योजनाओं के माध्यम से, सिंचाई सुविधाओं, कृषि मशीनीकरण और जल संरक्षण से संबंधित विभिन्न घटकों के लिए सब्सिडी प्रदान की जा रही है।

    कृषि विकास अधिकारी मुनीर बाचोटिकर ने सभी पात्र किसानों से इन योजनाओं के तहत दिए जाने वाले लाभों का लाभ उठाने की अपील की है। इन योजनाओं के तहत, विभिन्न घटकों के लिए सब्सिडी उपलब्ध कराई जा रही है, जिसमें नए सिंचाई कुओं का निर्माण, मौजूदा कुओं की मरम्मत, कुएं के भीतर बोरिंग, बिजली कनेक्शन शुल्क, पंप सेट, सोलर पंप, HDPE/PVC पाइप, ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली, बैल-चालित और ट्रैक्टर-चालित कृषि उपकरण, साथ ही घर के पिछवाड़े में बागवानी की पहल शामिल हैं।

    “डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर कृषि स्वावलंबन योजना” और “बिरसा मुंडा कृषि क्रांति योजना” के तहत, निम्नलिखित सीमाओं तक सब्सिडी प्रदान की जाएगी: नए सिंचाई कुएं के लिए अधिकतम ₹4 लाख; मौजूदा कुएं की मरम्मत के लिए ₹1 लाख; खेत तालाब की प्लास्टिक लाइनिंग के लिए ₹2 लाख; कुएं के भीतर बोरिंग के लिए ₹40,000; पंप सेट के लिए ₹40,000; सोलर पंप के लिए ₹50,000; कृषि मशीनरी के लिए ₹50,000; घर के पिछवाड़े में बागवानी के लिए ₹5,000; HDPE/PVC पाइप के लिए ₹50,000; इसके साथ ही, ड्रिप सिंचाई सेट के लिए ₹97,000, स्प्रिंकलर सिंचाई सेट के लिए ₹47,000, और बिजली कनेक्शन शुल्क के लिए ₹20,000 तक की राशि उपलब्ध है।

    संबंधित ख़बरें: RTE 25% Admission Process 2026-27: प्रतीक्षा सूची में शामिल पात्र बच्चों के लिए प्रवेश प्रक्रिया का शुभारंभ – चरण 01!

    बिरसा मुंडा कृषि क्रांति योजना के तहत, बोरवेल के लिए ₹50,000 की सब्सिडी भी उपलब्ध है। इस योजना का लाभ उठाने के लिए, लाभार्थी का अनुसूचित जाति / नव-बौद्ध या अनुसूचित जनजाति श्रेणी से संबंधित होना अनिवार्य है। लाभार्थी के पास न्यूनतम 0.40 हेक्टेयर से लेकर अधिकतम 6 हेक्टेयर तक कृषि भूमि होनी चाहिए। आवेदन के साथ आवश्यक दस्तावेज जैसे जाति प्रमाण पत्र, 7/12 का उद्धरण (Extract), 8-A का उद्धरण, आधार कार्ड, आधार से जुड़ा राष्ट्रीयकृत बैंक खाता, और किसान पहचान पत्र (Farmer ID) संलग्न करना अनिवार्य है। वन अधिकार (वनपट्टा) रखने वाले किसानों के लिए, आधार संख्या होना अनिवार्य है।

    मौजूदा कुएं की मरम्मत के लिए लाभ प्राप्त करने हेतु, 7/12 के उद्धरण में कुएं का उल्लेख होना अनिवार्य है; इसके अतिरिक्त, इलेक्ट्रिक पंप सेट के लिए, बिजली कनेक्शन के कोटेशन की भुगतान रसीद या बिजली के बिल की एक प्रति जमा करना अनिवार्य है। ट्रैक्टर-चालित उपकरणों के लिए, लाभार्थी के पास अपने स्वयं के नाम पर पंजीकृत ट्रैक्टर होना अनिवार्य है, और पंजीकरण प्रमाण पत्र (RC बुक) की एक प्रति जमा करना आवश्यक है।

    इस योजना के तहत, लाभार्थी निम्नलिखित पैकेजों में से केवल एक का लाभ उठा सकते हैं: एक नया कुआँ, मौजूदा कुएं की मरम्मत, या खेत के तालाब (Farm Pond) की प्लास्टिक लाइनिंग। इसके अलावा, यदि किसी लाभार्थी ने इस योजना का पूरा लाभ उठा लिया है, तो न तो वह विशिष्ट लाभार्थी और न ही उसके परिवार के सदस्य अगले पांच वर्षों तक इस योजना के तहत लाभ प्राप्त करने के पात्र होंगे। जिस लाभार्थी ने नए कुएं का लाभ उठाया है, वह 20 वर्षों की अवधि के बाद पुराने कुएं की मरम्मत के लाभ के लिए पात्र होगा।

    इन योजनाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन MahaDBT पोर्टल के माध्यम से आमंत्रित किए जा रहे हैं; इच्छुक किसानों से अनुरोध है कि वे वेबसाइट https://mahadbt.maharashtra.gov.in पर अपने आवेदन जमा करें। किसानों से आग्रह किया जाता है कि वे अधिक जानकारी के लिए अपनी संबंधित पंचायत समिति में कृषि अधिकारी से संपर्क करें। ठाणे ज़िला परिषद का कृषि विभाग इन योजनाओं से संबंधित जानकारी किसानों तक पहुँचाने के लिए वर्तमान में एक विशेष जागरूकता अभियान चला रहा है; प्रशासन ने अधिकतम संख्या में पात्र लाभार्थियों से इन योजनाओं के अंतर्गत मिलने वाले लाभों का लाभ उठाने की अपील की है।

  • Plunging Onion Prices: प्याज के गिरते दामों से किसान बेहाल, APMC मंडियों में बढ़ा संकट!

    Plunging Onion Prices: प्याज के गिरते दामों से किसान बेहाल, APMC मंडियों में बढ़ा संकट!

    Plunging Onion Prices: देश की कृषि मंडियों में इन दिनों प्याज की कीमतों में भारी गिरावट ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। कई APMC मंडियों में प्याज का भाव महज 1 से 4 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। हालात ऐसे हैं कि किसान ट्रैक्टर भरकर मंडी तक तो पहुंच रहे हैं, लेकिन दाम सुनने के बाद माल खाली कर वापस लौटने को मजबूर हो रहे हैं।

    महाराष्ट्र के नासिक, लासलगांव और आसपास के इलाकों से आने वाले किसानों का कहना है कि उन्हें प्याज की खेती में जितनी लागत आई, उतना पैसा भी अब नहीं मिल पा रहा। ट्रांसपोर्ट, मजदूरी और भंडारण का खर्च जोड़ने के बाद उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।

    संबंधित ख़बरें: UP Online Classes-Work from Home: यूपी में शुरू हो सकते हैं ऑनलाइन क्लासेस और वर्क फ्रॉम होम, सीएम योगी की अहम बैठक!

    किसानों के अनुसार मंडियों में अचानक आवक बढ़ने, निर्यात में सुस्ती और बाजार में मांग घटने से दाम लगातार गिर रहे हैं। वहीं कुछ व्यापारियों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय हालात और युद्ध जैसी परिस्थितियों का असर भी कृषि बाजार पर दिखाई दे रहा है। निर्यात और सप्लाई चेन प्रभावित होने से मंडियों में अस्थिरता बढ़ी है।

    कई किसानों ने आरोप लगाया कि मंडियों में उन्हें उचित समर्थन मूल्य नहीं मिल रहा और बिचौलियों का दबाव बढ़ गया है। कुछ किसान तो इतने निराश हो गए कि उन्होंने मंडी परिसर के बाहर ही प्याज फेंक दिया या बेहद कम कीमत पर बेच दिया।

    विशेषज्ञों का कहना है कि यदि सरकार ने समय रहते हस्तक्षेप नहीं किया, तो किसानों को बड़ा आर्थिक नुकसान हो सकता है। किसानों ने सरकार से प्याज खरीद, निर्यात नीति में राहत और न्यूनतम समर्थन मूल्य जैसी मांगें उठाई हैं।