Anil Nagre Appeal: मुंबई में मानसून की शुरुआत के साथ ही आपातकालीन परिस्थितियों की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे समय में नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो तथा इमारत गिरने, भूस्खलन, जलभराव और सड़क धंसने जैसी घटनाओं से होने वाले नुकसान को रोका जा सके, इसके लिए महानगरपालिका प्रशासन युद्धस्तर पर काम करता है।
इसी बीच सामाजिक कार्यकर्ता अनिल शांताराम नागरे ने मांग की है कि मानसून के दौरान अत्यावश्यक सेवाओं में कार्यरत अभियंताओं और अधिकारियों के तबादले तत्काल प्रभाव से रोके जाएं। इस संबंध में नागरे ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, मुंबई के पालकमंत्री एकनाथ शिंदे, मुंबई महानगरपालिका आयुक्त अश्विनी भिडे तथा नगर अभियंता रामचंद्र कदम को पत्र भेजकर अपनी मांग रखी है।
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अनिल नागरे ने कहा कि दक्षिण मुंबई में सैकड़ों पुरानी और जर्जर इमारतें हैं, जिनके मानसून के दौरान गिरने का खतरा बना रहता है। इसके अलावा जलभराव, सड़क धंसने, बिजली आपूर्ति बाधित होने और भूस्खलन जैसी समस्याएं भी सामने आती हैं। ऐसे संवेदनशील समय में यदि अनुभवी अभियंताओं और अधिकारियों का तबादला किया जाता है तो उनकी जगह आने वाले नए अधिकारी स्थानीय परिस्थितियों और समस्याओं से पूरी तरह परिचित नहीं होते।
उन्होंने कहा कि नए अधिकारियों को क्षेत्र की समस्याओं को समझने और स्थिति पर नियंत्रण पाने में समय लगता है, जिससे आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने में देरी हो सकती है और नागरिकों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसलिए जनहित और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मानसून समाप्त होने तक अत्यावश्यक सेवाओं से जुड़े अधिकारियों और अभियंताओं के तबादले स्थगित किए जाने चाहिए।स्लग: मानसून में अधिकारियों के तबादलों पर रोक की मांग

