Tag: Maharashtra Government

  • MLA Sneha Dubey: विधायक स्नेहा दुबे पंडित ने सरकार से की फेरीवाला ज़ोन लागू करने और अवैध रैकेट पर सख्त कार्रवाई की मांग!

    MLA Sneha Dubey: विधायक स्नेहा दुबे पंडित ने सरकार से की फेरीवाला ज़ोन लागू करने और अवैध रैकेट पर सख्त कार्रवाई की मांग!

    MLA Sneha Dubey: मुंबई महाराष्ट्र विधानसभा के मानसून सत्र में वसई विधानसभा की विधायक स्नेहा दुबे पंडित ने वसई-विरार महानगरपालिका क्षेत्र में बढ़ते अवैध फेरीवालों, सड़कों पर लगने वाले साप्ताहिक बाजारों और उनके पीछे सक्रिय संभावित संगठित रैकेट का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने कहा कि इससे आम नागरिकों की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और शहर की कानून-व्यवस्था प्रभावित हो रही है।

    विधायक स्नेहा दुबे पंडित ने सदन में कहा कि वसई-विरार के कई इलाकों में हाथगाड़ी, फल विक्रेता और फेरीवाले बिना वैध लाइसेंस या पहचान पत्र के कारोबार कर रहे हैं। संबंधित लोगों के दस्तावेजों और पहचान का समुचित सत्यापन नहीं होने से सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हो रही हैं।

    उन्होंने वालीव, सातीवली, एवरशाइन सिटी, आचोले, गाला नगर और पापड़ी सहित कई क्षेत्रों में सड़कों पर लगने वाले साप्ताहिक बाजारों का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि इन बाजारों के कारण भारी ट्रैफिक जाम लगता है, जिससे दोपहिया वाहन, ऑटो रिक्शा और एंबुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं को भी आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

    विधायक ने राज्य सरकार से मांग की कि वसई-विरार महानगरपालिका क्षेत्र में तत्काल प्रभाव से फेरीवाला ज़ोन लागू किया जाए। साथ ही अवैध फेरीवालों, अवैध साप्ताहिक बाजारों और उनके पीछे सक्रिय संभावित रैकेट के खिलाफ सख्त एवं निरंतर कार्रवाई की जाए, ताकि नागरिकों को सुरक्षित, व्यवस्थित और जाम-मुक्त शहर मिल सके। उन्होंने कहा कि वसई के नागरिकों की समस्याओं, सुरक्षा और शहर की सुव्यवस्था के लिए वे विधानसभा में लगातार आवाज उठाती रहेंगी और जनहित के मुद्दों पर उनका संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।

  • Opposition targets Maharashtra govt: शिक्षक पात्रता परीक्षा का पर्चा लीक होने और परीक्षा स्थगित होने पर विपक्ष ने महाराष्ट्र सरकार को घेरा!

    Opposition targets Maharashtra govt: शिक्षक पात्रता परीक्षा का पर्चा लीक होने और परीक्षा स्थगित होने पर विपक्ष ने महाराष्ट्र सरकार को घेरा!

    Opposition targets Maharashtra govt: महाराष्ट्र में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) का प्रश्नपत्र परीक्षा से एक दिन पहले कथित तौर पर लीक होने के बाद शनिवार को विपक्षी दलों ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की तीखी आलोचना की।

    पर्चा लीक होने के बाद यह परीक्षा स्थगित करनी पड़ी है। यह परीक्षा रविवार को राज्य भर के 1,028 केंद्रों पर आयोजित होने वाली थी। महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद ने घोषणा की कि प्रक्रिया की पारदर्शिता और शुचिता बनाए रखने के लिए परीक्षा को स्थगित कर दिया गया है। उप आयुक्त प्रिया शिंदे ने कहा कि अगले दो से तीन दिनों के भीतर परीक्षा की नयी तारीखों की घोषणा की जायेगी।

    महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने इस कथित लीक मामले की तुरंत और निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार इस मामले के पीछे शामिल लोगों की पहचान करने में विफल रही, तो कांग्रेस प्रदर्शन शुरू करेगी।

    यह दावा करते हुए कि पर्चा लीक होना मौजूदा सरकार की पहचान बन चुका है, उन्होंने सवाल उठाया कि ठाणे जिले से पर्चा लीक होने की खबरें आने के बाद इस कथित गिरोह को कौन सा राजनीतिक संरक्षण मिल रहा है। शिवसेना (उद्धव गुट) के विधायक आदित्य ठाकरे ने भी सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि बार-बार प्रश्नपत्र लीक होने से छात्रों का भविष्य खतरे में पड़ गया है।

    उन्होंने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) और महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) की परीक्षाओं से जुड़े पिछले विवादों का जिक्र किया और भाजपा पर ऐसी घटनाओं को रोकने में विफल रहने का आरोप लगाया। शिवसेना (उद्धव गुट) के एक अन्य नेता अंबादास दानवे ने आरोप लगाया कि सरकार एक निष्पक्ष परीक्षा प्रक्रिया सुनिश्चित करने में विफल रही है और बार-बार पर्चा लीक होने से छात्रों और उनके परिवारों में निराशा फैल रही है।

    राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद चंद्र पवार गुट) की विधायक रोहिणी खडसे ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए इस कथित लीक को लाखों छात्रों की कड़ी मेहनत और आकांक्षाओं के साथ धोखा बताया। उन्होंने ऐसी घटनाओं के बाद होने वाली बार-बार की जांचों की प्रभावशीलता पर भी सवाल उठाए।

  • Maha AI initiative: महाराष्ट्र की ‘महा AI’ पहल देश में इनोवेटिव होगी; अब सरकारी काम में आएगी स्पीड और ट्रांसपेरेंसी!

    Maha AI initiative: महाराष्ट्र की ‘महा AI’ पहल देश में इनोवेटिव होगी; अब सरकारी काम में आएगी स्पीड और ट्रांसपेरेंसी!

    Maha AI initiative: राज्य सरकार के डिपार्टमेंट्स के काम को ज़्यादा एफिशिएंट, सिक्योर और पीपल-ओरिएंटेड बनाने के लिए, ‘महा AI’ – एडवांस्ड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए ‘महाराष्ट्र हब’, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आधारित देश की पहली इनोवेटिव पहल, डेवलप की गई है, ऐसा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा।

    यह पहल जल्द ही राज्य के अलग-अलग डिपार्टमेंट्स में लागू की जाएगी और इसके ज़रिए सरकारी काम में कॉरेस्पोंडेंस, नोट्स, रिपोर्ट्स तैयार करना, सरकारी कामों का ट्रांसलेशन, डॉक्यूमेंट्स की समरी और सरकारी नॉलेज बेस में जानकारी सर्च करने जैसे काम ज़्यादा तेज़ी से और सही तरीके से किए जा सकेंगे, ऐसा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा।

    मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस विधान भवन में महा AI प्लेटफॉर्म पर एक मीटिंग में बोल रहे थे। इस मौके पर डिप्टी चीफ मिनिस्टर एकनाथ शिंदे, डिजास्टर मैनेजमेंट मिनिस्टर गिरीश महाजन, चीफ मिनिस्टर के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी लोकेश चंद्र, एडिशनल चीफ सेक्रेटरी असीम कुमार गुप्ता, फाइनेंस डिपार्टमेंट के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी विकास चंद्र रस्तोगी, प्रिंसिपल सेक्रेटरी डॉ. श्रीकर परदेशी, प्रिंसिपल सेक्रेटरी नवीन सोना, इलेक्ट्रॉनिक्स, इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस डिपार्टमेंट के सेक्रेटरी वीरेंद्र सिंह, महाIT की डायरेक्टर भुवनेश्वरी एस, स्टेट इन्फॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशन ऑफिसर और डिप्टी डायरेक्टर जनरल सपना कपूर मौजूद थे।

    चीफ मिनिस्टर फडणवीस ने कहा कि ‘महा AI’ राज्य में सरकारी सिस्टम में मॉडर्न टेक्नोलॉजी को इंटीग्रेट करके एडमिनिस्ट्रेशन को और असरदार बनाने में अहम रोल निभाएगा। नेशनल इन्फॉर्मेटिक्स सेंटर ने महाराष्ट्र के लिए यह सिस्टम डेवलप किया है और इसे इलेक्ट्रॉनिक्स, इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस डिपार्टमेंट द्वारा दिए गए महाराष्ट्र स्टेट डेटा सेंटर के इंफ्रास्ट्रक्चर पर लागू किया गया है। इससे सरकारी जानकारी की सॉवरेनिटी, कॉन्फिडेंशियलिटी और सिक्योरिटी पक्की होगी।

    सभी सेंसिटिव सरकारी जानकारी सरकार के ही कंट्रोल में रहेगी, और जानकारी को राज्य सरकार के सिक्योर इंफ्रास्ट्रक्चर में स्टोर और प्रोसेस किया जाएगा। ‘महा AI’ सिस्टम से ऑफिशियल लेटर, ई-मेल, नोट्स, डॉक्यूमेंट समराइज़ेशन, क्लैरिफिकेशन और ट्रांसलेशन बनाने, सरकारी नियमों, एक्ट, सरकारी फैसलों और सर्कुलर पर कॉन्टेक्स्टुअल जानकारी खोजने और नेचुरल भाषा में रिपोर्ट बनाने में मदद मिलेगी।

    बेनिफिशियरी के डुप्लीकेशन से बचने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से बेनिफिशियरी वेरिफिकेशन की सुविधा भी मिलेगी। यह सिस्टम अलग-अलग AI मॉडल चुनने, इमेज और डॉक्यूमेंट अपलोड करने की सुविधा देता है। इस सिस्टम में यूज़र-वाइज़ सिक्योर लॉगिंग, एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन, पोजीशन-वाइज़ एक्सेस कंट्रोल जैसे सिक्योरिटी फीचर्स शामिल किए गए हैं, ताकि सरकारी डॉक्यूमेंट्स और जानकारी की कॉन्फिडेंशियलिटी बनी रहे।

    मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि भविष्य में, ‘महा AI’ का इस्तेमाल सभी सरकारी डिपार्टमेंट में एक यूनिफॉर्म AI प्लेटफॉर्म के तौर पर किया जाएगा। साथ ही, इसे ई-ऑफिस, RTI, ई-HRMS, आपले सरकार जैसे अलग-अलग ई-गवर्नेंस सिस्टम से जोड़कर ड्राफ्टिंग, ट्रांसलेशन, समराइज़ेशन, नॉलेज कलेक्शन और बेनिफिशियरी वेरिफिकेशन जैसी सुविधाओं को और भी बेहतर बनाया जाएगा।

    इलेक्ट्रॉनिक्स, इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस डिपार्टमेंट के सेक्रेटरी वीरेंद्र सिंह और स्टेट इन्फॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशन ऑफिसर और नेशनल इन्फॉर्मेटिक्स सेंटर की डिप्टी डायरेक्टर जनरल सपना कपूर ने महा AI प्लेटफॉर्म पर एक प्रेजेंटेशन दिया।

  • Dharavi Redevelopment: धारावी पुनर्विकास को लेकर लोगों में असमंजस, सरकार से स्पष्ट नीति और लिखित गारंटी की मांग!

    Dharavi Redevelopment: धारावी पुनर्विकास को लेकर लोगों में असमंजस, सरकार से स्पष्ट नीति और लिखित गारंटी की मांग!

    Dharavi Redevelopment: धारावी पुनर्विकास परियोजना को लेकर स्थानीय निवासियों में बढ़ते असमंजस और असुरक्षा की भावना के बीच मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद वर्षा गायकवाड ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

    उन्होंने अपने पत्र में कहा है कि धारावी पुनर्विकास परियोजना केवल इमारतों के निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह यहां के नागरिकों के सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक जीवन से जुड़ा हुआ विषय है। इसलिए इस परियोजना के केंद्र में स्थानीय निवासियों, उनके रोजगार, उद्योग और सामाजिक व्यवस्था को रखा जाना अत्यंत आवश्यक है। इसी संदर्भ में उन्होंने संबंधित अधिकारियों के साथ एक विशेष बैठक आयोजित करने की मांग की है।

    गायकवाड ने यह भी बताया कि परियोजना में बेस्ट डिपो, टाटा पावर, निसर्ग उद्यान और अन्य सरकारी जमीनों को शामिल किया गया है, साथ ही रेलवे भूमि पर रहने वाले कई लोगों का विस्थापन भी किया गया है। हालांकि, इन सभी पात्र निवासियों को धारावी में ही पुनर्वासित किया जाएगा या नहीं, इस बारे में सरकार की ओर से कोई स्पष्ट और लिखित आश्वासन नहीं दिया गया है, जिससे लोगों में असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।

    उन्होंने मांग की कि सभी पात्र निवासियों को धारावी में ही पुनर्वास देने की स्पष्ट नीति घोषित की जाए और इसके लिए लिखित गारंटी दी जाए। साथ ही कोळीवाड़ा, कुंभारवाड़ा, स्थानीय बाजार, लघु उद्योग, धार्मिक स्थल, स्कूल, कॉलेज और स्वास्थ्य सुविधाओं के संरक्षण और पुनर्विकास के लिए भी स्पष्ट प्रावधान किए जाएं।

    गायकवाड ने विशेष रूप से कुंभारवाड़ा के पारंपरिक मिट्टी के बर्तन उद्योग और कोळी समुदाय के अधिकारों के संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि इन क्षेत्रों का पुनर्विकास इस तरह किया जाए कि उनकी आजीविका प्रभावित न हो। उन्होंने कोळीवाड़ा की सीमाओं के निर्धारण और कानूनी मान्यता की भी मांग की।

    शाहू नगर क्षेत्र में बीएमसी की 47 इमारतों में रहने वाले परिवारों को हाल ही में 7 दिनों के भीतर मकान खाली करने के नोटिस दिए जाने पर भी उन्होंने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि बिना वैकल्पिक पुनर्वास की स्पष्ट व्यवस्था किए इस तरह की कार्रवाई से हजारों लोगों में भय और अस्थिरता का माहौल बन गया है। उन्होंने मांग की कि पहले सभी प्रभावित परिवारों के लिए वैकल्पिक आवास सुनिश्चित किया जाए, उसके बाद ही किसी प्रकार की बेदखली की कार्रवाई की जाए।

    उन्होंने यह भी कहा कि मीडिया रिपोर्ट्स में धारावी के विकास को सिंगापुर और हांगकांग मॉडल पर आधारित बताया जा रहा है, लेकिन पुनर्वास, रोजगार और स्थानीय उद्योगों के भविष्य को लेकर अभी तक स्पष्टता का अभाव है। अंत में, गायकवाड ने सरकार से अपील की कि धारावी पुनर्विकास के दौरान स्थानीय निवासियों के हितों, उनकी आजीविका और सांस्कृतिक पहचान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और इस विषय पर त्वरित निर्णय लेने के लिए एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की जाए।

  • Maharashtra Police Modernization: महाराष्ट्र पुलिस के आधुनिकीकरण के लिए ₹733.28 करोड़ की योजना को केंद्र सरकार की मंजूरी!

    Maharashtra Police Modernization: महाराष्ट्र पुलिस के आधुनिकीकरण के लिए ₹733.28 करोड़ की योजना को केंद्र सरकार की मंजूरी!

    Maharashtra Police Modernization: केंद्र सरकार ने महाराष्ट्र पुलिस बल के आधुनिकीकरण के लिए ₹733.28 करोड़ की महत्वपूर्ण योजना को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत कुल निधि का 60 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार और 40 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।

    इस मंजूरी पर आभार व्यक्त करते हुए राज्य नेतृत्व ने माननीय प्रधानमंत्री Narendra Modi और केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah का धन्यवाद किया है। बताया गया कि इस निधि के माध्यम से महाराष्ट्र पुलिस को समुद्री सुरक्षा, नशा विरोधी अभियान, साइबर सुरक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के अधिक उपयोग, नागरिक सुरक्षा, आधुनिक हथियार, नए वाहन और अन्य आधुनिक संसाधनों से अधिक सशक्त बनाया जाएगा। इससे पुलिस व्यवस्था को तकनीकी रूप से मजबूत करने और कानून-व्यवस्था को और प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।

  • Transport Minister issues directive: जब तक इंफ्रास्ट्रक्चर पूरा न हो जाए, ज़मीन के मालिक को नही दे टीडीआर; परिवहन मंत्री ने दिए निर्देश!

    Transport Minister issues directive: जब तक इंफ्रास्ट्रक्चर पूरा न हो जाए, ज़मीन के मालिक को नही दे टीडीआर; परिवहन मंत्री ने दिए निर्देश!

    Transport Minister issues directive: शहर के भविष्य के विकास पर विचार करते हुए नागरिकों की बुनियादी सुविधाओं पर कोई ज़्यादा ज़ोर न पड़े, यह पक्का करने के लिए कड़ा रुख अपनाते हुए,परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने ज़रूरी निर्देश दिए हैं। टिकुजिनी वाडी इलाके में मोजे चितलसर-मानपाड़ा में रिज़र्व प्राइवेट ज़मीन का मुआयना करने के बाद, उन्होंने संबंधित अधिकारियों से साफ़ कहा कि इस बात की गारंटी दी जानी चाहिए कि भविष्य में इस ज़मीन पर किसी भी तरह का कोई कंस्ट्रक्शन नहीं किया जाएगा।

    मंत्री सरनाईक ने अपना कड़ा रुख ज़ाहिर करते हुए कहा कि ठाणे मनपा ने इस ज़मीन पर एक पार्क रिज़र्व किया है और उस ज़मीन को शहर के लिए ग्रीन एरिया के तौर पर बनाए रखा जाना चाहिए।उन्होंने कहा कि इस इलाके को बचाना ज़रूरी है ताकि नागरिकों को साफ़ हवा, इको-फ्रेंडली माहौल और खुली जगहें मिल सकें। इस मौके पर बोलते हुए, मंत्री सरनाईक ने कहा कि रिज़र्व ज़मीन के बदले संबंधित ज़मीन के मालिक को 80 लाख स्क्वेयर फ़ीट से ज़्यादा टीडीआर देने का मामला बहुत सेंसिटिव है।

    अगर इतनी बड़ी रकम का टीडीआर मंज़ूर किया जाता है, तो शहर पर और आबादी और डेवलपमेंट का दबाव आ सकता है। साथ ही यूडीआरसीपी के नए निर्देशों के मुताबिक, डेवलपर्स को एक्स्ट्रा एफएसआई मिलता है। वहां रहने वाले नागरिकों को कम से कम सही इंफ्रास्ट्रक्चर सुविधाएं तो मिलनी चाहिए! साथ ही, आने वाले नागरिकों को ध्यान में रखते हुए, पानी की सप्लाई, बिजली सिस्टम, सड़कें, हेल्थ सुविधाएं, सीवेज मैनेजमेंट और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट जैसी सभी बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर सुविधाओं की कैपेसिटी बढ़ाए बिना और उन्हें पूरी तरह से चालू किए बिना किसी भी हालत में टीडीआर मंज़ूर नहीं किया जाना चाहिए।

    ठाणे शहर का डेवलपमेंट सिर्फ़ कंस्ट्रक्शन के बारे में नहीं होना चाहिए, बल्कि लोगों के जीवन स्तर के डेवलपमेंट के बारे में भी होना चाहिए। एनवायरनमेंट की सुरक्षा और लोगों के लिए सुविधाओं का बैलेंस बनाए रखना एडमिनिस्ट्रेशन की ज़िम्मेदारी है। इसलिए, ऐसा कोई भी फ़ैसला नहीं लिया जाएगा जिससे शहर के फ़ायदे को नुकसान हो, यह भी उन्होंने साफ़ तौर पर कहा।

    इस फ़ैसले से भविष्य में बिना कंट्रोल के कंस्ट्रक्शन को रोकने में मदद मिलेगी और ठाणे के लोगों के लिए एक बड़ा ग्रीन एरिया बचेगा।मंत्री प्रताप सरनाईक ने राय दी कि एनवायरनमेंट कंज़र्वेशन, लोगों के फ़ायदों की सुरक्षा और सस्टेनेबल डेवलपमेंट, तीनों पहलुओं को कोऑर्डिनेट करने वाली यह भूमिका ठाणे के लोगों के लिए बहुत ज़रूरी होगी।

  • Thane Lokshahi Divas: 6 जुलाई को लोकशाही दिवस होगा आयोजित; नागरिक 22 जून तक अपने आवेदन जमा कर दें!

    Thane Lokshahi Divas: 6 जुलाई को लोकशाही दिवस होगा आयोजित; नागरिक 22 जून तक अपने आवेदन जमा कर दें!

    Thane Lokshahi Divas: मनपा का अगला लोकशाही दिवस सोमवार 6 जुलाई, 2026 को आयोजित किया गया है। नागरिकों को जुलाई में लोकशाही दिवस से 15 दिन पहले यानी 22 जून तक अपने एप्लीकेशन और पिटीशन दो कॉपी में मनपा मुख्यालय सुविधा केंद्र में जमा कर देने चाहिए। पिटीशन जमा करते समय, आवेदक को हर पिटीशन के साथ फॉर्म-1 (B) जमा करना होगा। फॉर्म-1 (B) अर्बन सुविधा केंद्र पर उपलब्ध है।

    महाराष्ट्र सरकार, सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी परिपत्र क्रमांक प्रसुधा-1099/सीआर-23/98/18-ए, दिनांक 26 सितंबर 2012 के अनुसार यह स्पष्ट किया गया है कि दिसंबर 2012 से नागरिकों की याचिकाएं लोकशाही दिवस पर स्वीकार नहीं की जाएंगी, लेकिन इस याचिका की दो प्रतियां लोकशाही दिवस से 15 दिन पहले मनपा कार्यालय में जमा करनी होंगी।

    संबंधित खबरें: Vasai-Virar Bribery: वसई-विरार मनपा का लिपिक 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार!

    मुख्यालय में होने वाले इस लोकशाही दिवस में जिन नागरिकों ने जिला लोकशाही दिवस में अपने अभ्यावेदन जमा किए हैं, साथ ही जिन अभ्यावेदन पर 1 महीने से कोई कार्रवाई नहीं हुई है, उन्हें स्वीकार किया जाएगा। मनपा मुख्यालय में होने वाले लोकशाही दिवस में अभ्यावेदन जमा करते समय नागरिकों को जिला लोकशाही दिवस में प्राप्त टोकन क्रमांक का उल्लेख करना होगा।

    आवेदक को एक आवेदन में केवल एक ही शिकायत जमा करनी चाहिए, एक से अधिक शिकायत वाला आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसी तरह, यह भी ध्यान दें कि एस्टैब्लिशमेंट, अलग-अलग कोर्ट, लोकायुक्त के पास पेंडिंग केस, सूचना के अधिकार के दायरे में आने वाले केस, साथ ही किसी पॉलिटिकल पार्टी, कॉर्पोरेटर के ऑर्गनाइज़ेशन के लेटरहेड पर की गई एप्लीकेशन, जिनका फाइनल जवाब दिया जा चुका है या दिया जाएगा, ऐसी एप्लीकेशन तब तक एक्सेप्ट नहीं की जाएंगी, जब तक कि शिकायत पर्सनल न हो।

  • Maharashtra Police Transfer Orders: महाराष्ट्र सरकार ने जारी किया पुलिस अधिकारियों के तबादले का आदेश, 10 अधिकारियों की नई नियुक्ति!

    Maharashtra Police Transfer Orders: महाराष्ट्र सरकार ने जारी किया पुलिस अधिकारियों के तबादले का आदेश, 10 अधिकारियों की नई नियुक्ति!

    Maharashtra Police Transfer Orders: महाराष्ट्र सरकार ने पुलिस विभाग में बड़े प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 10 वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के तबादले और पदस्थापना के आदेश जारी किए हैं। यह आदेश 15 मई 2026 को जारी किया गया।

    जारी आदेश के अनुसार, मोक्षदा पाटील को पुलिस उपमहानिरीक्षक, राज्य राखीव पुलिस बल, मुंबई पद से अपर पुलिस आयुक्त, बृहन्मुंबई नियुक्त किया गया है। वहीं प्रियंका नारनवरे को अपर पुलिस आयुक्त, वाहतूक, बृहन्मुंबई से पुलिस उपमहानिरीक्षक तथा मुख्य दक्षता अधिकारी, महाराष्ट्र राज्य परिवहन महामंडल, मुंबई पद पर भेजा गया है।

    तेजस्वी सातपुते को समादेशक, राज्य राखीव पुलिस बल, पुणे से अपर पुलिस आयुक्त (गुन्हे), पुणे शहर नियुक्त किया गया है। अशोक दुधे को उप आयुक्त, राज्य गुप्तवार्ता विभाग, मुंबई से पुलिस उपमहानिरीक्षक, राज्य राखीव पुलिस बल, मुंबई पद पर पदोन्नति दी गई है।

    संबंधित ख़बरें: Anand Paranjpe Joined Shiv Sena: राष्ट्रवादी नेताओं से चर्चा के बाद ही आनंद परांजपे शिवसेना में शामिल, विवाद की खबरें निराधार!

    इसके अलावा दिक्षित गेडाम, कृष्णकांत उपाध्याय और प्रविण मुंढे को पुलिस उपायुक्त पद से अपर पुलिस आयुक्त, बृहन्मुंबई पद पर पदोन्नति दी गई है। योगेश गुप्ता को गडचिरोली के प्रभारी डीआईजी पद से पुलिस उपमहानिरीक्षक, गडचिरोली नियुक्त किया गया है।

    रोकेश ओला को अमरावती के प्रभारी डीआईजी पद से पुलिस आयुक्त, अमरावती पद पर पदोन्नति दी गई है। साथ ही एम.सी.बी. महेश रेड्डी को पुलिस अधीक्षक, गुन्हे अन्वेषण विभाग, पुणे से पुलिस उपमहानिरीक्षक, गुन्हे अन्वेषण विभाग, पुणे पद पर नियुक्त किया गया है।

    राज्य सरकार के इस आदेश को पुलिस प्रशासन में व्यापक फेरबदल के रूप में देखा जा रहा है। नई नियुक्तियों के बाद संबंधित अधिकारी जल्द ही अपना कार्यभार संभालेंगे।

  • Deputy CM Eknath Shinde: डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने EVs का इस्तेमाल शुरू किया, गाड़ियों की संख्या कम की!

    Deputy CM Eknath Shinde: डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने EVs का इस्तेमाल शुरू किया, गाड़ियों की संख्या कम की!

    Deputy CM Eknath Shinde: कोविड काल में देश के लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर पॉजिटिव रिस्पॉन्स दिया और इसी वजह से भारत कोविड संकट से सुरक्षित बाहर निकला। अब देश के सामने जो युद्ध जैसे हालात बने हैं, उसमें भी नागरिकों को देश के हित को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार की अपील पर रिस्पॉन्स देना चाहिए, ऐसा महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने कहा। वे ठाणे में रिपोर्टर्स से बात कर रहे थे।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देशवासियों से फ्यूल बचाने की अपील के बाद मोदी ने आज से इस पर अमल करना शुरू कर दिया। उनकी अपील पर तुरंत रिस्पॉन्स देते हुए डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने भी EVs का इस्तेमाल करने का फैसला किया है। आज उन्होंने अपने घर से सह्याद्री गेस्ट हाउस जाने के लिए EV का इस्तेमाल किया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि उनके बेड़े में गाड़ियों की संख्या भी कम कर दी गई है। उन्होंने घोषणा की कि वे अपनी सुरक्षा करने वाले सिक्योरिटी गार्ड्स की गाड़ियों के अलावा कोई और गाड़ी अपने पास नहीं रखेंगे।

    इस मौके पर बोलते हुए शिंदे ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने देश से किफ़ायत की योजना बनाने की अपील की है। उन्होंने खास तौर पर पेट्रोल और डीज़ल का इस्तेमाल कम करके फ्यूल बचाने पर ध्यान देने की ज़रूरत बताई। उन्होंने कहा कि भारत बड़ी मात्रा में कच्चा तेल इंपोर्ट करता है, इसलिए अपना खर्च कम करने के लिए हर भारतीय नागरिक को फ्यूल का कम इस्तेमाल करने की ज़रूरत है।इस मौके पर उन्होंने पश्चिम बंगाल और असम के चुनाव नतीजों का ज़िक्र किया और कहा कि लोगों को मोदी की लीडरशिप पर भरोसा है।

    संबंधित ख़बरें: National Lok Adalat: नेशनल लोक अदालत में ठाणे जिले का राज्य में दबदबा; 29 हजार केस निपटाए!

    उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भी आलोचना की। शिंदे ने अपील की, “देश की जनता समझदार है। ‘वह पब्लिक है, सब जानती है’, इसलिए विपक्ष को इस मुद्दे पर राजनीति किए बिना देशहित के लिए सरकार की अपील का समर्थन करना चाहिए।” शिंदे ने बताया, “मोदीजी हमेशा ‘देश को सबसे पहले’ ध्यान में रखकर फैसले लेते हैं। इसीलिए मैंने आज से इलेक्ट्रिक गाड़ियों का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। राज्य में शिवसेना के सभी मंत्रियों को भी ज़्यादा से ज़्यादा इलेक्ट्रिक गाड़ियों का इस्तेमाल करने के निर्देश दिए गए हैं।

    ”उन्होंने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा था कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री मोदी की अपील पर पूरी क्षमता से काम कर रही है। उन्होंने कहा, “इस अपील के पीछे मुख्य मकसद यह है कि देश के नागरिक युद्ध जैसी स्थिति से कम से कम प्रभावित हों।”इस मौके पर विपक्ष की आलोचना करते हुए शिंदे ने कहा कि ऐसी नाजुक स्थिति में राजनीति करना सही नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया, “राजनीति करने के कई अलग-अलग मौके हैं, लेकिन देश के हित के मुद्दों पर सभी को एक साथ आने की ज़रूरत है। विपक्ष सिर्फ़ मोदीजी को बदनाम करने के लिए आलोचना कर रहा है।

    मंत्रियों और विभागों ने विदेश दौरों में कटौती की
    डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर प्रतिक्रिया देने का फैसला करने के बाद, मंत्री शंभूराज देसाई ने भी घोषणा की है कि वह अपने परिवार का यूरोप दौरा रद्द कर रहे हैं। दूसरी तरफ, अर्बन डेवलपमेंट डिपार्टमेंट ने भी डेनमार्क में आयोजित विदेश दौरे को कैंसिल करने का फैसला किया है। इसलिए, यह साफ है कि डिप्टी सीएम शिंदे और शिवसेना के मंत्रियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील का जवाब दिया है।