BNCMC Election Controversy: भिवंडी महानगरपालिका चुनाव संपन्न हुए लगभग साढ़े पांच महीने बीत चुके हैं, लेकिन चुनाव लड़ने वाले 24 उम्मीदवार अब तक अपने चुनावी खर्च का विवरण जमा नहीं कर पाए हैं। इस गंभीर लापरवाही को देखते हुए चुनाव खर्च जांच दल ने चौथी बार नोटिस जारी कर सभी उम्मीदवारों को 15 जून 2026 को सचिवालय में सुनवाई के लिए उपस्थित रहने का आदेश दिया है। लगातार नोटिस के बावजूद जवाब नहीं देने वाले उम्मीदवारों पर अब कार्रवाई की तलवार लटक रही है।
गौरतलब है कि भिवंडी महानगरपालिका का सार्वजनिक चुनाव 15 जनवरी 2026 को संपन्न हुआ था। 23 प्रभागों के 90 वार्डों में कुल 438 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे। चुनाव नियमों के अनुसार परिणाम घोषित होने के एक माह के भीतर प्रत्येक उम्मीदवार को अपने चुनावी खर्च और खातों का पूरा ब्यौरा संबंधित चुनाव अधिकारी के पास जमा करना अनिवार्य होता है।
हालांकि अधिकांश उम्मीदवारों ने समय पर अपना लेखा-जोखा जमा कर दिया, लेकिन 24 उम्मीदवार ऐसे हैं जिन्होंने चुनाव परिणाम आने के पांच माह बाद भी अपने खर्च का विवरण प्रस्तुत नहीं किया है। इनमें कुछ उम्मीदवार चुनाव हारने के बाद जानकारी देने से बच रहे हैं, जबकि कुछ पर जानबूझकर नियमों की अनदेखी करने का आरोप है।
नगर परिषद शाखा, कोंकण विभाग के उपयुक्त डॉ. सागर घोलप ने 11 जून 2026 को चौथी नोटिस जारी करते हुए इन 24 उम्मीदवारों को 15 जून को सुनवाई के लिए तलब किया है। इससे पहले भी तीन बार नोटिस जारी किए जा चुके हैं, लेकिन संबंधित उम्मीदवारों की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
सूत्रों के अनुसार नोटिस प्राप्त करने वालों में 7 महिला और 17 पुरुष उम्मीदवार शामिल हैं। चुनाव खर्च निरीक्षण दल का मानना है कि बार-बार नोटिस के बावजूद जानकारी न देना चुनावी नियमों का उल्लंघन है, जिसके चलते संबंधित उम्मीदवारों के खिलाफ कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है।
चौथी नोटिस जारी होने के बाद संबंधित उम्मीदवारों में हड़कंप मच गया है। अब 15 जून की सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं, जहां अनुपस्थित रहने या संतोषजनक स्पष्टीकरण न देने वाले उम्मीदवारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

