Bribery Case: केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने भ्रष्टाचार के एक बड़े मामले में दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा में तैनात निरीक्षक प्रदीप सिंह को गिरफ्तार किया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने सीबीआई के मामलों में राहत दिलाने के नाम पर तीन करोड़ रुपये की रिश्वत की साजिश में अहम भूमिका निभाई।
जांच एजेंसी के अनुसार, यह रिश्वत पुड्डुचेरी के एक आरोपी और उसके सहयोगी से कथित तौर पर सीबीआई मामलों में अनुकूल कार्रवाई कराने के बदले मांगी गई थी। आरोप है कि निरीक्षक प्रदीप सिंह ने दोनों आरोपियों की मुलाकात एक वरिष्ठ लोक सेवक से कराई, जिसने जांच एजेंसी में प्रभाव होने का दावा करते हुए मामलों में राहत दिलाने के लिए तीन करोड़ रुपये की मांग की।
सीबीआई के मुताबिक, पुड्डुचेरी निवासी एन. राजा उर्फ राजशेखर और उसके सहयोगी राजकुमार उर्फ मधनराज इस कथित साजिश में शामिल थे। राजकुमार कथित तौर पर दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा था।
जांच में सामने आया कि मई महीने में दिल्ली के एरोसिटी क्षेत्र में हुई एक बैठक के दौरान रिश्वत की मांग को अंतिम रूप दिया गया था। इसके बाद रकम पहुंचाने के लिए हवाला नेटवर्क का सहारा लिया गया। आरोपियों ने दिल्ली तक धन पहुंचाने के लिए चेन्नई के एक हवाला कारोबारी से संपर्क किया था।
सीबीआई को सूचना मिली थी कि रिश्वत की पहली किस्त 8 जून को दिल्ली के चांदनी चौक इलाके में सौंपी जानी है। सूचना के आधार पर एजेंसी ने जाल बिछाकर कार्रवाई की और निरीक्षक प्रदीप सिंह को गिरफ्तार कर लिया।
सीबीआई ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। एजेंसी अब इस पूरे नेटवर्क, कथित वरिष्ठ अधिकारी की भूमिका और रिश्वत लेन-देन के अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।

