Tag: Waste Management

  • Ladakh Waste Management: लद्दाख में डिस्पोजेबल प्लास्टिक और कूड़ा फेंकने पर प्रतिबंध!

    Ladakh Waste Management: लद्दाख में डिस्पोजेबल प्लास्टिक और कूड़ा फेंकने पर प्रतिबंध!

    Ladakh Waste Management: लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने पूरे लद्दाख में डिस्पोजेबल प्लास्टिक का इस्तेमाल करने या बेचने और कूड़ा फेंकने पर सख्त प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी किया है। अधिकारियों ने कहा कि अब अगर कोई भी व्यक्ति या व्यावसायिक जगह और होटल या खाने की जगह जैसी संस्थाएं डिस्पोजेबल प्लास्टिक प्रतिबंध का उल्लंघन करती पायी जायेंगी, तो उन पर 10,000 रुपये का दंड लगाया जायेगा, जबकि कूड़ा फेंकने पर 5,000 रुपये का दंड लगेगा।

    इसके अलावा लेह हवाईअड्डा और लद्दाख के प्रवेश द्वार पर डिस्पोजेबल प्लास्टिक की जांच की जायेगी। उपराज्यपाल का पर्यावरण को सुरक्षित करने और लद्दाख के नाजुक हिमालयी इकोसिस्टम को बचाने की दिशा में यह एक मजबूत और अहम कदम है, जो खतरनाक डिस्पोजेबल प्लास्टिक और खुले में कूड़ा फेंकने, खासकर पर्यटन स्थल के आसपास की वजह से चुनौतियों का सामना कर रहा है।

    आदेश के तहत प्लास्टिक कटलरी, कप, प्लेट, स्ट्रॉ, ट्रे, रैपिंग फिल्म, थर्मोकोल डेकोरेशन, प्लास्टिक झंडे, प्लास्टिक स्टिरर और तय मोटाई से कम प्लास्टिक बैनर सहित सभी पहचाने गए डिस्पोजेबल प्लास्टिक आइटम के इस्तेमाल, बिक्री, भंडारण, स्टॉकिंग, वितरण, परिवहन और आपूर्ति पर पूरी तरह से प्रतिबंध है।

    उपराज्यपाल ने एक मजबूत और असरदार प्रवर्तन प्रणाली की जरूरत को समझते हुए पहली बार जिला और क्षेत्र-स्तर के कई अधिकारियों को निरीक्षण करने, उल्लंघन का पता लगाने, चालान जारी करने और ऐसे कूड़े और प्लास्टिक से जुड़े उल्लंघनों के लिए जुर्माना वसूलने का अधिकार दिया है।

    उपराज्यपाल सक्सेना ने कहा कि डिस्पोजेबल प्लास्टिक और कूड़े पर प्रतिबंध का मकसद लद्दाख में पर्यटन को बढ़ावा देना है और यह पक्का करना है कि पर्यटक की बढ़ती संख्या के बावजूद लद्दाख के खूबसूरत नजारे साफ, बिना खराब हुए और मजबूत बने रहें। उन्होंने स्थानीय लोगों और पर्यटकों से अपील की कि वे लद्दाख के शांत नजारों को गंदा न करें और उसे खराब न करें।

  • 4-Bin Thane Clean Campaign: मनपा आयुक्त सौरभ राव की मौजूदगी में ‘4 बिन ठाणे क्लीन’ कैंपेन शुरू हुआ

    4-Bin Thane Clean Campaign: मनपा आयुक्त सौरभ राव की मौजूदगी में ‘4 बिन ठाणे क्लीन’ कैंपेन शुरू हुआ

    4-Bin Thane Clean Campaign: विश्व पर्यावरण दिवस मौके पर, ठाणे मनपा आयुक्त सौरभ राव की मौजूदगी में शहर में एक खास कैंपेन ‘4 बिन ठाणे क्लीन’ शुरू किया। इस कैंपेन का मुख्य मकसद कचरे को सोर्स पर ही अलग करके ज़्यादा असरदार वेस्ट मैनेजमेंट, रीसाइक्लिंग और साइंटिफिक डिस्पोज़ल को बढ़ावा देना है।इस मौके पर उपायुक्त मधुकर बोडके,मुख्य पर्यावरण अधिकारी मनीषा प्रधान,अधिकारी केदार पाटिल सहित मनपा के दूसरे कर्मचारी मौजूद थे।

    सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक, यह कैंपेन सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स 2026 को असरदार तरीके से लागू करने के लिए चलाया जा रहा है और शहर के हर घर, हाउसिंग सोसाइटी और जगह के लिए कचरे को चार अलग-अलग हिस्सों में अलग करना ज़रूरी कर दिया गया है। इनमें चार तरह का गीला कचरा, सूखा कचरा, सैनिटरी कचरा और स्पेशल केयर कचरा शामिल हैं।

    संबंधित ख़बरें: World Environment Day: शिवशांति प्रतिष्ठान ने विश्व पर्यावरण दिवस पर किया पौधारोपण कर समाज को दिया पर्यावरण का संदेश!

    गीले कचरे में किचन से निकलने वाला ऑर्गेनिक और खाने का कचरा शामिल है, सूखे कचरे में कागज़, प्लास्टिक, मेटल और रीसायकल होने वाली चीज़ें शामिल हैं। सैनिटरी वेस्ट में डायपर, सैनिटरी नैपकिन जैसी चीज़ें शामिल हैं, जबकि स्पेशल केयर वेस्ट में पुरानी बैटरी, एक्सपायर हो चुकी दवाएँ, सिरिंज, पेट कैन, बल्ब और ट्यूबलाइट जैसी सेंसिटिव चीज़ें शामिल हैं।

    आयुक्त सौरभ राव ने कहा कि इस कैंपेन के ज़रिए,मनपा वेस्ट कलेक्शन, ट्रांसपोर्टेशन, प्रोसेसिंग और डिस्पोज़ल सिस्टम में और ज़्यादा एफिशिएंसी लाने की कोशिश कर रहा है और लोगों और हाउसिंग सोसाइटियों से इसमें एक्टिवली हिस्सा लेने की अपील की है। उन्होंने साफ़ किया कि मनपा का मकसद सज़ा देने वाली कार्रवाई करना नहीं है, बल्कि लोगों में जागरूकता फैलाकर शहर में सफाई का कल्चर पैदा करके ‘4 बिन ठाणे क्लीन’ कैंपेन को सफल बनाना है।

  • Thane Illegal Dumping: अवैध डंपिंग करने वाले वाहनों पर मनपा की कार्रवाई!

    Thane Illegal Dumping: अवैध डंपिंग करने वाले वाहनों पर मनपा की कार्रवाई!

    Thane Illegal Dumping: मनपा घनकचरा विभाग की ओर से कोलशेत इलाके में गैर-कानूनी तरीके से मलबा डालने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई के दौरान नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित वाहन चालकों से 60,000 रुपये का जुर्माना वसूला गया।

    संबंधित ख़बरें: Youth Arrested in Vartaknagar: वर्तकनगर इलाके में साढ़े तीन किलो गांजा के साथ एक युवक गिरफ्तार!

    मनपा को जानकारी मिली थी कि कुछ वाहन गैर-कानूनी तरीके से कोलशेत इलाके में मलबा डाल रहे हैं। घनकचरा विभाग ने संबंधित जगहों का निरीक्षण कर कार्रवाई की। गैर-कानूनी तरीके से मलबा डालने से इलाके की सफाई और पर्यावरण पर असर पड़ रहा था, इसलिए यह कार्रवाई की गई।

    इस कार्रवाई में इंजीनियर किशोर गुल, मुख्य स्वच्छता अधिकारी साईराज कांबले,उप स्वच्छता अधिकारी चारु गोटे,स्वच्छता अधिकारी सुमित जाधव ने की।इस समय जब्त किए गए मलबे को आगे की कार्रवाई के लिए अधिकृत प्रोजेक्ट में भेज दिया गया। प्रशासन ने यह भी चेतावनी दी कि शहर में गैर-कानूनी तरीके से मलबा डालने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

  • Waste Disposal Plant: कचरा निस्तारण संयंत्र लगाए जाने के प्रस्ताव का विरोध जारी!

    Waste Disposal Plant: कचरा निस्तारण संयंत्र लगाए जाने के प्रस्ताव का विरोध जारी!

    Waste Disposal Plant: राजस्थान में श्रीगंगानगर जिले के श्रीकरणपुर विधानसभा क्षेत्र के नरसिंहपुरा बारानी गांव में सरकार द्वारा श्री गंगानगर शहर के लिए ठोस कचरा निस्तारण संयंत्र लगाये जाने के प्रस्ताव को लेकर स्थानीय लोगों में तीव्र विरोध अब भी जारी है। यह पूरा इलाका वन्यजीवों से समृद्ध है और यहां के लोग गौ रक्षा और वन्यजीव संरक्षण के प्रति अत्यंत संवेदनशील हैं।

    नरसिंहपुरा गौ रक्षा दल के संयोजक मैसी चौधरी ने सोमवार को बताया कि जहां एक ओर उनके गौ रक्षा दल के युवा पिछले चार-पांच वर्षों से दिन-रात बेजुबान जीवों की सेवा में लगे हुए हैं, वहीं उसी स्थान पर कचरा संयंत्र लगाने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने बताया कि नरसिंहपुरा की गोविंद गौ धाम केवल एक गौशाला नहीं बल्कि लाखों बेजुबान जीवों की आशा का केंद्र है।

    यहां घायल, बीमार और बेसहारा पशुओं का इलाज किया जाता है। सड़क पर छोड़े गये कई जानवरों को यहां नई जिंदगी मिलती है। गौ रक्षा दल 70-80 किलोमीटर तक फ्री एम्बुलेंस सेवा प्रदान करके सैकड़ों वन्यजीवों की जान बचा चुका है। युवा दल बिना किसी स्वार्थ के दिन-रात, गर्मी-सर्दी में घायल जानवरों की मदद के लिए तैयार रहते हैं।

    संबंधित खबरें: Twisha Sharma Death Case: उच्चतम न्यायालय ने ट्विशा शर्मा मौत के मामले में मीडिया से संयम बरतने की अपील!

    चौधरी ने कहा कि ठोस कचरा निस्तारण संयंत्र के खिलाफ स्थानीय लोग पिछले 40 दिनों से धरने पर बैठे हुए हैं। वे प्रशासन से आग्रह कर रहे हैं कि इस संवेदनशील क्षेत्र में संयंत्र न लगाया जाये। सबसे बड़ी चिंता एलएनपी नहर को लेकर है, जो इस जगह के पास से बहती है और 50-60 गांवों की सिंचाई एवं पेयजल व्यवस्था इससे जुड़ी हुई है।

    महाराजा गंगासिंह द्वारा बनायी गयी इस नहर को प्रदूषण से बचाने की मांग की जा रही है। इस मामले पर जिला कलेक्टर डॉ अमित यादव ने आज स्पष्ट किया कि उच्च न्यायालय के निर्देश के अनुसार कचरा निस्तारण केंद्र नरसिंहपुर बारानी में ही लगाया जाएगा और जल्द ही इसका निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पास वाली गौशाला को किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा।

    यादव ने यह भी बताया कि संयंत्र शहर से करीब 32 किलोमीटर दूर है, लेकिन फिलहाल इस क्षेत्र के अलावा कोई अन्य उपयुक्त भूमि उपलब्ध नहीं है। कहीं और भूमि मिलती तो वहां संयंत्र स्थापित किया जाता। स्थानीय लोग विकास का समर्थन करते हैं, लेकिन वे चाहते हैं कि यह विकास पर्यावरण, वन्यजीवों और गौशालाओं की कीमत पर न हो। इस मुद्दे पर प्रशासन से वैकल्पिक स्थान की तलाश करने का आग्रह किया जा रहा है।