Tag: Protest Demonstration

  • MP Naresh Mhaske: खराब मैनेजमेंट के खिलाफ MP नरेश म्हस्के की अगुवाई में महावितरण ऑफिस पर विरोध प्रदर्शन!

    MP Naresh Mhaske: खराब मैनेजमेंट के खिलाफ MP नरेश म्हस्के की अगुवाई में महावितरण ऑफिस पर विरोध प्रदर्शन!

    MP Naresh Mhaske: ऐरोली और बेलापुर विधानसभा क्षेत्र के लोग पिछले कई सालों से महावितरण के खराब मैनेजमेंट की वजह से बहुत परेशान हैं। लगातार बिजली जाना, केबल जलने की घटनाएं, ट्रांसफॉर्मर खराब होना, लो वोल्टेज बिजली सप्लाई, सबस्टेशन का काम रुका रहना, बढ़ती टेक्निकल दिक्कतें, लोगों को घंटों अंधेरे में रहना जैसी समस्याएं बार-बार हो रही हैं।

    इस गंभीर मुद्दे की ओर महावितरण प्रशासन का ध्यान खींचने के लिए आज शिवसेना की ओर से MP नरेश म्हस्के की अगुवाई में ऐरोली और बेलापुर महावितरण ऑफिस पर विरोध प्रदर्शन किया गया। बेलापुर में युवा सेना जिला प्रमुख और नगरसेवक अनिकेत रमाकांत म्हात्रे की अगुवाई में विरोध प्रदर्शन किया गया।

    इस मौके पर शिवसेना जिला संपर्क प्रमुख अंकुश (बाबा) कदम, बेलापुर विधानसभा शहर प्रमुख किशोर पाटकर, नवी मुंबई नगर निगम ग्रुप लीडर मनोज हलदनकर, सीनियर लीडर और पूर्व डिप्टी मेयर रमाकांत म्हात्रे, पूर्व डिप्टी मेयर मंदाताई म्हात्रे, शिवसेना ऑर्गेनाइजर सरोजताई पाटिल, महिला ऑर्गेनाइजर शीतलताई कचरे, नेरुल विभाग प्रमुख विजय माने, सीनियर लीडर अंकुश सोनवणे, युवा सेना उप-जिला प्रमुख ममित भोईर, युवा सेना ऐरोली विधानसभा शहर प्रमुख चेतन पाटिल, नगरसेविका अनीता मानवतकर, नगरसेविका चैताली पाटिल, सोशल वर्कर भावेश पाटिल, सुरेश मानवतकर के साथ शिवसेना-युवा सेना के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और नागरिक बड़ी संख्या में मौजूद थे।

    ग्रुप लीडर मनोज हलदनकर के मार्गदर्शन में ऐरोली में विरोध प्रदर्शन किया गया। इस मौके पर कम्युनिकेशन चीफ अंकुश कदम, कॉर्पोरेटर और वार्ड कमिटी प्रेसिडेंट हेमांगी सोनवणे, ऐश्वर्या सोनवणे, वैशाली पाटिल, पूजा पाटिल, आकाश माधवी, राजू पाटिल, अंकुश सोनवणे, गगनदीप सिंह कोहली के साथ-साथ सभी पदाधिकारी और शिवसैनिक बड़ी संख्या में मौजूद थे। नवी मुंबई को देश के एक प्लान्ड और मॉडर्न शहर के तौर पर जाना जाता है।

    लेकिन, आज भी शहर के लोगों को बिजली की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। बार-बार बिजली सप्लाई में रुकावट आने से सीनियर सिटिजन, बच्चे और महिलाओं को परेशानी हो रही है। इसके अलावा, क्लाइमेट चेंज के कारण भयानक गर्मी से शहर के लोगों की जान पर बन आई है। इस गंभीर मुद्दे पर MP नरेश म्हस्के ने ध्यान दिया। MP नरेश म्हस्के ने खुद इस विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया और अधिकारियों से सवाल किए।

    इसके बाद शिवसेना के आक्रामक रुख को देखते हुए महावितरण के अधिकारियों ने तुरंत कदम उठाने का भरोसा दिया। अधिकारियों ने बताया कि नवी मुंबई के लिए नागपुर और सिंधुदुर्ग से अलग केबल मंगवाए गए हैं और गलत काम करने वाले कॉन्ट्रैक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, और नए ट्रांसफॉर्मर लगाने का काम भी प्राथमिकता पर किया जाएगा।

    भले ही हम सत्ता में हैं, हम लोगों की समस्याओं से कोई समझौता नहीं करेंगे। हमारा मानना ​​है कि नागरिकों को अच्छी और बिना रुकावट बिजली मिलनी चाहिए। इस मौके पर MP नरेश म्हस्के ने भी साफ और सख्त चेतावनी दी कि अगर आने वाले समय में भी समस्या बनी रही, तो अधिकारियों को ऑफिस में बैठने नहीं दिया जाएगा। इस मौके पर महावितरण प्रशासन को एक ज्ञापन देकर नागरिकों की समस्याओं का तुरंत समाधान करने की मांग की गई।

  • Congress Protest: दलित और अल्पसंख्यक मुद्दों को लेकर कांग्रेस 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर करेगी प्रदर्शन

    Congress Protest: दलित और अल्पसंख्यक मुद्दों को लेकर कांग्रेस 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर करेगी प्रदर्शन

    Congress Protest: कांग्रेस ने दलितों, आदिवासियों और अल्पसंख्यक समुदायों से जुड़े मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ देशव्यापी अभियान तेज करने का फैसला किया है। पार्टी ने घोषणा की है कि 20 जुलाई को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक बड़ा विरोध प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा, जिसमें विभिन्न राज्यों से पार्टी कार्यकर्ता, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और समुदायों के सदस्य शामिल होंगे।

    कांग्रेस नेताओं का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में दलितों और अल्पसंख्यकों के अधिकारों, सामाजिक सुरक्षा और समान अवसरों से जुड़े कई मुद्दे लगातार सामने आए हैं। पार्टी का आरोप है कि इन वर्गों की समस्याओं के समाधान के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। इसी को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करने और अपनी मांगों को मजबूती से रखने के लिए यह प्रदर्शन आयोजित किया जा रहा है।

    संबंधित खबर: Edible Oil Standard Pack Sizes: खाद्य तेलों के पैक आकार होंगे एक समान, उपभोक्ताओं को कीमतों की तुलना में मिलेगी आसानी

    प्रदर्शन के दौरान शिक्षा, रोजगार, सामाजिक न्याय, आरक्षण व्यवस्था की सुरक्षा, अल्पसंख्यक कल्याण योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा कथित भेदभाव और उत्पीड़न से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा। कांग्रेस का कहना है कि संविधान में दिए गए समानता और न्याय के सिद्धांतों की रक्षा के लिए आवाज उठाना आवश्यक है और इसी उद्देश्य से यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।

    पार्टी ने अपने सभी प्रदेश इकाइयों और सहयोगी संगठनों से कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की है। कांग्रेस नेताओं का दावा है कि जंतर-मंतर पर होने वाला यह प्रदर्शन सामाजिक न्याय और संवैधानिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बनाने का प्रयास होगा। पार्टी ने कहा कि वह आने वाले समय में भी जनहित और सामाजिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर अपनी आवाज बुलंद करती रहेगी।

  • Shramjeevi Sanghatana Protest: भिवंडी तहसीलदार कार्यालय के सामने श्रमजीवी संगठन का धरना आंदोलन!

    Shramjeevi Sanghatana Protest: भिवंडी तहसीलदार कार्यालय के सामने श्रमजीवी संगठन का धरना आंदोलन!

    Shramjeevi Sanghatana Protest: आजादी के इतने वर्षों बाद भी आदिवासी समाज के कई परिवार आधार कार्ड, राशन कार्ड, जन्म प्रमाणपत्र और जाति प्रमाणपत्र जैसी मूलभूत दस्तावेजी सुविधाओं से वंचित हैं। इसी मुद्दे को लेकर श्रमजीवी संगठन की ओर से भिवंडी तहसीलदार कार्यालय के बाहर जोरदार धरना आंदोलन किया गया।

    लगातार पत्र-व्यवहार और शिकायतों के बावजूद प्रशासन द्वारा ठोस कार्रवाई न किए जाने से नाराज कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने तहसील कार्यालय के बाहर कड़कती धूप में बैठकर अपना आक्रोश व्यक्त किया। आंदोलन का नेतृत्व जिला उपाध्यक्ष सागर देसक ने किया।

    धरने में प्रकाश राउत, जया पारधी, गुलाब म्हसकर, जयेश पाटिल, विश्वनाथ पासारी और तानाजी लहांगे सहित बड़ी संख्या में श्रमजीवी संगठन के कार्यकर्ता शामिल हुए। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट कहा कि जब तक प्रभावित परिवारों को आवश्यक प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं कराए जाते, तब तक वे आंदोलन जारी रखेंगे।

    संबंधित खबरें: AI and Robotics Lab: मुंबई के मारवाड़ी कामर्शियल विद्यालय में ए.आई. एवं रोबोटिक्स लैब का हुआ उद्घाटन!

    जिला उपाध्यक्ष सागर दसक ने आरोप लगाया कि कई आदिवासी और कातकरी परिवारों के पास जन्म प्रमाणपत्र तक उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में आधार कार्ड और राशन कार्ड बनवाने की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाती, जिसके कारण ये परिवार सरकारी योजनाओं और नागरिक सुविधाओं से पूरी तरह वंचित रह जाते हैं।

    उन्होंने कहा कि प्रशासन को ऐसे परिवारों के लिए विशेष शिविर आयोजित कर तत्काल पंजीकरण प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए, ताकि जरूरतमंद लोगों को उनके मूलभूत अधिकार मिल सकें। आंदोलनकारियों का कहना था कि दस्तावेजों के अभाव में गरीब और आदिवासी परिवार शिक्षा, स्वास्थ्य और सरकारी योजनाओं के लाभ से लगातार दूर होते जा रहे हैं।

    धरना प्रदर्शन के दौरान आंदोलनकारियों ने प्रशासन पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया, तो आंदोलन को और तीव्र किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक पीड़ित परिवारों को आधार कार्ड, राशन कार्ड और अन्य आवश्यक प्रमाणपत्र नहीं सौंपे जाते, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।