Tag: Monsoon Preparedness

  • VVMC Update: पहली ही बारिश में बह गए मनपा के दावे, जाम नालों ने खोली प्री-मानसून तैयारियों की पोल!

    VVMC Update: पहली ही बारिश में बह गए मनपा के दावे, जाम नालों ने खोली प्री-मानसून तैयारियों की पोल!

    VVMC Update: नालासोपारा मानसून की पहली ही बारिश ने वसई-विरार शहर महानगरपालिका की प्री-मानसून तैयारियों की वास्तविकता सामने ला दी। नालासोपारा पूर्व के मोरेगांव स्थित विवांता होटल के समीप बहने वाला नाला कचरे, गाद और झाड़ियों से अटा पड़ा मिला, जिससे जलनिकासी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

    गौरतलब है कि मानसून शुरू होने से पहले क्षेत्र के सांसद, विधायक, महापौर, मनपा आयुक्त, सहायक आयुक्त, नगरसेवक और अन्य जनप्रतिनिधि अपने समर्थकों के साथ विभिन्न नालों एवं जलनिकासी व्यवस्था का निरीक्षण करते नजर आए थे। उस समय दावा किया गया था कि बरसात के दौरान नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।

    लेकिन पहली ही बारिश ने इन दावों की हकीकत उजागर कर दी। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते नालों की प्रभावी सफाई कराई गई होती तो ऐसी स्थिति पैदा नहीं होती। जाम नालों के कारण पानी की निकासी प्रभावित हो रही है और लगातार बारिश होने पर जलभराव की आशंका बढ़ गई है। इससे आसपास के रहवासियों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

    नागरिकों ने सवाल उठाया है कि जब निरीक्षण और दावों के बावजूद पहली ही बारिश में नालों की यह स्थिति है, तो आखिर प्री-मानसून कार्यों की निगरानी कितनी प्रभावी रही? लोगों ने महानगरपालिका प्रशासन से तत्काल नालों की सफाई, जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त करने तथा लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित ठेकेदारों की जवाबदेही तय करने की मांग की है।

  • Thane Drain Cleaning: नाले की सफाई का घोटाला बंद करो, कॉन्ट्रैक्टर को ब्लैकलिस्ट करो!

    Thane Drain Cleaning: नाले की सफाई का घोटाला बंद करो, कॉन्ट्रैक्टर को ब्लैकलिस्ट करो!

    Thane Drain Cleaning: शहर में करोड़ों रुपये के नाले की सफाई के काम में कॉन्ट्रैक्टर ज़्यादा से ज़्यादा हाथ से सफाई कर रहे हैं, और अधिकारी भी इसे नज़रअंदाज़ कर रहे हैं। इसलिए विधायक संजय केलकर ने मांग की है कि नाले की सफाई का घोटाला बंद किया जाए और संबंधित कॉन्ट्रैक्टर को ब्लैकलिस्ट किया जाए।विधायक संजय केलकर ने आज अधिकारियों और स्थानीय नागरिकों की मौजूदगी में बालकुम, ढोकाली और कोलशेत में चल रहे नाले की सफाई के काम का निरीक्षण किया।

    उस समय उन्होंने इस काम में हो रहे फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया। उन्होंने अधिकारियों से इसका जवाब मांगते हुए अपनी नाराज़गी ज़ाहिर की।नाले की सफाई के काम की न तो अधिकारी मॉनिटरिंग कर रहे हैं, न ही कॉन्ट्रैक्टर काम कर रहे हैं। इसका खामियाजा नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है। इसलिए केलकर ने मांग की है कि कॉन्ट्रैक्टरों के बिल रोके जाएं और उन्हें ब्लैकलिस्ट किया जाए। जिन अधिकारियों को नाले की सफाई की ज़िम्मेदारी दी गई है, उन्हें सिर्फ़ कारण बताओ नोटिस जारी किए बिना घर बैठा दिया जाना चाहिए केलकर ने मांग की।

    दादलानी पार्क के रहने वाले पिछले दो साल से शिकायत कर रहे हैं। नालियों में जमा बदबूदार पानी और कचरे से बीमारियाँ फैलती हैं। इस बीच, मानसून आने से ठीक पहले नालों की सफाई अधूरी पड़ी है। फिर कमिश्नर की 1 जून की डेडलाइन कहाँ गई? केलकर ने गुस्सा जताया। इसलिए, कमिश्नर को खुद सड़कों पर उतरकर इंस्पेक्शन करना चाहिए, ताकि नालों की सफाई के काम में लापरवाही सामने आ सके केलकर ने अपील की। इंस्पेक्शन टूर के दौरान मनपा के ऑफिसर संजय कदम भाजपा के पदाधिकारी संजय पाटिल, नीलेश पाटिल के साथ-साथ नीरज कबाड़ी, भानुदास भोईर, एडवोकेट हेमंत म्हात्रे, रवि रेड्डी आदि मौजूद थे।

  • Bhiwandi Drain Cleaning: 51 प्रतिशत नाला सफाई के दावे पर उठे सवाल, महापौर समेत पार्षदों ने जताई नाराजगी

    Bhiwandi Drain Cleaning: 51 प्रतिशत नाला सफाई के दावे पर उठे सवाल, महापौर समेत पार्षदों ने जताई नाराजगी

    Bhiwandi Drain Cleaning: मानसून पूर्व तैयारियों के तहत भिवंडी महानगरपालिका द्वारा शहर में नाला सफाई का कार्य युद्धस्तर पर किए जाने का दावा किया जा रहा है। निगम प्रशासन के अनुसार अब तक 51 प्रतिशत नालों की सफाई पूरी कर ली गई है, जबकि इस कार्य पर करीब 2 करोड़ 40 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। हालांकि, महापौर नारायण चौधरी समेत कई जनप्रतिनिधियों ने इस दावे पर सवाल उठाते हुए कार्य की गुणवत्ता और प्रगति पर असंतोष व्यक्त किया है।

    महापौर नारायण चौधरी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नाला सफाई का कार्य कागजों पर अधिक और जमीनी स्तर पर कम दिखाई दे रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले सप्ताह उन्होंने स्वयं विभिन्न क्षेत्रों का आकस्मिक निरीक्षण किया था, जिसमें कई स्थानों पर कार्य संतोषजनक नहीं पाया गया। इस दौरान संबंधित ठेकेदारों और अधिकारियों को फटकार भी लगाई गई थी, लेकिन उसके बावजूद अपेक्षित सुधार नजर नहीं आ रहा है।

    महापौर ने कहा कि निगम अधिकारियों को ठेकेदारों से गुणवत्तापूर्ण तरीके से नाला सफाई कराने के निर्देश दिए गए हैं। यदि मानसून के दौरान शहर में जलभराव या बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न होती है, तो इसके लिए लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि शहर की स्वच्छता प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और नागरिकों का सहयोग भी आवश्यक है।

    कागजों पर आंकड़ेबाजी का आरोप
    स्थायी समिति के सदस्य एडवोकेट मयूरेश विलास पाटिल ने निगम प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अधिकारियों द्वारा केवल कागजों पर प्रतिशत दिखाकर ठेकेदारों के हितों की रक्षा की जा रही है। उनका दावा है कि वास्तविकता में 20 प्रतिशत नाला सफाई भी पूरी नहीं हुई है।

    उन्होंने सवाल उठाया कि क्या मात्र बीस दिनों में इतने बड़े पैमाने पर नाला सफाई का कार्य पूरा किया जा सकता है? उनके अनुसार स्वास्थ्य एवं स्वच्छता विभाग के कुछ कर्मचारी केवल आंकड़े प्रस्तुत कर रहे हैं, जबकि जमीनी स्तर पर कार्य की स्थिति अलग है। पाटिल ने मांग की कि प्रशासन को वास्तविक निरीक्षण और सत्यापन के बिना ठेकेदारों के बिलों का भुगतान नहीं करना चाहिए।

    उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान यदि नागरिकों को जलभराव की समस्या का सामना करना पड़ा, तो लोग ठेकेदारों को नहीं बल्कि अपने जनप्रतिनिधियों को जिम्मेदार ठहराएंगे। इसलिए आयुक्त और महापौर की जिम्मेदारी है कि वे ठेकेदारों से गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध कार्य सुनिश्चित कराएं।

  • Anil Nagre Appeal: पावसाल में अत्यावश्यक सेवाओं से जुड़े अधिकारियों के तबादले रोके जाएं, अनिल नागरे की सरकार से अपील!

    Anil Nagre Appeal: पावसाल में अत्यावश्यक सेवाओं से जुड़े अधिकारियों के तबादले रोके जाएं, अनिल नागरे की सरकार से अपील!

    Anil Nagre Appeal: मुंबई में मानसून की शुरुआत के साथ ही आपातकालीन परिस्थितियों की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे समय में नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो तथा इमारत गिरने, भूस्खलन, जलभराव और सड़क धंसने जैसी घटनाओं से होने वाले नुकसान को रोका जा सके, इसके लिए महानगरपालिका प्रशासन युद्धस्तर पर काम करता है।

    इसी बीच सामाजिक कार्यकर्ता अनिल शांताराम नागरे ने मांग की है कि मानसून के दौरान अत्यावश्यक सेवाओं में कार्यरत अभियंताओं और अधिकारियों के तबादले तत्काल प्रभाव से रोके जाएं। इस संबंध में नागरे ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, मुंबई के पालकमंत्री एकनाथ शिंदे, मुंबई महानगरपालिका आयुक्त अश्विनी भिडे तथा नगर अभियंता रामचंद्र कदम को पत्र भेजकर अपनी मांग रखी है।

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    अनिल नागरे ने कहा कि दक्षिण मुंबई में सैकड़ों पुरानी और जर्जर इमारतें हैं, जिनके मानसून के दौरान गिरने का खतरा बना रहता है। इसके अलावा जलभराव, सड़क धंसने, बिजली आपूर्ति बाधित होने और भूस्खलन जैसी समस्याएं भी सामने आती हैं। ऐसे संवेदनशील समय में यदि अनुभवी अभियंताओं और अधिकारियों का तबादला किया जाता है तो उनकी जगह आने वाले नए अधिकारी स्थानीय परिस्थितियों और समस्याओं से पूरी तरह परिचित नहीं होते।

    उन्होंने कहा कि नए अधिकारियों को क्षेत्र की समस्याओं को समझने और स्थिति पर नियंत्रण पाने में समय लगता है, जिससे आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने में देरी हो सकती है और नागरिकों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसलिए जनहित और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मानसून समाप्त होने तक अत्यावश्यक सेवाओं से जुड़े अधिकारियों और अभियंताओं के तबादले स्थगित किए जाने चाहिए।स्लग: मानसून में अधिकारियों के तबादलों पर रोक की मांग

  • Prashant Rode Review: अतिरिक्त आयुक्त 2 प्रशांत रोडे ने शहर में नाले की सफाई के काम का लिया समीक्षा!

    Prashant Rode Review: अतिरिक्त आयुक्त 2 प्रशांत रोडे ने शहर में नाले की सफाई के काम का लिया समीक्षा!

    Prashant Rode Review: आयुक्त सौरभ राव ने निर्देश दिया है कि ठाणे मनपा इलाके में चल रहे सभी नाले की सफाई का काम 5 जून तक पूरा कर लिया जाए। इसी सिलसिले में, अब तक हुए नाले की सफाई के काम का समीक्षा करते हुए अतिरिक्त आयुक्त 2 प्रशांत रोडे ने संबंधित विभागों को मुंब्रा और दिवा प्रभाग समिति के नालों पर खास ध्यान देने का निर्देश दिया। इस समय, सॉलिड वेस्ट और कंस्ट्रक्शन डिपार्टमेंट के ज़रिए बताया गया कि शहर में नाले की सफाई का 80 परसेंट काम पूरा हो चुका है और 5 जून तक सभी काम पूरे कर लिए जाएंगे।

    इस मीटिंग में उपायुक्त जी.जी. गोदापुरे, मधुकर बोडके, दीपक जिंजाड़, डॉ. मिताली संचेती, सभी प्रभाग समिति के सहायक आयुक्त, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर मौजूद थे।स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि मनपा में नाले की सफाई के काम के लिए जिन जगहों पर मैनपावर कम है, वहां एक्स्ट्रा मैनपावर के साथ युद्धस्तर पर काम चल रहा है। इसके साथ ही खाड़ीमुख और रेलवे के पास पुलिया की सफाई के बारे में जानकारी दी गई। नाले की सफाई के बाद भी कुछ नालों में पहाड़ी इलाकों से कचरा बह रहा है, उसे हटाने का काम भी चल रहा है।

    शहर के निचले इलाकों के साथ-साथ कुछ जगहों पर जहां अस्तबल और गौशालाएं हैं, उनका निरीक्षण किया जाना चाहिए। कुछ जगहों पर यह देखा गया कि गौशालाओं का चारा नाले में जाने से पानी का बहाव रुक गया है, इस संदर्भ में रोडे ने शहर में जहां अस्तबल और गौशालाएं हैं, उन जगहों का निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए कि वे साफ हैं या नहीं।साथ ही, नाले की सफाई के बाद संबंधित विभागों के जनप्रतिनिधियों को नालों का निरीक्षण करने के लिए ले जाया जाना चाहिए, अगर उनके पास कोई सुझाव हैं, तो उन्हें लागू किया जाना चाहिए।

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    साथ ही, भारी बारिश के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों से संपर्क में रहना चाहिए। उनके निर्देशों का पालन करने का भी मीटिंग में उल्लेख किया गया।ठाणे शहर में कोस्टल रोड, बुलेट ट्रेन का काम चल रहा है और संबंधित सहायक आयुक्त और एग्जीक्यूटिव इंजीनियर को इस जगह का भी निरीक्षण करना चाहिए। भारी बारिश के दौरान अगर इस काम की जगह पर पानी जमा होता है, तो अगर पानी निकलने का कोई रास्ता है, तो उसकी जांच की जानी चाहिए और उस तरीके से काम किया जाना चाहिए, ऐसे निर्देश भी अतिरिक्त आयुक्त 2 प्रशांत रोडे ने दिए।

    सभी सहायक आयुक्त निरीक्षण करें
    संबंधित सहायक आयुक्त को प्रत्येक प्रभाग समिति में नालों की सफाई के काम का निरीक्षण करना चाहिए। इस संबंध में आवश्यक मशीनरी और मैनपावर की आवश्यकता होने पर सहयोग करने के निर्देश भी मीटिंग में दिए गए।

    प्रभाग समिति स्तर पर इमरजेंसी रूम चालू
    मनपा मुख्यालय में मुख्य इमरजेंसी रूम 24×7 खुला रहता है। इस तरह, मानसून अवधि के दौरान आज से प्रत्येक प्रभाग समिति में एक इमरजेंसी रूम लागू किया गया है। इस कमरे में टेलीफोन और अन्य प्रणालियों का व्यक्तिगत रूप से निरीक्षण किया जाना चाहिए।अतिरिक्त आयुक्त रोडे ने मानसून के मौसम में इस कमरे के संपर्क में रहने के निर्देश भी दिए।