Bhiwandi Padmanagar Murder Case: भिवंडी में एक सनसनीखेज हत्या का खुलासा हुआ है, जहां प्रेम संबंध से इनकार करने पर एक महिला की हत्या कर शव को जलाकर सबूत मिटाने की कोशिश की गई। इस मामले में भिवंडी क्राइम ब्रांच ने आरोपी को गिरफ्तार कर मामले का पर्दाफाश किया है।
पुलिस के अनुसार, पद्मानगर क्षेत्र में रहने वाली सरितादेवी विकास महतो (33) की पहचान संजय मुकादम उर्फ द्वारकाप्रसाद वर्मा (42) से थी। आरोपी महिला से प्रेम संबंध रखना चाहता था, लेकिन महिला ने उसके प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया और उससे बातचीत भी बंद कर दी। इसी बात को लेकर आरोपी लगातार नाराज चल रहा था।
11 मई को आरोपी ने महिला को अपने घर बुलाया। वहां उसने बातचीत के बहाने महिला को रोक लिया। इसी दौरान मोबाइल फोन को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हुई। विवाद बढ़ने पर आरोपी ने गुस्से में महिला की हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी ने शव को अपने घर में छिपाकर रखा और रात होने का इंतजार करता रहा।
मध्यरात्रि के बाद करीब ढाई बजे आरोपी ने शव को एक प्लास्टिक की बोरी में भरा और कंधे पर उठाकर पद्मानगर स्थित दुर्गा प्रसाद होटल के पास एक सुनसान मैदान में ले गया। वहां फटे-पुराने कपड़े और धागों की मदद से शव में आग लगा दी, ताकि पहचान और सबूत पूरी तरह नष्ट हो जाएं।
संबंधित ख़बरें: Census 2027 Self-Enumeration: ठाणे में ‘सेल्फ-एन्यूमरेशन’ प्रोसेस को लोगों ने उत्साह से लिया; 16 मई से एन्यूमरेटर घरों में जाएंगे!
मामले की जांच भिवंडी शहर पुलिस स्टेशन के साथ-साथ क्राइम ब्रांच भी कर रही थी। शुरुआती जांच में शव की पहचान नहीं हो सकी थी और कोई प्रत्यक्ष गवाह भी नहीं था। इसके बावजूद क्राइम ब्रांच ने घटनास्थल के आसपास मौजूद पावरलूम कारखानों और मजदूर बस्तियों में गहन पूछताछ शुरू की।
गुप्त मुखबिरों से मिली जानकारी और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पुलिस ने एक संदिग्ध के रूप में द्वारकाप्रसाद गिरीधारीप्रसाद वर्मा उर्फ संजय मुकादम को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान उसने अपना अपराध कबूल कर लिया।
इस कार्रवाई का नेतृत्व वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक शीतल राउत ने किया। उनके मार्गदर्शन में सहायक पुलिस निरीक्षक श्रीराज माली, मिथुन भोईर, उपनिरीक्षक रवींद्र पाटिल, राजेश शिंदे, रामचंद्र जाधव सहित कई पुलिस कर्मियों ने इस जटिल मामले को सुलझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

