वाशी/नवी मुंबई। बिना वैध अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) लिए और बाजार शुल्क (सेस) का भुगतान किए बिना कृषि उपज का कारोबार करने वाले व्यापारियों पर मुंबई कृषी उत्पन्न बाजार समिति (APMC) ने सख्त कार्रवाई करते हुए जनवरी से फरवरी 2026 के बीच 17 करोड़ 51 लाख 30 हजार रुपये मूल्य का कृषि माल जब्त किया है। नियमों के उल्लंघन पर संबंधित व्यापारियों से तीन गुना दंड वसूलते हुए 59 लाख 90 हजार रुपये की वसूली भी की गई है।

यह विशेष अभियान जेएनपीटी, तुर्भे, नेरुल और ठाणे-बेलापुर औद्योगिक क्षेत्र सहित कई इलाकों में चलाया गया। विशेष रूप से जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट (जेएनपीटी) के आसपास स्थित आयात-निर्यात से जुड़े गोदामों और थोक मंडियों की जांच की गई। बाजार समिति के सचिव शरद जरे के मार्गदर्शन में सतर्कता पथक के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से छापेमारी की कार्रवाई को अंजाम दिया।
जांच के दौरान पाया गया कि कई व्यापारी APMC की वैध अनुज्ञप्ति लिए बिना ही सीधे किसानों और एजेंटों से कृषि उपज की खरीद-बिक्री कर रहे थे। इतना ही नहीं, बाजार समिति को देय सेस और सुपरविजन फीस भी जमा नहीं की गई थी। कुछ आयातकों ने विदेश से मंगाए गए कृषि उत्पादों को APMC के अधिकार क्षेत्र में लाते समय पूर्व सूचना तक नहीं दी। कई मामलों में आयातकों के पास वैध लाइसेंस भी नहीं था, फिर भी बड़े पैमाने पर लेन-देन जारी था।
नियमों की इस गंभीर अनदेखी को देखते हुए बाजार समिति ने संबंधित व्यापारियों पर तीन गुना जुर्माना लगाया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी बिना लाइसेंस और बिना शुल्क भुगतान के व्यापार करने वालों के खिलाफ जब्ती और दंडात्मक कार्रवाई जारी रहेगी।

